पैराथायरायडक्टमी सर्जरी एक या एक से अधिक पैराथायरायड ग्रंथियां हटाने के लिए किया जाता है। बता दें कि पैराथायरायड ग्रंथियां चार चावल के आकार की ग्रंथियां होती हैं जो गले में थायरॉयड ग्रंथि के पीछे होती हैं। पैराथायराइड ग्रंथियां पैराथायराइड हार्मोन (पीटीएच) बनाती हैं, जो शरीर में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित करता है।हाइपरपरथायरायडिज्म के रोगियों में, एक या एक से अधिक पैराथाइरॉएड ग्रंथियां बढ़ जाती हैं और पैराथाइरॉइड हार्मोन का निरीक्षण करती हैं, जिससे रक्त में कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है। बढ़ी हुई ग्रंथि (या ग्रंथियों) को हटाने के लिए सर्जरी करना ही एकमात्र निश्चित उपचार है और इसे 95 प्रतिशत मामलों में ठीक किया गया है। आपको बता दें की एक अध्ययन के मुताबिक इंट्राऑपरेटिव पैराथाइरॉइड हार्मोन माप के उपयोग से, ज्यादातर मामलों में 2-3 सेंटीमीटर चीरा लगाने से इनवेसिव पैराथाइरॉक्टोमी संभव है। पैराथाइरॉइड ग्रंथि को हटाने का मतलब इन ग्रंथियों को हटाने के लिए की गई एक प्रकार की सर्जरी से है। यह एक पैराथाइरॉइडेक्टोमी के रूप में भी जाना जाता है। अगर आपके ब्लड में बहुत अधिक कैल्शियम है तो इस सर्जरी का उपयोग किया जा सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसे हाइपरलकसीमिया के रूप में जाना जाता है

हाइपरलकैल्सीमिया ( hypercalcemia) तब होता है जब ब्लड में कैल्शियम का लेवल असामान्य रूप से ज्यादा होता है। हाइपरलकैल्सीमिया का सबसे कॉमन कारण एक या एक से अधिक पैराथाइरॉइड ग्रंथि में पीटीएच का एक ओवरप्रोडक्शन होना है। यह हाइपरपरैथायराइडिज्म का एक रूप है जिसे प्राइमरी हाइपरपैराट्रोइडिज्म कहा जाता है। प्राथमिक हाइपरपैराट्रोइडिज्म महिलाओं में पुरुषों की तुलना में दोगुना है। प्राथमिक अतिगलग्रंथिता का इलाज कराने वाले अधिकांश लोग 45 वर्ष से अधिक आयु के हैं।आप भी जानें की पैराथाइरॉइड ग्रंथि को हटाने की भी आवश्यकता कब हो सकती है।
-एडेनोमास नामक ट्यूमर, जो अक्सर माइल्ड होते हैं और शायद ही कभी कैंसर में बदल जाते हैं।
-ग्रंथियों पर या उसके पास कैंसर के ट्यूमर।
-पैराथाइराइड हाइपरप्लासिया, एक ऐसी स्थिति जिसमें पैराथायरायड ग्रंथियों के चारों और बढ़े हुए होते हैं।
-केवल एक ग्रंथि प्रभावित होने पर भी कैल्शियम का रक्त स्तर बढ़ सकता है। केवल एक पैराथायरायड ग्रंथि लगभग 80 से 85 प्रतिशत मामलों में शामिल होती है।
[mc4wp_form id=’183492″]
अगर हम ट्रेडिशन की बात करे तो आपका सर्जन जांच करेगा यह देखने के लिए की चार ग्रंथियों में से कौन सी रोगग्रस्त हैं और जिन्हें हटा दिया जाना चाहिए। इसे बाइलेट्रल नेक(bilateral neck) कहा जाता है। आपका सर्जन आपकी गर्दन के निचले हिस्से के बीच में एक चीरा बनाता है। कभी-कभी, सर्जन एक ही तरफ दोनों ग्रंथियों को हटा देगा। इस प्रकार की सर्जरी के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली टेक्निक्स के कुछ तरीके हैं जिनमें छोटे चीरों की आवश्यकता हो सकती है, जैसे की-
रेडियो-गाइड पैराथायराइडेक्टोमी(Radio-guided parathyroidectomy)
एक रेडियो-गाइड पैराथाइरॉइडेक्टोमी में, आपके सर्जन रेडियोधर्मी सामान का उपयोग करते हैं जो सभी चार पैराथाइरॉइड ग्रंथियां अवशोषित करेंगी। एक ख़ास जांच में प्रत्येक ग्रंथि से रेडिएशन के सोर्स को ओरिएंट करने और पैराथायरायड ग्रंथिओं का पता लगाने के लिए किया जाता है। यदि एक ही तरफ एक या दो रोगग्रस्त हैं, तो आपके सर्जन को केवल रोगग्रस्त ग्रंथि को हटाने के लिए एक छोटा चीरा लगाना होगा।
वीडियो-असिस्टेड पैराथाइरॉइडेक्टॉमी (Video-assisted parathyroidectomy)
वीडियो-असिस्टेड पैराथाइरॉइडक्टॉमी में, आपका सर्जन एंडोस्कोप पर एक छोटे से कैमरे का उपयोग करता है। इसमें आपका सर्जन एंडोस्कोप के लिए दो या तीन छोटे चीरों को बनाता है और गर्दन के किनारों में और ब्रेस्ट के ऊपर एक चीरा लगता है। यह विज़िबल निशान को कम करता है।
और पढ़े: Umbilical Hernia Surgery: अम्बिलिकल हर्निया सर्जरी क्या है?
पैराथायरायडक्टमी सर्जरी कैसे कि जाती है(How to done parathyroidectomy surgery)
इस सर्जरी के लिए आपको सामान्य एनेस्थीसिया दिया जाता है। आमतौर पर पैराथाइरॉइड ग्रंथियां आपकी गर्दन पर 2- से 4 इंच (5- से 10 सेमी) सर्जिकल कट का उपयोग करके हटा दी जाती हैं। आमतौर पर सर्जरी में कट आपके एडम एप्पल के नीचे आपकी गर्दन के केंद्र में होती है। आपका सर्जन आपकी चारों पैराथायराइड ग्रंथियों कि जांच करता है और जो भी रोगग्रस्त हैं उन्हें निकाल दिया जाता है। सर्जरी के दौरान आपकी एक स्पेशल ब्लड जांच कराई जाती है। जिससे यह पता चलता है कि आपकी साभी रोगग्रस्थ ग्रंथियों को निकाल दिया गया है। ज्यादा गंभीर अवस्था में इन चारों ग्रंथियों को हटाने की आवश्यकता होती है, तो एक का हिस्सा फोरआर्म में इंप्लांट किया जाता है। या, यह थायरॉयड ग्रंथि के बगल में आपकी गर्दन के सामने की मसल्स में इंप्लांट किया जाता है। यह आपके शरीर के कैल्शियम लेवल को हेल्दी लेवल पर बनाए रखने में मदद करता है। आपको बता दें कि सर्जरी किस स्पेसिफिक प्रकार से करनी है यह इसपे निर्भर करता है की रोगग्रस्त पैराथायरायड ग्रंथिया कहां पर हैं।
प्रक्रिया के बाद(After process)
आप सर्जरी के उसी दिन घर लौट सकते हैं या अस्पताल में रात बिता सकते हैं। आमतौर पर सर्जरी के बाद थोड़ा दर्द हो सकता है, जैसे कि गले में खराश। ज्यादातर लोग एक या दो सप्ताह के भीतर अपनी सामान्य जीवन में लौट सकते हैं, लेकिन यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकता है। सावधानी के तौर पर, सर्जरी के बाद कम से कम छह महीने तक आपके रक्त में कैल्शियम और पीटीएच के स्तर की देखभाल की जाएगी।
पैराथायरा हाइपरलकैल्सीमिया के शुरुआती चरणों में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर आप इससे पीड़ित हैं तो आपको इन बातों का आभास जल्दी ही होगा।
–थकान
-भूख न लगना
-जी मिचलाना
-अत्यधिक प्यास
-लगातार पेशाब आना
–कब्ज
-मांसपेशी में कमज़ोरी
-उलझन
–पथरी
पैराथायरायडक्टमी के बिना किसी लक्षण वाले लोगों को केवल देखभाल की आवश्यकता हो सकती है। हल्के मामलों को चिकित्सकीय रूप से प्रबंधित किया जा सकता है। हालांकि, अगर हाइपरलकसीमिया प्राथमिक हाइपरपैराटॉइडिज्म के कारण होता है, तो केवल सर्जरी होगी जो प्रभावित पैराथायरॉइड ग्रंथि को हटाती है।
हाइपरलकैल्सीमिया के सबसे गंभीर परिणाम इस प्रकार से हैं।
–किडनी फेलियर (kidney failure)
–हाइपरटेंशन (hypertension)
–अतालता(arrhythmia)
-कोरोनरी आर्टरी डिजीज (coronary artery disease)
– इनलार्ज हार्ट (enlarged heart )
पैराथायरायडक्टमी के ज्यादातर रोगी अपनी सर्जरी की रात के आसपास खाने, पीने और चलने के लिए ठीक हो जाते हैं, आमतौर पर, थायरॉयड और पैराथायराइड सर्जरी के साथ बहुत दर्द शामिल नहीं है। जिसकी वजह से थोड़ी दवा की आवश्यकता होगी, जिससे जरूरत पड़ने पर आप दवा का उपयोग कर सके। ज्यादातर रोगियों को बेचैनी के लिए केवल एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) की आवश्यकता होती है। कोई खतरा न हो इसके लिए रात भर हॉस्पिटल में रुक सकते हैं और सर्जरी के बाद सुबह आप अपने घर जा सकते हैं घर पर जाने के बाद भी आपको काफी रिवायत बरतने की जरुरत पड़ सकती है।
हैलो हेल्थ ग्रुप किसी प्रकार की चिकित्सा, उपचार और निदान प्रदान नहीं करता।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Parathyroid Gland Removal
Accessed on 27/03/2020
Risks of Parathyroid Surgery
Accessed on 27/03/2020
Parathyroid gland removal
Accessed on 27/03/2020
Parathyroid Surgery at Johns Hopkins
Accessed on 27/03/2020
Current Version
03/06/2020
shalu द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: shalu