हार्ट पेशेंट्स, फिजिकल एक्टिविटी प्लान बनाते हुए इन बातों का रखें खास ख्याल

    हार्ट पेशेंट्स, फिजिकल एक्टिविटी प्लान बनाते हुए इन बातों का रखें खास ख्याल

    यह तो हम सभी जानते हैं कि नियमित रूप से एक्सरसाइज करना या एक्टिव रहना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए, हेल्दी और खुश रहने के लिए फिजिकली एक्टिव रहने की सलाह दी जाती है। अगर आप हार्ट पेशेंट हैं या आपको कोई भी हेल्थ डिजीज हैं, तो भी आपके लिए रेगुलर व्यायाम करना आवश्यक है। इससे हार्ट मसल्स मजबूत होती हैं और ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को मैनेज करने में मदद मिलती है। आज हम बात करने वाले हैं हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान (Get Active Action Plan for Heart Patients) के बारे में। लेकिन, हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान (Get Active Action Plan for Heart Patients) से पहले हार्ट डिजीज में फिजिकल एक्टिविटी के महत्व के बारे में जान लेते हैं।

    हार्ट डिजीज में फिजिकल एक्टिविटीज क्यों जरूरी है? (Importance of physical activities)

    फिजिकल एक्टिविटी किसी भी मूवमेंट का एक प्रकार है, जिसमें हमारी मसल्स काम करती हैं और रेस्ट के दौरान प्रयोग होने वाली एनर्जी से अधिक ऊर्जा खर्च होती है। फिजिकल एक्टिविटी के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं वॉकिंग, रनिंग, डांसिंग, स्विमिंग, योगा आदि। हेल्दी डायट और अन्य हेल्दी हैबिट्स के साथ फिजिकली एक्टिव रहना अपने हार्ट और लंग्स को हेल्दी रखने के लिए बेहद जरूरी है। जितना अधिक आप एक्टिव रहेंगे, उतना ही अधिक आपको फायदा होगा। इसके कुछ लाभ इस प्रकार हैं:

    • फिजिकल एक्टिविटीज खासतौर पर एरोबिक एक्टिविटी दिल के लिए अच्छी होती हैं। इससे हार्ट मजबूत होता है और कोरोनरी हार्ट डिजीज (Coronary heart disease) रिस्क फैक्टर्स में कमी आती है।
    • इससे ब्लड प्रेशर को लो रहने में भी मदद मिलती है व खून में कोलेस्ट्रॉल और अन्य फैट्स के लेवल सुधरते और मैनेज होते हैं।
    • इसके साथ ही रोजाना वर्कआउट करने से शरीर की ब्लड शुगर (Blood sugar) और इंसुलिन लेवल को मैनेज करने की क्षमता भी सुधरती है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम कम रहता है।
    • रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी करने से हेल्दी वेट को मेंटेन रखने में मदद मिलती है, जिससे हार्ट डिजीज (Heart disease) का जोखिम बढ़ सकता है।

    हार्ट पेशेंट्स वर्कआउट से पहले इन स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लें:

    ऐसा माना जाता है कि इंएक्टिव लोगों में फिजिकल एक्टिव रहने वाले लोगों की तुलना में हार्ट डिजीज (Heart disease) का जोखिम अधिक रहता है। हार्ट डिजीज (Heart disease) के रोगी अगर रोजाना फिजिकल एक्टिविटीज करते हैं. तो उनका हार्ट अच्छे से काम करता है। इससे जिन लोगों को पहले ही एक हार्ट अटैक आ चुका है, उनमें सेकंड हार्ट अटैक का जोखिम कम हो सकता है। हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान (Get Active Action Plan for Heart Patients) के लिए डॉक्टर से बात करना जरूरी है। ताकि, वो जान पाएं कि कौन सी एक्टिविटी आपके लिए सुरक्षित है? इसके बारे में इन स्थितियों में डॉक्टर को बताना और भी जरूरी है, अगर:

    • आपको हाल में ही हार्ट अटैक (Heart attack) आया हो
    • अगर आपको छाती में दर्द या प्रेशर महसूस हो या आपको सांस लेने में समस्या हो रही है।
    • अगर आपको डायबिटीज है।
    • अगर आपका हार्ट प्रोसीजर या हार्ट सर्जरी हुई हो। हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान (Get Active Action Plan for Heart Patients) में अब जान लेते हैं कि आप कौन से व्यायाम कर सकते हैं?

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    हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान : यह व्यायाम करना है आपके लिए फायदेमंद (Get Active Action Plan for Heart Patients)

    आपके डॉक्टर आपको इस बारे में सही सलाह दे सकते हैं कि आपको कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए। कोई भी नया एक्सरसाइज प्रोग्राम शुरू करने से पहले उनकी सलाह लेनी जरूरी है। वो इन व्यायामों की सलाह दे सकते हैं:

    हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान में एरोबिक एक्टिविटी (Aerobic activity)

    एरोबिक एक्टिविटी में अधिक समय तक हार्ट और लंग्स का इस्तेमाल होता है। इससे हार्ट को ऑक्सीजन को अच्छे से इस्तेमाल करने और ब्लड फ्लो को सुधारने में भी मदद मिलती है। लेकिन, इसके लिए डॉक्टर की सलाह और किसी एक्सपर्ट का मार्गदर्शन लेना जरूरी है। इन एक्सरसाइजेज को करते हुए इन बातों का ध्यान रखें, जैसे:

    • सबसे पहले किसी एक एरोबिक एक्टिविटी का चुनाव करें, जैसे वॉकिंग, स्विमिंग, लाइट जॉगिंग और बाइकिंग आदि। हफ्ते में तीन बार इन गतिविधियों को करें। किसी भी व्यायाम करने से पहले कुछ समय वार्म-अप के लिए भी निकालें। यही नहीं, व्यायाम के बाद भी कूल-डाउन होने के लिए कुछ व्यायामों को करें।
    • अगर आप थक जाएं, तो व्यायाम करना बंद कर दें और आराम करें। इसके साथ ही व्यायाम करते हुए आरामदायक कपड़ों को ही पहनें।
    • गर्म मौसम में सुबह और शाम को व्यायाम करें और इस दौरान बहुत अधिक कपड़ों को न पहनें। अगर ठंडा मौसम है तो बाहर एक्सरसाइज करते हुए अपनी नाक और मुंह को कवर करके रखें।

    हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान

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    हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान में रेजिस्टेंस वेट ट्रेनिंग (Resistance weight training)

    रेजिस्टेंस वेट ट्रेनिंग से स्ट्रेंथ सुधरती है और मसल्स को काम करने में मदद मिलती है। इससे आपको रोजाना एक्टिविटीज करने में आसानी होती है। यह एक्सरसाइजेज आपके लिए अच्छी हैं। लेकिन, ध्यान रखें कि यह एक्सरसाइजेज, एरोबिक एक्सरसाइज की तरह हार्ट के लिए लाभदायक नहीं होती हैं। हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान (Get Active Action Plan for Heart Patients) में इन एक्सरसाइजेज को करने से पहले डॉक्टर से बात अवश्य करें। अगर आपको हार्ट डिजीज (Heart disease) हैं, तो आपको लाइट व्यायाम करने की सलाह दी जाती है।

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    हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान के दौरान किन चीजों का रखना चाहिए ध्यान?

    अगर एक्सरसाइज करने से आपके हार्ट पर बहुत अधिक स्ट्रेन पड़ता है, तो आपको दर्द और अन्य लक्षण नजर आ सकते है, जो इस प्रकार हैं:

    इन वार्निंग सिम्पटम्स पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। अगर आपको इन में से कोई भी समस्या होती है, तो उसे करना बंद कर दें और रेस्ट करें। अगर इस दौरान आपको कोई भी हार्ट प्रॉब्लम होती है, तो उनका उपचार कैसे हो सकता है, यह जानना भी आपके लिए जरूरी है। इस तरीके इस प्रकार हैं:

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    • अगर आपको डॉक्टर ने नाइट्रोग्लिसरीन पिल्स (Nitroglycerin pills) की सलाह दी हो, तो उसे हमेशा अपने साथ रखें।
    • अगर आपके लक्षण नजर आते हैं, तो उन्हें नोट करें। इसके साथ ही उन लक्षणों के बारे में डॉक्टरों को बताएं। अगर यह लक्षण बहुत बुरे हों या एक्टिविटी के बाद ठीक न हों, तो अपने डॉक्टर से इसके बारे में अवश्य बात करें।
    • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डायजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases) के अनुसार हार्ट डिजीज (Heart disease) में बेहतरीन परिणामों के लिए पूरे हफ्ते फिजिकल एक्टिविटीज जरूरी हैं। रोजाना दस से पंद्रह मिनटों तक करने से आपको लाभ होगा।
    • अपनी रेस्टिंग पल्स रेट (Resting pulse rate) के बारे में भी जानें। इसके साथ ही सेफ एक्सरसाइजिंग पल्स रेट के बारे में जानकारी ले लें। व्यायाम के दौरान भी अपनी प्लस रेट (Pulse rate) को नोट भी करते रहें। इससे आप यह जान पाएंगे कि हार्ट सेफ एक्सरसाइज रेट से बीट कर रहा है या नहीं।
    • जितना अधिक हो सके पानी पीएं। व्यायाम या अन्य गतिविधियों के दौरान बार-बार ब्रेक लें।
    • नियमित व्यायाम करने के लिए बेहद जरूरी है, आपका मोटीवेट रहना। ताकि, आप नियमित रूप से फिजिकल रूप से एक्टिव रहें। एक लक्ष्य सेट करें और उसके अनुसार रोजाना वर्कआउट करें।

    यह तो थी हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान (Get Active Action Plan for Heart Patients) के बारे में जानकारी। हार्ट हेल्थ के लिए नियमित शारीरिक गतिविधियों के साथ ही कुछ अन्य चीजों का ध्यान रखना भी जरूरी है। जानिए इन तरीकों के बारे में।

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    हार्ट हेल्थ को बनाए रखने के लिए क्या करें?

    हार्ट हेल्थ के लिए एक्टिव रहना बेहद जरूरी है। लेकिन, इसके साथ ही अन्य कुछ चीजों का भी ध्यान रखना चाहिए, जैसे:

    • अपना वजन हमेशा हेल्दी रखें। अगर आपका वजन ज्यादा है, तो उसे कम करने की कोशिश करें।
    • हेल्दी डायट लें। अपने आहार में फल, सब्जियों और साबुत अनाज आदि को शामिल करें।
    • अगर आप स्मोकिंग के आदि हैं, तो उसे छोड़ने की कोशिश करें।
    • एल्कोहॉल का सेवन सीमित मात्रा में करें।
    • अपने ब्लड प्रेशर (Blood pressure) और डायबिटीज (Diabetes) को कंट्रोल में रखें।
    • तनाव से बचें। इसके लिए मेडिटेशन, योगा करें। इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह भी लें।

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    उम्मीद है कि हार्ट पेशेंट्स के लिए फिजिकल एक्टिविटी प्लान (Get Active Action Plan for Heart Patients) के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। हार्ट संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए नियमित जांच और सही उपचार बेहद जरूरी है। अगर आपको हार्ट प्रॉब्लम का कोई भी लक्षण नजर आता है, तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें। अगर आपके दिमाग में इसके बारे में कोई भी सवाल है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से इस बारे में जान लें। आप हमारे फेसबुक पेज पर भी अपने सवालों को पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    Sayali Chaudhari

    फार्मेकोलॉजी · Hello Swasthya


    AnuSharma द्वारा लिखित · अपडेटेड 22/12/2021

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