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केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत!

केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत!

संयुक्त राज्य में लगभग 3 में से 1 एडल्ट अन्य एडल्ट्स के लिए इनफॉर्मल केयरगिवर्स (Informal caregivers) के रूप में काम करते हैं। केयरगिवर्स वह व्यक्ति होता है जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करता है, जैसे कोई बीमार पार्टनर, विकलांग बच्चा या कोई बुजुर्ग रिश्तेदार। हालांकि, परिवार के सदस्य जो सक्रिय रूप से किसी अपने की देखभाल करते हैं, खुद को “केयरगिवर्स” के रूप में सेल्फ-आइडेंटिफाई नहीं करते हैं। वे अक्सर दूसरों की सेवा करते-करते, खुद की केयर करना भूल जाते हैं। ऐसा हम नहीं 12 मार्च, 2008 की एक रिपोर्ट कहती है जिसके अनुसार हार्ट पेशेंट्स की देखभाल करने वालों को हार्ट रिस्क की संभावना हो सकती है। दरअसल, केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत (The heart of the caregivers also needs care) होती है।

किसी अपने की बीमारी की वजह से बहुत ज्यादा स्ट्रेस होना केयरगिवर्स में हार्ट और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को डेवलप कर सकता है। इस आर्टिकल में केयरगिवर्स स्ट्रेस के लक्षण क्या हैं, आप इनसे कैसे बच सकते हैं आदि के बारे में पूरी जानकारी दी गई है जो कि आपके लिए किस कठिन समय में हेल्पफुल साबित हो सकती है।

केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत (The heart of the caregivers also needs care) : क्या कहती है रिसर्च?

मोस्का, न्यूयॉर्क-प्रेस्बिटेरियन हॉस्पिटल/कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में मेडिसिन के प्रोफेसर और प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर की टीम ने उन 501 लोगों में हार्ट रिस्क का आकलन किया, जिनके किसी प्रियजन को हार्ट डिजीज (Heart disease) के साथ हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था।

प्रतिभागियों में, 39% अपने प्रियजन के लिए प्राइमरी केयरगिवर्स थे; जिनमें ज्यादातर 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र की मैरिड महिलाएं थीं। उन केयरगिवर्स में विशेष रूप से दो तरह के दिल के खतरों की रिपोर्ट करने की संभावना थी जिसका मुख्य कारण बहुत अधिक सैचुरेटेड फैट (Saturated fat) का सेवन और बढ़ी हुई कमर का होना था। साथ ही, जो लोग केयरगिवर स्ट्रेस का अधिक अनुभव करते हैं, वे डिप्रेस्ड हो जाते हैं और उन्हें ज्यादा सोशल सपोर्ट नहीं मिलता है, लेकिन रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि केयरगिवर्स थोड़ी सी हेल्प के जरिए अपनी हार्ट हेल्थ को ठीक कर लिया।

शोधकर्ताओं ने कुछ केयरगिवर्स को हार्ट-हेल्दी डायट्री हैबिट्स (Heart-healthy dietary habits) के बारे में बताया जैसे कि उन्हें कितना फैट और कोलेस्ट्रॉल लेना चाहिए। छह सप्ताह बाद, उनकी हार्ट की हेल्थ काफी बेहतर पाई गई। केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत होती है इससे समझा जा सकता है।

और पढ़ें: क्या हार्ट पेशेंट्स के लिए प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन फायदेमंद हो सकता है?

केयरगिवर्स को भी होता है स्ट्रेस (Caregivers also have stress)

केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत

इस स्टडी से हम मान सकते हैं कि केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत होती है। ज्यादातर केयरगिवर्स के लिए, किसी अपने का सपोर्ट करना कुछ ऐसा जो आप हमेशा से उनके लिए करना चाहते हैं, लेकिन ऐसी स्तिथि में खुद के अंदर कुछ चेंजेज आना लगभग तय है। गुस्सा, निराश, थका हुआ, अकेला या उदास महसूस करना स्वाभाविक है। केयरगिवर्स के अंदर इमोशनल और फिजिकल स्ट्रेस (Physical stress) होना आम है। जिसका असर हार्ट पर भी होता है। इसके लिए योगा या एक्सरसाइज की मदद ली जा सकती है। केयरगिवर्स स्ट्रेस (Caregiver stress) के रिस्क फैक्टर्स में शामिल हैं:

  • आप जिस व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं उसके साथ रहना
  • सोशल आइसोलेशन (Social isolation)
  • डिप्रेशन होना
  • फाइनेंशियल समस्याएं (Financial problems)
  • देखभाल करने में अधिक समय बिताना
  • किसी भी समस्या से लड़ने या समस्याओं को हल करने में कठिनाई

और पढ़ें: हार्ट पेशेंट्स के लिए योग है बेहतर उपाय लेकिन ये योग कहीं पैदा न कर दें खतरा!

केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत : केयरगिवर्स स्ट्रेस के लक्षण (Symptoms of Caregiver Stress)

एक केयरगिवर के रूप में, आप अपने प्रियजन के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपने आपको इतना ज्यादा इन्वॉल्व कर लेते हैं कि यह पता ही नहीं चलता कि आपकी खुद की हेल्थ बिगड़ रही है। केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत होती है, लेकिन अगर इस पर ध्यान ना दिया जाए तो यह बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। केयरगिवर्स स्ट्रेस के ये लक्षण दिखे तो सचेत हो जाएं:

लंबे समय से चला आ रहा बहुत ज्यादा स्ट्रेस केयरगिवर्स को हार्ट डिजीज और डायबिटीज जैसी हेल्थ प्रॉब्लम दे सकता है।

केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत (The heart of the caregivers also needs care) : केयरगिवर्स स्ट्रेस से कैसे बचें?

केयरगिवर्स स्ट्रेस से बचने के लिए आप कुछ कदम उठा सकते हैं जैसे:

शेयर करें

अपनी भावनाओं के बारे में बात करने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश करें जिस पर आप भरोसा करते हैं – जैसे कि कोई दोस्त, पार्टनर या पड़ोसी। इससे स्ट्रेस कम होता है। स्ट्रेस कम होने से हार्ट हेल्दी रहता है क्योंकि केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत।

रियलिस्टिक गोल निर्धारित करें

यह बात एक्सेप्ट करें कि अपने प्रियजन की देखभाल करने के दौरान आपको किसी की मदद की आवश्यकता हो सकती है, और कुछ कार्यों में मदद के लिए दूसरों का सपोर्ट लें। आस-पास ऐसा कई लोकल आर्गेनाइजेशन होते हैं जो कैंसर या अल्जाइमर जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों के परिवार के सदस्यों के लिए सपोर्ट ग्रुप (या तो व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन) प्रदान कर सकते हैं।

और पढ़ें: एक्सरसाइज के दौरान मेटफॉर्मिन का ग्लूकोज होमियोस्टेटिस पर प्रभाव क्या होता है?

केयर सर्विसेज का लाभ उठाएं

केयर सर्विसेज केयरगिवर्स के लिए एक टेम्पररी ब्रेक देती हैं। यह कुछ घंटों की इन-होम केयर से लेकर नर्सिंग होम में थोड़े समय के लिए रहने की सुविधा देता है। इससे केयरगिवर्स को अपने लिए कुछ समय मिल जाता है।आपका करीबी जिस भी किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है, उसे एक्सेप्ट करें। खासकर अगर यह एक प्रोग्रेसिव डिजीज है जैसे कि पार्किंसंस (Parkinson’s) या अल्जाइमर (Alzheimer’s)। स्वीकार करें कि एक समय आ सकता है जब पेशेंट को नर्सिंग सर्विसेज की आवश्यकता होती है।

केयरगिवर सपोर्ट ग्रुप (Caregiver support group) का हिस्सा बनें ताकि अपनी भावनाओं और अनुभवों को शेयर करने में आपको मदद मिल सके। इससे स्ट्रेस को मैनेज करने में आसानी होगी साथ ही निराशा और आइसोलेशन की भावनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

खुद की हेल्थ को भी देखें

अपने बारे में मत भूलिए क्योंकि आप किसी और की देखभाल करने में बहुत व्यस्त हैं। अपने लिए समय निकालें, भले ही वह सिर्फ एक या दो घंटे का ही क्यों न हो। याद रखें, केयरगिवर्स के लिए यह बहुत जरूरी है। किसी प्रोफेशनल से बात करें। ज्यादातर डॉक्टर और सोशल वर्कर्स को इमोशनल और फिजिकल स्ट्रेस से जूझ रहे इंसान की मदद करने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। जरूरत पड़ने पर उनकी मदद लें।

अपने आप को शिक्षित करें जितना अधिक आप बीमारी के बारे में जानेंगे, आप बीमारी ग्रस्त व्यक्ति की देखभाल करने में उतने ही प्रभावी होंगे। इसलिए, डॉक्टर से बीमारी के बारे में खुलकर बाते करें। उनसे समझें कि आप कैसे रोगी की मदद कर सकते हैं।

और पढ़ें: हार्ट डिजीज के रिस्क को कम कर सकता है केला, दूसरी हेल्थ कंडिशन में भी है फायदेमंद

ये भी ना भूलें

किसी प्रियजन का हार्ट डिजीज या किसी गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती होना केयरगिवर्स के लिए एक “मोटिवेशनल मोमेंट” (Motivational moment) भी हो सकता है, अगर उन्हें ऐसा करने के लिए किसी का सपोर्ट मिलता है। यह जरूरी है कि हम केयरगिवर्स की पहचान करने, उन्हें शिक्षित करने और उन्हें सही तरीके से सपोर्ट करने के लिए एक सपोर्ट सिस्टम डेवलप करें। साथ ही केयरगिवर्स को चाहिए कि वे अपनी हेल्थ को ठीक रखने के लिए सही खान-पान, भरपूर एक्सरसाइज और नींद लें। अपनी भावनाओं को स्वीकार करें। अपनी जिम्मेदारियों या जिस व्यक्ति की आप परवाह कर रहे हैं, उसके बारे में नेगेटिव इमोशंस – जैसे निराशा या गुस्सा – होना सामान्य है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप एक बुरे केयरगिवर हैं। केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत इस बात का भी ध्यान रखें। और उससे जुड़ी एक्टिविटीज में भाग लें।

उम्मीद करते हैं कि आपको केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत (The heart of the caregivers also needs care) क्यों होती है इससे संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड