दिन में किस समय सेक्‍स करना होता है सबसे बेहतर

    दिन में किस समय सेक्‍स करना होता है सबसे बेहतर

    हर किसी के मन में यह सवाल रहता है कि बेस्ट सेक्स टाइम कौन-सा होता है? किस समय सेक्‍स करने से सबसे ज्‍यादा एंजॉय कर पाते हैं? अमूमन हर कोई इस बात को लेकर स्‍पष्‍ट नहीं होता है कि किस समय सेक्‍स करना बेहतर रहता है और आप भी इस बात को लेकर संदेह में हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें क्‍योंकि यहां हम आपको बताने वाले हैं कि दिन में किस समय यौन संबंध बनाने चाहिए।

    अक्‍सर लोगों को मॉर्निंग सेक्‍स करने की सलाह दी जाती है, वहीं कुछ लोग ईवनिंग सेक्‍स करना पसंद करते हैं और कुछ लोग तो इस असमंजस में रहते हैं कि उन्‍हें मॉर्निंग सेक्‍स करना चाहिए या ईवनिंग सेक्‍स।

    बेस्ट सेक्स टाइम के मुताबिक सुबह के समय पुरुष सेक्‍स के मूड में रहते हैं तो वहीं शाम के समय सेक्‍स करना महिलाओं को पसंद होता है क्‍योंकि इस समय वो घर के कामों और ऑफिस की जिम्‍मेदारियों को निपटा चुकी होती हैं और बेफिक्र होकर सेक्‍स का आनंद ले पाती हैं। ऐसे में कपल्‍स अक्‍सर उलझन में पड़ जाते हैं और सोचने लगते हैं कि किस समय वो सेक्‍स को सबसे ज्‍यादा एंजॉय कर पाएंगें।

    तो चलिए जानते हैं कि बेस्ट सेक्स टाइम कौन-सा होता है?

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    बेस्ट सेक्स टाइम के लिए जाने टेस्‍टोस्‍टेरोन हार्मोन का महत्व

    सुबह के समय 6 से 9 बजे के बीच पुरुषों में टेस्‍टोस्‍टेरोन हार्मोन सबसे ज्‍यादा होता है। इस समय नैचुरली ही उन्‍हें इरेक्‍शन होता है इसलिए आपको अपने मेल पार्टनर को टर्न ऑन करने की जरूरत नहीं होती है। वहीं इसके विपरीत सुबह के समय महिलाओं का टेस्‍टोस्‍टेरोन पूरे दिन के मुकाबले सबसे कम होता है और शाम तक इसमें थोड़ी बढोत्तरी होती है।

    हार्मोन साइकिल

    सुबह के समय पुरुषों के टेस्‍टोस्‍टेरोन में रोजाना 25 से 50 पर्सेंट का फर्क होता है और सुबह सेक्‍स की इच्‍छा होती है। वहीं महिलाओं के टेस्‍टोस्‍टेरोन में रोज कोई बड़ा बदलाव नहीं आता है। उनके टेस्‍टोस्‍टेरोन में महीने के बीच में ओवुलेशन के दौरान इजाफा होता है।

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    बेस्ट सेक्स टाइम में साफ-सफाई की चिंता करना लाजमी है

    कई महिलाएं सोचती हैं कि सेक्‍स से पहले उनका साफ होना अच्‍छा होगा इसलिए वो सुबह सेक्‍स करना पसंद नहीं करती हैं। सुबह मुंह से बदबू आना और रात की पसीने की बदबू महिलाओं को सुबह सेक्‍स करने से रोक सकती हैं। हालांकि, पुरुषों के मन में ये ख्‍याल बहुत कम आता है।

    मॉर्निंग सेक्‍स के फायदे

    मॉर्निंग सेक्‍स करने पर आपको निम्‍न तरह के लाभ हो सकते हैं चूंकि, सुबह के समय पुरुषों का सेक्‍स करने का ज्‍यादा मन करता है इसलिए वो सेक्‍स करने पर अपने पार्टनर से इमोशनल अटैचमेंट ज्‍यादा महसूस कर पाते हैं। वहीं मॉर्निंग सेक्‍स से कुछ ऐसे हार्मोंस रिलीज होते हैं जो पूरे दिन आपका मूड बेहतर रखता है।

    नींद की कमी की वजह से महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही टेस्‍टोस्‍टेरोन की कमी हो सकती है। भरपूर नींद लेने से हार्मोंस को संतुलित रखने में ज्‍यादा से ज्‍यादा मदद मिल पाती है और स्‍ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल कम रिलीज होता है जो यौन इच्‍छा को प्रभावित कर सकता है। रात को जल्‍दी सोकर सुबह समय पर उठकर सेक्‍स का आनंद लेना मजेदार होगा।

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    ईवनिंग सेक्‍स के फायदे

    इस समय महिलाएं सेक्‍स को लेकर ज्‍यादा रूचि रखती हैं इसलिए अगर आप अपनी पार्टनर को खुश करना चाहते हैं तो इस समय सेक्‍स कर सकते हैं। रात को सेक्‍स करने से आपको अच्‍छी नींद आने में भी मदद मिल सकती है।

    बेस्ट सेक्स टाइम

    सांइस की मानें तो दोपहर के समय सेक्‍स करना सबसे अच्‍छा होता है। हार्मोन एक्‍सपर्ट एलिसा विट्टी का कहना है कि दोपहर 3 बजे के आसपास का समय सेक्‍स के लिए बेस्‍ट होता है। इस समय महिलाएं और पुरुष दोनों ही एक-दूसरे के साथ सेक्‍स में तालमेल बना पाते हैं। सुबह 6 से 9 के बीच पुरुष बेहतर परफॉर्म करते हैं तो वहीं दोपहर के समय महिलाओं के शरीर में एस्‍ट्रोजन सबसे ज्‍यादा होता है और वो अपने पार्टनर के लिए इमोशनली कनेक्‍ट कर पाती हैं।

    अगर आप दोपहर के तीन बजे सेक्‍स नहीं कर पाते हैं तो मॉर्निंग सेक्‍स कर सकते हैं। फोरजा सप्‍लीमेंट द्वारा एक हजार लोगों करवाए गए अध्‍ययन में पाया गया कि सुबह 7.30 बजे सेक्‍स करना सबसे बेहतर होता है। इस रिसर्च के शोधकर्ताओं का कहना है कि मॉर्निंग सेक्‍स से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है जिससे ब्‍लड प्रेशर कम होता है और स्‍ट्रेस में भी कमी आती है। इससे आपका पूरा दिन अच्‍छा गुजरता है।

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    उम्र के हिसाब से बेस्ट सेक्स टाइम

    इसके अलावा माना जाता है कि बॉडी क्‍लॉक उम्र के साथ बदलती है। तो चलिए जानते हैं कि उम्र के हिसाब से किस वक्‍त सेक्‍स करना चाहिए।

    20’s में : इस उम्र के लोगों के शरीर में लिबिडो दोपहर के तीन बजे सबसे ज्‍यादा होता है। हालांकि, इस उम्र में आप दिन के किसी भी समय में सेक्‍स कर सकते हैं। दोपहर के तीन बजे सेक्‍शुअल एनर्जी सबसे ज्‍यादा होती है।

    30’s में : 30 से 40 की उम्र के बीच के लोगों को सुबह 8.20 पर सेक्‍स करना बेहतर रहता है। इस समय महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही टेस्‍टोस्‍टेरोन अपने चरम पर होता है।

    40’s में : आपको रात के 10 बजे के बाद सेक्‍स करना चाहिए। इस उम्र के लोगों को रात के 10.20 पर सेक्‍स करना चाहिए। आपकी उम्र जितनी बढ़ती जाती है, सेक्‍स करने का समय भी उतना बढ़ता चला जाता है। इस एज के लोगों को रात को बिस्‍तर पर जल्‍दी आ जाना

    50’s में : 50 की उम्र के बाद लोग सुबह के समय ज्‍यादा व्‍यस्‍त रहते हैं इसलिए आपको रात को 10 बजे सेक्‍स करना चाहिए।

    60’s में : इस उम्र के लोगों को रात के 9 बजे सेक्‍स करना चाहिए। ऑर्गेज्‍म के बाद ऑक्‍सीटोसिन हार्मोन रिलीज होता है।

    प्रेगनेंट होने के लिए कब करना चाहिए सेक्‍स

    सुबह 7.30 बजे से पहले सेक्‍स करने से आपके प्रेगनेंट होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। इस समय पुरुषों के सीमन की क्‍वालिटी दिन के बाकी समय के मुकाबले सबसे ज्‍यादा होती है। वहीं मार्च, अप्रैल और मई के महीनों में ये रूल सबसे ज्‍यादा कारगर साबित होता है।

    हालांकि, मोडेना यूनिवर्सिटी की टीम ने अपनी रिसर्च में पाया कि दोपहर के बाद के घंटों में पुरुषों के स्‍पर्म की गतिशीलता और संख्‍या सबसे ज्‍यादा होती है। सुबह 6 से 9 बजे के बीच में पुरुषों का टेस्‍टेस्‍टेरोन सबसे ज्‍यादा होता है और रात 10 बजे से 1 बजे तक लिबिडो अधिक होता है। इसलिए इस समय आप प्रेगनेंट होने के लिए ट्राई कर सकती हैं।

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    सेक्‍स करने के फायदे

    रोज सेक्‍स करने के भी कई फायदे होते हैं, जैसे कि :

    सेक्‍शुअली एक्टिव रहने से आप कम बीमार पड़ते हैं और आपका इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत होता है। पेनसिल्‍वेनिया की विल्‍कस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि जो कॉलेज स्‍टूडेंट्स सप्‍ताह में एक या दो बार सेक्‍स करते हैं, उनके शरीर में इससे कम सेक्‍स करने वाले लोगों की तुलना में कुछ एंटीबॉडी ज्‍यादा होते हैं।

    सेक्‍स करने से लिबिडो भी बढ़ता है। वहीं नियमित सेक्‍स से महिलाओं के पेल्विक हिस्‍से की मांसपेशियां भी मजबूत होती है जिससे ब्‍लैडर कंट्रोल बेहतर होता है।

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    ब्‍लड प्रेशर होता है कम

    अमाई वैलनेस के मेडिकल डायरेक्‍टर और सीईओ जोसेफ जे. पिंजोन का कहना है कि सेक्‍स करने से ब्‍लड प्रेशर लो होता है। इस पर कई अध्‍ययन हो चुके हैं इसलिए स्‍पष्‍ट रूप से कहा जा सकता है कि सेक्‍स करने से ब्‍लड प्रेशर कम होता है।

    बेहतर सेक्‍स लाइफ से हार्ट अटैक का भी खतरा कम होता है। सेक्‍स एस्‍ट्रोजन और टेस्‍टेस्‍टोरोन हार्मोन संतुलित रहता है। इनमें से किसी भी एक हार्मोन के कम होने पर ऑस्टियोपोरोसिस और हार्ट डिजीज जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

    न्‍यू जर्सी की स्‍टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बैरी आर. कोमिसारुक का कहना है कि दर्द को कम करने में भी ऑर्गेज्‍म मदद करता है। ऑर्गेज्‍म दर्द को ब्‍लॉक कर सकता है। यह दर्द को कम करने में मदद करने वाला हार्मोन रिलीज करता है।

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    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. प्रणाली पाटील

    फार्मेसी · Hello Swasthya


    Shivam Rohatgi द्वारा लिखित · अपडेटेड 16/06/2021

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