सेल्फ मसाज कैसे करें? जानिए इसके फायदे

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट June 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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मसाज का नाम सुनते ही मन को सुकुन सा मिलता है। अंधेरा कमरा, ऑइल की भीनी-भीनी खुशबू और दर्द और थकान से मिलती राहत। इन लाइनों को पढ़कर आप जरूर मसाज करवाने के ख्यालों में खो गए होंगे, लेकिन उससे बाहर आइए। हम मसाज के लिए ऐसा ही सोचते आए हैं कि इसके लिए हमेशा किसी प्रोफेशनल की जरूरत होगी ,लेकिन ऐसा नहीं है। आप सेल्फ मसाज भी कर सकते हैं। ये पढ़ते ही आपके दिमाग में ये सवाल आए होंगे कि सेल्फ मसाज कब की जाती है? सेल्फ मसाज कैसे की जाती है? इसका सही तरीका क्या है और इसके फायदे क्या हैं? तो आपको इस आर्टिकल में ही सारे जवाब मिलेंगे। सेल्फ मसाज के लिए आपको बस कुछ टेक्नीक जाननी होंगी। जो काफी आसान हैं। सबसे पहले जान लेते हैं सेल्फ मसाज के फायदे।

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सेल्फ मसाज के फायदे

अगर आप टेंशन में या दुखी हैं तो मसाज थेरिपी बेस्ट है। यह फिजिकल और मेंटल दोनों तरह से फायदा पहुंचाती है। आप इसे आसानी से घर पर कर सकते हैं। इससे सिरदर्द, चिंता और मसल्स स्ट्रेन से राहत पाई जा सकती है। अगर हम इसे प्रॉपर तरीके से करते हैं तो इससे अर्थराइटिस में भी राहत मिल सकती है। आप गले, सिर, पीठ, हिप्स और शोल्डर की मसाज सेल्फ मसाज तकनीक से कर सकते हैं। यह मसल्स पेन में राहत पहुंचाता है, लेकिन अगर नर्व पेन मसल्स प्रेस के कारण हो रहा है तो यह उसे भी ठीक कर सकता है। सेल्फ मसाज के साथ ही रेकी टेक्नीक के द्वारा भी आप दर्द से राहत प्राप्त कर सकते हैं

सेल्फ मसाज के लिए ऑयल और लोशन

मसाज को एंजॉय करने के लिए आप मसाज प्रोडक्ट्स भी खरीद सकते हैं। मार्केट में कई तरह के मसाज ऑइल उपलब्ध हैं। इसके अलावा मार्केट में कूलिंग जेल भी उपलब्ध हैं जो कूल सेंसेशन देने के साथ ही दर्द से राहत पहुंचाते हैं। इसके अलावा कई लोशन भी उपलब्ध हैं जिनका यूज भी आप कर सकते हैं। 

सेल्फ मसाज टूल्स का भी कर सकते हैं उपयोग

आप सेल्फ मसाज को इनहांस करने के लिए सेल्फ मसाज टूल्स का उपयोग भी कर सकते हैं। फोम रोलर्स और ग्रिड रोलर्स बैक पेन और लेग पेन में रिलीफ दिलाने में मदद करते हैं। आप इन्हें जहां दर्द है उस एरिया पर रोल करके उपयोग कर सकते हैं। मसाज टूल में ट्रिगर पॉइंट केन भी होता है। यह शोल्डर टेंशन और दर्द को कम कर सकता है। आप इन रोलर्स को पैर, थाइज, नेक, आर्म और पैर पर यूज कर सकते हैं। इसके लिए आप लेक्रोस बॉल का भी यूज कर सकते हैं। ऐसे कई टूल मौजूद हैं जो सेल्फ मसाज में आपकी मदद कर सकते हैं। अब जानते हैं कि आप किन बॉडी पार्ट्स पर सेल्फ मसाज कर सकते हैं।

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अब्डॉमिन की सेल्फ मसाज

पेट पर सेल्फ मसाज करने से स्टूल को कोलन से मूव करने में मदद मिल सकती है। यह टाइटनेस, प्रेशर, क्रैम्पिंग और ब्लॉटिंग के लक्षणों को दूर करने में मदद कर सकती है।

कैसे करना है एब्डॉमिन मसाज

  • पेट के राइट साइड से शुरू करें और पेल्विस तक हाथ को ले जाएं।
  • हल्के हाथ से राइट साइड में सर्कुलेशन मोशन में रब करें जब तक आप रिब बोन तक नहीं पहुंच जाते।
  • अब लेफ्ट साइड में सीधा मूव करें।
  • अब लेफ्ट साइड में हाथ को हिप बोन के पास लेकर जाएं और फिर बेली बटन तक लाएं। ऐसा दो से तीन मिनट तक करें।
  • फिंगरटिप से सर्कुलर मोशन में रब करें। आप अपने फिंगर्स से थोड़ा और दबाव डाल सकते हैं। राइट हिप बोन से राइट रिब्स तक जाएं ऐसा एक मिनट तक करें।
  • अब राइट हिप बोन से राइट रिब्स तक आएं। ऐसा भी एक मिनट तक करें।
  • हमेशा क्लॉकवाइज मोशन में रबिंग को रिपीट करें

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गर्दन की सेल्फ मसाज

खराब पॉश्चर नेक पेन का सबसे बड़ा कारण होता है। यह लैपटॉप या मोबाइल पर लंबे समय तक काम करने या लेटकर बिना सही सपोर्ट के बुक पढ़ने के कारण हो सकता है। यह तकनीक आपकी मदद करती है जब आपको गर्दन एकदम अकड़ जाए। अपनी गर्दन और पीठ को सीधा करते हुए अपने कंधों को अपने कानों से दूर करते हुए मसाज शुरू करें। पेनफुल एरिया पता चलने के बाद वहां जोर से दबाएं। वहां पर सर्कुलर मोशन में हाथ घुमाएं और अपोजिट डायरेक्शन में रिपीट करें।

सिर की सेल्फ मसाज

मालिश आपको तनाव से राहत देने और रिलैक्स करने में मदद करती है। यह टेक्नीक बहुत उपयोगी हो सकती है अगर तनाव आपके सिरदर्द का कारण है। अपने कंधों को नीचे करें और अपनी गर्दन और पीठ को सीधा करें। दोनों हाथों की मिडिल फिंगर गर्दन के बीच में रखें। थोड़ा सा प्रेशर डालें और अपनी उंगलियों को ऊपर और नीचे घुमाएं। अपनी उंगलियों को सर्कुलर मोशन में घुमाएं। इससे सिर दर्द में राहत मिलती है।

पैरों की सेल्फ मसाज

सिंपल सी फुट मसाज आपको रिलैक्स करने के साथ ही इमोशन को भी बैलेंस कर सकती है। ऑयल को लगाने बाद अपने पेर के सोल की हाथ के फिंगरटिप से मसाज करें। आठ का शेप बनाते हुए पूरे पैर को कवर करें। इसके बाद पैर की हील से स्टार्ट करें इंडेक्स फिंगर को ऊपर की और ले जाएं। लाइट सर्कुलर मोशन में हाथ को घुमाते हुए अंगूठे को कवर करें। फाइनली अपने पैर को हथेली में रखें पैर के दोनों साइड पर मालिश करें। यह आपके स्पाइन और पैरे के दर्द और तनाव को दूर करेगा।

सेल्फ मसाज के फायदे जानने के बाद आपको मसाज के जोखिमों के बारे में भी बता देते हैं।

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मालिश के जोखिम

ज्यादातर लोग न्यूरोपैथी के लिए मालिश से लाभ उठा सकते हैं। मसाज थेरिपी में कुछ गंभीर जोखिम दिखाई दे सकते हैं। अगर आप किसी दूसरे से मसाज करवा रहे हैं तो यह उचित रूप से प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा किया जाना चाहिए। कई बार मसाज के किसी फॉर्म आपको अगले दिन थोड़ा परेशानी महसूस हो सकती है, लेकिन आमतौर पर यह दर्दनाक या असहज नहीं होना चाहिए। मसाज के दौरान अगर आपको बॉडी के किसी पार्ट पर सही नहीं लगता है या दर्द होता है, तो अपने प्रोफेशनल को तुरंत बताएं। कई बार ऑयल से एलर्जी हो सकती है।

मसाज थेरिपी के दौरान निम्नलिखित सावधानियां रखनी चाहिए

  • ब्लीडिंग डिसऑर्डर या कम ब्लड प्लेटलेट काउंट वाले लोगों और रक्त को पतला करने वाली दवाओं के सेवन से लोगों को ज्यादा प्रेशर वाली मालिश से बचना चाहिए।
  • शरीर के किसी भी क्षेत्र में रक्त के थक्के, फ्रैक्चर, घाव, त्वचा में संक्रमण, कमजोर हड्डियों (जैसे ऑस्टियोपरोसिस या कैंसर से) वाले लोगों मालिश को नहीं करवानी चाहिए।
  • जिनकी हाल ही में सर्जरी हुई है उन्हें भी इससे बचना चाहिए।
  • मसाज थेरिपी कैंसर के रोगियों के लिए सुरक्षित होती है, लेकिन उन्हें मालिश या स्वीडिश मसाज कराने से पहले अपने ऑन्कोलॉजिस्ट से परामर्श करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को मसाज थेरिपी का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

सेल्फ मसाज आप कैसे कर सकते हैं इसके बारे में अब आप समझ गए होंगे। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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