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नॉर्मल डिलिवरी के फायदे शायद नहीं होंगे आपको पता

नॉर्मल डिलिवरी के फायदे शायद नहीं होंगे आपको पता

बच्चे के जन्म के समय यानी डिलिवरी के दौरान कौन सी विधि अपनाई जाएगी? ये महिलाओं के बीच उत्सुकता का विषय होता है। कई बार महिलाएं ये सोचकर रखती हैं कि नॉर्मल या सी-सेक्शन ही उनके लिए बेस्ट डिलिवरी प्रॉसेस रहेगी। आपको डिलिवरी के दौरान अपनाई जा रही विधियों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। डिलिवरी के लिए उपयोग की जाने वाली सामान्य प्रक्रिया के अपने अलग फायदे होते हैं। हो सकता है कि आपको इस बारे में अधिक जानकारी न हो। आप “हैलो स्वास्थ्य” के इस आर्टिकल के माध्यम से नॉर्मल डिलिवरी के फायदे के बारे में जान सकती है और साथ ही अपनी दोस्तों से भी शेयर कर सकती हैं।

नॉर्मल डिलिवरी के फायदे

लेबर पेन से गुजरना और नॉर्मल डिलीवरी होना एक लंबी प्रक्रिया है जो शारीरिक रूप से बहुत कठिन हो सकती है। लेकिन नॉर्मल डिलिवरी के फायदे भी कई हैं जिनको अनदेखा नहीं किया जा सकता है। नॉर्मल डिलिवरी के फायदे इस प्रकार हैं-

डिलिवरी के तुरंत बाद बच्चे को फीड कराना

नॉर्मल डिलिवरी के फायदे में ब्रेस्ट फीडिंग यानी स्तनपान को सबसे पहले शामिल किया जाता है क्योंकि गर्भ से बाहर आने के बाद बच्चे को मां का पहला दूध (कोलोस्ट्रम) फीड करवाना जरूरी होता है। सी-सेक्शन डिलिवरी में ब्रेस्ट फीडिंग तुरंत पॉसिबल नहीं हो पाती है, लेकिन नॉर्मल डिलिवरी के बाद ऐसा संभव है। हो सकता है कि नेचुरल बर्थ के बाद मां और बच्चे को नींद का एहसास हो रहा हो, लेकिन उस दौरान फीड कराना जरूरी होता है।

मां अगर बच्चे को दूध नहीं पिला पा रही है तो दूध को अलग से निकाल कर रुई या छोटे चम्मच की सहायता से फीड कराया जा सकता है। अगर बच्चा मां के साथ चिपककर थोड़ी देर लेटेगा और फिर उसे फीड कराया जाए तो बेहतर रहेगा। इससे मां और बच्चे के बीच जल्दी और अच्छी बॉन्डिंग बनेगी।

और पढ़ें : डिलिवरी के वक्त दिया जाता एपिड्यूरल एनेस्थिसिया, जानें क्या हो सकते हैं इसके साइड इफेक्ट्स?

नैचुरल बर्थ के बेनिफिट्स: मां को भी होते हैं नॉर्मल डिलिवरी के फायदे

सामान्य रूप से प्रसव के बाद मां को रिकवर होने में ज्यादा समय नहीं लगता है। इस दौरान महिलाओं में ऑक्सिटोसिन का लेवल हाई हो जाता है। बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने और उसके साथ खेलने के बाद मां अच्छा महसूस करती है। कुछ महिलाएं नॉर्मल डिलिवरी के एक दिन बाद चलने लगती हैं। जल्दी रिकवरी भी नॉर्मल डिलिवरी के फायदे में से एक है।

सिजेरियन डिलिवरी में मां को खून की कमी और संक्रमण का खतरा बना रहता है। यहां तक की ऑपरेशन के दौरान आंत या मूत्राशय में इंजरी होने की संभावना भी बनी रहती है। जबकि नॉर्मल डिलिवरी में ऐसा नहीं होता है

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ब्रेन का बेटर डेवलपमेंट

रिचर्स के बाद यह बात सामने आई है कि नैचुरल बर्थ के कारण न्यू बोर्न बेबी (new born baby) के माइंड में एक प्रोटीन रिलीज होता है जो ब्रेन डेवलपमेंट में सहायक होता है। ये प्रोटीन (UCP2) बच्चे की मेमोरी, सीखने की क्षमता और व्यवहार से संबंधित है। वहीं सी-सेक्शन (c-section) से पैदा हुए बच्चे में इस प्रोटीन का पाया जाना संभव नहीं हो पाता है। ये प्रोटीन ब्रेस्टमिल्क के प्रोडक्शन को बढ़ाने का भी काम करता है। मां में इस प्रोटीन की कमी से सिजेरियन बेबी को स्तनपान के दौरान समस्या हो सकती है।

नैचुरल बर्थ के बेनिफिट्स: बेबी का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है

नॉर्मल डिलिवरी से पैदा हुए बच्चे का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। शिशु प्रेग्नेंसी के समय ही मां के पेट से मेटरनल एंटीबॉडी (antibody) लेता है। साथ ही लेबर के दौरान बच्चे को एंटीबॉडी ट्रांसफर होती हैं। कैटेकॉलमिंस (catecholamines) के कारण वाइट ब्लड सेल्स में वृद्दि होती है। ये बेबी के इम्यून सिस्टम (immune system) को मजबूत करता है। नॉर्मल डिलिवरी के बाद मां का दूध पीने से बच्चे को वाइट ब्लड सेल्स (white blood cells) मिलती हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करती हैं। स्टडी में ये बात सामने आई है कि सी-सेक्शन से पैदा हुए बच्चों में वाइट ब्लड सेल्स के डीएनए में अल्टरेशन हो जाता है। इस कारण उन्हें भविष्य में अस्थमा या डायबिटीज की समस्या (मधुमेह) जैसी बीमारियों का शिकार होना पड़ सकता हैं।

और पढ़ें : प्रेग्नेंसी के दौरान योग और व्यायाम किस हद तक है सही, जानें यहां

कम खर्च में हो जाती है नॉर्मल डिलिवरी

नॉर्मल डिलिवरी के फायदे में ये भी एक महत्वपूर्ण बात है। नॉर्मल डिलिवरी में कम खर्च में बच्चे का जन्म हो जाता है। सी-सेक्शन में अधिक खर्च आता है। अगर बात सरकारी अस्पताल की हो तो ये और भी सस्ता हो जाता है। प्राइवेट अस्पताल में नॉर्मल डिलिवरी 50 हजार रुपए में हो जाती है वहीं सी-सेक्शन (सिजेरियन) में एक लाख से अधिक का खर्चा हो सकता है। हॉस्पिटल के अनुसार खर्चा कम या ज्यादा भी हो सकता है।

और पढ़ें : सिजेरियन डिलिवरी के बाद अच्छी नींद के लिए टिप्स

नैचुरल बर्थ के बेनिफिट्स: कर सकती हैं बच्चे के जन्म का एहसास

नॉर्मल डिलिवरी के दौरान जब आप बच्चे को पुश कर रही होती है तो आपके बच्चे और आप में एक एक प्रकार का संघर्ष चल रहा होता है। आप बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश कर रही होती हैं और बच्चा भी बाहर आने की आपकी कोशिश में आपके साथ संघर्ष कर रहा होता है। जब आपका बच्चा बाहर आता है तो आप उस पल को महसूस कर सकती हैं। यह नॉर्मल डिलिवरी के फायदे में से एक है। सी-सेक्शन के दौरान मां आधी बेहोशी की अवस्था में होती है और उसे बच्चे के जन्म का एहसास नहीं हो पाता है। नॉर्मल डिलिवरी के फायदे में से एक यह है कि योनि-प्रसव होने से नवजात शिशु मां के संपर्क में जल्दी आ जाता है।

नॉर्मल डिलिवरी के फायदे हैं तो कुछ एक नुकसान भी हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। योनि-प्रसव में महिला के योनि मार्ग के चारों ओर की त्वचा और उत्तकों में स्ट्रेच पड़ता है। ज्यादा जोर पड़ने पर यह त्वचा फट भी सकती है और स्टिचेस की जरूरत भी हो सकती है।

नॉर्मल डिलिवरी के फायदे जानना आपके लिए जरूरी है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि डॉक्टर आपकी कंडिशन के अनुसार ही नॉर्मल या फिर सी-सेक्शन डिलिवरी की सलाह देगा। कई बार नॉर्मल डिलिवरी के चांस होने के बावजूद अगर मां या बच्चे या दोनों में से किसी एक की जान को खतरा हो तो लेबर रूम में डॉक्टर्स अनचाही कंडिशन से निपटने के लिए सी-सेक्शन का सहारा लेते हैं। सामान्य प्रसव के बारे में अधिक जानकारी के लिए एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

उम्मीद करते हैं कि आपको इस आर्टिकल की जानकारी पसंद आई होगी और आपको नॉर्मल डिलिवरी से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित
अपडेटेड 06/11/2019
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