हार्ट पेशेंट : समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए?

    हार्ट पेशेंट : समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए?

    क्या आप हार्ट पेशेंट है और आपके पास एक्सरसाइज के लिए बिल्कुल समय नहीं है‌? अगर ऐसा है, तो यह आपके हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है। हार्ट के मरीजों के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। अब सवाल यह है कि समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए (How to keep yourself active when you don’t have time)। ऐसी बहुत सी एक्टिविटीज हैं, जो समय न होने पर भी की जा सकती है, लेकिन हार्ट पेशेंट को कोई भी हाय इंटेंस एक्सरसाइज अपने मन से, बिन डॉक्टर के सलाह के नहीं करना चाहिए। तो आइए जानते हैं समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए (How to keep yourself active when you don’t have time)।

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    हार्ट डिजीज (Heart Disease) क्या है?

    हार्ट डिजीज से तात्पर्य ऐसी समस्या से है, जो दिल को प्रभावित करती है। दिल की बीमारी को कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary artery disease), स्ट्रोक, चेस्ट पेन, हार्ट अटैक और हार्ट फ्लयोर जैसी कई गंभीर स्थितियां शामिल हो सकती हैं। हार्ट पेशेंट को उनकी डेली लाइफ में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यानि की डायट से लेकर एक्सरसाइज तक, सभी को सावधानी के साथ करना होता है।

    समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए (How to keep yourself active when you don’t have time)

    समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए, यह काफी बड़ा सावाल है, लेकिन इससे पहले यह सोचें कि क्या आपके पास समय निकालने का कोई तरीका नहीं है? अगर आप गौर करेंगे तो आपको खुद ही इसका जवाब मिल जाएगा। बहुत सी ऐसी छोटी-छोटी एक्टिविटीज हैं, जिससे हार्ट पेशेंट समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए? इसका जवाब मिल जाएगा। इससे गंभीर हार्ट डिजीज के खतरे को भी रोका जा सकता है। जानिए यहां:

    • अगर आपके घर में डाॅगी है, तो उसे सुबह या शाम घुमाने आप लें जाएं। इससे एक साथ आपके दो काम हो जाएंगे और आप फिट भी रहेंगे।
    • समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए, इसका एक जवाब यह भी है कि आप 10 मिनट का समय निकालकर घर पर कसरत का प्रयास करें।
    • आप सीढ़ी की जगह लिफ्ट का इस्तेमाल करें। लेकिन यह आपकी हृदय गति को नहीं बढ़ाती है। यदि आप हार्ट पेशेंट है, तो एक या दो फ्लोर की सीढ़ी ही चढ़ें।
    • अगर आपका अधिकतर फोन पर कॉलिंग का काम है , तो आपको अपनी कुर्सी से चिपके रहने की जरूरत नहीं है। सेफ्टी के साथ बात करते हुए चलने की आदत डालें।
    • दिन भर में 15 मिनट की वॉक जरूर करें। यदि आपके ऑफिस और घर में कम दूरी है, तो पैदल ही ऑफिस आएं और जाएं।
    • घर पर 10 से 15 मिनट डांस भी कर सकते हैं। डांस भी एक अच्छी एक्सरसाइज है
    • समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए, इसका एक जवाब यह भी है कि आप छुट्टी वाले दिन तैराकी यानि की स्विमिंग करें। यह सबसे अच्छी एक्सरसाइज है

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    हार्ट हेल्थ में व्यायाम का प्रभाव (Exercise effects in Heart Disease) : एक्सपर्ट की राय

    कई ऐसे मरीज होते हैं, जिन्हें आईबीडी और हार्ट डिजीज की समस्या, दोनों ही हो जाती है, जोकि उनके लिए काफी मुश्किल भरी होती है। कई अनुसंधान से पता चलता है कि जब आईबीडी के शिकार लोग कुछ व्यायाम करने का प्रयास करते हैं, तो यह उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में मददगार है। जबकि आईबीडी में एक्सरसाइज करना मुश्किल हो जाता है। इसी के साथ जब हार्ट की समस्या हो, तो भी हर तरह की एक्सरसाइज नहीं की जा सकती है। लेकिन वास्तव में, व्यायाम आईबीडी या अन्य हेल्थ प्राॅब्लम के उपचार में सहायक हो सकता है।

    जिन लोगों के पास आईबीडी नहीं है, उन पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि कम से मध्यम तीव्रता वाले व्यायाम के कार्यक्रम को अपनाने से प्रतिरक्षा प्रणाली को फायदा हो सकता है। इसका मतलब है कि मध्यम मात्रा में व्यायाम करने से आम संक्रमणों से लड़ने में मदद मिल सकती है। आईबीडी और हार्ट डिजीज होने पर हाय इंटेस एक्सरसाइज की जगह हल्के व्यायाम किए जा सकते हैं। इससे पेट का फैट भी कम होता रहेगा। आमतौर पर, प्रति सप्ताह 3०० मिनट की मध्यम-तीव्रता या 150 मिनट व्यायाम की सलाह दी जाती है। इसी के साथ इसके कई हेल्थ बेनेफिट्स भी हैं, जिनमें शामिल हैं:

    हड्डियों के लिए फायदेमंद है (Healthy Bone)

    आईबीडी वाले लोगों में आईबीडी के बिना लोगों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस विकसित होने की संभावना अधिक होती है। जिनमें कैल्शियम की कमी, कुपोषण और आईबीडी के इलाज के लिए स्टेरॉयड दवाओं का उपयोग शामिल है। व्यायाम, और विशेष रूप से, वजन बढ़ाने वाले व्यायाम, हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। हड्डी के नुकसान के जोखिम को निर्धारित करने के लिए एक चिकित्सक के साथ काम करना, किस प्रकार के व्यायाम उपयोगी हैं, और आपको कितना व्यायाम करना चाहिए, सहायक निवारक उपाय हो सकते हैं।

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    डिप्रेशन के इलाज के लिए (Depression)

    कुछ सबूत हैं कि आईबीडी वाले लोग स्वस्थ लोगों की तुलना में अधिक बार अवसाद का अनुभव कर सकते हैं। यह समझ में आता है, क्योंकि एक पुरानी बीमारी के साथ जीना चुनौतीपूर्ण है- आईबीडी जटिल है, इलाज करना मुश्किल है, और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। व्यायाम से कुछ को लाभ हो सकता है क्योंकि यह मूड विकारों में मदद करने के लिए दिखाया गया है। अवसाद विशेष रूप से व्यायाम और क्रोहन रोग या अल्सरेटिव कोलाइटिस के अध्ययन का केंद्र नहीं था, लेकिन रोगियों ने रिपोर्ट किया कि व्यायाम कार्यक्रम शुरू करने के बाद उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

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    थकान को करे दूर (Fatigue)

    यह उल्टा लग सकता है, लेकिन एक व्यायाम कार्यक्रम आईबीडी से संबंधित थकान से निपटने में मददगार हो सकता है। थकान अक्सर रोगियों द्वारा जीवन की गुणवत्ता पर एक बड़ा प्रभाव डालने और व्यायाम आहार शुरू करने से बचने के कारण के रूप में चर्चा की जाती है। एक अध्ययन ने नैदानिक ​​​​उपकरणों के साथ मांसपेशियों की थकान को मापा और साथ ही क्रोहन रोग और स्वस्थ नियंत्रण वाले लोगों में स्वयं-रिपोर्ट की गई थकान को मापा। आप डॉक्टर से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    अन्य फायदे

    • शरीर में रक्त संचार अच्छा बना रहता है
    • अन्य बीमारियों का खतरा कम होता है
    • डायबिटीज यदि है, तो कंट्रोल में रहती है
    • कैंसर का खतरा कम होता है।

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    समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए (How to keep yourself active when you don’t have time) रखा जाए, आपने जाना यहां। हार्ट के मरीजों को अलर्ट होकर एक्सरसाइज करना चाहिए। वो भी तब जब डाॅक्टर इसकी सलाह दें। जिन मरीजों की हाल ही में सर्जरी हुई हो या अटैक आया हो। उन्हें किसी प्रकार की एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा, समय न होने पर खुद को कैसे एक्टिव रखा जाए (How to keep yourself active when you don’t have time) जुड़ी अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से मिलें।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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    Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 05/01/2022 को
    Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड