योग क्या है? स्वस्थ जीवन का मूलमंत्र योग और योगासन

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 24, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
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योग के नाम और प्रभाव के बारे में हर किसी को मालूम हैं क्योंकि पिछले कुछ सालों से पूरी दुनिया में योग का जादू चल रहा है। योग को हर रोज अपने जीवन में शामिल कर के आप न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक, भावनात्मक, आत्मिक और आध्यात्मिक कई लाभ पा सकते हैं। अगर आप इस बारे में विस्तार से नहीं जानते, तो कोई बात नहीं।  आज हम आपको योग क्या है, इसके लाभ, नियम, प्रकार और मुख्य आसनों के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

योग क्या है 

योग को अधिकतर लोग एक व्यायाम समझते हैं लेकिन यह शारीरिक फिटनेस के लिए किये जाने वाली एक्सरसाइज से बढ़ कर है। इसका नाम संस्कृत शब्द “युज” से लिया गया है जिसका मतलब होता है। मिलना या बांधना। यहां इस का मतलब है व्यक्ति की आत्मा का विश्वव्यापी (यूनिवर्सल) चेतना से मिलना। योग न केवल शरीर बल्कि मनुष्य के मन और आत्मा को भी स्वस्थ बनाता है। योग हमारे देश के लिए नया नहीं है बल्कि यह पांच हज़ार पुरानी पद्धति है। यह बात साबित हो चुकी है कि कुछ बीमारियों के उपचार के लिए यह बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।

और पढ़ें :रोज करेंगे योग तो दूर होंगे ये रोग, जानिए किस बीमारी के लिए कौन-सा योगासन है बेस्ट

योग के लाभ

योग क्या है, इस बारे में आप जान चुके होंगे लेकिन इसके अनेकों फायदे हैं। जानिए योग के फायदों के बारे में।

अवसाद रहे दूर

योग क्या है इस बारे में लोगों की राय विभिन्न हो सकती हैं। लेकिन, इसमें कोई शक नहीं कि यह हमारे शरीर के लिए बेहद आवश्यक हो। मानसिक रूप से इसके बहुत से फायदे हैं। कई अध्ययनों से यह साबित हो चुका है कि योग करने से तनाव, चिंता व अवसाद जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। नियमित रूप से इसे करने से मूड भी सही रहता है। 

थकान से छुटकारा

किन्हीं मेडिकल स्थितियों से पीड़ित व्यक्तियों पर की गयी रिसर्च से यह पता चला है कि योग करने से थकावट इस सुस्ती जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

शारीरिक फिटनेस

शारीरिक फिटनेस आजकल के जमाने की सबसे बड़ी समस्या है। योगासनों को नियमित रूप से अपनाने से आप फिट रह सकते हैं। अगर आप मोटापे के शिकार हैं, तो उससे छुटकारा पाने के लिए भी यह एक बेहतर उपाय है। इससे वजन कम होने में भी मदद मिलती है।

ब्लड प्रेशर 

ब्लड प्रेशर के सही होने से हमारा शरीर अच्छे से कार्य कर सकता है। अगर ब्लड प्रेशर सही न हो, तो कई अन्य रोग भी हो सकते हैं। लेकिन योग करने से खून का प्रवाह अच्छे से हो पाता है। जिससे ब्लड प्रेशर की समस्या से भी छुटकारा मिलता है

कैंसर 

यह सच है कि योग से पूरी तरह से कैंसर से मुक्ति नहीं मिल सकती। लेकिन इस दौरान होने वाली समस्याएं जैसे तनाव, थकान, या मांसपेशियों में खिंचाव को कम करने में यह लाभदायक है।

और पढ़ें: योगा या जिम शरीर के लिए कौन सी एक्सरसाइज थेरिपी है बेस्ट

पाचन क्रिया सुधारे

योग करना हमारी पाचन क्रिया के लिए बेहद फायदेमंद है। इसे करने से हमारा पाचन तंत्र अच्छे से काम करता है। इसके साथ ही इससे कब्ज गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं भी दूर होती है।

आत्मविश्वास

योग करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुधरता है, जिससे आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होती है।

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ध्यान बढाए

शरीर के मेटाबोलिज्म और इम्युनिटी बढ़ाने में भी यह प्रभावी है। इससे करने वाले को जीवन में सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

अच्छी नींद

कई लोगों को जल्दी नींद नहीं आती, ऐसे लोगों को योग करना चाहिए। नींद न आना कई स्वास्थ्य समबधि समस्याओं के लिए जिम्मेदार है। नियमित इसे करने से तनाव नहीं होता और मन भी शांत होता है जिससे नींद अच्छी आती है।

दिल के लिए उपयोगी

दिल से जुड़े रोगों और समस्याओं से राहत पाने के लिए योग एक अच्छा उपाय है। इसके साथ ही अगर किसी को अस्थमा की समस्या है तो वो भी इससे दूर की जा सकती है।

महिलाओं के लिए लाभदायक

महिलाओं के लिए भी योग करना बेहद लाभदायक है। ऐसा माना जाता है कि योग करने से मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं, पीसीओडी समस्या, यौन संबंधी समस्याएं और रजोनिवृत्ति की समस्याएं दूर होती है।

दर्द 

अगर आपको कमर दर्द या सिरदर्द है तो आप योग अपनाएं, इससे आपको राहत मिलेगी।

यादाश्त बढ़ती है

योग करने से दिमाग को भी कई फायदे होते हैं। इनसे निर्णय लेने की क्षमता, एकाग्रता और याददाश्त भी बढ़ती है

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योग के प्रकार

योग क्या है इस बारे में आप जानते होंगे लेकिन योग के प्रकारों से आप वाकिफ नहीं होंगे। इसके कुछ प्रसिद्ध प्रकार इस तरह से हैं:

अष्टांग या पावर योग

इस तरह के योग से अच्छा वर्क आउट होता है। पावर योग में एक पोस्चर को दूसरे में जल्दी- जल्दी बदला जाता है।

बिक्रम या हॉट योग

इस योग के 26 पोज़ज गर्म कमरे में किए जाते हैं, जहां का तापमान (35°C से 37.8°C) होता है। इस योग का उद्देश्य मसल्स, स्नायुबंधन और टेंडॉन्स को गर्म करना और खींचना होता है। इसके साथ ही पसीने से शरीर शुद्ध होता है।

हठ योग 

यह योग का सबसे सामान्य प्रकार है। इसमें ब्रीदिंग और पोस्चर दोनों शामिल होते हैं।

इंटीग्रल योग 

इस तरह के योग में सांस संबंधी व्यायाम, ध्यान या जप शामिल है।

अयंगर योग

योग की इस शैली में शरीर को सही एलाइनमेंट मिलता है। आप इसमें एक ही पोज़ में लंबे समय तक रह सकते हैंI

कुण्डलिनी योग 

इस योग में सांसों के प्रभाव को मुद्राओं पर जोर दिया जाता है। इस का उद्देश्य निचले शरीर से ऊर्जा को मुक्त करना है ताकि यह ऊपर की ओर बढ़ सके।

विनियोग

योग की इस शैली में सांस और पोस्चर में समन्वय बनाना होता है।

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योग के नियम

योग क्या है और इसके लाभ के बाद अब बारी है योग के नियमों के बारे में जानने की। जानिए योग करने के लिए किन नियमों का पालन करना आवश्यक है

  • योग करने से पहले अपने शरीर, दिमाग और आसपास सफाई रखें। यह इस का सबसे महत्वपूर्ण नियम है।
  • इसे हमेशा शांत जगह पर करना चाहिए।
  • इसे हमेशा खाली पेट करना चाहिए। अगर आप कमजोर महसूस कर रहे हों तो हलके गर्म पानी में थोड़ा सा शहद ड़ाल कर पीएं
  • इस अभ्यास से पहले मूत्राशय और आंत्र दोनों खाली होने चाहिए।
  • योग करने के लिए आरामदायक कॉटन के कपडे पहने। इसके साथ ही नीचे बिछाने के लिए किसी दरी, मैट या कंबल का प्रयोग करें।
  • किसी बीमारी, जल्दी या परेशानी की स्थिति में इसे न करें।
  • गंभीर बीमारी, दर्द या समस्या की सूरत में भी अपने डॉक्टर या योग एक्सपर्ट से सलाह करने के बाद ही इसे करें।
  • गर्भवस्था या हस्तमैथुन की स्थिति में किसी भी तरह का अभ्यास करने से पहले योग एक्सपर्ट से पूछें।
  • योग की शुरुआत किसी प्रार्थना या आरती से करें ताकि आपका दिमाग शांत हो।
  • इसे धीरे-धीरे और आराम से करना चाहिए।
  • अगर योग एक्सपर्ट ने न बताया हो तो अपनी सांस को न रोकें।
  • अपनी क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करें।
  • अच्छे परिमाण आने में कुछ समय लग जाता है इसलिए रोजाना इसे करना आवश्यक है।
  • हर योग को करने का तरीका अलग होता है इसलिए इस बात को हमेशा दिमाग में रखें।
  • अभ्यास करने के 20-30 मिनट बाद नहाएं।
  • अभ्यास करने के 20-30 मिनट बाद ही कुछ खाएं।

योगासन का गूढ़ महत्व जानने के लिए इस वीडियो को देखें-

योगासन

योग में ऐसा कई आसन हैं जिनका प्रयोग अलग-अलग समस्या या उपयोगों आदि के लिए किया जाता है। इनमें से कुछ मुख्य आसन इस प्रकार हैं

शीर्षासन

शीर्षासन को सभी आसनों का राजा कहा जाता है। इससे हमारा पोस्चर सुधरता है, ब्लड सर्कुलेशन सही रहती है, दिल व सांस संबंधी समस्याओं, पेट के लिए भी यह योगासन लाभदयक है। जानिए कैसे किया जाता है इसे।

कैसे करें

  • सबसे पहले जमीन पर एक मैट या दरी बिछा लें। इसके बाद अपने सिर को जमीन से टिका दें।
  • आगे की तरफ झुकें और अपने हाथों की कोहनियों को जमीन पर रख दें।
  • अपनी उंगलियों को जोड़ें और सिर के नीचे से सहारा दें।
  • अब अपने सिर को उंगलियों के बीच रखें और अपनी टांगों को ऊपर ले जाने की कोशिश करें। 
  • अपनी पीठ को सीधा रखें और और आपकी टांगों को पहले आधा ऊपर ले जाएं।
  • जब आप इस स्टेज में आराम महसूस करें तो उसके बाद अपनी टांगों को पूरा ऊपर की तरफ ले जाएं।
  • कुछ सेकंड इस स्थिति में रहने के बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं।

सर्वांगासन

जैसा की नाम से ही पता चल रहा है कि इस आसन में शरीर के सभी अंगों का अच्छा व्यायाम होता है। इसे शोल्डरस्टैंड भी कहा जाता है क्योंकि इस आसन में पूरे शरीर का भार कंधों पर पड़ता है।

कैसे करें

  • मैट पर पीठ के बल लेटे और अपने पैरों, कूल्हे और पीठ और ऊपर की तरफ उठायें।
  • अपनी पीठ को अपने हाथों से सहारा दें और कोहनी और जमीन से लगने दें।
  • पीठ को ऊपर की तरफ ले जाएं और इस अपनी रीढ़ की हड्डी और पैरों को सीधा रखें। 
  • अब अपनी एड़ी को ऊपर उठायें।
  • आपके शरीर का पूरा भार कंधों पर पड़ना चाहिए।
  • पैरों की उंगलियों को नाक की सीध में लाएं।
  • अपने सीने को ठोड़ी से दबाएं।
  • गहरी सांस ले कर कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें।
  • अब घुटनों को नीचे लाते हुए, हाथों को नीचे रखते हुए आराम की स्थिति में आ जाएं।

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भुजंगासना 

भुजंगासना में शरीर कोबरा यानि सांप की तरह लगता है। इसलिए इसे यह नाम दिया गया है। कमर के लिए योग का यह आसन अच्छा है। इससे शरीर की फ्लेक्सीबिलटी भी बढ़ती है।  इसके अलावा भी इसके कई लाभ हैं।  

कैसे करें 

  • एक मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
  • अपने दोनों पैरों और एड़ियों को आपस में छुए। 
  • अपनी ठोड़ी को जमीन से लगाएं। 
  • अब अपने हाथों को जमीन पर रखें और अपने शरीर के आगे के हिस्से को ऊपर की तरफ उठायें। 
  • सहारे के लिए अपने हाथों का प्रयोग करें। 
  • इस दौरान आपकी छाती और सिर दोनों ऊपर की तरफ होने चाहिए। 
  • कुछ देर इसी स्थिति में रहें उसके बाद धीरे-धीरे इससे बाहर आएं।

अर्ध-मत्स्येंद्रासन

यह आसन मसल्स और रीढ़ की हड्डी के लिए लाभदायक है।  इससे पीठ, कंधे और बाजुओं की मसल्स मजबूत होती हैं। इसके साथ ही अपच, कब्ज, मोटापा  जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है। 

कैसे करें

  • सबसे पहले एक मैट या दरी पर बैठे और पैरों को सामने फैला लें।
  • दोनों पैरों को साथ में जोड़ें।
  • अब बाएं पैर को मोड़ें और इसकी एड़ी को दाएं कूल्हे के पास रखें।
  • दाहिने पैर को मोड़ें और बाएं घुटने के ऊपर से ला कर जमीन पर रखें।
  • अब अपना दायां हाथ पीछे रखें और बाए हाथ को दाहिने पैर के पास रखें।
  • अपनी कमर,कंधे और गले को भी दाहिने ओर मोड़ें।
  • इसके बाद आप भी दाहिने तरफ देखें।
  • कुछ देर ऐसे ही रहें ओर उसके बाद अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएं।

सूर्य नमस्कार

एक ऐसा आसन है जिसे करने से शरीर के लिए नुकसानदायक सभी तत्व निकल जाते हैं जिससे शरीर रोग रहित हो जाता है। ऐसा भी कहा जाता है कि अगर आप केवल सूर्य नमस्कार ही करते हैं तो आपको कोई अन्य एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं है क्योंकि सूर्य नमस्कार को अपने आप में पूर्ण माना जाता है।
सूर्य नमस्कार को आठ आसनों में किया जाता है:

1. प्रणामासन
2. हस्तोत्तानासन
3. हस्तपादासन
4. अश्व संचालनासन
5. दंडासन
6. अष्टांग नमस्कार
7. भुजंगासन
8. पर्वतासन

9. अश्व संचलाना

इन सभी आसनों को करने के बाद ही सूर्य नमस्कार को पूर्ण माना जाता है। सूर्य आसन को करने से पहले सीख लें और अच्छे से अभ्यास कर लें।

इसके अलावा भी कई ऐसे आसान हैं जिन्हे आप ट्राई कर सकते हैं जैसे तितली आसन, अनुलोम-विलोम,स्वस्तिकासन, गोमुखासन, गोरक्षासन,अर्द्धमत्स्येन्द्रासन, योगमुद्रासन, उदाराकर्षण या शंखासन आदि। योग के फायदे अनगिनत हैं और यह हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद है। अगर आप योग के सभी लाभ पाना चाहते हैं तो इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लें। कुछ ही दिनों में बदलाव अवश्य महसूस करेंगे।

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