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डेडलिफ्ट (Deadlift) वर्कआउट क्या है और इसे कैसे करना चाहिए?

डेडलिफ्ट (Deadlift) वर्कआउट क्या है और इसे कैसे करना चाहिए?

डेडलिफ्ट (Deadlift) एक्सरसाइज के तरीके

वर्कआउट की लिस्ट में कई ऐसे एक्सरसाइज के बारे में जानेंगे, जिससे पूरे शरीर को फिट रखा जा सकता है। जिस एक्सरसाइज की हम बात करने जा रहे हैं, उसे ज्यादातर बॉडी बिल्डरों द्वारा पसंद किया जाता है। आज जानेंगे डेड लिफ्ट (Deadlifts) एक्सरसाइज क्या है? यह एक्सरसाइज अमेरिका में बहुत मशहूर है। जिम जाने वाले भारतीय युवा अभी इसे करने से थोड़ा परहेज करते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुछ समय बाद डेडलिफ्ट एक्सरसाइज भारतीय लोगों में भी लोकप्रिय हो जाएगी। यह वर्कआउट सिर से लेकर पांव तक शरीर के सभी मांसपेशियों पर प्रभाव डालती है। कमर,पैर, कलाई और कंधे इसके खास टारगेट होते हैं, क्योंकि इस एक्सरसाइज को करने में अन्य एक्सरसाइज के मुकाबले ज्यादा ताकत लगती है।

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क्यों कहा जाता है डेडलिफ्ट (Deadlift)?

डेडलिफ्ट एक्‍सरसाइज में वेट को पूरी तरह से जमीन पर रखकर फिर उठाना होता है। इसमें पिछली मूवमेंट की कोई मदद नहीं मिलती है और हर बार जीरो से शुरुआत करनी पड़ती है। इसलिए इसे डेडलिफ्ट कहते हैं। अमेरिकी सैनिकों की ट्रेनिंग में डेडलिफ्ट जरूर शामिल होती है। शरीर में ऊर्जा बढ़ाने के लिए स्क्वॉट्स वर्कआउट के बाद डेडलिफ्ट वर्कआउट ही किया जाता है। डेडलिफ्ट अलग-अलग प्रकार के होते हैं।

डेडलिफ्ट के प्रकार:-

1. सूमो डेडलिफ्ट (Sumo Deadlift)- सूमो डेडलिफ्ट करने से क्वाड्स और हिप्स के साथ-साथ बैक की भी एक्सरसाइज होती है।

2. रोमानियाई डेडलिफ्ट (Romanian Deadlift)- रोमानियाई डेडलिफ्ट को स्टिफ लेग्ड डेडलिफ्ट (Stiff-Legged Deadlift) या स्ट्रेट लेग डेडलिफ्ट (Straight Leg Deadlift) भी कहा जाता है। यह वर्कआउट हैमस्टिंग और ग्लूट्स के लिए अच्छा माना जाता है।

3. स्नैच ग्रिप डेडलिफ्ट (Snatch Grip Deadlift)- इसमें सामान्य तरह से डेडलिफ्ट किया जाता है।

4. हेक्स (Hex)- इसे ट्रैप बार डेडलिफ्ट (Trap Bar Deadlifts) के नाम से भी जाना जाता है। इस वर्कआउट के दौरान एक खास तरह का बार्बेल का इस्तेमाल किया जाता है।

5. पारंपरिक डेडलिफ्ट (Conventional Deadlift)- पारंपरिक डेडलिफ्ट पुराने डेडलिफ्ट का एक तरीका है। फिटनेस एक्सपर्ट के अनुसार अगर आप डेडलिफ्ट वर्कआउट की शुरुआत कर रहें हैं, तो पारंपरिक डेडलिफ्ट से शुरुआत करें।

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डेडलिफ्ट (Deadlift) कैसे करें?

डेडलिफ्ट इस प्रकार रहें:

  • इस वर्कआउट को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। अब वेट को दोनों हांथों से पकड़े और खड़े रहें। फिर इसे धीरे से नीचे रखें।
  • छह फुट या उससे ज्यादा लंबी बारबेल में एक्स्ट्रा या अपनी क्षमता के अनुसार वेट बढ़ाएं। दोनों पैरों के बीच थोड़ा गैप रखें। अब कमर को बिल्कुल सीधा रखते हुए झुकें और बार्बेल को थोड़ा गैप से पकड़ें।
  • अपने हिप्स के साथ-साथ पूरे शरीर को टाइट कर लें और हिप्स को बाहर की ओर निकालते हुए ऊपर उठाएं। रॉड आपके पैरों के बिल्कुल नजदीक से होते हुए ऊपर उठेंगी।
  • सीधा खड़े हो जाएं, ध्यान रखें कि अब आपको पीछे की ओर नहीं झुकना है। बस सीधे खड़े हों और एक सेकेंड का आराम लेकर वापस बार को नीचे ले जाएं। वेट ऊपर खींचते वक्त श्वास रोक लें और नीचे छोड़ते समय श्वास छोड़ें।
  • बारबेल नीचे लाकर वापस अपनी जगह पर रख दें, हाथों की ग्रिप हल्की कर दें और फिर तुरंत ग्रिप मजबूत कर वेट उठाएं।
  • एक्सरसाइज करते समय सामने की ओर देखें। ध्यान रखें कि, आप हाथों की ताकत से वेट को ऊपर नहीं खींच रहे हों, कोहनी को मोड़े नहीं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार डेडलिफ्ट करते वक्त किन-किन बातों का रखें ख्याल?

डेडलिफ्ट करने के दौरान निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

  • डेडलिफ्ट करते समय बैक इंजरी से ज्यादा बाइसेप्स टीयर होने का खतरा रहता है। इसलिए इसे करते समय हाथों की पुजिशन का बेहद खास ख्याल रखना होता है। ऐसा करने से आप इंजरी के जोखिम को काफी हद तक टाल सकते हैं।
  • इस एक्सरसाइज को करते समय ग्लव्स पहनना जरूरी होता है। इससे बेहतर ग्रिप मिल पाती है। ग्लव्स नहीं पहने के कारण ग्रिप कमजोर पड़ सकती है।
  • स्टेटिक स्ट्रेचिंग, वर्कआउट से पहले की स्ट्रेंथ और ताकत को खराब करती है। सबसे अच्छा तरीका है कि पहले वार्म-अप करें, जिसके लिए हल्के वेट के साथ डेडलिफ्ट कर वर्मअप करने से बेहतर कुछ नहीं हो सकता है।

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डेडलिफ्ट के फायदे (Benefits of Deadlift)

डेडलिफ्ट एक कंपाउंड एक्सरसाइज है, जहां फर्श पर एक भारी बारबेल को उठाने से शुरू होती है। इसे “डेड वेट” के रूप में जाना जाता है। क्योंकि इस करते समय आपको मोमेंट्म का फायदा नहीं मिलता है। क्योंकि हर बार आप फर्श से वेट को उठाते हैं।

डेडलिफ्ट्स सहित कई मांसपेशी समूहों को प्रशिक्षित करते हैं:

  • हैमस्ट्रिंग
  • ग्लूट्स
  • बैक
  • कूल्हों
  • कोर

एक डेडलिफ्ट करने के लिए आप अपने कूल्हों का उपयोग करके फ्लैटबेल को अपने कूल्हों को पीछे ले जाते हुए उठाते हैं। डेडलिफ्ट्स आपके लिए जल्दी परिणाम पाने के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं क्योंकि वे एक साथ कई प्रमुख मांसपेशी समूहों को मजबूत करने के लिए एक साथ काम करता है। डेडलिफ्ट एक्सरसाइज करने से पहले फिटनेस एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए। क्योंकि, यह कठिन एक्सरसाइज है और इसे करने के लिए आपकी बॉडी परफेक्ट है या नहीं। क्योंकि यह जानना बेहद जरूरी है।

आपको कितनी डेडलिफ्ट करनी चाहिए?

आपके द्वारा की जाने वाली डेडलिफ्ट की संख्या आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे वजन पर निर्भर करती है। यदि आप एडवांस्ड फिटनेस लेवल पर हैं, तो आपको डेडलिफ्ट से लाभ उठाने के लिए भारी मात्रा में वजन की आवश्यकता होगी। अगर ऐसा है, तो प्रति सेट 1 से 6 डेडलिफ्ट करें, और बीच में आराम करते हुए 3 से 5 सेट करें। यदि आप डेडलिफ्ट के लिए नए हैं और कम वजन के साथ सही फॉर्म प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, तो प्रति सेट 5 से 8 डेडलिफ्ट्स का प्रदर्शन करें। 3 से 5 सेट तक अपने तरीके से काम करें। याद रखें, सही फॉर्म हमेशा सेट की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण होता है। सप्ताह में 2 से 3 बार डेडलिफ्ट्स करें, जिससे मांसपेशियों को आराम से वर्कआउट के बीच समय मिल सके।

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डेडलिफ्ट के बारे में यह भी जान लें

डेडलिफ्ट एक चुनौतीपूर्ण व्यायाम है। अगर आप जिम से ताल्लुक रखते हैं, तो ट्रेनर या फिटनेस प्रोफेशनल की सलाह से ही इस व्यायाम को करें। वे आपको सही तकनीक इस्तेमाल करने के बारे में सही जानकारी दे सकते हैं। ट्रेनर के साथ व्यायाम करने से वह आपको बता सकता है कि आप ठीक से यह व्यायाम कर रहे हैं या नहीं साथ ही वह यह भी देखेगा कि आप सही फॉर्म डेवलेप कर पा रहे हैं। एक बार डेडलिफ्ट की तकनीक को समझ कर और सही फॉर्म पर कंट्रोल पाने के बाद आप इसे अपने डेली वर्कआउट प्लान में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा कोई भी नया फिटनेस रिजीम शुरू करने से पहले यह भी समझ लें कि आप क्षमताओं के लिहाज से ही अपने लिए वर्कआउट चुनें और साथ ही यह भी देख लें कि आप को सच में उस वर्क आउट की जरूरत है या नहीं। कई मामलों में देखने को मिलता है कि लोग दूसरों को देखकर कई चीजें करने लगते हैं।

इन बातों का रखें ख्याल

  • डेडलिफ्ट वर्कआउट करने से पहले वार्मअप जरूर करें। वॉर्मअप करने से वर्कआउट करने में आसानी होती है और आप बेहतर तरीके से वर्कआउट कर सकते हैं।
  • डेडलिफ्ट करने के दौरान पूरा कोन्शनट्रेशन एक्सरसाइज पर डालें और बॉडी एवं हाथों के पुजिशन का ध्यान रखें क्योंकि ध्यान नहीं रखने से चोट लगने का खतरा बना रहता है।
  • अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए वेट लिफ्ट करें। अगर आप पहली बार इस वर्कआउट को कर रहें हैं, तो फिटनेस एक्सपर्ट से इस वर्कआउट के करने का तरीका समझें और फिर इसकी शुरुआत करें।
  • स्क्वॉट्स पुजिशन लेकर इस वर्कआउट को न करें।

अगर आप डेडलिफ्ट (Deadlift) से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

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सूत्र

An Examination of Muscle Activation and Power Characteristics While Performing the Deadlift Exercise With Straight and Hexagonal Barbells/https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/26840440/Accessed on 24/11/2020

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Single leg deadlift/https://www.healthier.qld.gov.au/fitness/exercises/single-leg-deadlift/Accessed on 24/11/2020

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 24/11/2020 को
डॉ. अभिषेक कानडे के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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