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विभिन्न हार्ट कंडिशंस में वयस्कों को दी जाती है, इन फिजिकल एक्टिविटीज की सलाह

विभिन्न हार्ट कंडिशंस में वयस्कों को दी जाती है, इन फिजिकल एक्टिविटीज की सलाह

नियमित फिजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज करने से न केवल हमें चुस्त-दुरुस्त रहने में मदद मिलती है बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए भी नियमित वर्कआउट जरूरी है। ऐसे ही, हार्ट संबंधी समस्याओं से राहत पाने और इन कंडिशंस को मैनेज करने के लिए भी फिजिकल एक्टिविटीज को फायदेमंद माना जाता है। लेकिन, हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी (Recommended Physical Activity In Adults with Heart Conditions) की शुरुआत करने से पहले आपको इनके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। यही नहीं, इससे पहले डॉक्टर की सलाह लेना भी आवश्यक है। हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी (Recommended Physical Activity In Adults with Heart Conditions) के बारे में जानने से पहले यह जान लेते हैं कि कैसे हार्ट डिजीज में नियमित फिजिकल एक्टिविटीज कैसे लाभदायक साबित हो सकती हैं?

हार्ट डिजीज में नियमित फिजिकल एक्टिविटीज के क्या लाभ हैं? (Benefits of physical activities)

हार्ट डिजीज के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इनसे बचने के लिए कई उपायों को लाभदायक माना जाता है। इनमें से सबसे बेहतरीन है नियमित फिजिकल एक्टिविटीज। यह आपके ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, वजन, एनर्जी लेवल और मूड सभी को बैटर बनाने के लिए अच्छा उपाय है। अगर आप अभी एक्टिव नहीं हैं, तो इसकी शुरुआत से पहले डॉक्टर से बात अवश्य करें। वो यह बता सकते हैं कि किन व्यायामों को करने से आपको लाभ हो सकता है। पुश-अप्स (Push-ups) और सिट-अप्स (Sit-ups) जैसी चीजों के बारे में उनसे पूछें। क्योंकि, इनमें मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है और उनसे बचना जरूरी है। लेकिन, ध्यान रखें कि हैवी ऑब्जेक्ट्स को पुश करने व उठाने और अन्य व्यायामों को अपनी क्षमता से अधिक न करें।

यही नहीं, घर के कामों को करने से भी आपको लाभ हो सकता है। जब आप व्यायाम या कोई फिजिकल एक्टिविटी करना शुरू करते हैं और इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां ले रहे हैं, तो डॉक्टर से उन्हें एडजस्ट करने के लिए कहें। ताकि, आपकी हेल्थ को कोई नुकसान न हो। अब जानते हैं हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी (Recommended Physical Activity In Adults with Heart Conditions) के बारे में।

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हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी और एरोबिक एक्टिविटी (Aerobic activity)

हार्ट कंडिशंस में वयस्कों को रोजाना कुछ समय एरोबिक एक्टिविटीज के लिए निकालने की सलाह दी जाती है। उन्हें या तो आधा घंटा मॉडरेट-इंटेंसिटी एरोबिक एक्टिविटी Moderate-intensity aerobic activity) या बीस मिनट गंभीर एरोबिक एक्टिविटीज या फिर दोनों करने के लिए कहा जाता है। हार्ट डिजीज (Heart disease) के रोगियों को हफ्ते में कम से कम दो दिन हाय इंटेंसिटी-मसल स्ट्रेंथिंग एक्टिविटी (High-intensity muscle-strengthening activity) के लिए कहा जाता है। हार्ट के रोगियों को कम रेस्ट करना चाहिए। प्रति सप्ताह कम से कम 300 मिनट) सक्रिय रहकर और भी अधिक लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। किसी भी एक्सरसाइज या शारीरिक गतिविधि की शुरुआत धीरे-धीरे करें लेकिन, समय के साथ धीरे-धीरे मात्रा और तीव्रता बढ़ाएं। कोई भी ऐसी एक्टिविटी जिससे आपकी हार्ट रेट बढ़ें, हमारे हार्ट के लिए अच्छी है।

आप कुछ ऐसा करें जिन्हें करना आपको पसंद हो। एरोबिक एक्टिविटी में हार्ट और लंग्स दोनों का प्रयोग होता है। जिससे हार्ट ऑक्सीजन को अच्छे से प्रयोग कर पाता है और ब्लड फ्लो को सुधारना है। ऐसे में एरोबिक एक्टिविटीज का चुनाव करना विभिन्न हार्ट डिजीज (Heart disease) की कंडिशन में फायदेमंद है जैसे सैर करना, स्विमिंग, जॉगिंग, बाइकिंग आदि। यह फिजिकल एक्टिविटी वो बेहतरीन चीज है जिससे आपको हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचने में भी मदद मिल सकती है।

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हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (Resistance Training)

हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी (Recommended Physical Activity In Adults with Heart Conditions) में इस एक्टिविटी की सलाह भी दी जाती है। रेजिस्टेंस ट्रेनिंग का शरीर पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। जिन लोगों के शरीर में फैट की मात्रा अधिक होती है, उन्हें विभिन्न हार्ट डिजीज (Heart disease) होने की संभावना अधिक रहती है। जैसे कोरोनरी हार्ट डिजीज (Coronary Heart disease) , स्ट्रोक (Stroke), हार्ट अटैक (Heart attack) आदि। लेकिन, इस फिजिकल एक्टिविटी को करने से फैट कम हो सकता है और मसल मास भी कम होता है। शोध के मुताबिक एरोबिक एक्सरसाइज और रेजिस्टेंस व्यायाम से गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है जबकि बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है। यानी हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्या से राहत मिल सकती है।

मेडलाइनप्लस के अनुसार रेजिस्टेंस वेट ट्रेनिंग से स्ट्रेंथ सुधरती है और मसल्स अच्छे से एक साथ काम करते हैं। इससे रोगी को रोजाना की एक्टिविटीज करने में आसानी होती है। यह व्यायाम आपके लिए बेहतर हैं।इस फिजिकल एक्टिविटी में वेट मशीन, रेजिस्टेंस बैंड्स के साथ वर्कआउट करना या बॉडी रेजिस्टेंस एक्सरसाइज करना जैसे पुश-अप्स (Push-ups), स्क्वैट्स (Squats) और चीन-अप्स (Chin-ups) करना आदि शामिल है। अब जानिए हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी (Recommended Physical Activity In Adults with Heart Conditions) में अन्य एक्टिविटी के बारे में।

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स्ट्रेचिंग, फ्लेक्सिबिलिटी और बैलेंस (Stretching, Flexibility and Balance)

फ्लेक्सिबिलिटी वर्कआउट जैसे स्ट्रेचिंग से सीधेतौर पर हार्ट का फायदा नहीं होता है। इनसे मसक्यूलोस्केलेटल स्वास्थ्य (Musculoskeletal health) को लाभ पहुंचाता है, जो आपको लचीला और जोड़ों के दर्द, ऐंठन और अन्य मांसपेशियों की समस्याओं से राहत पाने में सक्षम बनाता है। यह नहीं, फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility), एरोबिक एक्सरसाइज (Aerobic exercise) और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (Resistance training) को मेंटेन रखने में सक्षम होने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यही नहीं, इन फिजिकल एक्टिविटी से स्टेबिलिटी भी सही रहती है।

यह तो थी हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी (Recommended Physical Activity In Adults with Heart Conditions) के बारे में जानकारी। लेकिन, ध्यान रखें कि इनकी शुरुआत से पहले आप अपने डॉक्टर और ट्रेनर से बात अवश्य करें। वो आपको इन्हें करने के सही तरीके के बारे में बता सकते हैं। इस बात का भी ध्यान रखें कि इन व्यायामों को करते हुए आप सही से सांस ले पाएं। हार्ट डिजीज (Heart disease) में कोई भी एक्सरसाइज करने से पहले आपको कुछ खास बातों के बारे में पता होना जरूरी है। आइए जानें इनके बारे में विस्तार से।

हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी (Recommended Physical Activity In Adults with Heart conditions)
हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी (Recommended Physical Activity In Adults with Heart conditions)

और पढ़ें: हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज करना है बेहद जरूरी, ताकि हार्ट को मिल सके बेहतर प्रोटेक्शन!

हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी: किन चीजों का रखें ध्यान?

कोई भी फिजिकल एक्टिविटी करना हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर आपको कोई हार्ट डिजीज (Heart disease) है, तो आपको कई चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर आप बीमार हैं या आपको बुखार है तो एक्सरसाइज न करें। हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) से पीड़ित लोगों को अपनी रूटीन में वापस जाने से पहले लक्षणों के गायब होने का इंतजार करना चाहिए। हालांकि, इसमें डॉक्टर की सलाह का पालन करना भी जरूरी है। अगर आपको हार्टबीट असामान्य या तेज है, तो एक्टिविटी को स्टॉप कर दें।

पंद्रह मिनटों तक रात करने के बाद अपनी पल्स को चेक करें। अगर यह हार्टबीट 100/मिनट से अधिक हो, तो डॉक्टर की सलाह लें। अधिक थकावट और सांस लेने में समस्या इस बात का संकेत है कि आपको फिजिकल एक्टिविटी को करना बंद कर देनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है। अगर एक्सरसाइज या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी करते हुए आपको समस्या है, तो उसे नजरअंदाज न करें। इसके साथ ही अगर आपको कहीं भी आपको दर्द हो तो उसे भी अवॉयड करने से बचें। अगर आपको निम्नलिखित परेशानियां हों तो तुरंत वर्कआउट करने से रुक जाएं और आराम करें:

  • कमजोरी महसूस होना (Feel weak)
  • चक्कर आना (Lightheaded)
  • अचानक वजन का अधिक होना या सूजन होना। इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें (Unexplained weight gain or swelling)
  • छाती, गर्दन, बाजू, जबड़ों और कंधे में प्रेशर और दर्द होना (Pressure or pain)

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उम्मीद है कि हार्ट कंडिशंस में वयस्कों के लिए फिजिकल एक्टिविटी (Recommended Physical Activity In Adults with Heart Conditions) के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। एक्सरसाइज या फिजिकल एक्सरसाइज करना हमारे हार्ट और अन्य समस्याओं के लिए फायदेमंद है। लेकिन, अगर आपको कोई भी हार्ट प्रॉब्लम (Heart problem) है, तो किसी भी फिजिकल एक्टिविटी को करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। हमेशा किसी भी व्यायाम को करने से पहले पांच मिनट्स तक स्ट्रेचिंग या अन्य वार्म-अप एक्सरसाइजेज करें ताकि आप किसी भी तरह की चोट से बच सकें। व्यायाम के बाद भी अपने शरीर को कूल डाउन होने के लिए कुछ समय निकालें।

अगर आपके दिमाग में इस के बारे में कोई भी सवाल है, तो भी डॉक्टर से इस बारे में बात करें। आप हमारे फेसबुक पेज पर भी अपने सवालों को पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

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सूत्र

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AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड