किडनी फेलियर के कारण राज्य सभा सांसद अमर सिंह का देहांत

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अगस्त 4, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

राज्य सभा सासंद और ख्यात नेता अमर सिंह का 1 अगस्त, 2020 को सिंगापुर में देहांत हो गया। जिसके बाद राजनेताओं में शोक की लहर दौड़ गई। अमर सिंह का देहांत किडनी फेलियर के कारण हुआ है। वह किडनी की समस्या से पिछले 11-12 सालों से परेशान थे। इसके पहले उन्होंने दो बार किडनी ट्रांसप्लांट कराए हैं। लेकिन इस बार वह पिछले छह महीने से सिंगापुर के एक अस्पताल में भर्ती थे। जिसके बाद 1 अगस्त, 2020 को उन्होंने अंतिम सांस ली। आइए जानते हैं कि किडनी फेलियर क्या है और क्या किडनी ट्रांसप्लांट कराने के बाद भी फेल हो सकती है?

और पढें : किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी रखना है बेहद जरूरी, नहीं तो बढ़ सकता है खतरा

अमर सिंह की मौत कैसे हुई?

एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI) नामक अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी के हवाले से ये खबर आई कि 64 वर्षीय अमर सिंह किडनी फेलियर के कारण सिंगापुर में अंतिम सांस ली। इस दौरान उनकी पत्नी पंकजा सिंह और दो बेटियां उनके साथ थी। अमर सिंह ने सन् 2009 में एक बार और 2018 में दूसरी बार किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके थे। मार्च 2020 में लोगों में अफवाह उड़ी कि अमर सिंह का देहांत हो गया है। लेकिन अमर सिंह ने ट्विट कर कहा था कि “टाइगर जिंदा है, मेरे पास किडनी फेलियर से लड़ने की बहुत हिम्मत है और ईश्वर का आशीर्वाद भी है। अभी मेरा इलाज चल रहा है और मैं जल्द ठीक हो कर के आप सभी के सामने दोगुनी ऊर्जा के साथ लौटूंगा।” लेकिन दुखद रहा कि वह किडनी फेलियर के कारण अपने जिंदगी की जंग हार गए।

किडनी फेलियर क्या है?

किडनी फेलियर तब होता है जब हमारी किडनी काम करना बंद कर देती है। हमारी किडनी का काम हमारे खून से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करना है। जब किडनी अपनी खून से वेस्ट मटेरियल को फिल्टर करना बंद कर देती है तो इस स्थिति को किडनी फेलियर कहते हैं। किडनी फेलियर बेहद खतरनाक स्थिति है। किडनी फेलियर को रीनल फेलियर या किडनी इंजरी भी कहा जाता है। अमर सिंह की किडनी भी फिल्टर प्रोसेस को बंद कर चुकी थी, जिसके बाद उनका इलाज सिंगापुर के अस्पताल में चल रहा था।

और पढ़ें : किडनी की बीमारी कैसे होती है? जानें इसे स्वस्थ रखने का तरीका

किडनी फेलियर के लक्षण क्या हैं?

किडनी फेलियर के लक्षण निम्न प्रकार से हैं:

इसके अलावा अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, किडनी फेलियर की अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें : Polycystic kidney disease: पोलिसिस्टिक किडनी डिजीज क्या है?

किडनी फेलियर होने के क्या कारण हैं?

किडनी के फेल होने के मुख्य तीन कारण हैं:

किडनी में ब्लड फ्लो का रुकना 

ऐसा निम्न कारणों से हो सकता है:

यूरिनरी ट्रैक्ट ब्लॉकेज होना

ऐसा निम्न कारणों से हो सकता है :

  • यूरिनरी ट्रैक्ट में ब्लड के थक्के बनने से
  • यूरिनरी ब्लैडर, सर्वाइकल, कोलन या प्रोस्टेट कैंसर
  • बढ़ा हुआ प्रोस्टेट
  • ब्लैडर में पथरी
  • ब्लैडर की नर्व डैमेज होना

किडनी डैमेज 

ऐसा निम्न कारणों से हो सकता है :

  • कोलेस्ट्रॉल का जमा हो जाना 
  • रक्त का थक्का बन जाना
  • किडनी को नुकसान पहुंचाने वाली दवाईयां, जिनमें आइबूप्रोफेन और नेप्रोक्सेन, एंटीबायोटिक और कीमोथेरेपी शामिल हैं।
  • ग्लोमेरुलोनेफ्रैटिस।

और पढ़ें : Polycystic kidney disease: पोलिसिस्टिक किडनी डिजीज क्या है?

इसके अलावा किडनी फेलियर होने के अन्य कई कारण हैं :

  • ऑटोइम्यून किडनी डिजीज
  • एक्यूट ट्यूबलर नेक्रोसिस
  • लो ब्लड प्रेशर की वजह से ब्लड फ्लो में कमी के कारण
  • डिहाइड्रेशन, ब्लीडिंग, चोट, सेप्टिक शॉक, गंभीर बीमारी या सर्जरी के कारण
  • विकार जो गुर्दे की रक्त वाहिकाओं के भीतर थक्के का कारण होता है।
  • संक्रमण जो किडनी को सीधे नुकसान पहुंचाता हैं, जैसे एक्यूट पाइलोनफ्राइटिस या सेप्टिसीमिया
  • गर्भावस्था संबंधी जटिलताएं, जिसमें प्लेसेंटा एब्डॉमिनल या प्लेसेंटा प्रीविया
  • यूरिनरी ट्रैक्ट ब्लॉकेज
  • ऐसी दवाईयां लेने के कारण जो नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs), इंट्रावेनस कंट्रास्ट (डाई), कुछ एंटीबायोटिक्स और ब्लड प्रेशर की दवाइयां, कुछ कैंसर और HIV की दवाइयां

किडनी फेलियर का इलाज क्या है?

किडनी फेलियर का कारण पता चलने के बाद इसका इलाज कराना बहुत जरूरी है। इलाज में देरी नहीं करना चाहिए वरना ये आपके जान पर बन सकता है। किडनी फेलियर के इलाज के लिए आपको हॉसपिटल में कुछ दिन रहना पड़ सकता है। जिस तरह से अमर सिंह कई महीनों से अस्पताल में भर्ती थे। किडनी फेलियर के इलाज  के दौरान आपको हेल्दी डायट लेने की सलाह दी जा सकती है। आपके डायट में हाई कार्बोहाइड्रेट्स और कम प्रोटीन, नमक और पोटैशियम होना चाहिए। वहीं, अगर किडनी इंफेक्शन के कारण किडनी फेलियर हुआ है तो इसके इलाज के लिए आपको डॉक्टर एंटीबायोटिक्स का सेवन करने के लिए देते हैं।

दूसरी तरफ खून में पोटैशियम की मात्रा ना बढ़े, इसलिए आपके शरीर में वाटर पिल्स की मदद से पोटैशियम के लेवल को नियंत्रित किया जाता है। वहीं, किडनी फेलियर में मरीज को जिंदा रखने के लिए नियमित रूप ले डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। डायलिसिस का प्रयोग शरीर से नुकसानदायक चीजें, जैसे अतिरिक्त नमक और पानी को निकालने के लिए किया जाता है।

और पढ़ें : किडनी मरीजों को कोविड-19 से कितना खतरा? जानिए भारत के किडनी विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय

क्या किडनी ट्रांसप्लांट के बाद भी किडनी फेलियर हो सकता है?

किडनी फेलियर के ज्यादातर मामलों में मरीज को किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है। ऐसे में किसी स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर से एक किडनी निकाल कर मरीज के शरीर में लगाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को किडनी ट्रांसप्लांट कहते हैं। अमर सिंह ने अपने जीवन में दो बार किडनी ट्रांसप्लांट कराया था। किडनी ट्रांसप्लांट अक्सर सफल होता है। लेकिन किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान और बाद में मरीद को बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। लेकिन किडनी ट्रांसप्लांट के बाद किडनी रिजेक्शन की समस्या भी सामने आ सकती है। किडनी रिजेक्शन में हमारा शरीर ट्रांसप्लांट के बाद नई किडनी को स्वीकार नहीं करता है। जिससे मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है। इसके लिए डॉक्टर एंटी-रिजेक्शन मेडिसीन भी देते हैं। किडनी रिजेक्शन दो प्रकार का होता है :

एक्यूट किडनी रिजेक्शन

एक्यूट किडनी रिजेक्शन में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद पहले तीसरे से छठे महीने में कई तरह के लक्षण सामने आते हैं, जिससे पता चलता है कि मरीज में एक्यूट किडनी रिजेक्शन की समस्या हो गई है। एक्यूट किडनी रिजेक्शन के बाद मरीज में फिर से किडनी फेलियर की समस्या हो सकती है। हालांकि, ऐसा 20 में से किसी 1 व्यक्ति में होता है। 

क्रोनिक किडनी रिजेक्शन

क्रोनिक किडनी रिजेक्शन एक ऐसी स्थिति में होती है, जिसमें मरीज को किडनी ट्रांसप्लांट कराने के कई सालों के बाद किडनी रिजेक्शन के लक्षण दिखाई देते हैं। क्रोनिक किडनी रिजेक्शन के लिए मरीज का खुद का इम्यून सिस्टम ही जिम्मेदार होता है। अमर सिंह में क्रोनिक किडनी रिजेक्शन हो सकता है।

और पढ़ें : जानिए किडनी के रोगी का डाइट प्लान,क्या खाएं क्या नहीं

किडनी रिजेक्शन के लक्षण क्या हैं?

किडनी रिजेक्शन के लक्षण निम्न हैं :

ये लक्षण सामने आने के बाद आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए और इलाज ककाना चाहिए।

राज्य सभा सांसद अमर सिंह की मृत्यु होने के लिए किडनी फेलियर ही जिम्मेदार था, जिससे वह पिछले एक दशक से जंग लड़ रहे थे। इसलिए किडनी फेलियर के लक्षणों को जानते हुए आप एक हेल्दी लाइफस्टाइल को अपना कर खुद को स्वस्थ और किडनी डिजीज से दूर रख सकते हैं। किडनी फेलियर, किडनी ट्रांसप्लांट और किडनी रिजेक्शन के संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

A-Z होम रेमेडीज: इन बीमारियों के लिए फायदेमंद हैं ये घरेलू नुस्खे

A-Z हाेम रेमेडीज: इन घरेलू नुस्खों से आप पा सकते राहत विविध बीमारियों से राहत, A - Z बीमारियों का देसी इलाज , डायबिटीज, हार्ट बर्न, एनीमिया और कैंसर जैसी बीमारी के लिए अपनाएं A - Z होम रेमेडीज

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Niharika Jaiswal
हेल्थ टिप्स, स्वस्थ जीवन जून 8, 2020 . 22 मिनट में पढ़ें

गोखरू के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Gokhru (Gokshura)

जानिए गोखरू की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, गोखरू उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कितना लें, Gokshura डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां, गोखरू का पौधा कैसा होता है।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Ankita Mishra
प्रायोजित
गोखरू के फायदे एवं नुकसान - Health Benefits of Gokhru (Gokshura)
जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल जून 1, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Serum Glutamic Pyruvic Transaminase (SGPT): सीरम ग्लूटामिक पाइरुविक ट्रांसएमिनेस (एसजीपीटी) टेस्ट क्या है?

सीरम ग्लूटामिक पाइरुविक ट्रांसएमिनेस कैसे किया जाता है? सीरम ग्लूटामिक पाइरुविक ट्रांसएमिनेस क्यों किया जाता है? एसजीपीटी परीक्षण क्या होता है। Serum glutamic pyruvic transaminase (SGPT) in hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया shalu
मेडिकल टेस्ट A-Z, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z मई 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

वजन कम करने से लेकर बीमारियों से लड़ने तक जानिए आयुर्वेद के लाभ

आयुर्वेद का लाभ के साथ आयुर्वेदिक पद्दिति की जानकारी। मानव शरीर के लिए है कितना उपयोगी, इसका सेवन करन से कैसे रहा जा सकता है स्वस्थ।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Satish Singh
हेल्थ टिप्स, स्वस्थ जीवन अप्रैल 22, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

किडनी के रोगी का डाइट प्लान/diet plan for kidney diseas

जानिए किडनी के रोगी का डाइट प्लान,क्या खाएं क्या नहीं

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया shalu
प्रकाशित हुआ जुलाई 8, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
भारत के टॉप 10 डॉक्टर्स

नेशनल डॉक्टर्स डे पर कहें डॉक्टर्स को ‘थैंक यू’ और जानें भारत के टॉप 10 डॉक्टर्स के नाम

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ जून 30, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
पथरी का आयुर्वेदिक इलाज

पथरी का आयुर्वेदिक इलाज क्या है? जानें कौन सी जड़ी-बूटी होगी असरदार

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ जून 22, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
सिटल सिरप

cital syrup: सिटल सिरप क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish Singh
प्रकाशित हुआ जून 9, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें