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रोजाना की थकान से परेशान हैं, तो जरूर करें पूर्वोतानासन

रोजाना की थकान से परेशान हैं, तो जरूर करें पूर्वोतानासन

पूर्वोतानासन (Upward Plank Pose) शरीर के सभी अंगों के लिए एक अच्छा योगासन है। इस आर्टिकल में हम पूर्वोतानासन के बारे में जानेंगें, इस आसन को करने का क्या तरीका, और इसके क्या फायदे होते हैं। पूर्वोत्तानासन, आयुर्वेद के अन्य आसन की तरह प्रकृति से प्रेरित है। पूर्वोत्तानासन को सूर्य के ऊर्जा को ग्रहण करने का एक योग माना जाता है। पूर्वोत्तानासन में दो शब्दों का संकलन किया गया है – पूर्व तथा उत्तान। सीधे शब्दों में देखे तो पूर्वोत्तानासन का मतलब है, पूरब दिशा में शरीर को खींचना। हालांकि, आप किसी भी दिशा में ये आसन कर सकते हैं, इसका पूर्व दिशा से कोई सम्बन्ध नहीं है। पूर्वोत्तानासन करने से शरीर में स्फूर्ति आती है तथा तनाव से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा भी पूर्वोत्तानासन के काफी फायदे हैं।

पूर्वोत्तानासन (Upward Plank Pose) करने का तरीका

  • पूर्वोत्तानासन करने के लिए दोनों पैरों को अपने सामने की ओर सीधा करके दंडासन में बैठ जाएं।
  • अब अपने दोनों हाथों को कूल्हों के पीछे थोडी दूरी (लगभग एक फुट) पर रखें।
  • अपनी हथेलियों को फर्श पर रखें साथ ही ध्यान दें, की दोनों हाथों की उंगलियां पैर की दिशा में रहें।
  • अब सांस को बाहर छोडते हुए अपने दोनों हाथों पर शरीर का भार डालते हुए, नितम्बो को जमीन से ऊपर उठायें।
  • अपने दोनों पैरों को सीधा करें और तलवे को पूरी तरह से जमीन पर टिकाने की कोशिश करें।
  • कंधे और पैर एक एक सीध में होंगें।
  • अब अपने कूल्हों को ऊपर उठायें जिससे आपकी छाती ऊपर उठ जाये।
  • अब सिर को पीछे की ओर झुकाएं।
  • अपनी सुविधा के अनुसार इस स्थिति में रहें और फिर अपनी शुरुआती स्थिति में आ जाएं।

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पूर्वोत्तानासन (Upward Plank Pose) करने के फायदे

मानव संरचना पर पूर्वोतानासन का असर और फायदे

पूर्वोतानासन से थायरॉइड ग्लैंड (thyroid gland) का प्रदर्शन अच्छा होता है

पूर्वोत्तानासन में जब व्यक्ति लम्बी सांसे लेता है, तब इस क्रिया से गले के पास मौजूद थायरॉइड ग्लैंड यानि थायरॉइड की ग्रंथि सक्रिय हो जाती है। इससे सही मात्रा में थायरॉइड हार्मोन बनने लगते हैं।थायरॉइड हार्मोन शरीर में काफी सारी चीजों को प्रभावित करते हैं। सांस लेने में, ह्रदय की गति, नर्वस सिस्टम, मांसपेशियों की मजबूती, माहवारी, कोलेस्ट्रॉल लेवल जैसी महत्वपूर्ण बातों पर असर डालता है। अगर आप थायरॉइड या इस से सम्बंधित किसी समस्या से जूझ रहे हैं तो,तो ये आसान जरूर आजमाएं।

पूर्वोतानासन अधिवृक्क ग्रन्थि (Adrenal glands) का प्रदर्शन सुधरता है

एड्रेनल ग्लैंड त्रिकोण आकार की ग्रंथि होती है। ये ग्रंथि किडनी के ऊपर मौजूद होती है। एड्रेनल ग्लैंड द्वारा बनने वाला हार्मोन, मेटाबोलिज्म, ब्लड प्रेशर, तथा इम्यून सिस्टम यानि प्रतिरक्षा तंत्र पर असर डालता है। पूर्वोत्तानासन को नियमित रूप से करने से शरीर में मेटाबोलिज्म, ब्लड प्रेशर, तथा इम्यून सिस्टम संतुलित हो जाते हैं।

पूर्वोतानासन से थाइमस ग्लैंड (thymus gland) के कार्य में सुधर आता है

थाइमस ग्लैंड, छाती के पीछे ट्रेकिआ (trachea) के सामने स्थित होती है। ये ग्रंथि इम्यून सिस्टम को बनाए रखने में मदद करती है। पूर्वोत्तानासन करते समय छाती को ऊपर की तरफ उठाया जाता है, जिससे इस ग्रंथि को काफी लाभ मिलता है।

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पूर्वोतानासन के अन्य फायदे

पूर्वोतानासन तनाव को कम करने में मदद करता है

आज काल के भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में तनाव एक “आफ्टर प्रोडक्ट”(after product) की तरह है। जैसे जैसे इंसान ज़िन्दगी में तरक्की करता है, वैसे वैसे तनाव पिछले दरवाजे से जिंदगी में दाखिल हो जाता है। तनाव अपने साथ थकान और बदन दर्द को भी ले कर आता है। पुरे दिन की थकान दूर कर स्फूर्ति देने का काम पूर्वोत्तानासन करता है। अगर आप सुबह उठ कर पूर्वोत्तानासन करते हैं, तो आप पुरे दिन तरोताजा रहते हैं। इसके अलावा शरीर में होने वाली थकावट को भी मिटाता है।

पूर्वोतानासन कोर को मज़बूत करता है

कोर पेट की मांसपेशियों को कहा जाता है। अगर आप एब्स बनाना चाहते हैं तो ये आसन आपके लिए है। जब आप पूर्वोत्तानासन में होते हैं तो पेट की मासपेशियां खींचती हैं, जो की पेट की अधिक चर्बी को कम करने में मदद करता है, इसके साथ ही आपको एक कमाल का एब्स मिलता है।

पूर्वोतानासन कलाई और बांहों को मजबूती प्रदान कर ऐंठन से छुटकारा दिलाता है

पूर्वोत्तानासन आसन को करते हुए शरीर का काफी वजन हाथो पर होता है। जिसकी वजह से कलाई और बांहों को मजबूती मिलती है। बाइसेप्स को बलिष्ठ करने के लिए, ये जिम में की गयी कसरत के मुकाबले ज्यादा असरदार होता है। लेकिन लोगो को ये आसन थोडा मुश्किल और जोखिम से भरा लग सकता है। कई लोगो को पिंडली या शरीर के बाकी हिस्से में बार बार ऐंठन की शिकायत हो जाती है। पूर्वोत्तानासन का अभ्यास लम्बे समय तक करते रहने से इस ऐंठन की शिकायत भी दूर हो जाती है।कई बार बहुत ज्यादा जिम करने वालो के बांहों और शरीर के बाकी हिस्से में भी क्रैम्प्स या दर्द की शिकायत होती है।

पूर्वोतानासन सांस की क्रिया को अच्छा करता है

पूर्वोतानासन के साथ आप ह्रदय को ऊपर की ओर उठाते हैं। ह्रदय चक्र को ऊपर उठाने से सांस लेने में आसानी होती है। इस आसन को नियमित रूप करने से सांस की क्रिया अच्छी होती है, और जिन लोगो को सांस की समस्या है उन्हें इस से लाभ मिलता है।

माहवारी के दिनों में महिलाओ को आराम देता है

महिलाओ को माहवारी के दिनों में कमर, पेट तथा शरीर के अन्य भागो में अत्यधिक दर्द की अनुभूति होती है। पूर्वोतानासन करने से माहवारी में होने वाले दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है।

संतुलन (balancing) को अच्छा करता है

पूर्वोतानासन संतुलन को अच्छा करने में काफी सहायक है। अगर आप नियमित रूप से ये आसान करते हैं तो आपका संतुलन अच्छा होता है, साथ ही शरीर की मानसिक और शारीरिक क्षमता भी बढ़ती है।

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किन स्थिति में पूर्वोत्तानासन (Upward Plank Pose) ना करे

  • अगर आपकी कलाई में किसी प्रकार की चोट हो तो आपको पूर्वोतानासन नहीं करना चाहिए।
  • अगर आपको गर्दन की तकलीफ हो, गर्दन में दर्द या सूजन हो तो पूर्वोतानासन बिलकुल ना करें।
  • अगर किसी वजह से आप पूर्वोतानासन ना कर पा रहे हो तो खुद के साथ जबरदस्ती ना करे। इस से आपको नुकसान पहुंच सकता है।

पूर्वोत्तानासन करने से पहले ये आसन जरूर करें

  • उत्कटासन या चेयर पोज (Chair Pose)
  • वीरभद्रासन या वारियर पोज 1 (Warrior Pose 1)
  • वीरभद्रासन या वारियर पोज 2 (Warrior Pose 2)
  • दण्डासना या स्टाफ पोज (Staff Pose)
  • पश्चिमोत्तानासन या सीटेड फॉरवर्ड बेंड(Seated Forward Bend)

पूर्वोत्तानासन करने के बाद ये आसन जरूर करें

  • अर्ध बद्ध पद्मा पश्चिमोत्तानासन या हाफ बाउंड लोटस सीटेड फॉरवर्ड बेंड (Half Bound Lotus, Seated Forward Bend)
  • त्रिअंगा मुखेकपड़ा पश्चिमोत्तानासन या थ्री-लिम्बेड फॉरवर्ड बेंड (Three-Limbed Forward Bend)
  • जनु सिरसासना या हेड-टू-नी फॉरवर्ड बेंड (Head-to-Knee Forward Bend)

पूर्वोत्तानासन को करने से शरीर के सभी अंग सही से काम करते हैं और इसके साथ ही मानसिक तनाव से भी छुटकारा मिलता है। लेकिन आसान करने से पहले अच्छे प्रशिक्षक से जरूर सीखें।

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Mishita sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 08/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड