home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी का क्या है संबंध?

हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी का क्या है संबंध?

स्वस्थ व्यक्तियों में पैंक्रियास इंसुलिन हॉर्मोन रिलीज करता है, जो कि ब्लड में शुगर के लेवल को कंट्रोल करने का काम करता है। खाने के बाद ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है लेकिन इंसुलिन हॉर्मोन के कारण के नियंत्रण में रहता है। जब ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में ना रहे, तो इस स्थिति को हायपरग्लाइसेमिया (hyperglycemia) के नाम से जाना जाता है। इसका मतलब है कि ब्लड में शुगर का लेवल कंट्रोल में ना रहकर बढ़ जाता है। ऐसा खराब लाइफस्टाइल (Unhealthy lifestyle) के कारण भी हो सकता है। जो लोग मोटे हैं या फिर जो लोग अपने डाइट में पौष्टिक आहार (Nutritious food) की जगह अनहेल्दी फूड्स शामिल करते हैं, उनको मधुमेह की समस्या का खतरा बढ़ जाता है। अगर किसी के परिवार में डायबिटीज की फैमिली हिस्ट्री रही है, तो उन लोगों में भी टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) का खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। डायबिटीज के कारण मेल इनफर्टिलिटी (Male infertility) का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बारे में स्टडी हो चुकी हैं, जिनमें ये बात सामने आई हैं। डायबिटीज की समस्या स्पर्म की क्वालिटी को खराब करने का काम करती है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी (High blood sugar and male infertility) की समस्या के बारे में जानकारी देंगे। आइये जानते हैं कि आखिर क्या डायबिज की समस्या और इसके कारण पैदा हुई इनफर्टिलिटी की समस्या।

और पढ़ें: इन कारणों से बढ़ रही है भारत में डायबिटीज की बीमारी, तीसरा कारण है बेहद कॉमन

हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी (High blood sugar and male infertility)

हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी

एशियन जर्नल ऑफ एंड्रोलॉजी (Asian Journal of Andrology) की रिपोर्ट की मानें तो, हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी (High blood sugar and male infertility) का संबंध है। जब किसी पुरुष को डायबिटीज की समस्या होती है, तो स्पर्म काउंट का कम होना, स्पर्म क्वालिटी में कमी आना (Low sperm quality) और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अगर स्पर्म क्वालिटी (Sperm quality) कम हो जाती है, तो महिला को कंसीव करने में समस्या पैदा हो जाती है, जो इनफर्टिलिटी की मुख्य वजह बनता है।

हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी (High blood sugar and male infertility) की समस्या का सामना किसी भी पुरुष को करना पड़ सकता है। टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 diabetes) वाले पुरुषों के स्पर्म के डीएनए डैमेज होने की अधिक संभावना होती है। इस कारण से प्रजनन क्षमता में समस्या आ सकती है। उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट में की गई स्टडी में ये बात सामने आई कि ये जरूरी नहीं है टाइप 1 डायबिटीज के कारण इनफर्टिलिटी की समस्या पैदा ही हो लेकिन ऐसा कुछ लोगों में होने की संभावना रहती है।

और पढ़ें: 40 साल से अधिक की महिलाओं को कैसे प्रभावित करती है डायबिटीज?

हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी: स्टडी में क्या आया सामने?

स्टडी के दौरान करीब 27 पुरुषों के सीमन और ब्लड सैंपल को लिया गया, जिन्हें टाइप 1डायबिटीज की समस्या थी। तुलना करने के लिए 29 स्वस्थ व्यक्तियों के सीमन और ब्लड के सैंपल भी लिए गए। फिर दोनों का इनफर्टिलिटी (Infertility) टेस्ट भी किया गया। शामिल किए गए पुरुषों की उम्र 30 के अंदर ही थी। एब्नॉर्मल ग्लूकोज के कारण मेल गेमीट्स में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज के कारण टेस्टिकुल फंक्शन (Testicular function) और स्परमेटोजेनेसिस (spermatogenesis) में बुरा प्रभाव पड़ता है।

जिन पुरुषों को डायबिटीज की समस्या थी, उन पुरुषों के सीमन का वॉल्यूम कम था, जबकि जो पुरुष स्वस्थ थे उन पुरुषों का सीमन वॉल्यूम ठीक था। स्पर्म काउंट, स्पर्म का शेप और मोशन लगभग दोनों ग्रुप के पुरुषों में समान पाया गया। जब इस स्पर्म के डीएनए के बारे में रिसर्च की गई तो पाया गया कि जिन व्यक्तियों को मधुमेह की समस्या थी, उन व्यक्तियों के स्पर्म के डीएनए (DNA) डैमेज थे। स्पर्म सेल्स मेमल्स सेल्स होती हैं। स्पर्म की सहायता से पुरुष के हेप्लॉयड डीएनए महिला डीएनए (female DNA) में ट्रांसफर हो जाते हैं। स्पर्म के डीएनए मधुमेह की बीमारी के कारण या फिर किसी अन्य बीमारी के कारण डैमेज हुए, इस बारे में सही तथ्य सामने नहीं आ पाए। अब तो आप समझ ही गए होंगे कि हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी (High blood sugar and male infertility) कैसे एक-दूसरे से संबंधित हैं।

और पढ़ें: डायबिटीज लाइफ एक्सपेक्टेंसी कितनी होती है?

डायबिटीज की समस्या क्यों होती है? (Cause of Diabetes)

डायबिटीज की समस्या महिला या पुरुष को किसी भी उम्र में हो सकती है। इस बीमारी के कारणों में बुरी लाइफस्टाइम मुख्य कारण के रूप में शामिल होती है। जो लोग एक्सरसाइज नहीं करते हैं या फिर डायट ठीक तरह से नहीं लेते हैं, उनमें एक नहीं बल्कि कई बीमारियां घर कर जाती हैं। डायबिटीज उन्हीं में से एक हैं।

  • अनहेल्दी जीवनशैली ( Unhealthy Life style)
  • अनहेल्दी डायट प्लान (Unhealthy diet plan)
  • वजन (Body weight) जरूरत से ज्यादा होना।
  • नींद न लेना या कम लेना।
  • खाने में अधिक शुगर या मीठा।
  • स्ट्रेस या तनाव में अधिक रहना।

उपरोक्त कारणों से डायबिटीज की समस्या पैदा हो सकती है। अगर बेहतर लाइफस्टाइल अपनाई जाए और रोजाना एक्सरसाइज की जाए, तो डायबिटीज की बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। खाने में लो ग्लाइसेमिक फूड्स शामिल करके, रोजाना योग या एक्सरसाइज करके, पर्याप्त मात्रा में नींद लेकर और स्ट्रेस को दूर करके डायबिटीज की बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है। अगर आपको डायबिटीज की समस्या है और साथ ही इनफर्टिलिटी की समस्या (Infertility problem) भी है, तो ऐसे में आपको सबसे पहले डायबिटीज को कंट्रोल करने की जरूरत है। आपको इस बारे में डॉक्टर से अधिक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए

और पढ़ें: डायबिटीज के लिए व्हीटग्रास जूस हो सकता है बेहद फायदेमंद!

मेल इनफर्टिलिटी की समस्या को इग्नोर करने से समस्या का समाधान नहीं होगा अगर आपको डायबिटीज की समस्या है और आप लंबे समय से इनफर्टिलिटी की समस्या का भी सामना कर रहे हैं तो ऐसे में आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए आप डॉक्टर को जानकारी दें कि आपको कितने लंबे समय से डायबिटीज की समस्या है और आपको अन्य किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है डॉक्टर जांच के बाद आपको बताएंगे कि किस तरह से आप डायबिटीज की समस्या को कंट्रोल में करके इनकी समस्या को दूर कर सकते हैं

आपको खानपान में भी अधिक ध्यान देने की जरूरत है। अपने खानपान में ऐसे फूड्स को शामिल करें, जो आपको पोषण दे न कि आप के ब्लड में शुगर के लेवल को बढ़ाएं। आप सब्जियों और फलों को विशेष रूप से अपने खाने में शामिल करें । अगर आप बाहर से फूड्स ले रहे हैं, तो एक बार उसका लेवल जरूर चेक कर लें। रोजाना पर्याप्त मात्रा में एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल आपकी समस्या को काफी हद तक कंट्रोल करने में मदद करता है। डायबिटीज कंट्रोल रहेगी तो इनफर्टिलिटी की समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है। आप इस बारे में डॉक्टर से परामर्श जरूर करें और उनसे हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी (High blood sugar and male infertility) के बारे में जानकारी लें।

और पढ़ें: डायबिटीज में इंटरमिटेंट फास्टिंग : क्या है अच्छा ऑप्शन?

इस आर्टिकल में हमने आपको हाय ब्लड शुगर और मेल इनफर्टिलिटी (High blood sugar and male infertility) के बारे में बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

health-tool-icon

बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

पुरुष

महिला

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड