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Sporotrichosis: स्पोरोट्राइकोसिस क्या है?

परिचय|लक्षण|कारण|जोखिम|उपचार|घरेलू उपचार
Sporotrichosis: स्पोरोट्राइकोसिस क्या है?

परिचय

स्पोरोट्राइकोसिस (Sporotrichosis) क्या है?

स्पोरोट्राइकोसिस को रोस गार्डनर डिजीज (rose gardener’s disease) के नाम से भी जाना जाता है। स्पोरोट्राइकोसिस एक संक्रमण है, जो स्पोरोथ्रिक्स (Sporothrix) नामक फंगस से फैलता है। स्पोरोथ्रिक्स फंगस दुनियाभर की मिट्टी और पौधे के पदार्थ जैसे स्फेग्नम मॉस, गुलाब की झाड़ियों और घास में रहता है। एक और दो लोग पर्यावरण में मौजूद फंगस (कवक) के जीवाणुओं के संपर्क में आने से उन्हें स्पोरोट्राइकोसिस हो जाता है।

क्युटेनिअस (त्वचा) Cutaneous (skin) इंफेक्शन स्पोरोट्राइकोसिस से होने वाला सबसे सामान्य संक्रमण है। यह तब होता है, जब त्वचा पर छोटे कट या खरोंच के जरिए फंगस त्वचा के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाता है। आमतौर पर संक्रमित पौधे को छूने के बाद भी इसका इंफेक्शन हो जाता है। हाथ की त्वचा या बाजु सबसे ज्यादा इससे प्रभावित होती हैं।

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स्पोरोट्राइकोसिस होना कितना सामान्य है?

विशेष समूह में यह समस्या होना एक सामान्य बात है। खासतौर से किसान, माली, फूल वाले, नर्सरी में कार्य करने वाले और कारपेंटर में स्पोरोट्राइकोसिस होना एक सामान्य बात है। इसकी अधिक जानकारी के संबंध में आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।

लक्षण

स्पोरोट्राइकोसिस के क्या लक्षण हैं?

स्पोरोट्राइकोसिस का पहला लक्षण है त्वचा पर गांठ बन जाना। यह गांठ कई रंगों जैसे गुलाबी से लेकर बैंगनी रंग की हो सकती है। आमतौर पर इस गांठ में दर्द नहीं होता है या हल्का ढीलापन होता है। समय के हिसाब से यह गांठ एक खुले घाव (छाले) के रूप में विकसित हो जाती है, जिससे एक स्पष्ट फ्लूड रिसता है। इस गांठ का इलाज न करने पर यह घाव क्रॉनिक या पुराना बन जाता है और वर्षों तक यह ठीक नहीं होता है। करीब 60% मामलों में यह लिम्फ नोड्स तक फैल जाता है। समय के हिसाब से नई गांठ और छाले संक्रमित बाजु और पैरों तक फैल जाते हैं। यह भी कई वर्षों तक रह सकते हैं।

स्पोरोट्राइकोसिस के दुर्लभ मामलों में इंफेक्शन शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है, जैसे हड्डी, जोड़ों, फेफड़ों और मस्तिष्क तक संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर है, उनमें यह समस्या काफी सामान्य है। इसका इलाज करना मुश्किल हो सकता है और यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

उपरोक्त लक्षणों के अलावा भी स्पोरोट्राइकोसिस के कुछ अन्य लक्षण हो सकते है, जिन्हें ऊपर सूचीबद्ध नहीं किया गया है। यदि आप इसके लक्षणों को लेकर चिंतित हैं तो अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

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मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि आपको उपरोक्त लक्षणों या संकेतों का अनुभव होता है या आपका कोई सवाल है तो अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। हालांकि, इसमें हर व्यक्ति की बॉडी भिन्न तरीके से प्रतिक्रिया देती है। अपनी स्थिति की बेहतर जानकारी के लिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहेगा।

कारण

स्पोरोट्राइकोसिस का क्या कारण है?

स्पोरोट्राइकोसिस स्पोरोथ्रिक्स फंगस (Sporothrix fungus) की वजह से होता है। इस प्रकार का फंगस दुनियाभर में पाया जाता है। लेकिन यह फंगस सेंट्रल और दक्षिण अमेरिका में ज्यादा पाया जाता है। सेंटर फोर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, गुलाब की झाड़ियों, घास और कीचड़ या दलदल में पाई जाती है। यदि आप इनमें से किसी भी पौधे या नियमित रूप से इनकी मिट्टी के आसपास होते हैं तो आपका इस फंगस के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। फिर भी संपर्क में आने का मतलब यह नहीं है कि आपको अपने आप फंगल इंफेक्शन हो जाएगा।

क्युटेनिअस स्पोरोट्राइकोसिस (cutaneous sporotrichosis) का कारण

त्वचा पर खुला घाव होने पर आपको क्युटेनिअस स्पोरोट्राइकोसिस का खतरा ज्यादा होता है। इसका मतलब यह हुआ कि इसके जरिए फंगस आपकी त्वचा में प्रवेश कर सकता है। कई लोगों को फंगस वाले प्लांट से खरोंच लगने पर उन्हें इंफेक्शन हो जाता है। यही कारण है कि गुलाब के कांटे संभावित रूप से स्पोरोट्राइकोसिस का कारण हो सकते हैं।

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पलम्नरी स्पोरोट्राइकोसिस (Pulmonary sporotrichosis) का कारण

दुर्लभ मामलों में सांस के जरिए हवा में मौजूद स्पोरोट्राइकोसिस के जीवाणु आपके फेफड़ों तक पहुंचते हैं। इसे पलम्नरी स्पोरोट्राइकोसिस कहा जाता है। इससे सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, खांसी, बुखार, थकान और वजन गिर सकता है।

स्पोरोट्राइकोसिस संक्रमित जानवरों से मनुष्यों में फैल सकता है, विशेषकर बिल्लियों से मिलने वाली खरोंच या काटने पर यह फैल सकता है। हालांकि, यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंचता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के मुताबिक, इसके संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले 16 और 30 वर्ष की आयु के बीच सामने आते हैं।

जोखिम

किन कारकों से मुझे स्पोरोट्राइकोसिस का खतरा बढ़ता है?

जो लोग स्फेग्नम मॉस, गुलाब की झाड़ियां या घास जैसे पौधों को छूते हैं, उन्हें स्पोरोट्राइकोसिस के संक्रमण का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है। उदाहरण के लिए जंगल में काम करने वाले मजदूरों, नर्सरी वर्कर, गार्डन सेंटर और बेल्स का कार्य करने वाले लोगों में इसका संक्रमण सबसे ज्यादा फैलता है।

उपचार

यहां प्रदान की गई जानकारी को किसी भी मेडिकल सलाह के रूप ना समझें। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

स्पोरोट्राइकोसिस का निदान कैसे किया जाता है?

संक्रमित हिस्से से ऊत्तकों का एक छोटा नमूना (बायोप्सी) लेकर स्पोरोट्राइकोसिस का पता लगाया जा सकता है। इस नमूने को प्रयोगशाला में जांच (फंगल कल्चर) के लिए भेजा जाता है, जिससे इंफेक्शन का कारण पता चल सके। ब्लड टेस्ट के जरिए गंभीर स्पोरोट्राइकोसिस का पता लगाया जा सकता है, लेकिन अक्सर ये क्युटेनिअस (स्किन) इंफेक्शन का निदान नहीं करते हैं।

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स्पोरोट्राइकोसिस का इलाज कैसे किया जाता है?

स्पोरोट्राइकोसिस के ज्यादातर मामले त्वचा या त्वचा के नीचे मौजूद ऊत्तकों के होते हैं। इस प्रकार के इंफेक्शन जानलेवा नहीं होते हैं, लेकिन इनका इलाज प्रिस्क्रिप्शन एंटीफंगल दवाओं से कई महीने तक किया जाना चाहिए।

इस प्रकार के फंगल इंफेक्शन के लिए सबसे ज्यादा सामान्य दवा इट्राकोनोजोल (itraconazole) है। इसे मौखिक रूप से तीन से छह महीने तक लिया जाता है। सुपरसैचुरेटेड पोटैशियम आइओडाइड (Supersaturated potassium iodide) इलाज का एक अन्य विकल्प है। यह क्युटेनिअस स्पोरोट्राइकोसिस में अपनाया जाता है। हालांकि, सुपरसैचुरेटेड पोटैशियम आइओडाइड एजोल (Azole) दवा जैसे इट्राकोनोजोल के साथ प्रेग्नेंसी के दौरान नहीं लेनी चाहिए।

स्पोरोट्राइकोसिस के गंभीर मामलों में मरीजों को आमतौर पर एमफोटेरिसिन बी (amphotericin B) नसों के जरिए दी जाती है। इस दवा के शुरुआती इलाज के बाद अक्सर इट्राकोनोजोल का इस्तेमाल किया जाता है। कम से कम एक वर्ष का एंटीफंगल इलाज चलता है। फेफड़ों में स्पोरोट्राइकोसिस होने पर सर्जरी के जरिए संक्रमित ऊत्तकों को काटकर निकालने की जरूरत होती है।

घरेलू उपचार

जीवन शैली में होने वाले बदलाव क्या हैं, जो मुझे स्पोरोट्राइकोसिस को ठीक करने में मदद कर सकते हैं?

निम्नलिखित घरेलू उपाय आपको स्पोरोट्राइकोसिस में राहत प्रदान करने में मदद करेंगे:

स्पोरोट्राइकोसिस का किसी भी प्रकार का प्रभावी घरेलू इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि, छालों को हमेशा साफ और ढक कर रखना चाहिए जब तक कि यह ठीक न हो जाएं।

इस संबंध में आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि आपके स्वास्थ्य की स्थिति देख कर ही डॉक्टर आपको उपचार बता सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Sporotrichosis. https://www.cdc.gov/fungal/diseases/sporotrichosis/index.html. Accessed 18 October, 2017.

Sporotrichosis. https://www.webmd.com/skin-problems-and-treatments/guide/sporotrichosis#1. Accessed 18 October, 2017.

Sporotrichosis. https://www.healthline.com/health/sporotrichosis Accessed Feb 12, 2020.

Sporotrichosis: an update on epidemiology, etiopathogenesis, laboratory and clinical therapeutics*. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5674690/. Accessed Feb 12, 2020.

Sporotrichosis. https://www.health.ny.gov/diseases/communicable/sporotrichosis/fact_sheet.htm. Accessed Feb 12, 2020.

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Sunil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 21/05/2020 को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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