वर्कआउट की लिस्ट में कई ऐसे एक्सरसाइज के बारे में जानेंगे, जिससे पूरे शरीर को फिट रखा जा सकता है। जिस एक्सरसाइज की हम बात करने जा रहे हैं, उसे ज्यादातर बॉडी बिल्डरों द्वारा पसंद किया जाता है। आज जानेंगे डेड लिफ्ट (Deadlifts) एक्सरसाइज क्या है? यह एक्सरसाइज अमेरिका में बहुत मशहूर है। जिम जाने वाले भारतीय युवा अभी इसे करने से थोड़ा परहेज करते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुछ समय बाद डेडलिफ्ट एक्सरसाइज भारतीय लोगों में भी लोकप्रिय हो जाएगी। यह वर्कआउट सिर से लेकर पांव तक शरीर के सभी मांसपेशियों पर प्रभाव डालती है। कमर,पैर, कलाई और कंधे इसके खास टारगेट होते हैं, क्योंकि इस एक्सरसाइज को करने में अन्य एक्सरसाइज के मुकाबले ज्यादा ताकत लगती है।


डेडलिफ्ट एक्सरसाइज में वेट को पूरी तरह से जमीन पर रखकर फिर उठाना होता है। इसमें पिछली मूवमेंट की कोई मदद नहीं मिलती है और हर बार जीरो से शुरुआत करनी पड़ती है। इसलिए इसे डेडलिफ्ट कहते हैं। अमेरिकी सैनिकों की ट्रेनिंग में डेडलिफ्ट जरूर शामिल होती है। शरीर में ऊर्जा बढ़ाने के लिए स्क्वॉट्स वर्कआउट के बाद डेडलिफ्ट वर्कआउट ही किया जाता है। डेडलिफ्ट अलग-अलग प्रकार के होते हैं।
1. सूमो डेडलिफ्ट (Sumo Deadlift)- सूमो डेडलिफ्ट करने से क्वाड्स और हिप्स के साथ-साथ बैक की भी एक्सरसाइज होती है।
2. रोमानियाई डेडलिफ्ट (Romanian Deadlift)- रोमानियाई डेडलिफ्ट को स्टिफ लेग्ड डेडलिफ्ट (Stiff-Legged Deadlift) या स्ट्रेट लेग डेडलिफ्ट (Straight Leg Deadlift) भी कहा जाता है। यह वर्कआउट हैमस्टिंग और ग्लूट्स के लिए अच्छा माना जाता है।
3. स्नैच ग्रिप डेडलिफ्ट (Snatch Grip Deadlift)- इसमें सामान्य तरह से डेडलिफ्ट किया जाता है।
4. हेक्स (Hex)- इसे ट्रैप बार डेडलिफ्ट (Trap Bar Deadlifts) के नाम से भी जाना जाता है। इस वर्कआउट के दौरान एक खास तरह का बार्बेल का इस्तेमाल किया जाता है।
5. पारंपरिक डेडलिफ्ट (Conventional Deadlift)- पारंपरिक डेडलिफ्ट पुराने डेडलिफ्ट का एक तरीका है। फिटनेस एक्सपर्ट के अनुसार अगर आप डेडलिफ्ट वर्कआउट की शुरुआत कर रहें हैं, तो पारंपरिक डेडलिफ्ट से शुरुआत करें।
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डेडलिफ्ट इस प्रकार रहें:
डेडलिफ्ट करने के दौरान निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
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डेडलिफ्ट एक कंपाउंड एक्सरसाइज है, जहां फर्श पर एक भारी बारबेल को उठाने से शुरू होती है। इसे “डेड वेट” के रूप में जाना जाता है। क्योंकि इस करते समय आपको मोमेंट्म का फायदा नहीं मिलता है। क्योंकि हर बार आप फर्श से वेट को उठाते हैं।
डेडलिफ्ट्स सहित कई मांसपेशी समूहों को प्रशिक्षित करते हैं:
एक डेडलिफ्ट करने के लिए आप अपने कूल्हों का उपयोग करके फ्लैटबेल को अपने कूल्हों को पीछे ले जाते हुए उठाते हैं। डेडलिफ्ट्स आपके लिए जल्दी परिणाम पाने के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं क्योंकि वे एक साथ कई प्रमुख मांसपेशी समूहों को मजबूत करने के लिए एक साथ काम करता है। डेडलिफ्ट एक्सरसाइज करने से पहले फिटनेस एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए। क्योंकि, यह कठिन एक्सरसाइज है और इसे करने के लिए आपकी बॉडी परफेक्ट है या नहीं। क्योंकि यह जानना बेहद जरूरी है।
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आपके द्वारा की जाने वाली डेडलिफ्ट की संख्या आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे वजन पर निर्भर करती है। यदि आप एडवांस्ड फिटनेस लेवल पर हैं, तो आपको डेडलिफ्ट से लाभ उठाने के लिए भारी मात्रा में वजन की आवश्यकता होगी। अगर ऐसा है, तो प्रति सेट 1 से 6 डेडलिफ्ट करें, और बीच में आराम करते हुए 3 से 5 सेट करें। यदि आप डेडलिफ्ट के लिए नए हैं और कम वजन के साथ सही फॉर्म प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, तो प्रति सेट 5 से 8 डेडलिफ्ट्स का प्रदर्शन करें। 3 से 5 सेट तक अपने तरीके से काम करें। याद रखें, सही फॉर्म हमेशा सेट की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण होता है। सप्ताह में 2 से 3 बार डेडलिफ्ट्स करें, जिससे मांसपेशियों को आराम से वर्कआउट के बीच समय मिल सके।
डेडलिफ्ट एक चुनौतीपूर्ण व्यायाम है। अगर आप जिम से ताल्लुक रखते हैं, तो ट्रेनर या फिटनेस प्रोफेशनल की सलाह से ही इस व्यायाम को करें। वे आपको सही तकनीक इस्तेमाल करने के बारे में सही जानकारी दे सकते हैं। ट्रेनर के साथ व्यायाम करने से वह आपको बता सकता है कि आप ठीक से यह व्यायाम कर रहे हैं या नहीं साथ ही वह यह भी देखेगा कि आप सही फॉर्म डेवलेप कर पा रहे हैं। एक बार डेडलिफ्ट की तकनीक को समझ कर और सही फॉर्म पर कंट्रोल पाने के बाद आप इसे अपने डेली वर्कआउट प्लान में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा कोई भी नया फिटनेस रिजीम शुरू करने से पहले यह भी समझ लें कि आप क्षमताओं के लिहाज से ही अपने लिए वर्कआउट चुनें और साथ ही यह भी देख लें कि आप को सच में उस वर्क आउट की जरूरत है या नहीं। कई मामलों में देखने को मिलता है कि लोग दूसरों को देखकर कई चीजें करने लगते हैं।
अगर आप डेडलिफ्ट (Deadlift) से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।
डिस्क्लेमर
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Current Version
18/10/2021
Nidhi Sinha द्वारा लिखित
के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. अभिषेक कानडे
Updated by: Nikhil deore