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चोट के निशान को जल्‍द भरने के लिए अपनाएं ये 10 असरदार घरेलू उपचार

चोट के निशान को जल्‍द भरने के लिए अपनाएं ये 10 असरदार घरेलू उपचार

रेग्युलर लाइफ में हमारे साथ चोट के निशान, फोड़े-फुंसी का होना लगा रहता है। कहने को तो चोट के निशान, फोड़े-फुंसी छोटे हैं लेकिन, तकलीफ बहुत होती है। शरीर के किसी अंग पर चोट लग जाने, कट जाने, छिल जाने और जल जाने पर हमारी कोशिश यही रहती है कि जल्दी से जल्दी चोट के घाव, फोड़े-फुंसी भर जाए। चोट लग जाने के दौरान या घाव हो जाने के दौरान उसकी सही देखभाल बहुत जरूरी है, क्योंकि कुछ चोट आपकी मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकती है। बेहतरी इसी में है कि जब भी किसी अंग पर चोट लगे या घाव हो जाए, तत्काल घर पर उसका सही उपचार किया जाए। आप इस चोट के घाव को भरने के लिए नीचे बताए गए घरेलू उपाय आजमा सकते हैं।

चोट के निशान भरने के लिए घरेलू उपाय क्या हैं?

चोट के निशान या घाव जल्द ठीक न होने पर निम्नलिखित उपाय अपनायें-

सबसे पहले घाव की सफाई

जब भी शरीर के किसी अंग पर चोट लगे। फौरन साफ पानी से उसकी सफाई करें। अगर चोट लगने के बाद लगातार ब्लीडिंग हो रहा है, तो किसी तरह उस पर कॉटन लगाकर उसे रोकने की कोशिश करें। अगर कॉटन और बर्फ लगाने के बाद भी ब्लीडिंग नहीं रुके, तो फौरन नजदीकी डॉक्टर को दिखाएं।

1. बर्फ

शरीर के किसी अंग पर चोट लग जाते ही फौरन उस पर बर्फ लगा सकते हैं। अगर आप चोट के आसपास की नसों को ठंडा कर देते हैं, तो इससे ब्लड मांसपेशियों में कम फैलता है। बाजार में भी आपको आइसपैक्स आसानी से मिल सकता है, जो स्पेशली चोट के लिए ही होता है। आपने कभी-कभी ध्यान दिया होगा, खिलाड़ियों के किट बैग में आइसपैक्स होता है। जब भी उन्हें मैच के दौरान चोट लगता है। फौरन वो चोट वाली जगह पर आइसपैक्स लगा लेते हैं।

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2. गर्म सिकाई व पट्टी

चोटिल जगह पर बर्फ की सिकाई करने के 24 घंटे बाद आप उस स्थान पर गर्म सिकाई करें। चोटिल जगहों पर गर्म सिकाई करने से ब्लड सर्क्यूलेशन बढ़ जाता है। यानी चोटिल जगह पर ब्लड स्थिर नहीं हो पाता है, वो तेजी से सर्क्यूलेट होने लगता है। चोट वाले स्थान पर आप 20-20 मिनट के लिए हीटिंग पैड से सिकाई करें। इसके बाद हाथों या टांगों में जहां चोट लगी है, उस स्थान पर इलास्टिक बैंडेज बांध लें। चोट वाले स्थान की मांसपेशियों को दबाने से ब्लड बाहर नहीं निकल पाता है, और आपकी चोट की गंभीरता भी कम हो जाती है।

3. हल्दी

हल्दी चोट के घाव के लिए एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक है। साथ ही हल्दी को चोट पर लगाने से इंफेक्शन का खतरा भी नहीं रहता है। अगर चोट लगने पर बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है, तो तुरंत उस पर हल्दी का पाउडर डाल दें। इससे ब्लीडिंग बंद हो जाएगी। दरअसल यह हर्बल सप्लीमेंट कैसे काम करता है इसके बारे में अभी ज्यादा शोध मौजूद नहीं है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी डॉक्टर या फिर किसी हर्बलिस्ट से सम्पर्क करें। हालांकि इसमें करक्यूमिन (curcumin) नामक केमिकल पाया जाता है, जोकि सूजन को कम करने का काम करता है। इसलिए हल्दी का इस्तेमाल इन्फ्लेमेशन आदि में किया जाता है।

4. अजमोद

चोट के निशान पर लगाने के लिए अजमोद के पत्तों को हाथों से रगड़ लीजिए। फिर इन पत्तों को चौट पर फैलाकर इलास्टिक बैंड से बांध दीजिए। मेडिकल एक्सपर्ट का कहना है कि अजमोद के पत्तों को घाव पर लगाने से दर्द और सूजन नहीं होता है।

5. टी बैग

तेजपत्ते या कैमोमाइल (बबूने का फूल) के टी-बैग्स लीजिए। टी बैग्स को गर्म पानी में डुबो लें। फिर इन्हें चोट के निशान पर लगाएं। कैमोमाइल से बहुत हद तक दर्द कम होता है।

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6. एलोवेरा

एलोवेरा से भी दर्द और सूजन कम होता है। आप एलोवेरा के पत्तों को दबाकर उसमें से जेल निकालिए। इसके जेल को चोट के निशान पर लगाइए। एलोवेरा चोट के निशान को भरने में मदद करता है। इससे सूजन और दर्द नहीं होता है।

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7. लहसुन

लहसुन चोट के निशान के लिए ऐसी दवा है, जो हर किसी के किचन में मौजूद होता है। अगर किसी को लहसुन नहीं भी पसंद, तो आप इसे दवा की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर शरीर के किसी भाग में आपको गहरा चोट लगा है, तो आप दिन में दो लहसुन की कली खाकर चोट भर सकते हैं। लहसुन को बहुत अच्छा एंटीबायोटिक माना जाता है।

8. अनानास

अनानास वैसे तो हर किसी को पसंद होता है। लेकिन बहुत कम लोगों को यह जानकारी होगा, कि यह चोट के निशान के लिए कितना फायदेमंद है। अगर आप चोट के दौरान अनानास खाते हैं और जूस पीते हैं, तब आपका जख्म काफी जल्दी भर जाएगा।

9. प्याज

चोट के निशान पर लगाने के लिए कच्चे प्याज को बीच में से काटिए और इसके अंदरूनी हिस्से को घाव पर लगाएं, लेकिन आपकी चोट पर जख्म है तो, आपको प्याज लगाने से बचना चाहिए।

10. शहद

शहद में एंटी बैक्टीरियल होता है। जो चोट के निशान को बैक्टीरिया से बचाने में मदद करता है। यदि घाव हल्का हो तो उसे साफ करने के बाद शहद लगाकर उस पर पट्टी बांध दें। ऐसा करने से घाव जल्दी भर जाता है। शहद से घाव के दौरान सूजन नहीं आती है।

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चोट के निशान या घाव जल्द ठीक न होने के क्या कारण हैं?

इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं। जैसे-

  • डेड स्किन होने पर घाव जल्दी ठीक नहीं हो पाते हैं।
  • शरीर पर हुए घाव या चोट की वजह बैक्टीरिया होने लगते हैं। जिस कारण इंफेक्शन (संक्रमण) शुरू होने लग सकता है। ऐसी स्थिति में घाव जल्दी ठीक नहीं हो पाता है।
  • संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन न करने के कारण भी घाव भरने में देरी हो सकती है। इसलिए अगर ज्यादा वक्त लग रहा हो घाव भरने में तो डॉक्टर से अवश्य मिलें।
  • डायबिटीज, एनीमिया और वेस्कुलर डिजीज जैसी बीमारी होने पर घाव जल्दी ठीक नहीं हो पाता है।
  • अगर आपको चोट लगी है और आप सिगरेट पीते हैं, तो यह आपकी परेशानी को और बढ़ा सकता है। ऐसी स्थिति में घाव के जल्द ठीक होने की संभावना कम हो जाती है।

अगर आप चोट के निशान से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Wounds and Injuries/https://medlineplus.gov/woundsandinjuries.html/Accessed on 07/01/2020

Open Wound/https://www.healthline.com/health/open-wound/Accessed on 07/01/2020

Wound Healing and Care/https://kidshealth.org/en/teens/wounds.html/Accessed on 07/01/2020

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How Wounds Heal/https://www.hopkinsmedicine.org/Accessed on 07/01/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Hemakshi J के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Sidharth Chaurasiya द्वारा लिखित
अपडेटेड 01/11/2019
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