Testicular biopsy: टेस्टिक्युलर बायोप्सी क्या है?

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

परिभाषा

टेस्टिक्युलर बायोप्सी क्या है?

टेस्टिक्युलर बायोप्सी में आपके अंडकोष से टिशू का नमूना लिया जाता है, जिसे लैब में टेस्ट के लिए भेजा जाता है। अंडकोष पुरुषों के प्रजनन अंग हैं। वह स्पर्म और मेल सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करते हैं। अंडकोष, अंडकोष की थैली में स्थित होते हैं, जो टिशू की एक मांसल थैली होती है और यह पेनिस के नीचे लटकी होती है।

टेस्टिक्युलर बायोप्सी क्यों की जाती है?

टेस्टिक्युलर बायोप्सी का मकसद टेस्टिस (वृषण) में गांठ के स्थान और स्थिति का निदान करना, पुरुषों में बांझपन का कारण पता लगाना और विट्रो फर्टिलाइजेन (IVF) के लिए स्पर्म प्राप्त करना है।

डॉक्टर टेस्टिक्युलर बायोप्सी की सलाह निम्न कारणों से दे सकता है-

  • स्पर्म उत्पादन में समस्या का कारण कोई रुकावट तो नहीं यह निर्धारित करने के लिए
  • आईवीएफ के लिए शुक्राणु को फिर से प्राप्त करना। यह तब किया जाता है जब शुक्राणु अंडकोष में बनते हैं लेकिन वीर्य में मौजूद नहीं होते।
  • टेस्टिक्युलर कैंसर का निदान
  • अंडकोष में गांठ का कारण निर्धारित करना

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एहतियात/चेतावनी

टेस्टिक्युलर बायोप्सी से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए ?

  • टेस्ट की योग्यता कई कारकों पर निर्भर करती है जैसे व्यक्तिगत स्थिति, मेडिकल हिस्ट्री और सामान्य स्वास्थ्य।
  • सूजन होना, रंग बदलना और कुछ दिनों तक असहज महसूस करना सामान्य है। थोड़ा रक्तस्राव होना भी आम है।
  • टेस्टिक्युलर बायोप्सी से डॉक्टर को आपकी बांझपन की समस्या हल करने में मदद मिलती है। इस प्रक्रिया के बाद इरेक्शन या फर्टिलिटी की समस्याओं का जोखिम नहीं रहता।
  • लंबे समय तक रक्तस्राव और पोस्ट प्रक्रिया संक्रमण दो गंभीर जोखिम हैं। हालांकि यह दुर्लभ है। अपने डॉक्टर से संपर्क करें यदि आपको यह महसूस हो रहा हैः
  • रक्तस्राव की वजह से बायोप्सी साइट के बैंडेज का गीला होना
  • हेमेटोमा (त्वचा के नीचे रक्त का संग्रह)
  • गंभीर दर्द या अंडकोश की सूजन
  • बुखार या ठंडी लगना

एक अन्य संभावित जोखिम है अंडकोष या आसपास के क्षेत्रों में आंतरिक क्षति होना, हालांकि यह दुर्लभ है।

प्रक्रिया

टेस्टिक्युलर बायोप्सी के लिए कैसे तैयारी करें ?

इस टेस्ट के लिए बहुत कम तैयारी की जरूरत होती है।

अपने डॉक्टर को प्रिस्क्रिप्शन या ओवर द काउंटर दवाओं के बारे में बताएं जो आप ले रहे हैं। डॉक्टर से चर्चा करें कि टेस्ट के पहले और दौरान इन दवाओं को लेना है या नहीं।

कुछ दवाओं से प्रक्रिया के दौरान विशेष जोखिम का खतरा रहता है। इसमें शामिल हैः

  • एंटीकोआगुलंट्स (ब्लड थिनर्स)
  • एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन सहित नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स NSAIDS
  • कोई भी दवा जो रक्त के थक्के को प्रभावित करती है

यदि आपको जनरल एनेस्थिसिया दिया जाना है तो आपको प्रक्रिया से 8 घंटे पहले कुछ खाना और पीना नहीं है। यदि आपको बायोप्सी से पहले घर सीडेटिव दिया जाता है तो आप प्रक्रिया के लिए खुद ड्राइव करके नहीं जा सकते।

टेस्टिक्युलर बायोप्सी (Testicular Biopsy) के दौरान क्या होता है?

बायोप्सी में तकरीबन 15 से 20 मिनट का समय लगता है।

बायोप्सी कई तरीके से की जाती है। बायोप्सी का तरीका आपके टेस्ट के कारण पर निर्भर करता है। आपका डॉक्टर आपको विकल्पों के बारे में बताएगा।

ओपन बायोप्सी प्रदाता के कार्यालय, एक सर्जिकल सेंटर या एक अस्पताल में किया जा सकता है। अंडकोष के ऊपर की त्वचा को एंटीसेप्टिक से साफ किया जाता है ताकि रोगाणु मर जाएं। इसके आसपास के हिस्से को स्टेरलाई टावेल। उस हिस्से को सुन्न करने के लिए लोकल एनेस्थेटिक दिया जाता है।

त्वचा पर एक छोटा सा सर्जिकल चीरा लगया जाता है। फिर अंडकोष टिशू का छोटा सा हिस्सा निकाला जाता है। अंडकोष की ओपनिंग पर टांके लगाए जाते हैं। दूसरा टांका त्वचा के चीरे पर लगाया जाता है। यदि ज़रूरत हुई तो यह प्रक्रिया दूसरे अंडकोष के लिए भी दोहराई जा सकती है।

निडल बायोप्सी प्रदाता के ऑफिस में किया जाता है। बायोप्सी वाले हिस्से को साफ करके लोकल एनेस्थिसिया का इस्तेमाल किया जाता है जैसा कि ओपन बायोप्सी में किया जाता है। विशेष सुई से अंडकोष का नमूना निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में त्वचा पर कोई चीरा नहीं लगाया जाता।

टेस्ट के कारण के आधार पर निडल बायोप्सी शायद संभव नहीं हो या इसकी सलाह न दी जाए।

टेस्टिक्युलर बायोप्सी के बाद क्या होता है?

टेस्टिक्युलर बायोप्सी के बाद आपको खुद की देखभाल करने और सहज महसूस करने के लिए विशेष सलाह दी जाएगी। बायोप्सी के तरीके के आधार पर यह सलाह अलग-अलग हो सकती है।

आपको सलाह दी जा सकती हैः

  • सेक्सुअल एक्टिविटी से एक या दो हफ्ते तक दूर रहें
  • कुछ दिनों के लिए एथेलेटिक सपोर्टर पहनें
  • बायोप्सी साइट को सूखा रखें और कई दिनों तक इसे गीला न होने दें
  • एक हफ्ते तक एस्प्रिन लेने से बचे
  • दर्द कम करने के लिए एसिटामिनोफेन का इस्तेमाल करें

टेस्टिक्युलर बायोप्सी के बारे में किसी तरह का प्रश्न होने पर और उसे बेहतर तरीके से समझने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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परिणामों को समझें

मेरे परिणामों का क्या मतलब है?

आपके टिशू के नमूने का माइक्रोस्कोप के नीचे विश्लेषण किया जाता है। पैथोलॉजिस्ट शुक्राणु के उत्पादन और विकास में किसी तरह के दोष का पता लगाता है।

आपके परिणाम शुक्राणु का सामान्य विकास दिखा सकते हैं, यदि पहले आपका स्पर्म काउंट कम या शून्य रहा हो, बांझपन के कारण कोई रुकावट हो सकती है।

वास डिफेरेंस में रुकावट को इस प्रकार के बांझपन का कारण दिखाया गया है। वास डिफेरेंस एक ट्यूब है जो शुक्राणु को अंडकोष से मूत्रमार्ग की ओर ले जाता है। सर्जरी के जरिए इसे ठीक किया जा सकता है।

असामान्य परिणामों के अन्य कारण हो सकते हैंः

  • स्पर्मेटोसिल: अंडकोष के नलिकाओं पर एक तरल पदार्थ से भरा सिस्ट
  • ऑर्काइटिस: संक्रमण के कारण अंडकोष में सूजन
  • टेस्टिक्युलर कैंसर

सभी लैब और अस्पताल के आधार पर टेस्टिक्युलर बायोप्सी की सामान्य सीमा अलग-अलग हो सकती है। परीक्षण परिणाम से जुड़े किसी भी सवाल के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी तरह की चिकित्सा सलाह, निदान और उपचार प्रदान नहीं करता है।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 20, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 23, 2019

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