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तनाव सेहत के साथ बालों के लिए है घातक, इसके कारण बदल सकता है बालों का रंग

तनाव सेहत के साथ बालों के लिए है घातक, इसके कारण बदल सकता है बालों का रंग

मौजूदा समय में काफी तेजी से अवसाद की बीमारी उभर रही है। बदलते लाइफस्टाइल के कारण हर कोई चिंता में है। अब तो ऐसी हालत हो गई है कि भीड़कर में रहकर भी लोग तन्हा महसूस करते हैं, यही सबसे बड़ा कारण है कि लोग अवसाद में जा रहे हैं। अवसाद का असर पूरे शरीर के कार्यप्रणाली पर पड़ता है, जिसमें बाल, त्वचा आदि सब आते हैं। मौजूदा समय में शोधकर्ता यह जानते हैं कि हमारे बालों का रंग भूरा क्यों हो रहा है। ऐसा नर्वस सिस्टम में बदलाव होने के कारण भी हो सकता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि स्ट्रेस ही एकमात्र फैक्टर है जिसके कारण बालों का रंग बदलता है, लेकिन कई मामलों में अनुवांशिक कारणों से भी बालों का रंग बदल सकता है। आइए इस आर्टिकल में हम जानने की कोशिश करते हैं कि आखिरकार तनाव का हमारे बालों से क्या कनेक्शन है।

बालों का रंग बदलने का तनाव है बड़ा कारण

बालों का रंग बदलने की बात करें तो उसमें तनाव महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। जर्नल नेचर में छपी शोध भी यही दावा करती है। लंबे समय से साइंटिस्ट भी इस बात की तलाश में जुटे हैं कि बालों का रंग का ग्रे होने का संबंध कहीं स्ट्रेस से तो नहीं। हाल ही में हार्वड यूनिवर्सिटी की ओर से किए शोध में रिसर्चर्स ने कार्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) की जांच की, इसमें यह पता चला कि जब भी हमारा मन तनाव में रहता है या फिर गुस्से में रहता है तो उस स्थिति में यह हार्मोन बढ़ता है। यह हार्मोन हमारे शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन यदि यही हार्मोन ज्यादा बनने लगे तो उस स्थिति में शरीर पर बुरा असर हो सकता है।

बात यही नहीं थमती हमारे शरीर में सिपेथेटिक नर्वस सिस्टम होता है, जो पूरे शरीर में होता है। रिसर्चर बताते हैं कि यह बालों का फॉलिकल (follicle) बनाने में भी मदद करता है। ऐसे में जब भी हम तनाव में होते हैं तो उस स्थिति में एक खास प्रकार का केमिकल निकलता है, जिसे नोरेफिनेफिरिन (norepinephrine ) कहा जाता है, इसके कारण ही खास प्रकार का पिग्मेंट स्टेम सेल बनाता है, वहीं यह अच्छे से एक्टिव नहीं हो पाते इस कारण बालों का रंग बदलना शुरू हो जाता है।

हावर्ड की स्टेम सेल एंड रिजेनेरेटिव बायोलॉजी की एसोसिएट प्रोफेसर या ची ह्यू बताती हैं कि तनाव हमारी सोच से भी ज्यादा शरीर को नुकसान पहुंचाता है। कहा- कुछ दिनों के बाद वैसे पिग्मेंट जिसके कारण स्टेम सेल्स बनते हैं वोअपने आप गायब हो जाते हैं, ऐसा होने के बाद नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती है।

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बालों का रंग क्यों होता है ग्रे

न्यू यॉर्क कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर की डर्मेटोलॉजी विभाग की प्रोफेसर लिंडे ए बारडन बताती हैं कि बालों का रंग यदि बदले तो उसका तनाव ही एकमात्र कारण नहीं है। कई कारणों से ऐसा हो सकता है। कई मामलों में तो आनुवांशिक कारणों से भी ऐसा होता है। हमारे हेयर फॉलिकल (follicle) में मौजूद पिग्मेंट सेल्स मिलेनोसाइटिस (melanocytes) की कमी के कारण भी बाल ग्रे हो सकते हैं। उम्र बढ़ने के साथ भी ऐसा होता है, वहीं इसे ठीक करने का कोई इलाज नहीं है। वहीं अनुवांशिक कारणों से जब आपके बाल ग्रे हो तो उस स्थिति में मेडिकल कुछ नहीं किया जा सकता है। ऐसे में इस प्रकार के मामलों में प्राकृतिक कारण जैसे तनाव के कारण बालों का रंग नहीं बदलता है।

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बालों के रंग के लिए स्मोकिंग भी है रिस्क फेक्टर

2013 के शोध के अनुसार स्मोकिंग करने वाले लोगों के बालों का रंग बदलकर ग्रे हो सकता है। ऐसे में जितना जल्दी संभव हो इस आदत को छोड़ देना चाहिए, यदि नहीं तो सामान्य लोगों की तुलना में आपके बाल समय से पहले भूरे हो जाएंगे। वहीं बालों का रंग बदलने के दूसरे कारणों की बात करें तो शरीर में कुछ चीजों की कमी के कारण भी ऐसा हो सकता है। जैसे शरीर में विटामिन बी 12, कॉपर, आयरन, उम्र बढ़ने के साथ ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण बालो का रंग बदल सकता है।

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शरीर में इंबैलेंस के कारण भी बालों का रंग बदल सकता है

रेव रिव्यूज की हेल्थ एक्सपर्ट और एरीजोना की फिजिशियवन केसी निकोलस बताती हैं कि तनाव के कारण ही शरीर में एंटीऑक्सीडेंट में कुछ बदलाव होने से हमारे टिशू, प्रोटीन या फिर डीएनए को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं कुछ मामलों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस जीवन की सामान्य प्रक्रिया में से एक होता है।

सामान्य तौर पर 30 साल के बाद हर एक दशक जैसे जैसे बढ़ता है वैसे वैसे हमारे बालों के रंग में भी परिवर्तन दिखने लगता है। यानि कि हम जैसे जैसे बुजुर्ग होते हैं वैसे वैसे हमारे बालों का रंग भी हर एक दशक में दस फीसदी बदलते जाता है।

जीन के कारण बदल सकता है बालों का रंग

बता दें कि कई शोध के अध्ययन से यह पता चला है कि मानव शरीर में पाए जाने वाले ‘जीन’, हमारे बालों के रंग के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। बता दें कि रिसर्च के दौरान यह बातें भी सामने आई कि अलग-अलग नस्ल के लोगों में अलग-अलग समय पर बाल सफेद हो सकता है। अफ्रीका और पूर्वी-एशियाई नस्लों में बाल एक उम्र के बाद ही सफेद होने शुरू होते हैं। वहीं भारत की बात करें तो यहां पर 40 साल के बाद बालों का रंग बदलते देखा गया है।

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अच्छी लाइफस्टाइल को अपनाकर टाला जा सकता है

बालों का रंग बदलने की बात है तो हम अपने लाइफस्टाइल में जरा सा बदलाव कर इसे रोक सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि खानपान सही रखें, खाने में पौष्टिक आहार का सेवन करने के साथ ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे वालनट और फैटी फिश का सेवन करें। अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आने से जितना हो बचें, ताकि अपने स्किन को बचाने के साथ बालों को भी डैमेज होने से बचा सकें। विटामिन बी 12 के साथ विटामिन बी 6 सप्लीमेंट का सेवन कर बालों को नेचुरल रंग में लंबे समय तक रखा जा सकता है।

फ्यूचर रिसर्च पर एक नजर

हार्वड की ओर से अबतक यह शोध चूहों पर ही किया गया था, बेहतर नजीते तभी संभव है जब यह रिसर्च इंसानों पर किया जाए। स्ट्रेस शरीर के दूसरे हिस्से को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में रिसर्चर्स इस बात की भी जानकारी जुटाने में लगे हैं। चूहों पर किए गए शोध से यह पता चला कि जो स्टेम सेल्स हमारे स्किन और बालों का रंग को कंट्रोल करके रखती थी वो अत्यधिक चिंता के कारण डैमेज हो गई।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाक्टरी सलाह लें। हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Scientists Think They Know How Stress Causes Gray Hair / https://www.healthline.com/health-news/scientists-how-stress-causes-gray-hair / Accessed 6 May 2020

How stress causes gray hair/ https://www.nih.gov/news-events/nih-research-matters/how-stress-causes-gray-hair / Accessed 6 May 2020

Stress Really Does Make Hair Go Gray Faster/ https://www.nytimes.com/2020/01/22/science/gray-hair-stress.html / Accessed 6 May 2020

Scientists discover ‘why stress turns hair white’ / https://www.bbc.com/news/health-51208972/ Accessed 6 May 2020

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Satish singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 14/05/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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