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मैं VBAC बर्थ देने की योजना बनाना चाहती हूं; इसके सक्सेस चांसेस को कैसे बढ़ाऊं?

मैं VBAC बर्थ देने की योजना बनाना चाहती हूं; इसके सक्सेस चांसेस को कैसे बढ़ाऊं?

VBAC यानी वजाइनल बर्थ आफ्टर सिजेरियन। पहली सिजेरियन डिलिवरी के बाद अक्सर आपने लोगों के मुंह से सुना होगा कि दूसरी भी सिजेरियन ही होती है, लेकिन वास्तव में यह सच नहीं है। पहली सिजेरियन डिलिवरी क बाद दूसरी बार आप वजायनल बर्थ का ऑप्शन चुन सकती है। मगर VBAC का विकल्प चुनने से पहले आपको अपने डॉक्टर से इसके रिस्क फैक्टर और बाकी चीजों के बारे में चर्चा कर लेनी चाहिए। VBAC का विकल्प इसलिए भी चुना जाता है क्योंकि सिजेरियन कराने के बाद दोबारा मां को उन्हीं सब परेशानियों से ना जूझना पड़ें। VBAC के बारे में लोग कम जानते हैं और इसको लेकर लोगों के दिमाग में बहुत मिथक है जिनके बारे में आज हम आपको बताएंगे।

VBAC या सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ क्या है?

अगर पहली सिजेरियन डिलिवरी के बाद महिला दूसरी डिलिवरी नॉर्मल तरीके से कराना चाहती हैं तो यह VBAC कहलाता है। यदि सिजेरियन में बहुत ज्यादा जटिलताएं नहीं थी, तो VBAC से किसी तरह का जोखिम जुड़ा नहीं होता है, फिर भी आपको अपने डॉक्टर से इस बारे में अच्छी तरह चर्चा करने के बाद ही आगे फैसला करना चाहिए। जहां तक आंकड़ों का सवाल है तो करीब 60 से 70 प्रतिशत महिलाएं ऐसी होती हैं जो पहली डिलिवरी सिजेरियन होने के बाद भी दूसरी बार नॉर्मल डिलिवरी करवाती हैं। VBAC के बारे में जब आप अपने डॉक्टर से बात करती है तो वह आपको इसके फायदे और नुकसान के बारे में बताता है।

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VBAC या वजायनल बर्थ आफ्टर सिजेरियन पर विचार करने के पहले इन मानदंडों को पूरा करना जरूरी है

  • 2 से अधिक ट्रान्वर्स सिजेरियन डिलिवरी नहीं होनी चाहिए।
  • गर्भाशय में किसी तरह की असमान्यता, चोट के निशान नहीं होना चाहिए।
  • लेबर के दौरान आपका डॉक्टर मौजूद रहे और यदि जरूरत पड़ी तो सिजेरियन डिलिवरी करवाए।
  • जिन जटिलताओं की वजह से पिछली बार सिजेरियन किया था यदि वह मौजूद नहीं है तो नॉर्मल डिलिवरी हो सकती है।
  • यदि किसी तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं नहीं है तो नॉर्मल डिलिवरी संभव है।
  • बच्चे का साइज सामान्य है।
  • बच्चे का सिर नीचे है तो नॉर्मल डिलिवरी में दिक्कत नहीं होती है।
  • खुद मां इसके लिए तैयार हो।

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इन स्थितियों में VBAC यानी सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ संभव नहीं होता

  • जब बच्चा गर्भ में उल्टा हो यानी सिर ऊपर की ओर हो।
  • यदि गर्भनाल गर्भाशय में बिल्कुल नीचे की तरफ हो।
  • बच्चे की पल्स रेट कम हो।
  • बच्चे का साइज सामान्य से बड़ा हो।
  • पहली प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे का गर्भनाल नीचे की तरफ हो।
  • अगर खुद मां नॉर्मल डिलिवरी के लिए तैयार ना हो

पहली सिजेरियन डिलिवरी के बाद दूसरी बार वजायनल बर्थ के दौरान सबसे अधिक डर गर्भाशय को चोट पहुंचने का रहता है, लेकिन यदि पहले से ही सावधानी बरती जाए और डॉक्टर की सलाह पर अमल किया जाए तो किसी भी तरह की जटिलता से बचकर नॉर्मल डिलिवरी संभव है। इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा-

सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ: खुद को शिक्षित करें

सिजेरियन के बाद नॉर्मल डिलिवरी से अधिकांश महिलाएं इसलिए डरती हैं क्योंकि उन्हें गर्भाशय को गंभीर चोट पहुंचने का डर होता है, लेकिन सब कुछ यदि सामान्य है तो VBAC यानी सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ सुरक्षित होती है। जहां तक गर्भाशय को नुकसान पहुंचने का सवाल है तो इसकी संभावना 1 प्रतिशत से भी कम होती है। अपने डर को कम करने और सही जानकारी के लिए आप पेरेंटल VBAC क्लासेस अटेंड कर सकती हैं, हेल्थ केयर प्रोवाइडर से सलाह ले सकती हैं या ऐसी कुछ महिलाओं से बात कर सकती हैं जिन्होंने VBAC यानी सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ के जरिए बच्चे को जन्म दिया हो। पहली डिलिवरी सिजेरियन से कराने के बाद अगर आपका ड़क्टर आपको नॉर्मल डिलिवरी की सालह देता है तो यह बिल्कुल सही है। लेकिन अगर आपका डॉक्टर आपकी सेहत देखकर इसके लिए मना करता है तो उसपर अमल करें।

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सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ: अच्छा डॉक्टर चुनना है जरूरी

VBAC यानी सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ के लिए ऐसा हेल्थ केयर प्रोवाइडर चुनें जिसका सक्सेस रेट अच्छा हो और जो सपोर्टिव हो। जिस अस्पताल को आपने चुना है उसके डॉक्टर और नर्स के बारे में जानकारी जुटाएं और VBAC यानी सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ के लिए उनका सपोर्ट सिस्टम कैसा है यह जानना भी जरूरी है। VBAC को लेकर पहले ही बहुत सी बातें प्रचलित है इसलिए अफवाहों पर ध्यान ना देकर आप अपने डॉक्टर से इसके बारे में बात करें।

सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ: अन्य विकल्प तलाशें

आप हॉस्पिटल की बजाय बर्थ सेंटर या होम बर्थ का विकल्प भी चुन सकती हैं, यदि आप कंफर्टेबल हैं तो। नजदीकी बर्थ सेंटर का दौरा करें और होम बर्थ के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होगी इसकी जानकारी जुटाएं। हमेशा अनुभवी मिडवाइफ की निगरानी में ही नैचुरल बर्थ सुरक्षित होता है। वह आपको सही तरीके से गाइड कर सकती है। ध्यान रहें कि अच्छी तरह रिसर्च करने के साथ ही इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें। कई बार महिलाएं अस्पतालों से दूर होने की वजह से भी VBAC का विकल्प चुनती है। अगर आपके साथ ऐसा है तो अपने इस निर्णय को लेकर हर तरह की रिसर्च करें और तब आगे बढ़ें।

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सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ: मानसिक रूप से खुद को तैयार रखें

माना कि आपने VBAC यानी सिजेरियन के बाद वजाइनल बर्थ का विकल्प चुना है, लेकिन किसी तरह की जटिलता होने पर सी- सेक्शन भी किया जा सकता है इस बात के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार रखें। मेंटली प्रिपेयर रहने पर अचानक से फैसला बदलने पर आपको तनाव नहीं होगा। VBAC के बारे में अफवाह बहुत सारे हैं लेकिन अगर आपने इसके बारे में सोच लिया है तो आगे बढ़ें और इसके द्वारा ही अपनी डिलिवरी कराएं। डॉक्टर और आपके पार्टनर से ज्यादा ये आपका निर्णय होना चाहिए इसके लिए आपको तैयार होना चाहिए। आपका इस निर्णय के लिए मानसिक रूप से तैयार होना जरूरी है।

नॉर्मल डिलिवरी हमेशा ही सिजेरियन से अच्छी मानी जाती है क्योंकि इसमें दवा को कोई साइड इफेक्ट नहीं होता और घाव जल्दी भर जाता है, दर्द भी जल्दी कम हो जाता है, मगर कुछ स्थितियों में मां और बच्चे की जान बचाने के लिए सी सेक्शन जरूरी हो जाता है। माना जाता है कि नॉर्मल डिलिवरी का दर्द केवल डिलिवरी टेबल तक होता है जबकि सिजेरियन का दर्द जिंदगी भर के लिए होता है। इसलिए आप जो भी निर्णय ले उसमें अपने डॉक्टर और अपने परिवार से सलाह लें।

अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता।

 

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सूत्र

vaginal-birth-after-c-section : https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK507844/accessed/13/november/2019

VBCD :https://www.cdc.gov/mmwr/preview/mmwrhtml/mm5144a3.html accessed/13/november/2019

Vaginal Birth After Cesarean Delivery :https://www.mayoclinic.org/tests-procedures/vbac/about/pac-20395249/accessed/13/november/2019

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Vaginal Birth After Cesarean Delivery   https://www.oplc.nh.gov/midwifery/documents/nnepqin-vbac-patient-education-master.pdf accessed/13/november/2019

 

 

लेखक की तस्वीर
Kanchan Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 20/01/2021 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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