कई लोगों को अक्सर कान दर्द (Ear pain) की समस्या रहती है। लेकिन बात जब इलाज की आती है, तो बहुत लोग सबसे पहले इसके घरेलू उपाय अपनाना चाहते हैं। अगर आपको भी अक्सर कान के दर्द की समस्या होती रहती है, तो यह आर्टिकल खास आपके लिए ही है। इस आर्टिकल में आप कान के दर्द के घरेलू उपाय जानेंगे। साथ ही, इसके कारणों पर भी नजर डालेंगे।
कान दर्द होने के कारण क्या हैं? (Cause of Ear pain)
कान दर्द की कई वजह हो सकती हैं, जैसे इंफेक्शन (Infaction), फ्लू (Flu), सर्दी या फंगस (Fungus)। कभी-कभी कान में पानी चले जाने पर भी कान में दर्द होने लगता है। वैसे तो यह दर्द दोनों कान में हो सकता है। लेकिन ज्यादातर देखा गया है कि एक बार में एक ही कान में दर्द उठता है। बहरहाल अब हम बताएंगे कि आप कान के दर्द के घरेलू (Home remedies for ear pain) उपाय अपना सकते हैं।
कान दर्द दूर करने के लिए करें सिकाई:
कान में दर्द के समय गर्म सेक से काफी आराम मिलता है। इसके लिए एक मोटे कपड़े को गर्म पानी में भिगोएं और फिर अच्छे से निचोड़ दें, ताकि एक्स्ट्रा पानी निकल जाए। अब इस कपड़े से कान को 20 मिनट तक सेकें। आपको इससे आराम मिलेगा।
कान दर्द के लिए ऑलिव ऑयल:
कान के दर्द में ऑलिव ऑयल (Olive oil) भी आपको राहत दिला सकता है। इसे थोड़ा गुनगुना करके कान में डालने से आराम मिलता है। लेकिन अगर कान में सूजन है, तो इसका इस्तेमाल न करें। इसके साइड इफ्फेक्ट लगभग न के बराबर हैं, फिर भी ऐसे में कान में कुछ न डालें।
अजवाइन (Celery) और तिल के तेल (Til oil) को बराबर मात्रा में मिलाकर हल्का गर्म करें। फिर इसकी दो बूंद कान में डालें इससे भी आराम मिलता है।
कान के दर्द में सरसों के तेल (Mustard oil) का इस्तेमाल तो दादी-नानी जमाने से होता आ रहा है। इसके लिए इसे हल्का गुनगुना करके कान में डालें। इससे की तकलीफ दूर होगी ही, साथ ही अगर कान में गंदगी जम गई होगी, तो वो भी फूल कर बाहर आ जाएगी, जिसे आप आसानी से निकाल सकते हैं।
ईयर पेन को दूर करने में कारगार है लहसुन
ईयर पेन को दूर करने के लिए करें लहसुन (Garlic) की कलियों का इस्तेमाल लहसुन में दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं। साथ ही, यह इंफेक्शन की समस्या को भी दूर करने में मदद कर सकता है। ईयर पेन से राहत पाने के लिए आप लहसुन की कच्ची कलियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके कलियों को सबसे पहले पीस लें या कुचल लें। फिर उसे कॉटन के एक कपड़े में बांध लें। इसके बाद उस कपड़े को कान के ऊपर रखें। लगभग 20 से 30 मिनट बाद आपको कान के दर्द से राहत मिल सकता है। जिसके बाद आप उस कपड़े को काम के ऊपर से हटा सकते हैं।
लहसुन के रस का भी कर सकते हैं इस्तेमाल
आप चाहें, तो कलियों का रस निकाल कर उसे सीधा काम के अंदर भी डाल सकते हैं। ऐसा करने से भी आप कान में होने वाले दर्द से जल्द ही राहत पा सकते हैं।
हालांकि, ऊपर बताए गए किसी भी घरेलू उपचार को अपनाने से पहले इस बार में अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इसका प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग भी हो सकता है।
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कान का दर्द छोटे बच्चे से लेकर बूढ़े लोगों तक किसी को भी हो सकता है और बहुत तकलीफ पैदा कर सकता है। कान के साथ ज्यादा छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। अगर तकलीफ ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
कान दर्द के बारे रोचक बातें (Facts about ear pain)
कानदर्द की समस्या बच्चों को बहुत होती है, जिसके बारे में पैरेंट्स बखूबी जानते हैं। पर बड़े भी इस समस्या से परेशान रहते हैं। इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं।
कान में दर्द होने का यह सबसे सामान्य कारण है। जो लोग कान की ठीक से सफाई नहीं करते उन्हें ये दर्द होना सामान्य है। कई बार ईयर वैक्स (Ear wax) अपने आप बाहर निकलता रहता है। अगर इसकी नॉर्मल प्रॉसेस प्रभावित हो जाए और वैक्स ठोस होने लगे तो आपको दर्द उठने लगता है। ऐसे में लोगों को खुद से कान की सफाई करने से बचना चाहिए और डॉक्टर को दिखाना दिखाना चाहिए।
एयर प्रेशर या हवा का दबाव
आपके दोनों कानों में हवा का दबाव बराबर बना होता है, लेकिन कई बार ये दबाव बिगड़ जाता है। खाना खाते वक्त आपके अक्सर ऐसा एहसास किया होगा। लेकिन कई बार ये दबाव ठीक तरह से बराबर नहीं हो पाता। आपने अक्सर हवाई जहाज में सफर करते हुए या किसी ऊंची जगह पर कानों में दर्द महसूस किया होगा।
जो लोग तैराकी (Swimming) करते हैं उनमें इस तरह का दर्द देखने मिलता है। अक्सर पानी में मौजूद बैक्टीरिया और जर्म्स की वजह से कान में इंफेक्शन हो जाता है। ऐसे में कान खींचने और छूने पर भी दर्द होता है। ऐसा इंफेक्शन (Infection) दूसरों को भी आसानी से फैल सकता है। इससे बचने के लिए तैराकों को पानी से निकलते ही अपने कान सुखाना चाहिए और एंटिसेप्टिक लिक्विड वॉश से धोना चाहिए।
ठंड, एलर्जी और साइनस इंफेक्शन की वजह से कान के बीच की ट्यूब बंद हो सकती है। इसकी वजह से भी दर्द हो सकता है। एंटीबायोटिक की मदद से यह दर्द ठीक किया जा सकता है। अगर एंटीबायोटिक से दर्द ठीक नहीं होता तब आपको तत्काल डॉक्टर से मिलना चाहिए। ईएनटी स्पेशलिस्ट आपकी स्थिति देखकर आपको उस तरह का ट्रीटमेंट देते हैं।
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किन स्थितियों में गंभीर हो सकता है ईयर पेन?
निम्न स्थितियों का अनुभव हाने पर तुरंत आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि ये गंभीर हो सकते हैं, जिसमें शामिल हैंः
- कान में तेज दर्द होना
- कान में भारीपन महसूस होना
- जी मिचलना
- कम सुनाई देना
- कान से तरल पदार्थ का निकलना।
कान दर्द कहीं खतरे की निशानी तो नहीं?
कई बार कान का दर्द उपरोक्त कारणों से होता है तो कई बार इसके पीछे गंभीर वजह भी हो सकती है। दरअसल, कान दर्द के पीछे ट्यूमर या गंभीर इंफेक्शन हो सकता है। अगर आपको कान दर्द के साथ बुखार (Fever), निगलने में परेशानी या गले का इंफेक्शन (Throat infection) हो जाए तो यह खतरे की घंटी है। ऐसे में आपको बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि कान दर्द की किसी भी स्थिति में दांतों को नहीं पीसना चाहिए, क्योंकि इससे और तकलीफ बढ़ सकती है।