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हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज करना है बेहद जरूरी, ताकि हार्ट को मिल सके बेहतर प्रोटेक्शन!

हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज करना है बेहद जरूरी, ताकि हार्ट को मिल सके बेहतर प्रोटेक्शन!

अगर किसी व्यक्ति को हार्ट डिजीज है तो उसके लिए रेगुलर एक्सरसाइज करना और जरूरी हो जाता है। फिजिकल एक्टिविटीज हार्ट मसल्स को स्ट्रेंथ देती है और ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में मदद करती है। वैसे तो एक्सरसाइज करना ओवरऑल हेल्थ के लिए अच्छा है, लेकिन हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व (Importance of exercise for heart disease patients) बढ़ जाता है। यह वजन कम करने में भी मदद करती है जो हार्ट डिजीज का रिस्क फैक्टर माना जाता है। यह सीने में दर्द या अन्य लक्षणों के बिना अधिक सक्रिय रहने में भी मदद कर सकती है।

हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व तो है, लेकिन हार्ट डिजीज का सामना कर रहे व्यक्ति को एक्सरसाइज प्रोग्राम शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। यह तब और भी जरूरी हो जाता है जब आपके साथ निम्न से कोई कंडिशन हो।

  • आपको हाल ही में हार्ट अटैक (Heart attack) आया हो।
  • आपको सीने में दर्द (Chest pain), सीने पर दबाव या सांस लेने में तकलीफ हो।
  • हाल ही में हार्ट सर्जरी (Heart surgery) या कोई अन्य प्रॉसीजर हुआ हो।

हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व (Importance of exercise for heart disease patients)

आप अपने हार्ट को सबसे अच्छा जो गिफ्ट दे सकते हैं वह फिजिकल एक्टिविटी है। इसके साथ ही हेल्दी डायट फॉलो करना, वजन को नियंत्रण में रखना और स्मोकिंग से दूरी कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary artery disease) और वैस्कुलर डिजीज (Vascular disease) के खिलाफ एक अच्छा प्रोटेक्शन प्लान है। शायद आपको यकीन ना हो लेकिन ये स्टेप काफी पावरफुल है। जॉन हॉप्किन्स के एक्सपर्ट के अनुसार कुछ निश्चित हार्ट कंडिशन्स में एक्सरसाइज कुछ दवाओं की तरह ही पावरफुल होती है। इसीलिए हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व (Importance of exercise for heart disease patients) है। ये हार्ट को कई तरह से फायदे पहुंचाती हैं। चलिए उनके बारे में जान लेते हैं।

और पढ़ें: कोलेस्ट्रॉल कम करने की एक्सरसाइज: क्या हैं इन व्यायामों के फायदे, जानिए यहां

शारीरिक गतिविधि दिल के दौरे के जोखिम को कम करती है (Physical Activity Reduces Heart Attack Risk)

हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व

हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि जिन लोगों को कोरोनरी हार्ट डिजीज है, उनके लिए नियमित रूप से की जाने वाली एरोबिक गतिविधि दिल को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करती है। यह उन लोगों में दूसरे दिल के दौरे के जोखिम को भी कम कर सकती हैं जिन्हें पहले से ही दिल का दौरा पड़ चुका है। सीएचडी (CHD) वाले लोगों के लिए कठिन और हैवी एरोबिक गतिविधियां सुरक्षित नहीं मानी जाती हैं। इस बारे में डॉक्टर से सलाह लें।

ब्लड प्रेशर को कम करती है (Exercise lowers blood pressure)

हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व (Importance of exercise for heart disease patients) इसलिए बताया गया है क्योंकि एक्सरसाइज बीटा ब्लॉकर (Beta blocker) दवाओं की तरह काम करती है जो हार्ट रेट को धीमा करने और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करती है। हाय ब्लड प्रेशर हार्ट डिजीज के लिए बड़ा रिस्क फैक्टर है।

वजन को कंट्रोल करने में मददगार (Exercise is key to weight control)

अगर इसे हेल्दी डायट के साथ कंबाइंड कर दिया जाए तो फिजिकल एक्टिव होना वजन कम करने और इसे कंट्रोल में रखने का जरूरी कंपोनेंट बन जाती है। जो हार्ट डिजीज को कम करने में मदद करता है। ओवरवेट होने से हार्ट पर स्ट्रेस बढ़ता है जो हार्ट डिजीज (Heart disease) और स्ट्रोक (Stroke) का रिस्क फैक्टर है।

एक्सरसाइज हार्ट मसल्स को मजबूत बनाती है (Exercise strengthens heart muscles)

एरोबिक वर्कआउट्स का कॉम्बिनेशन जो आपके फिटनेस लेवल पर निर्भर करता है जिसमें वॉकिंग, रनिंग, स्विमिंग और दूसरी हार्ट पंपिंग एक्सरसाइज (Heart pumping exercises) शामिल हैं और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जिसमें वेट लिफ्टिंग और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग शामिल है हार्ट हेल्थ के लिए बेस्ट मानी जाती हैं। ये एक्सरसाइज सर्कुलेटिंग ब्लड से ऑक्सिजन खींचने की मसल्स की क्षमता में सुधार करती हैं। इससे हार्ट की मसल्स को अधिक ब्लड पंप करने की जरूरत में कमी आती है। यानी हार्ट पर लोड कम हो जाता है। हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व (Importance of exercise for heart disease patients) इससे भी स्पष्ट हो जाता है।

और पढ़ें: हार्ट के लिए भी हायड्रेशन है जरूरी है, पानी ना पीने से हार्ट पर पड़ता है लोड!

एक्सरसाइज स्मोकिंग छोड़नें में कर सकती हैं मदद (Exercise can help you quit smoking)

जैसे ही ध्रूमपान करने वाले अधिक फिट होते हैं वे स्मोकिंग छोड़ देते हैं और जो लोग पहले से ही फिट हैं उनके ध्रूमपान करने की संभावना काफी कम होती है जो कि हृदय रोगों का शीर्ष जोखिम कारकों में से एक है क्योंकि यह रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) की संरचना और कार्य को नुकसान पहुंचाता है।

स्ट्रेस को कम करने में मददगार (Exercise lowers stress)

हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व

स्ट्रेस हॉर्मोन्स हार्ट पर एक्सट्रा बोझ डालते हैं। एक्सरसाइज चाहे एरोबिक हो (जैसे:रनिंग) रेजिस्टेंस ओरिएंटेड हो जैसे कि वेट ट्रेनिंग या फ्लैग्जिबिलिटी जैसे कि योगा सभी आपको दिमाग को रिलैक्स कर स्ट्रेस को कम करने में मदद करती हैं। इसलिए हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व (Importance of exercise for heart disease patients) काफी बढ़ जाता है।

इसके अलावा एक्सरसाइज डायबिटीज को कंट्रोल में रखने और क्रोनिक इंफ्लामेशन (Chronic inflammation) को कम करने मे मदद करती हैं। वहीं यह ऊर्जा स्तर को बढ़ाती है ताकि आप और अधिक काम कर सकें। सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है। तेजी से सोने और अच्छी नींद अधिक लेने में मदद करती है। आत्म-छवि और आत्मविश्वास में सुधार करती है।

और पढ़ें: एयर पॉल्यूशन से हार्ट डिजीज का खतरा कैसे बढ़ जाता है?

हार्ट डिजीज के मरीज एक्सरसाइज की शुरुआत कैसे करें? (Heart disease patients how to start exercise?)

हार्ट डिजीज के मरीजों को एक्सरसाइज से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए कि कौन सी एक्सरसाइज उनके लिए अच्छी रहेगी। नया एक्सरसाइज प्रोग्राम शुरू करने से पहले डॉक्टर से जरूर बात करें। कठिन फिजिकल एक्टिविटी शुरू करने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें कि क्या यह आपके लिए सही रहेगी। एरोबिक एक्टिविटी में दिल और फेफड़ों का उपयोग होता है। ये हार्ट को ऑक्सिजन का उपयोग अच्छी तरह से करने में भी मदद करती है। साथ ही ब्लड फ्लो को भी सुधारती हैं।

एक्सरसाइज की शुरुआत धीरे-धीरे करें। किसी एक एरोबिक एक्टिविटी को चुनें जिसमें स्विमिंग, लाइट जॉगिंग और बाइकिंग शामिल है। इसको हफ्ते में 3 से 4 बार करें।
हमेशा 5 मिनट की स्ट्रेचिंग करें। इसके बाद एक्सरसाइज करें। एक्सरसाइज के बाद बॉडी को कूल डाउन करने का समय दें। बहुत थकने से पहले छोटा ब्रेक लें। यदि आप थका हुआ महसूस करते हैं या दिल से संबंधित कोई लक्षण दिखाई दे रहें हैं, तो रुकें। आप जो व्यायाम कर रहे हैं, उसके लिए आरामदायक कपड़े पहनें।

मौसम का रखें ध्यान

गर्म मौसम में सुबह या शाम व्यायाम करें। कपड़े की बहुत अधिक लेयर्स न पहनें। आप वॉक के लिए किसी इनडोर शॉपिंग मॉल या जिम भी जा सकते हैं। जब ठंड हो तो बाहर व्यायाम करते समय अपनी नाक और मुंह को ढक लें। अगर मौसम बाहर व्यायाम करने के लिए बहुत ठंडा या बर्फीला हो तो किसी इनडोर शॉपिंग मॉल में जाएं। अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या ठंडा वातावरण आपके लिए व्यायाम के लिए ठीक है।

हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व: ये भी जान लें

रेजिस्टेंस ट्रेनिंग ताकत में सुधार कर सकती है और मांसपेशियों को एक साथ बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकती है। इससे दैनिक गतिविधियों को करना आसान हो सकता है। ये एक्सरसाइज आपके लिए अच्छी हैं, लेकिन ध्यान रखें कि ये आपके दिल की उतनी मदद नहीं करती हैं जैसे एरोबिक एक्सरसाइजेज करती हैं। पहले अपने डॉक्टर के साथ वेट ट्रेनिंग रूटीन के बारे में चर्चा। आराम से शुरुआत करें, और बहुत तनाव ना लें। दिल की बीमारी होने पर ज्यादा मेहनत करने से अच्छा है कि हल्का व्यायाम करें।

और पढ़ें: केयरगिवर्स के हार्ट को भी है केयर की जरूरत!

उम्मीद करते हैं कि आपको हार्ट डिजीज के मरीजों के लिए एक्सरसाइज का महत्व (Importance of exercise for heart disease patients) क्या है इससे संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 22/12/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड