Epidermal: एपिडर्मल सिस्ट क्या है?

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Update Date मई 27, 2020
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हमारे शरीर पर कई जगह सिस्ट यानी सौम्य गांठ बन जाती है, ज़रूरी नहीं कि हर गांठ कैंसर हो लेकिन इसका इलाज करवाना ज़रूरी होती है। कुछ सिस्ट त्वचा के ऊपर तो कुछ अंदर बनते हैं। एपिडर्मल सिस्ट त्वचा के अंदर बनने वाली गांठ हैं जो वैसे तो कोई नुकसान नहीं पहुंचाती, फिर भी इसका उपचार कराया जाना चाहिए।

एपिडर्मल या एपिडरमॉइड सिस्ट क्या है?

एपिडर्माइड सिस्ट को सबेसियश, केराटिन या एपिथेलियल सिस्ट भी कहा जाता है। यह छोटी और सख्त गांठ है जो त्वचा के अंदर विकसित होती है। ये बहुत आम सिस्ट है और धीरे-धीरे विकसित होती है। इस सिस्ट के कोई अन्य लक्षण नहीं होते हैं और न ही यह कैंसरस होती है। आमतौर पर यह सिस्ट चेहरे, सिर, गर्दन, पीठ और जेनिटल्स में होते हैं। इनका साइज ¼ इंच से 2 इंच तक हो सकता है। इनके अंदर पीले रंग का गाढ़ा, दुर्गंधयुक्त पदार्थ भरा होता है। आमतौर पर इसमें दर्द नहीं होता इसलिए इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है।

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एपिडर्मल होने के कारण

एपिडर्मल सिस्ट केराटिन के जमा होने के कारण होता है। केराटिन एक प्रोटीन हैं जो त्वचा की कोशिकाओं में अपने आप बन जाता है। यह सिस्ट तब बनता है जब प्रोटीन हेयर फॉलिकल और त्वचा की किसी समस्या के कारण स्किन के नीचे फंस जाता है। यह सिस्ट अक्सर एचपीवी संक्रमण, मुंहासे या धूप के संपर्क में अधिक आने के कारण विकसित होते हैं। जिन लोगों को मुंहासे या त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं होती है उन्हें यह सिस्ट होने की संभावना बढ़ जाती है।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

अधिकांश एपिडर्मल सिस्ट किसी तरह की समस्या पैदा नहीं करते, इसलिए इलाज की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन आपको यदि नीचे बताई जा रही किसी तरह की समस्या हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएः

  • सिस्ट तेजी से बढ रहा है।
  • सिस्ट में दर्द होता है या संक्रमण हो गया हो।
  • ऐसी जगह पर हुआ हो जहां इरिटेशन होता हो।
  • कॉस्मेटिक कारणों से परेशानी हो रही हो।
  • ऐसी जगह पर हो जिसकी वजह से असहजता महसूस हो रही हो।

एपिडर्मल सिस्ट को कैसे डायग्नोस किया जाता है?

एपिडर्मल सिस्ट को शारीरिक परीक्षण से डायग्नोस किया जाता है। डॉक्टर सिस्ट और उसके आसपास की त्वचा का परिक्षण करता है और आपकी मेडिकल हिस्ट्री भी पूछता है। डॉक्टर आपसे पूछ सकते हैं कि सिस्ट कितने समय से हैं और क्या इसमें समय के साथ कुछ बदलाव हुए हैं। आमतौर पर डक्टर सिस्ट को देखकर ही उसका परिक्षण करता है, लेकिन कुछ मामलों में अल्ट्रासाउंड किया जाता है या डॉक्टर डर्मेटोलॉजिस्ट के पास जाने की सलाह दे सकता है।

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एपिडर्मल सिस्ट के रिस्क फैक्टर

एपिडर्मल सिस्ट किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ कारक इसके लिए जिम्मेदार होते हैं जिसमें शामिल हैं-

प्यूबर्टी पीरियड खत्म हुआ हो

कुछ दुर्लभ जेनेटिक डिसऑर्डर होना

त्वचा पर चोट लगना

जटिलताएं

एपिडर्मल सिस्ट की संभावित जटिलताओं में शामिल हैं:

सूजन- एपिडर्मल सिस्ट सूजा और सौम्य हो सकता है, संक्रमित न हो तब भी। सूजे हुए सिस्ट को हटाना मुश्किल होता है। यदि सूजन है तो डॉक्टर सिस्ट को निकालने की प्रक्रिया रोक देगा और सूजन खत्म होने के बाद ही इसे निकाला जाएगा।

टूटना- सिस्ट यदि फूट जाता है तो फोड़े जैसा संक्रमण हो सकता है, जिसका तुरंत उपचार किया जाना आवश्यक है।

संक्रमण- सिस्ट संक्रमित हो सकता है और इसमें दर्द भी हो सकता है।

स्किन कैंसर- दुर्लभ मामलों में एपिडरमॉइड सिस्ट स्किन कैंसर का कारण बन सकता है।

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एपिडर्मल सिस्ट का उपचार कैसे किया जाता है?

अधिकांश एपिडर्मल सिस्ट का विकास अपने आप रुक जाता है या ये अपने आप गायब हो जाते हैं, बिना किसी तरह के पचार के। यदि ऐसा नहीं होता है तो डॉक्टर सिस्ट से संबंधित नोट बनाता है और हर चेकअप के दौरान इसकी निगरानी यह देखने के लिए करता कि कहीं इसमें कुछ बदलाव तो नहीं हो रहे। चूकि एपिडर्मल सिस्ट दुर्लभ मामलों में ही कैंसर का कारण बनता है इसलिए इससे किसी तरह का खतरा नहीं होता है। अधिकांश सिस्ट का इलाज नहीं किया जाता है।

उपचार तभी किया जाता है जब सिस्ट में सूजन हो, उसका साइज बदल रहा हो, लाल और दर्दनाक हो जाए या संक्रमित हो जाए। इन स्थितियों में एंटीबायोटिक्स से इलाज करने के साथ ही कुछ मामलों में सर्जरी से सिस्ट को निकाल भी दिया जाता है। कॉस्मेटिक्स सर्जरी से भी सिस्ट को हटाया जा सकता है। सिस्ट का उपचार इन तरीकों से किया जा सकता हैः

इंजेक्शन

इस तरीके के उपचार में सिस्ट में इंजेक्शन के जरिए दवा डाली जाती है जिससे सूजन कम होती है।

चीरा लगाना

इस तरीके में डॉक्टर आपके सिस्ट पर थोड़ा सा चीरा लगाकर उसमें भरे पदार्थ को दबाकर निकालता है। यह उपचार बहुत आसान है और जल्दी हो जाता है, लेकिन ऐसा करने के कुछ दिनों बाद सिस्ट दोबारा विकसित हो सकते हैं।

सर्जरी

छोटी सी सर्जरी के जरिए डॉक्टर आपके पूरे सिस्ट को निकाल सकता है। सर्जरी के बाद आपको टांके निकलवाने के लिए डॉक्टर के पास जाना होगा। यह सर्जरी सुरक्षित होती है और इसके बाद सिस्ट दोबारा विकसित नहीं होते हैं। यदि सिस्ट में सूजन आ गई है तो डॉक्टर सर्जरी टाल देगा।

सिस्ट को विकसित होने से रोका नहीं जा सकता है, लेकिन आप इसका निशान बनने और संक्रमण से इसे बचा सकते हैं। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगाः

  • सिस्ट को खुद ही दबाने की गलती न करें।
  • सिस्ट के ऊपर गर्म पानी में भिगोया हुआ कपड़ा रखें इससे सिस्ट में भरा पदार्थ अपने आप बाहर निकल आता है।

चूकि एपिडर्मल सिस्ट कैंसरस नहीं होता है, इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन आपने यदि सिस्ट के अंदर भरे तरल पदार्थ को खुद ही दबाकर निकालने की कोशिश की तो इससे इंफेक्शन का खतरा रहता है, इसलिए बेहतर होगा कि सिस्ट को ऐसे ही रहने दें जब तक कि इससे आपको किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही। लेकिन यह सिस्ट यदि चेहरे पर किसी ऐसी जगह है जिससे मेकअप में दिक्कत हो रही हो या चेहरे अजीब दिख रहा हो, तो बेहतर होगा कि डॉक्टर की सलाह से इसे निकलवा दें।

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हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

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