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सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी (Immunotherapy in Cervical cancer) के उपयोग के बारे में जानें

    सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी (Immunotherapy in Cervical cancer) के उपयोग के बारे में जानें

    सर्वाइकल कैंसर (Cervical cancer) एक ऐसा कैंसर है जो सर्विक्स की कोशिकाओं से शुरू होता है जो यूटेरस का निचला हिस्सा होता है और वजायना से कनेक्ट होता है। ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के विभिन्न स्ट्रेन्स, यौन संचारित संक्रमण, अधिकांश सर्वाइकल कैंसर का कारण बनने में भूमिका निभाते हैं। अगर किसी को सर्वाइकल कैंसर डायग्नोस हुआ है तो डॉक्टर विभिन्न ट्रीटमेंट ऑप्शन रिकमंड करते हैं। सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी (Immunotherapy in Cervical cancer) ट्रीटमेंट ऑप्शन्स में एक है। जिसका उपयोग कैंसर के बढ़ने पर किया जाता है। इसके अलावा इस कैंसर का इलाज कीमोथेरिपी, रेडिएशन थेरिपी, सर्जरी आदि से भी किया जाता है। इस लेख में हम सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी ट्रीटमेंट के बारे में जानकारी देंगे।

    सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी (Immunotherapy in Cervical cancer)

    सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी ट्रीटमेंट में बॉडी के नैचुरल डिफेंस का उपयोग कैंसर से लड़ने के लिए किया जाता है। इसमें दवाओं के द्वारा इम्यून सिस्टम की क्षमता में सुधार किया जाता है ताकि वह कैंसर कोशिकाओं को मार सके। चेकपॉइंट इंहिबिटर्स सर्वाइकल कैंसर के इलाज में उपयोग होने वाली इम्यूनोथेरिपी का सबसे प्रमुख प्रकार है। बीमारियों से लड़ने वाला इम्यून सिस्टम कैंसर कोशिकाओं पर अटैक नहीं कर पता क्योंकि कैंसर कोशिकाएं एक प्रोटीन को प्रोड्यूस करती हैं जो उन्हें इम्यून सिस्टम कोशिकाओं के लिए अनडिटेक्टेबल बनाता है।

    इम्यूनोथेरिपी इस प्रॉसेस में इंटरफेयर करके काम करती है। सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी (Immunotherapy in Cervical cancer) का उपयोग तब किया जाता है जब दूसरे ट्रीटमेंट काम नहीं करते या जब कैंसर एडवांस्ड स्टेज में पहुंच जाता है। कई बार इम्यूनोथेरिपी के साइड इफेक्ट्स कीमोथेरिपी से कम होते हैं। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि इम्यून चेकपॉइंट इंहिबिटर्स इम्यूनोथेरिपी में महत्वपूर्ण होते हैं।

    इम्यून चेकपॉइंट इंहिबिटर्स (Immune checkpoints inhibitors)

    इम्यून सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शरीर की सामान्य कोशिकाओं पर हमला करने से खुद को रोकने की क्षमता है। ऐसा करने के लिए यह चेकपॉइंट्स का उपयोग करता है जो कि इम्यून कोशिकाओं पर पाए जाने वाले प्रोटीन्स हैं जिन्हें प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शुरू करने के लिए बंद या शुरू करने की आवश्यकता होती है।

    कैंसर कोशिकाएं कभी-कभी इन चेकपॉइंट्स का उपयोग प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा हमला किए जाने से बचने के लिए करती हैं। इन चेकपॉइंट्स को टार्गेट करने वाली नई दवाओं का उपयोग कैंसर के उपचार के रूप में किया जा रहा है।

    और पढ़ें: सर्वाइकल कैंसर और सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस में न हो कंफ्यूज, ये दोनों हैं अलग बीमारी

    सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी (Immunotherapy in Cervical cancer) ट्रीटमेंट में उपयोग होने वाली दवा

    पेम्ब्रोलिज़ुमाब (Pembrolizumab) दवा पीडी -1 को टार्गेट करती है, जो कि टी कोशिकाओं नामक प्रतिरक्षा प्रणाली कोशिकाओं पर एक प्रोटीन होता हे जो आम तौर पर इन कोशिकाओं को शरीर में अन्य कोशिकाओं पर हमला करने से रोकने में मदद करता है। पीडी-1 को अवरुद्ध करके, ये दवाएं कैंसर कोशिकाओं के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ावा देती हैं। यह कुछ ट्यूमर को सिकोड़ सकता है या उनके विकास को धीमा कर सकता है।

    पेम्ब्रोलिज़ुमाब का उपयोग करने से पहले, कैंसर कोशिकाओं पर एक प्रयोगशाला परीक्षण करने की आवश्यकता हो सकती है ताकि यह दिखाया जा सके कि उनके पास पीडी-एल 1 प्रोटीन की कम से कम एक निश्चित मात्रा है। यदि पर्याप्त PD-L1 प्रोटीन का पता लगाया जाता है, तो पेम्ब्रोलिज़ुमाब का उपयोग किया जा सकता है:

    • ऐसे सर्वाइकल कैंसर के लिए जो वापस आ गया है या जो कीमोथेरेपी प्राप्त करते समय या कीमोथेरेपी के बाद फैल गया है।
    • प्राथमिक उपचार के रूप में, कीमोथेरेपी के साथ, बेवाकिज़ुमैब के साथ या बिना, सर्वाइकल कैंसर के लिए इस दवा का उपयोग तक किया जाता है जब वर्तमान उपचार से ट्यूमर सिकुड़ नहीं रहा है या यह वापस आ गया है, या अन्य अंगों तक में फैल गया है। सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी (Immunotherapy in Cervical cancer) दवा हर 3 या 6 सप्ताह में इंट्रावेनस इंफ्यूजन (IV) के रूप में दी जाती है।

    पेम्ब्रोलिज़ुमाब का उपयोग (Pembrolizumab uses)

    सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी

    बता दें कि इस दवा का उपयोग नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर, हेड और नेक कैंसर, मेलानोमा के इलाज में भी होता है। दवा का उपयोग करते वक्त जब तक आप सुनिश्चित न हों कि अच्छा महसूस कर रहे हैं, तब तक ड्राइव न करें या मशीनों का उपयोग न करें। जब आप इस दवा के साथ इलाज कर रहे हों और अपनी अंतिम खुराक के कम से कम 4 महीने बाद तक बर्थ कंट्रोल मेजर लें, क्योंकि यह एक अजन्मे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है।

    साथ ही अपने डॉक्टर से बात किए बिना इलाज बंद न करें। इस दवा की कीमत 23,6500 रुपए के लगभग है। जिसमें अंतर हो सकता है।

    और पढ़ें: HPV वैक्सीन: सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन कब लेना सही है?

    सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी के साइड इफेक्ट्स (Possible side effects of immunotherapy)

    सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी (Immunotherapy in Cervical cancer) साइड इफेक्ट्स का कारण भी बन सकती है जिसमें थकान, बोन, मसल्स और जॉइंट पेन, भूख कम होना, खुजली, डायरिया, जी मिचलाना, रैशेज, फीवर, कफ, इंडायजेशन, कब्ज और पेट दर्द शामिल है। अधिक गंभीर साइड इफेक्ट्स का दिखाई देना सामान्य नहीं है। ये दवाएं आमतौर पर बॉडी के इम्यून सिस्टम से ब्रेकर को हटाने का काम करती हैं। कई बार इम्यून सिस्टम बॉडी के दूसरे हिस्सो पर अटैक करना शुरू कर देता है। जिसकी वजह से लंग्स, इंटेस्टाइन, लिवर, हॉर्मोन्स बनाने वाली ग्रंथियां, किडनी और दूसरे अंगों को खतरा हो सकता है।

    किसी भी प्रकार के नए या गंभीर साइड इफेक्ट के दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। अगर साइड इफेक्ट्स बहुत बढ़ जाते हैं या गंभीर हो जाते हैं तो डॉक्टर ट्रीटमेंट को रोक सकते हैं या साइड इफेक्ट्स को कम करने के लिए दवा लिख सकते हैं।

    सर्वाइकल कैंसर के रिस्क को कैसे कम किया जा सकता? (Prevention from cervical cancer)

    सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने के लिए निम्न उपाय अपनाएं जा सकते हैं।

    अपने डॉक्टर से एचपीवी वैक्सीन (HPV vaccine) के बारे में पूछें

    एचपीवी संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण प्राप्त करने से सवाईकल के कैंसर और अन्य एचपीवी से संबंधित कैंसर का खतरा कम हो सकता है। अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या एचपीवी वैक्सीन आपके लिए उपयुक्त है।

    नियमित पैप परीक्षण (PAP test) करवाएं

    पैप परीक्षण गर्भाशय ग्रीवा की पूर्व कैंसर स्थितियों का पता लगा सकते हैं, इसलिए गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को रोकने के लिए उनकी निगरानी या उपचार किया जा सकता है। अधिकांश चिकित्सा संगठन 21 साल की उम्र में नियमित पैप परीक्षण शुरू करने और उन्हें हर कुछ वर्षों में दोहराने का सुझाव देते हैं। अगर आप इस टेस्ट को करवा सकते हैं तो जरूर करवाएं।

    और पढ़ें: स्टेज 4 सर्वाइकल कैंसर: कैंसर के लक्षणों और इलाज को समझें यहां!

    सुरक्षित सेक्स (Safe sex)

    यौन संचारित संक्रमणों को रोकने के उपाय करके सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करें, जैसे कि हर बार जब सेक्स करते हैं तो कंडोम का उपयोग करना और अपने सेक्शुअल पार्टनर की संख्या को सीमित करना। इससे संक्रमण के रिस्क को कम किया जा सकता है।

    धूम्रपान न करें (Don’t smoke)

    यदि आप धूम्रपान नहीं करते हैं, तो शुरू न करें। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो छोड़ने में आपकी सहायता करने के लिए रणनीतियों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। यह कैंसर के रिस्क को बढ़ाने का काम करता है। साथ ही यह ओवरऑल हेल्थ के लिए भी नुकसानदायक है।

    और पढ़ें: स्टेज-0 सर्वाइकल कार्सिनोमा क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और इलाज

    उम्मीद करते हैं कि आपको सर्वाइकल कैंसर में इम्यूनोथेरिपी (Immunotherapy in Cervical cancer) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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    Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड