रोटेटर कफ चार मांसपेशियों और टेंडनस का ग्रुप है जो कंधे को स्थिर रखने में मदद करता है। यह मूवमेंट में भी सहायता करते हैं। हर समय जब आप अपने कंधे को हिलाते हैं तो आप रोटेटर कफ का प्रयोग करते हैं ताकि यह स्थिर रहें और जोड़ों को मूव करने में मदद करें। रोटेटर कफ इंजरी रोटेटर कफ में लगी चोट है जो पीड़ादायक होने के साथ ही कई अन्य समस्याओं का कारण बन सकती है। रोटेटर कफ इंजरी वयस्कों में दर्द और विकलांगता का सबसे सामान्य कारण है।

रोटेटर कफ इंजरी से होने वाले दर्द आपको प्रभावित कर सकता है, हालांकि हर रोटेटर कफ इंजरी से दर्द नहीं होता। लेकिन कुछ ऐसी गतिविधियों को करने से बचना चाहिए जो दर्द का कारण बनती हैं। रोटेटर कफ इंजरी के कुछ लक्षण इस प्रकार हैं :
अगर आप इन परेशानियों को एक हफ्ते तक महसूस करें और आपकी बाजू को मूवमेंट में समस्या आ रही हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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सबसे पहले डॉक्टर आपसे गंभीर इंजरी के बारे में पूछेंगे। इसके साथ ही आपसे पुराने लक्षणों के बारे में पूछा जाएगा। उन समस्याओं के बारे में भी जाना जाएगा जो लंबे समय से आपको हैं।
रोटेटर कफ इंजरी के बारे में अधिक जानने के लिए कई अन्य टेस्ट कराये जा सकते हैं:
टूटी हड्डियों या गठिया आदि के बारे में पता करने के लिए सामान्य X-रे कराया जा सकता है। रोटेटर कफ इंजरी में भी सामान्य X-रे कराया जा सकता है। इनके अलावा MRI और अल्ट्रासोनोग्राफी भी कराई जा सकती है।
रोटेटर कफ इंजरी के उपचार इस प्रकार किया जाता है:
गंभीर स्थितयों में सर्जरी का सहारा भी लिया जा सकता है। कौन सी सर्जरी करनी है यह कई चीज़ों पर निर्भर करता है। रोटेटर कफ इंजरी में यह सर्जरी की जा सकती हैं:
जो लोग एथलिट हैं या जो ऐसा काम करते हैं जिसमे कंधों का लगाता उपयोग होता है, ऐसे लोगों को लगातार काम नहीं करना चाहिए बल्कि अपने काम के बीच में समय -समय पर आराम करने के लिए ब्रेक अवश्य लेना चाहिए। इससे आपके कंधे के बोझ कम हो जायेगा।
नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। एक्सरसाइज से कंधे को मजबूती मिलेगी और आपका कन्धा अच्छे से काम कर पायेगा। अपने डॉक्टर से इन एक्सरसाइज के बारे में पूछें।
अगर कंधे में दर्द है तो प्रभावित जगह पर सूजन को कम करने के लिए बर्फ लगाएं। बर्फ को कपडे में लपेटकर इस जगह पर लगभग दस मिनट तक लगाएं। सीधे बर्फ का इस्तेमाल त्वचा पर न करें। ऐसा करना त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है।
कॉर्टिसोन, एक स्टेरॉयड है जिसे प्रभावित स्थान पर इंजेक्शन से लगाने से सूजन कम होती है। दर्द दूर करने के लिए आइबूप्रोफेन या नेप्रोक्सेन सोडियम या एसिटामिनोफेन भी दी जा सकती है लेकिन इन दवाईयों का प्रयोग डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
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। बेहतर जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
डिस्क्लेमर
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https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/rotator-cuff-injury/symptoms-causes/syc-20350225 Accessed 2 march 2020
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https://www.healthline.com/health/rotator-cuff-injury Accessed 2 march 2020
https://www.emedicinehealth.com/rotator_cuff_injury/article_em.htm Accessed 2 march 2020
Current Version
27/05/2020
Anu sharma द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Surender aggarwal