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Virat Kohli Birthday: 'हाई एल्टिट्यूड मास्क' भी है विराट कोहली की फिटनेस का राज

Virat Kohli Birthday: 'हाई एल्टिट्यूड मास्क' भी है विराट कोहली की फिटनेस का राज

विराट कोहली (Virat Kohli) आज यानि 5 नवंबर को अपना बर्थडे (Virat Kohli Birthday) मना रहे हैं। विराट कोहली आज 31 साल के हो गए हैं। सारी दुनिया में लोग आज कोहली की बल्लेबाजी का लोहा मानते हैं। आइसीसी वनडे रैंकिंग में काफी लंबे समय से नंबर वन और टेस्ट रैंकिंग ने लगातार टॉप 2 में बने रहने वाले कोहली टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में भी टॉप 10 में शामिल हैं।

फिटनेस फ्रीक हैं विराट कोहली

अपनी बल्लेबाजी के अलावा विराट कोहली अपनी फिटनेस के लिए भी जाने जाते हैं। विराट कोहली खुद को फिट रखने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं। इतना ही नहीं वे अपनी एक्सरसाइज का लेवल भी टफ करते रहते हैं और नए-नए फिटनेस रेजीम भी अपनाते रहते हैं। विराट कोहली अपने इन रेजीम्स की इमेज और वीडियो भी सोशियल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करते रहते हैं। ये कोहली की डेडिकेशन ही है कि एक चबी टीनएजर से उन्होंने खुद को एक फिटनेस ऑयकन के रूप में ढाला है।

नए-नए फिटनेस रेजीम ट्राय करते हैं विराट कोहली

नॉर्मल लिफ्टिंग मेथ्ड्स के अलावा कोहली अपने वर्कआउट में नई तकनीकों को भी आजमाते रहते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने हाई एल्टिट्यूड मास्क (High Altitude Mask) का इस्तेमाल किया था। हाई एल्टिट्यूड मास्क या एलीवेशन मास्क न केवल वर्कआउट को प्रभावी बनाता है, बल्कि फेफड़ों को बेहतर ढ़ग से काम करने के लिए तैयार करता है। इसके अलावा जब फेफड़े अधिक मेहनत करते हैं, तो सहनशक्ति और ऊर्जा के स्तर में भी सुधार होता है।

इसके अलावा कोहली वर्कआउट के लिए टेक्नोशेपर नाम की कंपनी द्वारा विकसित उपकरणों का भी इस्तेमाल करते हैं। इस तकनीक के इस्तेमाल से शरीर के निचले हिस्से पर काफी असर पड़ता है। साथ ही यह फैट को घटाने में तेजी से काम करता है। इसके कारण आपको पतली कमर और टोन्ड स्किन मिलती है। यह स्पोर्टमैन और फिटनेस फ्रीक लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प है।

यह भी पढ़ें: जिम वाली एक्सरसाइज, जिन्हें आप घर पर आसानी से कर सकते हैं

विराट कोहली का वर्कआउट प्लान

कोहली ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था चाहे वे टूर पर हों या घर पर वे अपना वर्कआउट कभी मिस नहीं करते। उन्होंने बताया कि जब वे क्रिकेट टूर पर नहीं होते हैं, तब हफ्ते में पांच दिन दो घंटे वर्कआउट करते हैं। इसके अलावा टूर के दौरान भी वे वर्कआउट के लिए टाइम जरूर निकालते हैं। ऑफ सीजन के दौरान कभी-कभी वे चार घंटे भी ट्रेनिंग करते हैं। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उनका मेटाबॉलिजम हार्दिक पंड्या और शिखर धवन की तरह नहीं है। इन लोगों का फिजीक लीन है, जबकि कोहली को शेप में रहने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। ट्रेनिंग के अलावा कोहली को अपनी डाइट का भी खास ख्याल रखना पड़ता है।

वीगन हैं विराट कोहली

हाल ही विराट कोहली ने वीगन डायट को फॉलो करना शुरू किया है। वीगन बनने से पहले भी कोहली अपनी डायट का काफी ध्यान रखते थे। वीगन होने के बाद विराट ने अपनी डायट में मीट, अंडे और डेयरी प्रोडक्ट्स को हटाकर उसकी जगह प्रोटीन शेक्स, सब्जियां और सोया को शामिल किया है। विराट का मानना है कि मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स को छोड़ने से न सिर्फ उनकी फिटनेस में सुधार आया। बल्कि, पाचन शक्ति पर भी असर पड़ा है। वीगन बनने से पहले उनके दिन की शुरुआत तीन अंडों के आमलेट से होती थी। काली मिर्च और चीज के साथ पालक, स्मोक्ड सामन फिश भी उनकी डाइट में शामिल थी। उपलब्‍ध होने पर पपीता या ड्रेगनफ्रूट, तरबूज भी खाते हैं। वीगन बनने से पहले अच्छे फैट के लिए एक निर्धारित मात्रा में चीज भी खाते थे। वह खुद का चीज अपने साथ रखते थे। जिसे वह होटल में मिलने वाले ग्लूटन फ्री ब्रेड के साथ खाते थे। एक बड़ा कप नींबू के साथ ग्रीन टी भी उनकी डायट का हिस्सा है।

वीगन्स कौन होते हैं?

वीगन लोग ऐसे शाकाहारी होते हैं, जो मांस, मछली, मुर्गी नहीं खाते हैं और पशु उत्पाद या यहां तक ​​कि अंडे, डेयरी उत्पाद, शहद, चमड़ा (leather), फर (fur), रेशम (silk), सौंदर्य प्रसाधन (Cosmetics) जिनमें पशु उत्पादों का उपयोग होता है, वे इनका इस्तेमाल भी नहीं करते। लोग आमतौर पर स्वास्थ्य, पर्यावरण या नैतिक कारणों से वीगन डायट को प्राथमिकता देते हैं। साथ ही मनावता को बढ़ावा देने के लिए भी ऐसा करते हैं।

वीगन लोगों के प्रकार

इस जीवन शैली के प्रमुख प्रकारों में शामिल हैं:

  • वीगन आहार (Dietary vegans) अक्सर पौधों पर निर्भर रहने वाले लोगों को डायटरी वीगन कहा जाता है। यह शब्द उन लोगों को दर्शाता है, जो अपने आहार में पशु उत्पादों से बचते हैं, लेकिन उन्हें अन्य उत्पादों, जैसे कपड़े और सौंदर्य प्रसाधन में उपयोग करना जारी रखते हैं।
  • साबुत-खाद्य वीगन (Whole-food vegans) ये लोग फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, फलियां, नट्स, और बीज जैसे संपूर्ण खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार लेते हैं।
  • जंक-फूड वीगन (Junk-food vegans) कुछ लोग प्रोसेस्ड वीगन डायट पर निर्भर करते हैं। जैसे कि वीगन मीट(मीट के स्वाद से मिलते स्वाद वाले फूड आयटम्स), फ्राइज, फ्रोजन डिनर और डेसर्ट, जिसमें ओरेओ कुकीज और नॉन-डेयरी आइसक्रीम शामिल हैं।
  • रॉ फूड वीगन (Raw food vegans) यह ग्रुप केवल उन खाद्य पदार्थों को खाता है, जो कच्चे हों या 118 ° F (48 ° C) से नीचे के तापमान पर पकाए गए हों।
  • लो फैट, रॉ फूड वीगन (Low-fat, raw-food vegans) इन्हें फ्रूटेरियन के रूप में भी जाना जाता है। यह मुख्य रूप से फल पर निर्भर होने के बजाय हाई फैट वाले खाद्य पदार्थ, जैसे नट्स, एवोकैडो और नारियल को अपनी डायट में शामिल करते हैं। अन्य पौधों को कभी-कभी कम मात्रा में खाया जाता है।

वीगन डायट के फायदे

वीगन डायट के कई फायदे भी हैं। सिर्फ यह ही नहीं की न्यूट्रीनिस्ट भी अब वीगन डायट को अपनाने की सलाह देते हैं।

दिल के लिए फायदेमंद है वीगन डायट

कई शोधों में यह बात सामने आई है कि वीगन डायट से बॉडी में कॉलेस्ट्रॉल का स्तर ठीक बना रहता है। इसका मुख्य कारण है कि वीगन डायट में ज्यादातर फैट स्वास्थ फूड आयटम्स जैसे कि फलियों, एवोकैडो और फलों से मिलते हैं। साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स में मिलने वाला ज्यादातर फैट बेड कॉलेस्ट्रॉल को पैदा करता है। ऐसे में वीगन डायट को फॉलो करने वालों का बेड कॉलेस्ट्रॉल इनटेक काफी कम होता है। यहां कारण है कि वीगन लोगों का दिल हेल्दी रहता है।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

What Is Veganism, and What Do Vegans Eat? – https://www.healthline.com/nutrition/what-is-a-vegan – accessed on 20/01/2020

 

From Diet To Insane Workout Routine, 6 Times Virat Kohli Proved He’s The Fittest Cricketer In India/https://www.scoopwhoop.com/sports/some-insane-things-virat-kohli-has-done-to-become-the-fittest-athlete-in-india/Accessed on 13/12/2019

Here’s how Virat Kohli worked his way to fitness/https://indianexpress.com/article/sports/cricket/virat-kohli-pictures-videos-fitness-stats-workout-instagram-india-cricket-team/Accessed on 13/12/2019

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Why a Vegan or Vegetarian Diet May Lower Heart Disease but Raise Stroke Risk – https://www.everydayhealth.com/diet-nutrition/why-vegan-vegetarian-diet-may-lower-heart-disease-raise-stroke-risk/ – accessed on 20/01/2020

What to know about eating vegan – https://www.medicalnewstoday.com/articles/149636.php – accessed on 20/01/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Govind Kumar द्वारा लिखित
अपडेटेड 05/11/2019
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