आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में 35 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज (मधुमेह) का शिकार हैं, जबकि करोड़ो इस बीमारी से अनभिज्ञ बिना उपचार ही रह रहे हैं। शुगर (डायबिटीज) सीधे तौर पर मोटापे, गलत खानपार और एक्सरसाइज नहीं करने की वजह से होती है। ऐसे में इस बीमारी का उपचार करा रहे लोगों में ये भी भ्रम रहता है कि उन्हें ठीक होने के लिए धरती आसमान एक करना होगा जबकि ऐसा नहीं है। डायबिटीज (Diabetes) शब्द सुनते ही दिमाग में कई तरह के ख्याल आने लगते हैं वो ये सोचने लगते हैं कि वो उन्हें बहुत परहेज करना होगा और वो अब आम इंसान की तरह जिंदगी नहीं बता पाएंगे। लेकिन आपको बता दें कि जिंदगी में मामूल परिवर्तन लाकर भी आप इस शुगर (डायबिटीज) को हरा सकते हैं।

ये जरूर है कि डायबिटीज की वजह से आपको अपनी जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव करने होते हैं, ऐसा इसलिए जिससे आपका ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar level) नियंत्रित हो सके। इसलिए डायबिटीज के मरीज को सीधे अचानक कोई बदलाव करने से पहले इनके बारे में ठीक तरह से समझ लेना चाहिए। ये सब जानने के बाद हमें खुद से सवाल करना चाहिए। क्या मुझें अपनी आदतों में बदलाव करना होगा? क्या होगा अगर में इनमें बदलाव लाऊंगा?
जब आप अपने खून में शुगर (Diabetes) की मात्रा को नियंत्रित रखेंगे तो इससे आपके अंदरूनी अंग सुरक्षित रहेंगे। इतना ही नहीं इससे आपमें दिल के रोग, स्ट्रोक, किडनी रोग (Kidney disease) और आंखों की समस्या का खतरा कम हो जाएगा।
शरीर की तंदरुस्ती के लिए :
हाई ब्लड शुगर (Hyperglycaemia) की वजह से रोगी को ज्यादा भूख, पेशाब, थकावट होने के साथ-साथ इंफेक्शन और धुंधला दिखाई देने लगता है। वहीं लो ब्लड शुगर (Hypoglycemia) की वजह से ज्यादा पसीना आना, भूख, लगना, शरीर कांपना, मुंह सूखना, चक्कर आना, कमजोरी और सिरदर्द जैस समस्याएं आती हैं। ऐसे में अगर आप शुगर को नियंत्रण रेखा पर रखेंगे, तो इन चीजों से बचे रहेंगे।
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मानसिक संतुलन के लिए :
हद से ज्यादा लो ब्लड शुगर (Low blood sugar) की वजह से चिंता और भ्रम जैसी स्थिति पैदा होने लगती है। वहीं अत्यधिक ब्लड शुगर की वजह से डिप्रेशन (Depression) के लक्षण बढ़ जाते हैं। ऐसे में शुगर (डायबिटीज) को नियंत्रण में रखने के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। इससे आप भावानात्मक स्तर पर मजबूत होंगे और स्वस्थ होंगे।
आमतौर पर देखा जाता है कि शुगर (डायबिटीज) के रोग भावनात्मक रूप से कमजोर हो जाते हैं। अपनी बीमारी की वजह से उनके दिमाग में नकारात्मक विचारों की भरमार होती है और वे डिप्रेशन (Depression) का शिकार हो जाते हैं। लेकिन सच तो ये है कि कोई भी चीज आपकी खुशियां नहीं छीन सकती, जबतक आप उसे छीनने न दें। इलेनोर रूसवेल्ट ने एक बार कहा था, ‘कोई आपको कमजोरी महसूस नहीं करा सकता, जबतक आप ना चाहें’। ऐसे में अगर आप सोचेंगे कि शुगर (डायबिटीज) आपकी जिंदगे के सारे मजे छीन लेगी, तो बिल्कुल ऐसा ही होगा। और अगर आप सोचें कि आप इससे आसानी से निपट लेंगे और खुद को प्रोत्साहित करेंगे तो आप देखेंगे कि आप जल्द ठीक होने लगे हैं।
नीचे दिए गए फूड्स आपके रक्त शर्करा के स्तर को तेजी से बढ़ा सकते हैं। इसलिए, इन फूड्स के सेवन से जितना हो सके दूर रहें।
डायट ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में काफी अहम भूमिका निभाता है। इसलिए, शुगर (डायबिटीज) को नियंत्रित करने के लिए अपने आहार का विशेष रूप से ध्यान रखें। डायबिटीज में क्या खाना चाहिए इस लिस्ट के द्वारा बताया गया है।
यह इस जानने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल आता है कि क्या आप खुद में बदलाव लाने के लिए तैयार हैं? अगर आपको जवाब हां है, तो आप अपनी जीवनशैली में करने वाले कुछ बदलावों के बारे में सोचें और धीरे-धीरे इस पर काम करना शुरू कर दें। लोगों को लगता है कि शुगर (Diabetes) की वजह से उन्हें न जाने क्या-क्या परहेज और बदलाव करना होंगे पर अच्छी बात यह है कि एक छोटे से छोटे बदलाव से एक बड़ा बदलाव होता है। अगर आप किसी रूटीन या डायट (Diet) से परेशान हैं तो डॉक्टर की मदद लें आपको उसके और भी विकल्प मिल जाएंगे। खुद को प्रोत्साहित करते रहें और हार नहीं मानें। तो क्या आप खुद में बदलाव लाना शुरू कर रहे हैं?
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अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना ना भूलें। क्योंकि डॉक्टर ही आपकी मेडिकल हिस्ट्री (Medical history) और स्वास्थ्य स्थिति का आंकलन करके आपके रोग की गंभीरता के बारे में बता पाएगा और आपको उचित मार्गदर्शन और सलाह दे पाएगा। जिसकी मदद से आप डायबिटीज (Diabetes) को नियंत्रित कर पाएंगे। वैसे इस समस्या के लिए आपको आहार व जीवनशैली में बदलाव के साथ एक्सरसाइज (Workout) की तरफ भी पूरा ध्यान देना होता है।