आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क के बीच क्या है कनेक्शन?

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क के बीच क्या है कनेक्शन?

मोटापा कार्डियोमेटाबोलिक डिजीज के लिए महत्वपूर्ण रिस्क फैक्टर है। जिसमें डायबिटीज (Diabetes), हायपरटेंशन (Hypertension), कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary heart disease) , डिसलिपिडिमिया (Dyslipidemia) शामिल हैं, लेकिन वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क (Waist Circumference and Cardiometabolic Risk) का कनेक्शन अधिक गहरा है। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हेल्थ ऑर्गनाइजेशन्स बीएमआई (BMI) की गणना के अनुसार वेट को मैनेज करने की सलाह देती हैं। जिन लोगों का बीएमआई 30kg/m 2 होता है उन्हें ओबेस माना जाता है और उनमें स्वास्थ्य संबंधित तकलीफें होने का रिस्क ज्यादा होता है। वहीं 25.0 से 29.9 kg/m 2 बीएमआई वालों को ओवरवेट माना जाता है। 18.5 से 24.9 kg/m2 के बीच बीएमआई होने पर व्यक्ति को लीन माना जाता है। बीएमआई मोटापे से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ते जोखिमों को पहचानने का बेहतरीन तरीका है।

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क (Waist Circumference and Cardiometabolic Risk) को लेकर कई स्टडीज की गई हैं। उन स्टडीज में क्या सामने आया और वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क का संबंध क्या है। इस आर्टिकल में बताया जा रहा है।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज में न्यू ड्रग ट्रीटमेंट : जानिए क्या है ये खास ट्रीटमेंट?

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क (Waist Circumference and Cardiometabolic Risk)

डायबिटीज जर्नल के अनुसार बॉडी फैट ड्रिस्ट्रिब्यूशन ओबेसिटी रिलेटेड बीमारियों का एक रिस्क फैक्टर है। अधिक मात्रा में एब्डोमिनल फैट जिसे अपर बॉडी फैट के नाम से जाना जाता है कार्डियोमेटाबोलिक डिजीज के रिस्क को बढ़ा देता है। हालांकि, एब्डोमिनल फैट के सटीक माप के लिए महंगी रेडियोलॉजिकल इमेजिंग तकनीकों की आवश्यकता होती है, लेकिन वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क (Waist Circumference and Cardiometabolic Risk) और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क इस बात से साबित होता है कि जिन पुरुषों का वेस्ट सर्कमफरेंस 40 इंच से ज्यादा होता है उनमें कार्डियोमेटाबोलिक डिजीज का रिस्क बढ़ जाता है वहीं महिलाओं के लिए यह माप 35 इंच बताई गई है।

वेस्ट सर्कमफरेंस के बारे में जान लें ये भी

वेस्ट सर्कमफरेंस फैट डिस्ट्रीब्यूशन का एक यूनिक इंडिकेटर प्रदान करता है जो उन मरीजों को पहचानने में मदद कर सकता है जो बीएमआई माप के ऊपर हैं या कोर्डियोमेटाबोलिक डिजीज के जोखिम में हैं। हालांकि, हेल्थ रिस्क को निर्धारित करने के लिए अनुशंसित वर्तमान वेस्ट सर्कमफरेंस कट पॉइंट “ओबेस” बीएमआई से प्रतिगमन द्वारा प्राप्त किए गए थे और नैदानिक ​​​​प्रबंधन को प्रभावित करने की संभावना नहीं है जब बीएमआई और अन्य मोटापे से संबंधित कार्डियोमेटाबोलिक जोखिम कारक पहले से ही निर्धारित किए जा रहे हैं।

हालांकि, वेस्ट सर्कमफरेंस कभी-कभी डॉक्टर को यह निर्धारित करने में मदद करने के लिए अतिरिक्त जानकारी प्रदान कर सकता है कि कौन से मरीजों का मूल्यांकन कार्डियोमेटाबोलिक जोखिम कारकों, जैसे कि डिस्लिपिडेमिया और हाइपरग्लाइसेमिया की उपस्थिति के लिए किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, डब्ल्यूसी को मापना डायट और एक्सरसाइज ट्रीटमेंट के प्रति मरीज की प्रतिक्रिया की निगरानी में उपयोगी हो सकता है क्योंकि नियमित एरोबिक एक्सरसाइज बीएमआई में बदलाव के बिना डब्ल्यूसी और कार्डियोमेटाबोलिक जोखिम दोनों में कमी का कारण बन सकता है। हेल्थ रिस्क को कम करने के लिए वेस्ट सरकम्फ्रेंस को कम करना जरूरी है।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज का ट्रीटमेंट आसान बनाती हैं ये दवाएं, ब्लड शुगर को कम करने में करती हैं मदद

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क को कम कैसे करें? (how to reduce risk of Waist Circumference and Cardiometabolic disease)

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क को कम करने के लिए हेल्दी ईटिंग हैबिट्स और रेगुलर एक्सरसाइज को अपनाना जरूरी है। कुछ एक्सरसाइज जैसे कि सिट अप्स कमर के आसपास की मसल्स को टाइट तो कर सकती हैं, लेकिन वे फैट को कम नहीं करती। इसलिए आपको स्पेसिफिक एक्सरसाइज करनी होंगी जो कमर के फैट को कम कर सकें। डायट और एक्सरसाइज को अपनाते हुए आपको अपना फोकस ओवरऑल बॉडी फैट रिडक्शन पर रखना चाहिए।

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क (Waist Circumference and Cardiometabolic Risk) को कम करने के लिए एक्सरसाइज

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क (Waist Circumference and Cardiometabolic Risk) को कम करने के लिए आप एरोबिक और स्ट्रेंथ एक्सरसाइज के कॉम्बिनेशन का उपयोग करके शरीर के ओवरऑल फैट को कम करने के लिए के साथ ही वेस्ट और टमी को कम करने के लिए एक्सरसाइज कर सकते हैं। हर हफ्ते कुछ वजन करने के लिए कम से कम 500 कैलोरीज को बर्न करना होगा।

हर हफ्ते 150-300 मिनट्स मॉडरेट फिजिकल एक्टिविटी को करने का लक्ष्य निर्धारित करें। जिसमें वॉकिंग और साइकलिंग को एड कर सकते हैं। आप 75-150 मिनिट्स की हाय इंसेंटिटी ट्रेनिंग या रनिंग भी शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा आप मॉडरेट और हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज का मिक्स भी ट्राय कर सकते हैं।

कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज में हफ्ते में दो बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आपके वेस्ट साइज को कम करने में मदद कर सकती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मसल्स को बिल्ड करने के साथ ही कैलोरीज को बर्न करने में मदद करती है। वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क (Waist Circumference and Cardiometabolic Risk) को कम करने के लिए स्ट्रेंथ एक्सरसाइज आप डंबल्स के जरिए, वेट मशीन, रेजिस्टेंस बैंड्स या अपने बॉडी वेट से भी कर सकते हैं। बॉडी एक्सरसाइज में स्क्वैट्स, एब्डोमिनल क्रंचेस, पुश अप्स, प्लैंक आदि शामिल हैं। जब आप वेट एक्सरसाइज करते हैं तो एक्सरसाइज के 12 रिपीटेशन करें जो ऐसे तीन से पांच सेट करें। धीरे-धीरे सेट बढ़ाएं।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज में मेटफॉर्मिन और एक्सरसाइज एक दूसरे को कर सकती हैं प्रभावित! जानिए कैसे

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क (Waist Circumference and Cardiometabolic Risk) को कम करने के लिए डायट

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क

वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क को कम करने में एक्सरसाइज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं, लेकिन हेल्दी डायट लॉन्ग टर्म वेट लॉस सक्सेस के लिए जरूरी है। अमेरिकन डायट्री गाइडलाइंस एक ऐसी डायट की सिफारिश करता है जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज, फैट फ्री या लो फैट मिल्क, मिल्क प्रोडक्ट्स, लीन प्रोटीन्स के साथ ही जिसमें बेहद कम मात्रा में सैचुरेटेड, ट्रांस फैट और एडेड शुगर हो।

आपको अपने पंसदीदा फूड आइटम्स को खाना पूरी तरह बंद नहीं करना है, लेकिन आपको उनको खाने की फ्रिक्वेंसी और पोर्शन साइज को कम करना होगा। उदाहरण के लिए अगर आपको चॉकलेट खाना पसंद है तो पूरी चॉकलेट खाने की जगह एक चोकोर हिस्सा खाएं। अगर आप अपने कमर के साइज को कम करना चाहते हैं तो कार्ब इंटेक को कम करना मददगार साबित होगा। शुगर, मैंदा और स्टार्ची फूड्स जैसे कि आलू आपके ब्लड शुगर में स्पाइक का कारण बनते हैं और बॉडी में फैट स्टोरेज को बढ़ाते हैं।

इसके अलावा आप इंटरमिटेंट फास्टिंग या टाइम रिस्ट्रिक्टेड ईटिंग भी आजमा सकते हैं। यह दोनों आपके बॉडी के इंसुलिन रिस्पॉन्स को इम्प्रूव करके कमर के फैट को कम करने में मदद करता है। इसके लिए आप कुछ स्पेसिफिक घंटों के लिए जैसे कि 8 a.m. से 2 p.m या 14 घंटे के लिए कुछ ना खाना आदि भी ट्राय कर सकते हैं।

अन्य टिप्स

  • इसके साथ ही पानी अधिक पिएं
  • अच्छी नींद लें
  • तनाव को कम करें
  • कैलोरीज कंज्यूम करने का रिकॉर्ड रखें
  • छोटे मील्स लें
    ये टिप्स आपको वेस्ट वेट को कम करने में मदद करेंगी।

और पढ़ें: डायबिटीज में एनीमिया का रिस्क क्यों बढ़ जाता है?

उम्मीद करते हैं कि आपको वेस्ट सरकम्फ्रेंस और कार्डियोमेटाबोलिक रिस्क (West Circumference and Cardiometabolic Risk) को कैसे कम कर सकते हैं इससे संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

health-tool-icon

बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

पुरुष

महिला

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 30/11/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड