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थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड: जानिए इस दौरान क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना जरूरी है?

    थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड: जानिए इस दौरान क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना जरूरी है?

    प्रेग्नेंसी का थर्ड ट्रायमेस्टर यानी तीसरी तिमाही को गर्भवती महिला के लिए सबसे मुश्किल माना जाता है। तीसरी तिमाहीं में गर्भ में शिशु का काफी विकास हो चुका होता है और अभी भी जारी रहता है। इस समय महिला कई परेशानियों का सामना करती है जैसे बार-बार यूरिन पास, इचिंग, सिरदर्द, डायरिया आदि। प्रसव नजदीक होने के कारण इस समय खास ख्याल रखने की जरूरत भी होती है ताकि डिलिवरी में कोई समस्या न हो। आज हम बात करने वाले हैं थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide) के बारे में। आइए जानें क्या है थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide) में पहले इस तिमाही में होने वाले फिजिकल चेंजेज के बारे में जान लेते हैं।

    थर्ड ट्रायमेस्टर में महिला में कौन से शारीरिक बदलाव होते हैं?

    अगर बात की जाए थर्ड ट्रायमेस्टर की, तो इसकी शुरुआत प्रेग्नेंसी के 28वें हफ्ते से होती है और प्रेग्नेंसी के 40वें हफ्ते तक के समय को थर्ड ट्रायमेस्टर कहा जाता है। आसान शब्दों में समझाया जाए तो प्रेग्नेंसी के आखिरी तीन महीने तीसरी तिमाही के नाम से जाने जाते हैं। इस दौरान शिशु और मां के शरीर में कई बदलाव आते हैं। शिशु की ग्रोथ के कारण मां का पेट भी बढ़ता रहता है। इसके साथ ही इस दौरान आप जी मिचलाना जैसी समस्या का अनुभव भी कर सकती हैं। कई महिलाएं नींद न आना, स्ट्रेस या अन्य परेशानियों के कारण इस दौरान सिरदर्द की समस्या का सामना भी करती हैं।

    डायरिया, पेट में खुजली, हार्ट बर्न, वैरिकोज वेन्स (Varicose veins), ब्रेक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैक्शंस (Braxton Hicks Contractions), स्ट्रेच मार्क्स, लिकी ब्रेस्ट्स, वजन का बढ़ना जैसी समस्याओं का अनुभव भी होने वाली मां कर सकती है। अब थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide) के कुछ महत्वपूर्ण चीजों के बारे में जान लेते हैं।

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    थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide): इस दौरान शिशु को लेकर किन चीजों का रखना चाहिए ध्यान?

    थर्ड ट्रायमेस्टर यानी प्रेग्नेंसी के अंतिम महीनों में आपको लेबर पेन स्टार्ट होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। लेकिन, इस समय आप फॉल्स लेबर सिम्पटम्स का अनुभव भी कर सकती हैं। ऐसे में आपको फॉल्स लेबर सिम्पटम्स और लेबर के असली लक्षणों के बारे में जानना और ध्यान रखना चाहिए, जो इस प्रकार हैं:

    • बेबी ड्रॉपिंग (Baby dropping): प्रेग्नेंसी के 36 वें हफ्ते तक आप ऐसा महसूस करेंगी जैसे शिशु आपके पेल्विस तक पहुंच गया है।
    • ब्लडी शो (Bloody show): अगर आपको पिंक या ब्राउन डिस्चार्ज हो रहा है, तो यह इस बात का संकेत है कि डिलीवरी अभी नजदीक है। हालांकि, अधिकतर महिलाएं म्यूकस प्लस से डिस्चार्ज को नोटिस नहीं करती हैं।
    • पेल्विक प्रेशर (Pelvic pressure): ग्रोइन एरिया में क्रैम्प्स होना भी लेबर के शुरू होने के संकेत हैं
    • लेबर कॉन्ट्रैक्शंस (Labor contractions): फॉल्स कॉन्ट्रैक्शंस की तुलना में, लेबर कॉन्ट्रैक्शंस जितना आप मूव करती हैं, तो यह कम होने के बजाय तेज होते हैं।
    • वॉटर ब्रेकिंग (Water breaking): हालांकि, वॉटर ब्रेकिंग की संभावना बहुत कम होती है। लेकिन, अगर ऐसा होता है तो आपको तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

    और पढ़ें: Second Trimester Guide: प्रेग्नेंसी के सेकेंड ट्राइमेस्टर गाइड में किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

    अगर आप इनमें से कोई भी लक्षण अनुभव करती हैं, तो आपको तुरंत मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए:

    थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide) में इस बात का ध्यान रखें कि अगर आप मां बनने वाली हैं तो आप हमेशा अपनी इंस्टिंक्ट पर भरोसा करें और सुरक्षित रहें।

    थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड, Third trimester guide

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    थर्ड ट्रायमेस्टर के दौरान शिशु कितना ग्रो करता है?

    आपका शिशु तीसरी तिमाहीं में 28 वें हफ्ते में लगभग डेढ़ किलोग्राम तक बढ़ जाता है। 28 वें हफ्ते में शिशु की लम्बाई 16 इंच हो सकती है। 40 वें हफ्ते में शिशु की लम्बाई 19 से 22 इंच और वजन तीन से चार किलोग्राम्स तक हो सकता है। प्रेग्नेंसी के थर्ड ट्रायमेस्टर की कुछ हायलाइट्स इस प्रकार हैं:

    हड्डियां (Bones)

    कार्टिलेज 7वें और 8वें महीनों में हड्डी में बदल जाता है, इसके लिए आपके बच्चे को मां से कैल्शियम मिल रहा होता है। इसलिए, इस बात का ध्यान रखें कि आप कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं।

    बाल, स्किन और नाखून (Hair, skin and nail)

    प्रेग्नेंसी के 32वें हफ्ते तक शिशु त्वचा अपारदर्शी हो जाती है। 36वें हफ्ते में फैट जमा होना जारी रहता है। क्योंकि, शिशु (Vernix) वर्निक्स और लैनुगो (Lanugo) को शेड करता है।

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    डायजेस्टिव सिस्टम (Digestive system)

    प्रेग्नेंसी के फाइनल वीक्स में मेकोनियम (Meconium) या बच्चे का पहला पूप, जिसमें ज्यादातर ब्लड सेल्स, वर्निक्स और लैनुगो शामिल होते हैं, बच्चे की आंतों में बनने लगते हैं।

    थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide): पांच सेंसेस (Five senses)

    29 वें और 30 वें हफ्ते में शिशु के टच रिसेप्टर्स पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं। प्रेग्नेंसी के 31वें शिशु सभी पांचों सेंसेस से सिग्नल पाने लगता है। जैसे आपकी आवाज सुनता है और आपके द्वारा खाया जाने वाले आहार को टेस्ट करता है।

    दिमाग (Brain)

    तीसरी तिमाही में शिशु का ब्रेन बहुत तेजी से बढ़ता है। यही नहीं, प्रेग्नेंसी के 34 वें हफ्ते में शिशु का शरीर पोजीशन भी बदलता है।

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    थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide): थर्ड ट्रायमेस्टर चेकलिस्टस

    प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में आपको प्रसव और शिशु के आगमन के लिए पूरी तरह से तैयार होना चाहिए। इस दौरान फीटल मूवमेंट को ट्रैक करते रहें। 28 वें हफ्ते से शिशु नियमित रूप से किक करना शुरू कर देता है। ऐसे में अपने शिशु की मूवमेंट को आप आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। इसके साथ ही इन चीजों का भी ध्यान रखें:

    अपने वजन को चेक करते रहें

    शिशु का वजन थर्ड ट्राइमेस्टर की शुरुआत में तेजी से बढ़ता है। लेकिन ,प्रसव से पहले यह कम होना शुरू हो जाता है। हो सकता है कि आप इस दौरान कुछ वजन कम कर लें। अगर आप इस दौरान आपका वजन पर्याप्त रूप से नहीं बढ़ रहा या आपका वजन बहुत तेजी से बढ़ रहा है तो डॉक्टर से बात करें।

    थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide): एक्सरसाइज करें

    इस दौरान भी आपका फिजिकल रूप से एक्टिव रहना जरूरी है। ताकि आप और शिशु स्वस्थ रहें और किसी भी कॉम्प्लिकेशन से बच सकें।

    थर्ड ट्रायमेस्टर चेकअप को प्लान करें

    अपने थर्ड ट्राइमेस्टर चेक को नजरअंदाज न करें। इस दौरान 28 वें हफ्ते में ग्लूकोज स्क्रीनिंग की जाती है। सातवें महीने में एनीमिया टेस्ट किया जाता है। नौवें महीने में डॉक्टर आपके सर्विक्स का इंटरनल चेकअप करते हैं। इसके साथ ही कुछ अन्य टेस्ट्स भी हो सकते हैं, जिन्हें कराना होने वाली मां के लिए जरूरी है।

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    थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड: शिशु के लिए करें तैयारी

    प्रसव से पहले ही अपने शिशु के लिए पेडिअट्रिशन का चुनाव कर लें। इसके साथ ही शिशु के लिए जरूरी चीजों को भी चुनें जैसे क्रिब, कार सीट, बेबी मॉनिटर आदि। शिशु की केयर कैसे की जाती है इसके लिए आप क्लासेज भी ले सकते हैं। यही नहीं, शिशु के लिए जरूरी चीजों की खरीददारी भी शुरू कर दें जैसे कपडे, बोतल, डायपर, वाइप्स आदि।

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    ब्रेस्टफीडिंग के लिए तैयार रहें

    शिशु के आने से पहले ब्रेस्टफीडिंग के बारे में भी जान लें ताकि आपको बाद में कोई समस्या न हो। इसके साथ ही लेबर के बारे में भी डॉक्टर से बात कर लें।

    थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide): फाइनेंशियली प्लान करें

    शिशु की जिम्मेदार छोटी नहीं होती इसलिए आपका शारीरिक, मानसिक के साथ ही फाइनेंशियल रूप से स्ट्रांग होना भी जरूरी है। इस बारे में पहले ही प्लान कर लें। अगर आप कॉर्ड ब्लड बैंकिंग का प्लान बना रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि डॉक्टर को इस बारे में पता हो।

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    यह तो थी थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide) में कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स। इसके अलावा शिशु के पहले साल को भी प्लान कर लें। इस बारे में भी जानें कि शिशु के जीवन के पहले साल में वो किन-किन माइलस्टोन्स से गुजरता है। ताकि, आप उसकी तैयारी सही से कर सकें। उम्मीद है कि थर्ड ट्रायमेस्टर गाइड (Third trimester guide) के बारे में जानकारी आपको पसंद आई होगी। इस दौरान कुछ चीजों को नजरअंदाज करना भी जरूरी है जैसे ट्रैवेलिंग, एल्कोहॉल, हॉट टब, कच्चा और अंडरकुक्ड फूड्स आदि। अगर इस बारे में आपके मन में कोई भी सवाल है, तो उसे अपने डॉक्टर से बात अवश्य करें।

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    AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/05/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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