home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

टाकायासु आर्टेराइटिस: आर्टरीज में सूजन की वजह हो सकती है यह रेयर हार्ट कंडिशन!

टाकायासु आर्टेराइटिस: आर्टरीज में सूजन की वजह हो सकती है यह रेयर हार्ट कंडिशन!

टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) को टीएके (TAK) भी कहा जाता है। यह वैस्क्युलाइटिस डिजीज (Vasculitis Disease) का एक दुर्लभ प्रकार है। जिसमें शरीर की सबसे बड़ी आर्टरीज की वॉल्स में सूजन हो जाती है। हमारे शरीर की सबसे बड़ी आर्टरीज एऑर्टा (Aorta) और उसकी ब्रांचेज हैं। यह डिजीज शरीर के खुद के इम्यून सिस्टम के अटैक करने पर होती है। जिसके कारण आर्टरीज की वॉल्स में सूजन हो जाती है। इस सूजन के कारण आर्टरीज तंग हो जाती हैं और शरीर के कई हिस्सों में ब्लड फ्लो कम हो जाता है। टाकायासु आर्टेराइटिस के कारण बाजू, टांगों और ऑर्गन्स में पल्स भी वीक हो जाती हैं, इसलिए इस बीमारी का एक नाम पल्सलेस डिजीज (Pulseless Disease) भी है। कई बार इस समस्या के रोगियों में इसके कोई भी लक्षण नजर नहीं आते हैं।

यह बीमारी इतनी दुर्लभ हैं कि डॉक्टर इसे आसानी से पहचान नहीं पाते हैं, इसलिए इस बीमारी के निदान में कई बार कई साल लग जाते हैं। आइए जानते हैं कि क्या हैं टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis)के लक्षण?

टाकायासु आर्टेराइटिस के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Takayasu’s Arteritis)

टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) के लक्षणों में थकावट और छाती में दर्द शामिल है। यह समस्याएं अन्य हार्ट डिजीज की स्थिति में भो हो सकती हैं। ऐसे में इस रोग को पहचानना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर रोगी के लक्षणों का प्रयोग इस रोग को स्टेजेस में वर्गीकृत करने के लिए कर सकते हैं।

और पढ़ें : Chronic Obstructive Pulmonary Disease (COPD) : क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज क्या है?

स्टेज 1 लक्षण (Stage 1 symptoms)

टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) के स्टेज 1 के लक्षणों में यह सब शामिल हो सकता है:

आर्टरीज का नुकसान इस रोगी की पहचान से बहुत पहले शुरू हो गया होगा। रोगी के लक्ष्यों का स्टेज 2 में पहुंचने से एक साल पहले ऐसा हो चुका होता है।

स्टेज 2 सिम्पटम्स (Stage 2 symptoms)

अगर रोगी इस बीमारी की दूसरी स्टेज तक पहुंच चुका है तो वो इन लक्षणों का अनुभव कर सकता है:

  • आपके अंगों में कमजोरी या दर्द (Weakness or Pain in Limbs)
  • चक्कर आना (Dizziness)
  • ध्यान लगाने में समस्या (Trouble concentrating)
  • विजन प्रॉब्लम (Vision problems)
  • हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure)
  • एनीमिया (Anemia)
  • छाती में दर्द (Chest pain)
  • सांस लेने में समस्या (Shortness of breath)

टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) के स्टेज 2 सिम्पटम्स हार्ट से खास अंगों, मसल्स और अन्य टिश्यूज तक सही से ब्लड फ्लो न हो पाने के कारण होते हैं। आइए जानते हैं अब इस रोग के कारणों के बारे में।

और पढ़ें : Aortic calcification : हार्ट वॉल्व से जुड़ी इस समस्या का क्या है कारण?

टाकायासु आर्टेराइटिस के कारण (Causes of Takayasu’s Arteritis)

टाकायासु आर्टेराइटिस के कारण एऑर्टा (Aorta और अन्य मेजर आर्टरीज, जिनमें सिर और किडनी की आर्टरीज भी शामिल हैं, इनमें सूजन हो जाती है। समय के साथ इस सूजन के साथ आर्टरीज में बदलाव आने शुरू हो जाते हैं जिसमें इनका थिक, तंग या डैमेज होना शामिल है। इस इनिशियल इन्फ्लेमेशन के सही कारणों का पता नहीं है। यह स्थिति एक तरह से ऑटोइम्यून डिजीज (Autoimmune Disease) की तरह है। जिसमें हमारा ही इम्यून सिस्टम गलती से अपनी आर्टरीज पर अटैक करता है।

मेडलायनप्लस (MedlinePlus) के अनुसार टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) के कारणों की जानकारी नहीं है। यह बीमारी अधिकतर बीस से चालीस साल की महिलाओं को अधिक होने की संभावना होती है। ऐसा माना जाता है कि इस बीमारी का कारण कई जीन्स भी हो सकते हैं। वायरस (Virus) और अन्य इंफेक्शन (Infection) होने पर यह समस्या बढ़ सकती है। जानिए किन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए?

और पढ़ें : ट्रायकसपिड वॉल्व एंडोकार्डाइटिस : इस तरह से पहचानें दिल के इस इंफेक्शन के संकेतों को!

किन स्थितियों में मेडिकल हेल्प जरूरी है?

अगर आप अचानक छाती में दर्द महसूस करें या आपको सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो आपको तुरंत मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए। यह हार्ट अटैक (Heart Attack) या अन्य कार्डिएक रोग का संकेत हो सकते ही। इसके अलावा अगर आप इन लक्षणों का अनुभव करें, तब भी तुरंत डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

  • एक या दोनों बाजुओं का कमजोर होना (Weakness in one or both arms)
  • बोलने में परेशानी (Speech difficulty)
  • दूसरे लोगों की बात समझने में परेशानी (Difficulty understanding other people)
  • अचानक गंभीर सिरदर्द (Sudden, severe headache)
  • ध्यान लगाने में समस्या (Loss of coordination)

यह एक आपातकालीन स्थिति है ऐसे में इसमें तुरंत डॉक्टर की सलाह और उपचार जरूरी है। अब जान लेते हैं इस समस्या से जुड़ी जटिलताओं के बारे में।

और पढ़ें : प्रोस्थेटिक वॉल्व एंडोकार्डाइटिस: दिल के इस इंफेक्शन के बारे में कितना जानते हैं आप?

टाकायासु आर्टेराइटिस से जुड़ी कॉम्प्लिकेशंस (Complications of Takayasu’s Arteritis)

टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) एक दुर्लभ समस्या है। रोगी को पता भी नहीं होता कि उसे यह रोग है। इस बीमारी के साथ सूजन के कारण कई मरीज को कई जटिलताओं का सामना भी करना पड़ सकता है। जो इस प्रकार हैं:

  • ब्लड वेसल्स का सख्त होना (Hard Blood Vessels) :इसके कारण ऑर्गन और टिश्यूज तक ब्लड फ्लो कम हो सकता है
  • हाय ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) : किडनी तक ब्लड फ्लो के कम होने के कारण हाय ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) की समस्या बढ़ सकती है।
  • हार्ट में सूजन (Inflammation of Heart) : इसके कारण हार्ट मसल्स और हार्ट वॉल्व प्रभावित हो सकते हैं।
  • हार्ट फेलियर (Heart Failure) : ब्लड प्रेशर के बढ़ने पर हार्ट में सूजन हो सकती है जिससे हार्ट फेलियर (Heart Failure) की संभावना बढ़ सकती है। यही नहीं, स्ट्रोक (Stroke) और हार्ट अटैक (Heart Attack) भी हो सकता है।
  • ट्रांसिएंट इस्कीमिक अटैक (Transient Ischemic Attack) : इसे मिनीस्ट्रोक (Ministroke) भी कहा जाता है। इसे वार्निंग सिग्नल कहा जाता है क्योंकि इसके कारण स्ट्रोक के जैसे लक्षण पैदा होते हैं। इस समस्या के कारण कोई परमानेंट डैमेज नहीं होता है।
  • एओर्टिक एन्यूरिज्म (Aortic Aneurysm) : यह समस्या तब होती है जब ब्लड वेसल की वॉल्स कमजोर हो जाती है। इसके अलावा टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) के कारण कुछ अन्य जटिलताएं भी हो सकती हैं। इस समस्या का निदान करना हालांकि थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन, जानिए किस तरह से इसका निदान संभव है?

टॉकयासु'स आर्टेरायटिस

और पढ़ें : क्या आप ब्रेकअप के बाद इन्वॉल्व हैं रिवेंज सेक्स में? जानें इसके कारण क्या हैं

टाकायासु आर्टेराइटिस का निदान (Diagnosis of Takayasu’s Arteritis)

टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) का निदान कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है। इस रोग के निदान के लिए डॉक्टर सबसे पहले रोगी से इसके लक्षणों के बारे में जानते हैं। उसके बाद रोगी की मेडिकल हिस्ट्री और फॅमिली हिस्ट्री जानी जाती है। रोगी की शारीरिक जांच भी की जाती है। इसके अलावा कुछ अन्य टेस्ट्स की सलाह भी दी जाती है, जैसे :

  • मैग्नेटिक रेजोनेंस एंजीयोग्राफी (Magnetic Resonance Angiography ): मैग्नेटिक रेजोनेंस एंजीयोग्राफी का प्रयोग कर के एक्स-रे के बिना ह्यूमन बॉडी की इमेज बनाई जा सकती है। इस टेस्ट में इमेज बनाने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी का प्रयोग किया जाता है।
  • कंप्यूटेड एक्सियल टोमोग्राफी स्कैन (Computed Axial Tomography): इस स्कैन में एक्स-रे (X-ray) और कंप्यूटर की मदद से इंटरनल ऑर्गन्स की इमेज बनाई जा सकती है जिसमें लार्ज ब्लड वेसल्स भी शामिल हैं।
  • एंजियोग्राफी (Angiography) : इस टेस्ट से ब्लड वेसल्स के अंदर की तस्वीरें ली जा सकती हैं। इस टेस्ट के दौरान कैथेटर को लार्ज आर्टरी में इन्सर्ट किया जाता है। कैथेटर के माध्यम से थोड़ी मात्रा में कंट्रास्ट मटेरियल को ब्लड वेसल में इंजेक्ट किया जाता है और एक्स-रे पिक्चर ली जाती है।

इसके साथ ही डॉक्टर अन्य कुछ टेस्ट्स की सलाह भी दे सकते हैं। टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) का निदान होने पर डॉक्टर इसके उपचार के तरीके के बारे में निर्णय लेंगे। जानिए इस समस्या के उपचार के बारे में।

और पढ़ें : पल्मोनरी एम्बोलिस्म कैसे पहुंचा सकता है आपके शरीर को नुकसान, जानिए

टाकायासु आर्टेराइटिस का उपचार (Treatment of Takayasu’s Arteritis)

टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) के उपचार के लिए डॉक्टर कई तरीके अपना सकते हैं जैसे दवाईयां, सर्जरी और जीवनशैली में बदलाव आदि। सबसे पहले जानते हैं दवाईयों के बारे में।

दवाईयां (Medicines)

अगर आप इस रोग से पीड़ित हैं तो आपके उपचार के लिए सही दवाईयों और उनके साइड इफेक्ट्स के बारे में पहले ही डॉक्टर से बात कर लें। डॉक्टर इन दवाईयों की सलाह दे सकते हैं:

  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (Corticosteroids) : इस दवा का प्रयोग सूजन को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। यह ड्रग रोगी को लंबे समय तक लेनी पड़ सकती है। इसका उदाहरण है प्रेडनिसोन (Prednisone), जिसे कई ब्रांड नेम्स जैसे रेयोस (Rayos), स्टेराप्रेड (Sterapred), डेल्टासोन (Deltasone) से जाना जाता है। इस दवा के साइड इफेक्ट्स में वजन का बढ़ना, इंफेक्शन का रिस्क आदि शामिल है।
  • इम्यून सिस्टम को सप्रेस करने वाली दवाईयां (Drugs that suppress the Immune System) : अगर रोगी की स्थिति कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (Corticosteroids) के सेवन से नहीं सुधरती है। तो डॉक्टर अन्य दवाईयों की सलाह दे सकते हैं जैसे मेथोट्रेक्सेट (Methotrexate), अजैथायोप्रीन (Azathioprine) और लेफ्लुनोमाइड (Leflunomide)
  • इम्यून सिस्टम को रेगुलेट करने की दवाईयां (Medications to Regulate Immune System) :डॉक्टर इम्यून सिस्टम की अब्नोर्मलिटिस को सुधारने के लिए कुछ अन्य दवाईयों की सलाह भी दे सकते हैं जैसे एटेनरसेप्ट (Etanercept) और इनफ्लैक्सिमैब (Infliximab) आदि।

इन दवाईयों के अलावा रोगी की स्थिति और लक्षणों के अनुसार उसे अन्य दवाईयां भी दी जा सकती हैं। इसके साथ ही टीएके (TAK) के उपचार के लिए सर्जरी की जरूरत भी हो सकती है।

और पढ़ें : ब्लड क्लॉटिंग से जुड़ी हो सकती हैं पल्मोनरी एम्बोलिज्म कॉम्प्लीकेशन्स, जल्द से जल्द उपचार है जरूरी

सर्जरी (Surgery)

अगर रोगी की आर्टरीज तंग या ब्लॉक हो गई हों, तो उसे ओपन हार्ट या बायपास सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। ताकि आर्टरीज से ब्लड फ्लो बाधित न हो। इससे कुछ खास लक्षणों जैसे हाय ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) और चेस्ट पेन (Chest Pain) से भी राहत मिल सकती है। कुछ मालों में आर्टरीज फिर से तंग या ब्लॉक हो सकती है, ऐसे में सेकंड प्रोसीजर की जरूरत होती है। टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) की स्थिति में इन सर्जरीज की सलाह दी जा सकती है:

  • बायपास सर्जरी (Bypass Surgery)
  • ब्लड वेसल वायडनिंग (Blood Vessel Widening) या परक्यूटेनियस एंजियोप्लास्टी (Percutaneous Angioplasty)
  • एओर्टिक वाल्व सर्जरी (Aortic Valve Surgery)

दवाईयों और सर्जरी के साथ ही टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) की स्थिति को मैनेज करने और इससे बचाव के लिए डॉक्टर मरीज को लाइफस्टाइल में बदलाव के लिए कह सकते हैं, जो इस प्रकार हैं।

लाइफस्टाइल में बदलाव

टाकायासु आर्टेराइटिस (Takayasu’s Arteritis) से बचने और इस स्थिति को मैनेज करने के लिए हार्ट हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाना बेहद जरूरी है। ऐसे में रोगी को अपने जीवन में यह सब परिवर्तन करने चाहिए:

  • हेल्दी आहार का सेवन करें (Heart Healthy Food)
  • नियमित व्यायाम करें (Regular Exercise)
  • एल्कोहॉल और धूम्रपान से दूर रहें (Stay away from Alcohol and Smoking)
  • तनाव से बचें (Avoid Stress)
  • नियमित जांच कराएं (Regular checkup)
  • डॉक्टर की सलाह का पालन करें (Follow Doctor’s advice)

Quiz : कितना जानते हैं अपने दिल के बारे में? क्विज खेलें और जानें

(function() { var qs,js,q,s,d=document, gi=d.getElementById, ce=d.createElement, gt=d.getElementsByTagName, id=”typef_orm”, b=”https://embed.typeform.com/”; if(!gi.call(d,id)) { js=ce.call(d,”script”); js.id=id; js.src=b+”embed.js”; q=gt.call(d,”script”)[0]; q.parentNode.insertBefore(js,q) } })()

और पढ़ें : Pulmonary Hypertension: पल्मोनरी हाइपरटेंशन क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

टाकायासु आर्टेराइटिस(Takayasu’s Arteritis)की स्थिति को आमतौर पर दवाईयों से कंट्रोल किया जा सकता है। हालांकि, यह दवाईयां स्ट्रॉग हो सकती हैं और इनके कुछ साइड-इफेक्ट्स भी हो सकती है। अगर ऐसा है तो डॉक्टर आपको इन साइड इफेक्ट्स को कम करने के तरीकों के बारे में बता सकते हैं। इसके साथ ही अगर आपको टीएके (TAK) से संबंधित कोई भी लक्षण नजर आता है, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरुरी है। यही नहीं, नियमित जांच से भी इस रोग का निदान संभव है, जिससे सही समस्या पर उपचार हो सकता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र
लेखक की तस्वीर badge
AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ घंटे पहले को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
x