प्रेग्नेंसी में पपीता खाना सुरक्षित है या नहीं?

Medically reviewed by | By

Update Date जून 7, 2020 . 5 mins read
Share now

वैसे तो फलों का सेवन हमेशा फायदेमंद होता है लेकिन, गर्भावस्था में कुछ फलों को खाने को लेकर संशय रहता है। उनमें से एक पपीता है। प्रेग्नेंसी में पपीता खाना चाहिए या नहीं? यह सवाल गर्भावस्था के दौरान दिमाग में आता है। इस बारे में भोपाल के आयुर्वेदिक डॉक्टर और लेखक (इंक्रेडिबल आयुर्वेदा क्लीनिक,भोपाल) अबरार मुल्तानी ने हैलो स्वास्थ्य से बात करते हुए बताया कि, “गर्भावस्था के दौरान कच्चा पपीता खाना गर्भवती महिला के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कच्चे पपीते में पेप्सिन और पपाइन एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो गर्भपात का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही पपीते की तासीर भी गर्म होती है। जो गर्भवती महिला को नुकसान पहुंचा सकती है।” 

यह भी पढ़ें : Anorexia : एनोरेक्सिया क्या है? इसके लक्षण और इलाज

क्या मुझे प्रेग्नेंसी में पपीता खाना खाने से बचना चाहिए?

गर्भावस्था के दौरान पपीता खाने को लेकर काफी भ्रम रहता है क्योंकि पका पपीता गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छा होता है जबकि कच्चा पपीता नुकसान कर सकता है। पके और कच्चे पपीते में पाए जाने वाले तत्व। 

पका पपीता 

  • बीटा कैरोटीन (beta-carotene)
  • कोलीन (choline)
  • फाइबर (fiber)
  • फोलेट (folate)
  • पोटैशियम (potassium)
  • विटामिन ए, बी और सी

कच्चा पपीता 

  • लेटेक्स (latex)
  • पपाइन (papain)

ये भी पढ़ें- प्रेग्नेंसी की शुरुआती 3 महीनों में खाएं यह चीजें, बच्चा होगा तंदुरुस्त

क्या प्रेग्नेंसी में पपीता खाने से गर्भपात हो सकता है?

कई शोधों के मुताबिक, आधा पका या कच्चा पपीता गर्भावस्था के दौरान हानि पहुंचा सकता है, क्योंकि इसमें लेटेक्स की मात्रा अधिक होती है। जिससे असमय गर्भाशय में संकुचन शुरू हो सकता है और यह स्थिति मिसकैरिज की वजह भी बन सकती है। कच्चे पपीते में पपाइन मौजूद होता है जो शरीर में पाए जाने वाले प्रोस्टाग्लैंडिंस (prostaglandins) को गलती से प्रेरित कर सकता है। दरअसल, प्रोस्टाग्लैंडिंस एक लिपिड कंपाउंड है, जिसके प्रेरित होने से समय से पहले ही लेबर पेन शुरू हो सकता है। यह भ्रूण को सहारा देने वाली महत्वपूर्ण झिल्लियों को भी कमजोर कर सकता है। 

ये भी पढ़ें : प्रेग्नेंसी के दौरान स्मोकिंग करने से बच्चा हो सकता है बहरा

प्रेग्नेंसी में पका पपीता खाने के क्या लाभ हैं?

रिसर्चस के मुताबिक, अच्छी तरह से पका हुआ पपीता प्रेग्नेंसी में फायदेमंद होता है। अगर गर्भावस्था के दौरान पूरी तरह से पका हुआ पपीता खाया जाए, तो इसके कई लाभ होते हैं :

  • प्रेग्नेंसी के दौरान पका पपीता मॉर्निंग सिकनेस से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
  • पके हुए पपीते में लेटेक्स की मात्रा बहुत कम होती है, जो प्रेग्नेंसी में नुकसान नहीं पहुंचाता है। हां, अगर लेटेक्स से एलर्जी है तो पपीता खाने से बचें। इससे सिर चकराना, खुजली, सूजन, पेट-दर्द व त्वचा लाल होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

और पढ़ें : Papain : पैपिन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

क्या पपीते के बीज से मिसकैरिज हो सकता है?

हां, प्रेग्नेंसी के दौरान पपीते के बीज के सेवन से गर्भपात हो सकता है क्योंकि इसमें एंटी-इंप्लांटेशन तत्व मौजूद होते हैं। इसकी वजह से समय से पहले ही यूटरस में संकुचन शुरू हो सकता है। जिससे मिसकैरिज की स्थिति पैदा हो सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरान पपीते का सेवन हर तरह से मना कर देते हैं, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना का सवाल ही न रहे।

प्रेग्नेंसी के दौरान पपीते का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। पपीते को खाते समय यह सुनिश्चित करें कि वह कच्चा या अधपका न हो। गर्भावस्था के दौरान पका हुआ पपीता खाया जा सकता है लेकिन, बेहतर होगा इस बारे में एक बार डॉक्टर से बात कर लें ताकि वह आपके लिए इसकी निश्चित खुराक तय कर सकें। अब तो आप समझ गए होंगे कि प्रेग्नेंसी में पपीता खाने से नुकसान होता है लेकिन अगर वह पपीता कच्चा हो तो पका पपीता प्रेग्नेंट महिला का नुकसान नहीं पहुंचाता है। प्रेग्नेंसी में पपीता खाने से मिसकैरिज हो सकता है ये जो मिथ लोगों में फैला हुआ है वैसे ही दूसरे कई मिथ भी फैले हुए हैं। अब जानते हैं उनके बारे में।  

 यह भी पढ़ें:गर्भावस्था में शतावरी के सेवन से कम हो सकती है मिसकैरिज की संभावना!

एक मिसकैरिज के बाद दूसरे गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है

प्रेग्नेंसी में पपीता खाने से मिसकैरिज होता है कि बाद मिसकैरिज से जुड़े मिथक में सबसे ज्यादा लोग ये मानते हैं लेकिन जरूरी नहीं है कि अगर पहले गर्भपात हो चुका है तो दूसरी बार भी मिसकैरिज होने की संभावना होती है। हालांकि, दो गर्भपात होने के बाद आपका जोखिम थोड़ा बढ़ जाता है। एक गर्भपात के बाद दूसरे गर्भपात की अनुमानित संभावना सिर्फ 20 प्रतिशत ही रहती है। दो लगातार गर्भपात के बाद तीसरे गर्भपात का खतरा लगभग 28 प्रतिशत होता है और तीन या अधिक बार मिसकैरिज के बाद गर्भपात का खतरा लगभग 33 प्रतिशत होता है। अगर एक महिला बार-बार गर्भपात का शिकार हो रही है, तो फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट (fertility specialist) से परामर्श करें जो उचित उपचार करेंगे। मिसकैरिज से जुड़े मिथक को मान कर दिमागी तौर पर परेशान होने से बेहतर है कि आप अपने डॉक्टर से सलाह लें।

सेक्‍स करने से मिसकैरिज हो सकता है

मिसकैरिज से जुड़े मिथक में दूसरा मिथ है कि सेक्स करने से गर्भपात हो सकता है। मिसकैरिज और सेक्स का आपस में कोई संबंध नहीं है। ऑर्गैज्म से होने वाले संकुचन से कुछ महिलाएं डर जाती हैं लेकिन, यह गर्भपात का कारण नहीं बनता है। गर्भ में शिशु एम्नियोटिक सैक में पूरी तरह सुरक्षित रहता है, इसलिए सेक्स करने से गर्भपात का खतरा नहीं होता है। लेकिन, सेक्स से होने वाले किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाएं, जिससे आप और शिशु इंफेक्शन से बचे रहें। मिसकैरिज से जुड़े मिथक में इस मिथक को लोग ज्यादातर मानते हैं और कंसीव करते ही सेक्स करना छोड़ देते हैं। हालांकि यह आपके और आपके पार्टनर की पसंद पर निर्भर करता है लेकिन मिसकैरिज से जुड़े मिथक की वजह से इस चीज को ना छोड़ें। प्रेग्नेंसी में पपीता खाना मिसकैरिज का कारण बनता है जैसा ही दूसरा प्रचलित मिथ है यह।

मिसकैरिज भारी सामान उठाने की वजह से होता है

प्रेग्नेंसी में पपीता खाना मिसकैरिज की कारण बनता है इसे मिथ के बाद मिसकैरिज के बारे में यह मिथ बिलकुल गलत है। 60 प्रतिशत गर्भपात क्रोमोसोमल एब्नार्मेलिटी की वजह से होते हैं। साथ ही हार्मोन डिसऑर्डर (hormone disorder), ऑटोइम्यून डिसऑर्डर (autoimmune disorder) और ब्लड क्लॉटिंग (blood clotting) की वजह से होता है। ये सच है कि प्रेग्नेंसी के दौरान भारी सामान उठाने के लिए मना किया जाता है, लेकिन भारी सामान उठाने की वजह से गर्भपात नहीं होता है।

मिसकैरिज होना महिला के लिए शारीरिक और मानसिक हानि के बराबर होता है। ऐसे में परिवार के सदस्यों को महिला का साथ देना चाहिए। अगर आपके मन में भी मिसकैरिज के बारे में किसी तरह का प्रश्न है तो एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लीडिंग या फिर स्पॉटिंग का मतलब है कि मिसकैरिज हो जाएगा

प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही के दौरान स्पॉटिंग होना कॉमन माना जाता है।  प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में 20 प्रतिशत से 40 प्रतिशत महिलाओं को ब्लीडिंग हो सकती है। अगर महिला को अचानक से बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो जाती है तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। कई बार ब्लीडिंग की वजह खतरनाक भी हो सकती है। अगर चेकअप के बाद भी ब्लीडिंग हो रही है तो डॉक्टर इसका उचित समाधान बताएंगे। जिस तरह प्रेग्नेंसी में पपीता खाना नुकसान करता है लेकिन कच्चा पपीता उसी तरह प्रेग्नेंसी में हैवी ब्लीडिंग को खतरे का संकेत माना जा सकता है।

हम उम्मीद करते हैं कि प्रेग्नेंसी में पपीता खाना चाहिए या नहींं इस विषय पर लिखा गया आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। इसके साथ ही हमने यहां मिसकैरिज से जुड़े दूसरे मिथक भी बताएं। प्रेग्नेंसी में पपीता सेफ है या नहीं अगर इस बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी प्रकार की चिकित्सा सलाह, उपचार और निदान प्रदान नहीं करता।

 और पढ़ें :

बच्चों को ग्राइप वॉटर पिलाना सही या गलत? जानिए यहां

जानें मेडिटेशन से जुड़े रोचक तथ्य : एक ऐसा मेडिटेशन जो बेहतर बना सकता है सेक्स लाइफ

कभी आपने अपने बच्चे की जीभ के नीचे देखा? कहीं वो ऐसी तो नहीं?

इन 8 बातों से बढ़ सकता है प्रेग्नेंसी में रिस्क, जानें बचाव के तरीके

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

क्या-क्या हो सकते हैं प्रेग्नेंसी में रोने के कारण?

जानिए प्रेग्नेंसी में रोने के कारण क्या हो सकते हैं? गर्भावस्था में किसी भी बात आ जाता है रोना? शिशु को जन्म देने वाली मां का स्वभाव हो जाता है बच्चों जैसा?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Nidhi Sinha
प्रेग्नेंसी स्टेजेस, प्रेग्नेंसी अप्रैल 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

प्रेग्नेंसी में बाल कलर कराना कितना सुरक्षित?

प्रेग्नेंसी में बाल कलर कराना कितना सुरक्षित? प्रेग्नेंसी में बाल डाई करना चाहिए या नहीं? hair colour in pregnancy की जानकारी जानिए इस आर्टिकल में।

Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar
Written by Sunil Kumar

प्रेग्नेंसी में केला खाना चाहिए या नहीं?

प्रेगनेंसी में केला खाने के क्या फायदे होते हैं और साथ इसके दुष्प्रभावों से बचने के लिए इसे कितनी मात्रा में खाना चाहिए। Benefits of banana in pregnancy.

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shivam Rohatgi
प्रेग्नेंसी स्टेजेस, प्रेग्नेंसी अप्रैल 15, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

जानें स्मोकिंग छोड़ने के लिए हिप्नोसिस है कितना इफेक्टिव

स्मोकिंग के नुकसान से उपाय अपनाकर थक गए हैं तो स्मोकिंग छो़ड़ने के लिए हिप्नोसिस का सहारा भी ले सकते हैं, जाने किस व्यक्ति को लेनी चाहिए इसकी मदद

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Satish Singh
धूम्रपान छोड़ना, स्वस्थ जीवन अप्रैल 9, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें