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LISS Cardio: अगर करना चाहते हैं एक्सरसाइज की शुरुआत, तो आजमाकर देखें इसे!

LISS Cardio: अगर करना चाहते हैं एक्सरसाइज की शुरुआत, तो आजमाकर देखें इसे!

मोटापा एक नहीं बल्कि सौ बीमारियों का कारण बन सकता है! वजन कम कर फिट रहना हर कोई चाहता है, लेकिन कम ही लोगों को ऐसी एक्सरसाइज के बारे में जानकारी होती है, जो उन्हें सही समय पर बेहतर रिजल्ट्स दे सके। आज हम आपको ऐसे ही एक कार्डियो के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जो आप बिना किसी परेशानी के कर सकते हैं। लिस कार्डियो (LISS Cardio) का मतलब है लो-इंटेंसिटी स्टेडी-स्टेट (Low-intensity steady-state)। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको लिस कार्डियो (LISS Cardio) के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। आप इसके बारे में जानिए और तय करिए कि क्या ये आपके लिए बेहतर विकल्प है या नहीं।

और पढ़ें: वजन कम करने के लिए क्या बेहतर है, कार्डियो एक्सरसाइज या वेट लिफ्टिंग?

लिस कार्डियो (LISS Cardio) क्या है?

लो-इंटेंसिटी स्टेडी-स्टेट (Low-intensity steady-state) या लिस कार्डियो (LISS Cardio) कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज (Cardiovascular exercise) का एक मैथड है। इस मैथड में लो से मॉडरेट एरोबिक एक्टिविटी की जाती है। लिस से मतलब लो इंटेंसिटी स्टाइल ट्रेनिंग से है, जो दशकों से लोगों द्वारा अपनाई जा रही है। लो-इंटेंसिटी स्टेडी-स्टेट को निम्न रूपों में भी जाना जाता है।

  • लो इंटेंसिटी एक्सरसाइज (Low-intensity exercise)
  • स्टेडी-स्टेट ट्रेनिंग (Steady-state training)
  • कॉन्टिन्यूअस कॉर्डियोवस्कुलर एक्सरसाइज (Continuous cardiovascular exercise)
  • लॉन्ग स्लो डिस्टेंस (long slow distance (LSD) training)

और पढ़ें: फिट रहना है तो पाएं कार्डियो एक्सरसाइज के बारे में पूरी जानकारी

लिस कार्डियो (LISS Cardio) को हाय इंटेंसिटी इंटरवेल ट्रेनिंग (HIIT) का अपोजिट माना जाता है, जिसमें कम इंटेंसिटी के साथ एक्सरसाइज की जाती है। हाय इंटेंसिटी इंटरवेल ट्रेनिंग (HIIT) के दौरान मैक्सिमम हार्ट रेट 50% से 70% से तक और लो इंटेंसिटी इंटरवल 40 से 50 प्रतिशत होती है। लिस कार्डियो (LISS Cardio) के दौरान सायकलिंग (Cycling), तेजी से चलना, दौड़ना (Running) या अन्य कम इंटेंसिटी वाले लंबे सेशंस को शामिल किया जाता है। यानी कम इंटेंसिटी की एक्सरसाइज को लंबे समय तक करने से आपको बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। अमेरिकन काउंसिल ऑन एक्सरसाइज लिस कार्डियो (LISS Cardio) के बारे में कहती है कि इससे आपको कैलोरी बर्न करने के साथ ही लंबे समय में बेहतर परिणाम देखने को मिलते हैं। लोग लिस कार्डियो (LISS Cardio) और हाय इंटेंसिटी इंटरवेल ट्रेनिंग (HIIT) की अक्सर तुलना करते हैं और साथ ही दोनों के फायदों और नुकसान के बारे में भी बात करते हैं।

और पढ़ें: कार्डियो एक्सरसाइज से रखें अपने हार्ट को हेल्दी, और भी हैं कई फायदे

लिस कार्डियो के फायदे (Benefits of LISS Cardio)

जब भी कोई एक्सरसाइज की जाती है, तो उसके फायदों के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी होता है। सभी एक्सरसाइज के फायदे अलग हो सकते हैं। लिस कार्डियो (LISS Cardio) के भी बहुत से हेल्थ बेनीफिट्स होते हैं, जो ब्लड फ्लो इम्प्रूव करने के साथ ही स्ट्रेस लेवल को कम करने का काम करते हैं। साथ ही हार्ट डिजीज के रिस्क (Heart disease risk) को भी कम करते हैं। लिस कार्डियो (LISS Cardio) ब्रेन फंक्शन को भी ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जानिए लिस कार्डियो (LISS Cardio) के फायदों के बारे में।

फैट बर्निंग के लिए करें ये एक्सरसाइज (Do these exercises for fat burning)

लिस कार्डियो (LISS Cardio) फैट को बर्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्टेडी-स्टेट ट्रेनिंग से मसल्स में उपस्थित ग्लाइकोजन का इस्तेमाल करने के बजाय शरीर के फैट को फ्यूल के रूप में इस्तेमाल करता है और साथ ही बॉडी की फ्यूल इस्तेमाल करने की एबिलिटी में सुधार करता है। फैट डिस्ट्रीब्यूशन को इम्प्रूव करने में लिस कार्डियो (LISS Cardio) को हाय इंटेंसिटी इंटरवेल ट्रेनिंग (HIIT) से बेहतर माना जाता है।

और पढ़ें: डायबिटीज में वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज, साथ में इन बातों का रखें ध्यान!

बॉडी होती है जल्द रिकवर (Easier recovery)

हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज करने से बॉडी को रिकवर होने में समय लगता है, जबकि लिस कार्डियो (LISS Cardio) कार्डियो एक्सरसाइज के बाद शरीर जल्द रिकवर हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप हार्ट और बॉडी में कम स्ट्रेस डालते हैं और शरीर को आसानी से समय मिल जाता है।

सभी लेवल के लिए है उपयुक्त

आपने कभी एक्सरसाइज नहीं की है या फिर आप कभी-कभार एक्सरसाइज करते हैं या आप रोजाना एक्सरसाइज करते हैं। लिस कार्डियो (LISS Cardio) सभी लेवल के लिए उपयुक्त माना जाता है। जो लोग शुरुआती तौर पर शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए ये बेहतरीन शुरुआत है। आप इन एक्सरसाइज को कम या फिर ज्यादा भी कर सकते हैं।

और पढ़ें: बच्चों में कोलेस्ट्रॉल का ट्रीटमेंट करना होगा आसान, अगर फॉलों करें ये डायट और एक्सरसाइज रूटीन

लिस कार्डियो (LISS Cardio) में क्या हैं कमियां?

अन्य एक्सरसाइज की तरह ही लिस कार्डियो में भी कुछ कमियां है। अगर आप लिस कार्डियो को लंबे समय तक नहीं करते हैं, तो आपको इसके फायदे कम ही नजर आएंगे। आपको लंबे समय तक एक ही एक्सरसाइज करते रहने के कारण बोर भी हो सकते हैं। अगर आप एक ही तरह का व्यायाम बार-बार करते हैं या फिर लंबे समय तक करते हैं, तो फिर चोट या इंज्युरी की संभावना भी बढ़ जाती है।

लिस कार्डियो (LISS Cardio) क्या है बेहतर विकल्प?

फिटनेस रूटीन में आप लिस कार्डियो (LISS Cardio) को एड कर सकते हैं। ये सभी फिटनेस लेवल के लिए उपयुक्त माना जाता है। अगर आप रोजाना 45 से 60 मिनट तक कार्डियो वर्कआउट करते हैं, या इंटेंसिटी में बदलाव चाहते हैं, तो आपको इसे विकल्प के तौर पर अपनाना चाहिए। जो लोग हाफ मैराथन (Marathon), ट्रायथलॉन, या साइकलिंग रेस आदि के लिए अभ्यास कर रहे हैं, तो उनके लिए लिस कार्डियो (LISS Cardio) बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसे प्रिंसिपल ऑफ स्पेसिफिसिटी (Principle of specificity) कहते हैं। यानी आप जिस चीज के लिए कॉम्पटीशन की तैयारी कर रहे हैं, उसी के लिए लगातार अभ्यास करना।

लिस कार्डियो (LISS Cardio) की कैसे की जाए शुरुआत?

अगर आप किसी भी तरह की एक्सरसाइज नहीं करते हैं और लिस कार्डियो (LISS Cardio) से शुरूआत करना चाहते हैं, तो आपको प्रत्येक सप्ताह अपनी दिनचर्या में दो से तीन लिस कार्डियो (LISS Cardio) सेशन को शामिल करना चाहिए। आपको दो से तीन बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (Strength training) भी करनी चाहिए। यदि आप जिम भी जाते हैं या आपके पास ट्रेडमिल (Treadmill), रोवर (Rower) या एक्सरसाइज बाइक (Exercise bike) है, तो आप 30 से 40 मिनट तक इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपको आउटडोर जाना पसंद है, तो आप लंबी दौड़ में शामिल हो सकते हैं। अगर आप एक ही तरह की एक्सरसाइज करके बोर हो गए हैं, तो हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज को भी हफ्ते में एक से दो बार कर सकते हैं लेकिन इनका समय कम ही रखें। एक्सरसाइज में परिवर्तन करने से पहले बेहतर होगा कि आप अपने एक्सपर्ट से इस बारे में जानकारी जरूर लें।

अगर आप वजन सायकलिंग, रनिंग, वॉकिंग, स्वीमिंग (Swimming) के माध्यम से कम करना चाहते हैं, तो यकीनन ये बेहतर विकल्प है लेकिन आपको इसमें अधिक समय लगेगा और परिणाम भी अच्छे मिलेंगे। फैट को बर्न करने के लिए आप ये बेहतरीन विकल्प अपना सकते हैं। अगर आपको तेजी से वजन घटाना है, तो आपको फिटनेस एक्सपर्ट से इस बारे में बात करनी चाहिए कि आप किस तरह से दूसरी एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से आपको लिस कार्डियो (LISS Cardio) के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

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सूत्र

How much physical activity do adults need?

https://www.cdc.gov/physicalactivity/basics/adults/index.htm

Aerobic Endurance Training Strategies.
nsca.com/education/articles/kinetic-select/aerobic-endurance-training-strategies/

 The effects of high intensity interval training vs steady state training on aerobic and anaerobic capacity.
ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4657417/

Continuous exercise but not high intensity interval training improves fat distribution in overweight adults. DOI:
https://dx.doi.org/10.1155%2F2014%2F834865

 Steady state vs. interval training: Which one is best for your clients? 
acefitness.org/education-and-resources/professional/expert-articles/5563/steady-state-vs-interval-training-which-one-is-best-for-your-clients

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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