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हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन के बारे में जाने यहां...

और द्वारा फैक्ट चेक्ड Niharika Jaiswal


Niharika Jaiswal द्वारा लिखित · अपडेटेड 06/01/2022

    हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन के बारे में जाने यहां...

    क्या आपको हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन (Study Of Skiers about Afib, Stroke And Intense Exercise) के बारे में पता है?  स्ट्रोक भारत में मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। विश्व स्तर पर 25 वर्ष से अधिक आयु के 4 में से 1 वयस्क को अपने जीवनकाल में स्ट्रोक की समस्या का सामना करना पड़ता है। सालाना 1.8 मिलियन से अधिक लोग स्ट्रोक के शिकार होते हैं। स्ट्रोक, एक ऐसी स्थिति है जहां रक्त के थक्के या रक्तस्राव के कारण मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है। स्ट्रोक के दौरान, मरीज की स्थिति संतुलन या बेहोशी का कारण बन सकती है। यह विकलांगता के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। अगर स्ट्रोक के कारणों की बात करें तो कई बार हाय इंटेंस एक्सरसाइज के दौरान एट्रियल फिब्रिलेशन (atrial fibrillation) की समस्या भी इसका एक कारण है। तो आइए जानते हैं, हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन (Study Of Skiers about Afib, Stroke And Intense Exercise) क्या है।

    एट्रियल फिब्रिलेशन (atrial fibrillation) क्या है?

    हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन क्या है, इससे पहले यह जानते हैं कि एट्रियल फायब्रिलेशन क्या है? एट्रियल फायब्रिलेशन एक प्रकार का एरिथमिया (Arrhythmia) है। इसमें हृदय के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी आने के कारण दिल की धड़कनें आसमान रूप से चलने लगती हैं। हृदय का इलेक्ट्रिकल सिस्टम हार्ट की धड़कनों को एक रिदम में रखता है जिससे कि हृदय की गति और दिल की धड़कनों का पैटर्न बना रहता है। एट्रियल फाइब्रिलेशन की स्थिति में आपके दिल की धड़कने सही ढंग से काम नहीं करेंगी और हृदय की मांसपेशियां हृदय को साधारण रूप से कॉन्ट्रैक्ट और रिलैक्स नहीं होने देतीं।

    मस्तिष्क में स्ट्रोक या हार्ट अटैक की कंडीशन (Heart Attack Condition) तब होती है, जब ऑक्सिजन की आपूर्ति हो जाती है। जिस कारण मस्तिष्क में रक्त का रिसाव, मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनी में थक्का या मस्तिष्क को ऑक्सिजन की आपूर्ति और हदय में ऑक्सिजन की आपूर्ति होने लगती है। तनाव जब बहुत अत्यधिक हो जाता है, तब इसका प्रभाव सबसे पहले हार्ट (Heart) और ब्रेन (Brain) पर ही पड़ता है। कई बार हाय इंटेंस एक्सरसाइज के दौरान एट्रियल फिब्रिलेशन (atrial fibrillation) की समस्या भी इसका एक कारण है। स्ट्रोक लक्षणों में शामिल हैं:

    • धुंधली दृष्टि, मंद दृष्टि, या दृष्टि की हानि, विशेष रूप से एक आंख में शरीर के एक तरफ झुनझुनी, कमजोरी या सुन्नता महसूस होना
    • मतली
    • सिरदर्द
    • चक्कर आना या चक्कर आना
    • संतुलन या चेतना का नुकसान

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    हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक कैसे होता है (How does high intensity exercise and atrial fibrillation cause a stroke)?

    हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन के बारे में जानने से पहले जानें कि इनमें संबंध क्या है? व्यायाम और एट्रियल फिब्रिलेशन (atrial fibrillation) के बीच के संबंध को जे वक्र के रूप में जाना जाता है, जो एक प्रकार के जे-आकार के आरेख में, वक्र शुरू में गिरता है और फिर अक्षर के आकार की तरह प्रारंभिक बिंदु से ऊपर उठता है। “जे।”इसका मतलब है कि आप जितना अधिक आप व्यायाम करेंगे, ए-फाइब का जोखिम उतना ही कम होगा, लेकिन एक सीमा तक। अगर आप एक निश्चित मात्रा से अधिक व्यायाम करते हैं, तो आप में स्ट्रोक का जोखिम  बढ़ जाता है। ऐसा एल्कोहाॅल का सेवन करने वाले पुरुषों में ज्यादा देखा गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि अधिक व्यायाम करने से महिलाओं में एट्रियल फिब्रिलेशन का जोखिम कम होता है।

    स्कैंडिनेवियाई जर्नल ऑफ मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, हाय इंटेंसिटी के एथलीटों में सामान्य आबादी की तुलना में एट्रियल फिब्रिलेशन विकसित होने की संभावना 4 से 8 गुना अधिक देखी गई है। हाय इंटेंस एक्सरसाइज से तंत्रिका तंत्र और यहां तक ​​कि हृदय की संरचना में भी परिवर्तन हो सकता है, जिससे स्थिति का खतरा बढ़ जाता है। यूरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में फरवरी 2018 में प्रकाशित एक लेख में दिया गया है कि हाय इंटेंस के एथलीटों में गतिविधि स्तर के आधार पर किसी भी समूह से एट्रियल फिब्रिलेशन का सबसे अधिक जोखिम होता है।

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    हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन (Study Of Skiers about Afib, Stroke And Intense Exercise)

    हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन क्या है? यह जानिए यहां। व्यायाम स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन कुछ अध्ययनों में पता चलता है कि हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज अनियमित हृदय गति के लिए एक जोखिम का कारक हो सकती है। जिसे एट्रियल फिब्रिलेशन (atrial fibrillation) भी कहा जाता है, जो कभी-कभी स्ट्रोक का कारण बन जाता है। हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज वाले व्यायाम से AFib का खतरा बढ़ जाता है, जिससे भी स्ट्रोक का भी खतरा अधिक हो जाता है।  एएफआईबी AFib स्ट्रोक के कई जोखिम कारकों में से एक है और व्यायाम उन अन्य कारकों के जोखिम को कम करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है, जैसे उच्च रक्तचाप और मधुमेह।अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार संयुक्त राज्य में 2.7 मिलियन से 6.1 मिलियन लोगों एट्रियल फिब्रिलेशन के शिकार हैं। एट्रियल फिब्रिलेशन के जोखिम कारकों में वृद्धावस्था, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग शामिल हैं। लेकिन कोई भी व्यायाम डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाना चाहिए।

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    हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन : हार्ट के लिए सही एक्सरसाइज (Right exercise for heart)

    यदि आप नियमित व्यायाम करती हैं और आपको एट्रियल फिब्रिलेशन के निदान की जरूरत है। सभी को सप्ताह में कम से कम पांच दिन लगभग 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि या हर हफ्ते लगभग 2.5 घंटे हल्के से मध्यम व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। लेकिन कोई भी एक्सरसाइज करने से पहले डाॅक्टर की सलाह लेनी चाहिए। यहां कुछ प्रकार के व्यायाम हैं जो आपके एट्रियल फिब्रिलेशन (atrial fibrillation) होने पर फायदेमंद हो सकते हैं:

    • कार्डियक रिहैब (Cardiac rehab) को चिकित्सकीय निगरानी यानि कि विशेषज्ञ के प्रशिक्षण के साथ शुरू किया जा सकता है। कोक्रेन डेटाबेस में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार ए-फाइब वाले लोगों के लिए व्यायाम-आधारित कार्डियक रिहैब से जुड़े छह परीक्षणों के आधार पर, कार्यक्रम व्यायाम क्षमता में सुधार के लिए प्रभावकारी माने गए हैं।
    • हार्ट के मरीजों को लिए एक्सरसाइज में स्विमिंग और एरोबिक्स को काफी अच्छा माना गया है।
    • साइकलिंग भी एक अच्छी एक्सरसाइज है। नियमित साइकिल का उपयोग करना गतिविधि का एक अच्छा रूप हो सकता है, लेकिन तीव्रता को मध्यम में रखें। बहुत हाय इंटेंस न जाएं।
    • योग भी हार्ट के मरीजों के लिए काफी अच्छा है। योग अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में, तीन महीने के लिए सप्ताह में दो बार 60 मिनट का योग कार्यक्रम ए-फाइब एपिसोड और लक्षणों को कम करने, अवसाद और चिंता को कम करने और हृदय गति में सुधार करने के लिए प्रभावकारी माना गया है।

    जिन लोगों में ऐसी प्रतिक्रिया की प्रवृत्ति हो सकती है, वे हल्के व्यायाम कर सकते हैं। वे अपने चिकित्सक के परामर्श से व्यायाम के प्रकार को बदल सकते हैं। तैरना (swimming) भी एक अच्छा विकल्प बताया गया है। ऐसा कहा जाता है कि तैराकी को किसी भी ‘व्यायाम-प्रेरित एनाफिलेक्सिस’ से नहीं जोड़ा गया है। इसी के साथ ही, व्यायाम शुरू करने से पहले यह भी जानना महत्वपूर्ण है कि कौन से फूड्स या दवाएं आदि आपके लिए कैसे करती हैं। यानि की सामान्य है या काेई एलर्जी रिएक्शन है। व्यायाम करने से छह से आठ घंटे पहले कुछ भी नहीं खाना सबसे अच्छा है। इसलिए व्यायाम के लिए सबसे अच्छा समय सुबह होगा। इसके अलावा, चरम मौसम की स्थिति में काम करने से बचें।

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    हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन क्या है? यह आपने जाना यहां। याद रखें कि आप जो भी एक्सरसाइज कर रहे हैं, उस दौरान यदि आप ए-फाइब से संबंधित किसी भी लक्षण का अनुभव कर रहे हैं – जैसे कि सीने में दर्द या दबाव – तो आपको एक्सरसाइज करने से रूक जाना चाहिए और थोड़ी देर आराम करना , साथ ही डाॅक्टर के पास जाना चाहिए। सीने में तेज दर्द हाेने पर, अस्पताल में इमरजेंसी में दिखाएं। हाय इंटेंसिटी एक्सरसाइज और एट्रियल फिब्रिलेशन से स्ट्रोक के बारे में स्कीर्स का अध्ययन के बारे अधिक जानने के लिए आप डाॅक्टर से बात करें।

     

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