विटामिन सप्लीमेंट्स लेना कितना सुरक्षित है? जानें इसके संभावित खतरे

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Update Date जुलाई 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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हेल्दी रहने के लिए शरीर को विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत होती है और ये सारी चीजें हमें मिलती है सही और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन से, लेकिन कई बार भोजन से कुछ पोषक तत्व नहीं मिल पाते, ऐसे में विटामिन सप्लीमेंट्स लिए जाते हैं, लेकिन अपनी मर्जी से सप्लीमेंट्स लेना क्या सुरक्षित है, जानने के लिए पढ़िए यह आर्टिकल।

विटामिन सप्लीमेंट्स क्या हैं?

जब किसी व्यक्ति के शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति भोजन के जरिए नहीं हो पाती है, तो उन्हें विटामिन और मिनरल्स की गोलियां लेनी पड़ती हैं इसे ही विटामिन सप्लीमेंट्स कहते हैं। हालांकि कई रिसर्च से यह भी साबित हुआ है कि लगातार विटामिन सप्लीमेंट्स लेने से शरीर को फायदा पहुंचने की बजाय नकुसान हो सकता है। कुछ खास तरह के विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट फायदे से अधिक नुकसान पहुंचाते हैं।

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कैसे जानें कि आपको विटामिन सप्लीमेंट्स की जरूरत है?

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जिन लोगों के शरीर में किसी खास तरह के पोषक तत्वों की कमी होती है, उन्हें डॉक्टर विटामिन सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं, लेकिन इसे आप भोजन का पर्याय नहीं बना सकते। कुछ लोग ठीक तरह से खाना नहीं खाते और फिर पोषक तत्वों की कमी के लिए विटामिन सप्लीमेंट्स लेते हैं तो यह उनकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आपको विटामिन सप्लीमेंट्स की जरूरत है या नहीं यह जानने के लिए डॉक्टर से बात करें। या यदि आप पहले से ही कोई सप्लीमेंट्स ले रहे हैं तो डॉक्टर से पूछें कि क्या इसे जारी रखने से किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या तो नहीं होगी। कुछ सप्लीमेंट्स आपके द्वारा ली जाने वाली दवाओं से प्रतिक्रिया कर सकते हैं, इसलिए डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।

विटामिन सप्लीमेंट्स से जुड़े जोखिम

किसी भी चीज की अति अच्छी नहीं होती है, चाहे वह कितनी भी हेल्दी क्यों न हो। कई अध्ययन के मुताबिक, विटामिन सप्लीमेंट्स अधिक मात्रा में लेने से निम्न जोखिम हो सकते हैः

  • कुछ अध्ययन के मुताबिक, अधिक आयरन सप्लीमेंट्स लेने से अचानक मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
  • विटामिन ई सप्लीमेंट्स की अधिकता हार्ट फेलियर की संभावना को बढ़ा देती है।
  • बहुत अधिकट विटामिन ए आपकी हड्डियों के लिए अच्छा नहीं होता।

आर्काइव्स ऑफ इंटर्नल मेडिसिन ट्रस्टेड सोर्स में छपी एक स्टडी के मुताबिक, कैल्शियम सप्लीमेंट्स से मृत्यु का थोड़ा कम जोखिम जुड़ा था, लेकिन आयरन सप्लीमेंट से मृत्यु का बहुत अधिक जोखिम जुड़ा पाया गया। हालांकि,  इस रिसर्च का यह मतलब नहीं है कि विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट आपके लिए बुरे हैं। दरअसल, हेल्दी रहने के लिए आपको आयरन से भरपूर आहार लेना चाहिए और कुछ खास स्वास्थ्य समस्याओं जैसे एनीमिया के मरीजों के लिए आयरन सप्लीमेंट भी जरूरी है। आर्काइव्स ऑफ इंटर्नल मेडिसिन ट्रस्टेड सोर्स में छपे अध्ययन का मकसद यह बताना है कि किसी स्वस्थ व्यक्ति को अतिरिक्त आयरन सप्लीमेंट्स नहीं लेना चाहिए यह उसको नुकसान पहुंचा सकता है।

एक अन्य रिसर्च के मुताबिक, अधिक मात्रा में विटामिन ई लेने से हार्ट फेलियर और समय से पहले मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिसर्च के मुताबिक, अधिक विटामिन ए सप्लीमेंट्स का सेवन आपकी हड्डियों की सेहत के लिए अच्छा नहीं होता।

कोई भी विटामिन सप्लीमेंट्स लेने से पहले अपने डॉक्टर से उसके फायदे और उससे जुड़े जोखिम के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

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विटामिन सप्लीमेंट्स आहार का विकल्प नहीं

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याद रखिए कि डायट्री सप्लीमेंट्स कभी भी संतुलित आहार की जगह नहीं ले सकते हैं। कई लोगों को लगता है कि मल्टीविटामिन की गोलियां लेना उनके गलत खानपान की आदतों को बैलेंस कर देगा, जबकि सच्चाई यह है कि विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स कोई जादू नहीं हैं। यदि आपको यह लगता है कि आपको अपने वर्तमान भोजन से पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल रहे हैं, तो अपने आहार में बदलाव करें। डायट्री सप्लीमेंट्स की तुलना में फल, सब्जियां और साबूत अनाज से मिलने वाले पोषक तत्व अधिक फायदेमंद होते हैं।

साबूत अनाज में माइक्रोन्यूट्रिएट्स होता है। कई साबूत अनाज में डायट्री फाइबर की प्रचुरता होती है। फाइबर से भरपूर चीजें खाने कब्ज और हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है। कुछ साबूत अनाज में फाइटोकेमिकल्स होता है जो हार्ट डिसीज, कैंसर, डायबिटीज को रोकने में मदद करता है

किन लोगों को होती है विटामिन सप्लीमेंट्स की जरूरत?

बैलेंस डायट का कोई पर्याय नहीं है, मगर उम्र बढ़ने के बाद कई कारणों से विटामिन सप्लीमेंट्स की जरूरत होती है। इसलिए बुजुर्गों को डॉक्टर कई तरह के सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं। बुजुर्गों को इन कारणों से सप्लीमेंट्स की आवश्यकता पड़ती हैः

इसके अलावा कोई स्वास्थ्य समस्या जैसे ऑस्टियोपोरोसिस होने पर कैल्शियम सप्लीमेंट्स दिया जा सकता है, क्योंकि भोजन से मिलने वाला कैल्शियम पर्याप्त नहीं होता। मगर सप्लीमेंट्स को चॉकलेट की तरह अधिक खाने की गलती न करें। हमेशा डॉक्टर के बताए अनुसार ही इसका सेवन करें। बुजुर्गों के अलावा इन लोगो को भी विटामिन सप्लीमेंट्स की आवश्यकता होती हैः

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विटामिन सप्लीमेंट्स से बेहतर हैं भोजन से मिलने वाले विटामिन

शोधकर्ताओं के मुताबिक, भोजन से मिलने वाले अधिकांश विटामिन और मिनरल्स की गोलियों से बेहतर होते हैं। भले ही विटामिन सप्लीमेंट्स में केमिकल प्रक्रिया के तहत वही तत्व डाले जाते है जो नेचुरल विटामिन में होता है, लेकिन फिर भी यह उतने असरदार नहीं होते। इस मामले में फॉलेट एक अपवाद है क्योंकि इसका सप्लीमेंट फूड सोर्स की तुलना में शरीर द्वारा आसानी से एब्जॉर्व कर लिया जाता है। भोजन में विटामिन, मिनरल्स और फाइटोकेमिकल्स सब एक साथ होते हैं जो साथ का करते हैं, जबकि सप्लीमेंट्स अलग-अलग चीजों के लिए होता है और वह अलग-अलग काम करते हैं जिससे ज्यादा प्रभावशाली नहीं होते हैं।

विटामिन सप्लीमेंट्स परमानेंट उपाय नहीं है

विटामिन सप्लीमेंट्स को लंबे समय के उपाय के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, कुछ दिनों तक सप्लीमेंट्स लेने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन लंबे समय तक इनका सेवन करने पर टॉक्सिसिटी के लक्षण दिख सकते हैं। जब भी आपको महसूस हो कि आपमें किसी खास तरह के विटामिन और मिनरल्स की कमी हो रही है तो अपना डायट और लाइफस्टाइल चेंज करें, न कि तुरंत विटामिन सप्लीमेंट लेना शुरू कर दें।

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हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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