गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स जो गर्भवती महिलाओं को जानना है जरूरी

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 23, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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प्रेग्नेंसी के दौरान या प्रेग्नेंसी के पहले से गायनेकोलॉजिस्ट के पास जाना हर लड़की या औरत के लिए सामान्य बात है। लेकिन जो महिलाएं पहली बार गर्भवती होती है उनको अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाने से पहले कुछ गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स जानने की जरूरत होती है। पहली बार गायनेकोलॉजिस्ट के पास जा रही लड़कियों और महिलाओं के मन में थोड़ी झिझक रहती है, क्योंकि कई बार उन्हें इस दौरान पेल्विक एरिया के एक्जामिनेशन से गुजरना पड़ता हैं। लेकिन यह बात समझ लें कि अगर आप गायनेकोलॉजिस्ट के पास नहीं जाएंगी और उनसे खुलकर बात नहीं करेंगी तो आपकी स्वास्थ संबंधित समस्या का समाधान नहीं हो सकेगा। गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स आपको उनसे लेने की जरूरत होती है जो पहले डॉक्टर के पास अपनी परेशानी के लिए जा चुके हैं।

हमें डॉक्टर के साथ एक दोस्ताना रिश्ता बनाना चाहिए। इससे वह यौन जनित संक्रमण की स्क्रीनिंग, रोकथाम और दूसरी स्वास्थ्य सलाह देकर ढंग से इलाज कर सके। यहां आपको कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जो आपकी इस प्रॉसेस में मदद करेंगी।

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गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स में सबसे जरूरी बात घबराएं नहीं

गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स में सबसे जरूरी है कि आप डॉक्टर के पास जाने से घबराएं नहीं। डॉक्टर के पास जाने से पहले इस बात को जान लें कि पेल्विक एरिया की जांच दूसरी जांच की तरह ही सामान्य प्रक्रिया है। यदि पेल्विक एग्जामिनेशन के दौरान आप असहज महसूस करती हैं तो डॉक्टर को रुकने के लिए कह सकती हैं। वैसे ज्यादातर क्लीनिक में महिला गायनेकोलॉजिस्ट ही मिलती हैं। यदि गायनेकोलॉजिस्ट के पास अकेला जाने में आपको झिझक महसूस होती है तो आप परिवार के किसी सदस्य या किसी दोस्त को लेकर जा सकती हैं। ज्यादातर डॉक्टर इसकी अनुमति देते हैं। ऐसा करने से आप सहज महसूस करेंगी और खुलकर बात कर पाएंगी। गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स में आपको कुछ एक्सट्रा करने की जरूरत नहीं होती बस थोड़ी बेसिक चीजें फॉलो करके आप डॉक्टर के सामन बेझिझक जा सकती हैं।

गायनेकोलॉजिस्ट कौन से टेस्ट करेगा?

गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स में एक और बात पर ध्यान दें कि डॉक्टर से शर्माएं नहीं। गायनेकोलॉजिस्ट के पास जाने से पहले टेस्ट को लेकर महिलाओं के मन में हजारों सवाल होते हैं। प्रेग्नेंसी में डॉक्टर की राय लेना बहुत जरूरी होता है। कुछ लड़कियों को इस संबंध में गलतफहमी भी होती है। डॉक्टर कौन से टेस्ट करेगा और कौन से नहीं, यह हर मामले में अलग-अलग हो सकता है। भले ही आप सेक्शुअली एक्टिव हैं और आपकी उम्र कितनी भी हो। लंबाई, वजन और ब्लड प्रेशर की जांच नॉर्मल टेस्ट हैं क्योंकि इनमें जेनेटल्स शामिल नहीं होते।

हालांकि, पहली विजिट में डॉक्टर आपसे बात करेगा और शायद इसमें टेस्ट न शामिल हों। 21 साल से कम उम्र की लड़कियों का पेल्विक और पेप स्मीयर्स टेस्ट नहीं होता है। गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स फॉलों करें और कुछ बेसिक नॉलेज के लिए थोड़ी ऑनलाईन रिसर्च जरूर करें।

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प्रेग्नेंसी में डॉक्टर की राय: गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स में वैक्स ना कराने की सलाह

गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स की सबसे जरूरी बात की आप डॉक्टर के पास जाने से पहले कुछ भी तैयारी करने की जरूरत नहीं होती। ज्यादातर महिलाएं गायनेकोलॉजिस्ट के पास जाने से पहले वजायना के आसपास के हिस्से को वैक्स करने के बारे में सोचती हैं। पहली बार गायनेकोलॉजिस्ट के पास जा रही लड़कियों के मन में भी यह बात रहती है। हालांकि, डॉक्टर इसकी सलाह नहीं देते हैं।

गायनेकोलॉजिस्ट के पास जाने से पहले आप उस हिस्से को साफ कर लें। ताकि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एक्जामिन कर सकें। डॉक्टर के पास जाने से पहले आप शावर ले सकती हैं या वजायनल हाइजीन के लिए एरिया को वाइप से साफ कर सकती हैं।

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 क्या मेरी जानकारी रहेगी गुप्त?

पहली बार गायनेकोलॉजिस्ट के पास जा रही लड़कियों के मन में सेक्शुएलिटी से जुड़ी जानकारी की गोपनीयता को लेकर सवाल खटकता रहता है। 18 वर्ष या इससे ज्यादा उम्र की लड़कियों की जानकारी को गोपनीय रखा जाता है। विजिट के दौरान की गईं सारी बातें डॉक्टर अपने तक ही सीमित रखते हैं। गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स में सबसे जरूरी यह जानना है कि ज्यादातर डॉक्टर आपकी कोई भी बात किसी दूसरे पेशेंट से नहीं करते इसलिए आपकी सारी जानकारी डॉक्टर के पास सुरक्षित हैं।

इस पर दक्षिणी दिल्ली की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट अनीता सभरवाल ने कहा, ‘महिलाओं या लड़कियों के दिमाग में जानकारी की गोपनीयता का सवाल हमेशा गूंजता रहता है। एक डॉक्टर के नाते आने वाले हर मरीज की जानकारी को गोपनीय रखना डॉक्टर का दायित्व होता है। मुझे लगता है कि गोपनीयता से ही मरीज और डॉक्टर के बीच विश्वास का रिश्ता बनता है।’

वहीं, 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों की कुछ जानकारी उनके माता पिता से साझा की जाती है। ऐसा उन परिस्थितियों में होता है जब डॉक्टर को यह जरूरी लगता है। गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स में सबसे जरूरी हिस्सा है पेशेंट की उम्र। अगर पेशेंट 18 साल से कम का है तो उसकी जानकारी माता-पिता के साथ शेयर की जाती है और अगर उसकी उम्र 18 से ज्यादा है तो पेशेंट की जानकारी गुप्त रखी जाती है।

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ईमानदारी से जानकारी साझा करें

गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स में एक और जरुरी पहलू है ईमानदारी। गायनेकोलॉजिस्ट को सेक्शुअल हिस्ट्री, आदत, चिंता और स्वास्थ्य के बारे में खुलकर बताना होगा। ऐसी स्थिति में ही डॉक्टर आपको सही सलाह दे पाएगा। गलत जानकारी देने या छिपाने से आपका नुकसान हो सकता है। इससे आपके इलाज में रुकावट आएगी और डॉक्टर के पास जाने का पर्पज भी सॉल्व नहीं होगा। अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो प्रेग्नेंसी में डॉक्टर की राय बहुत मायने रखती है।

पीरियड्स के दौरान न जाएं क्लीनिक

पीरियड्स के दौरान गायनेकोलॉजिस्ट के पास न जाएं। इस समय पर पेप स्मीयर होने पर ब्लड गलत नतीजे दे सकता है। पीरियड के दौरान हार्मोंस में बदलाव होने से ब्रेस्ट एग्जामिनेशन के दौरान आप असहज महसूस कर सकती हैं। साथ ही वजायना से होने वाली ब्लीडिंग इसे और खराब कर देगी।  गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स में एक और बात की पीरियड्स के दौरान डॉक्टर के क्लिनिक जाने से बचें।

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सवाल पूछना होगा सही?

गायनेकोलॉजिस्ट के पास जाने से पहले दिमाग में कई सावल होते हैं। इनमें से कुछ ऐसे सवाल होते हैं, जिन पर समाज में खुलकर बात नहीं होती है या उन्हें सामाजिक बुराई माना जाता है। आपको लगता है कि कहीं यह सवाल पूछने पर मुझे शर्मिंदा तो नहीं पड़ेगा लेकिन, हकीकत में ऐसा नहीं है। गायनेकोलॉजिस्ट आपको प्रोत्साहित करते हैं कि आप ज्यादा से ज्यादा सवाल पूछें। इससे किसी भी बीमारी या इंफेक्शन को लेकर मन में पाली गई गलतफहमी दूर होती है।

अगर आप भी पहली बार गायनेकोलॉजिस्ट के पास जा रही हैं तो इन उपर दिए गए गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स का ध्यान रखें। ऐसा करना आपकी हेल्थ के लिए बेहतर होगा। साथ ही अगर आप इन गायनेकोलॉजिस्ट टिप्स को फॉलो करती हैं तो आपको यौन संबंधित समस्याओं से छुटकारा भी मिल सकेगा।

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