Ashwagandha : अश्वगंधा क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

सामान्य नाम: Ashwagandha : अश्वगंधा क्या है?

अश्वगंधा का परिचय (Use Of Ashwagandha In Hindi)

अश्वगंधा का इस्तेमाल किसलिए किया जाता है?

यह एक पौधा है। इसकी जड़ों और बीजों का उपयोग दवा बनाने के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर निम्नलिखित बीमारियों इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है:

कुछ लोग इसका उपयोग सोचने की क्षमता में सुधार, दर्द और सूजन को कम करने और बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकने के लिए करते हैं।

अश्वगंधा का उपयोग एडाप्टोजेन के रूप में शरीर को रोजमर्रा के तनाव से बचाने और सामान्य टॉनिक की तरह भी किया जाता है।

इसके अलावा इसको त्वचा पर घावों, पीठ दर्द और एकतरफा पक्षाघात (हेमिप्लेजिया) के इलाज के लिए लगाया जाता है।

अश्वगंधा कैसे काम करता है?

अश्वगंधा कैसे काम करता है और शरीर के अंदर क्या प्रभाव डालता है इससे जुड़े पर्याप्त शोध मौजूद नहीं हैं। अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या डॉक्टर से संपर्क करें। हालांकि, कुछ अध्ययन हैं बताते हैं कि:

  • अश्वगंधा इंसुलिन के स्राव और संवेदनशीलता को प्रभावित करता है जिसके कारण ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है।
  • यह ट्यूमर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करता है और कई प्रकार के कैंसर से लड़ने में प्रभावी हो सकता है।
  • अश्वगंधा सप्लीमेंट तनाव से पीड़ित व्यक्तियों में कॉर्टिसोल से स्तर को कम करने में मदद करता है।
  • अध्ययन में पाया गया है कि अश्वगंधा पशुओं और इंसानों दोनों में तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है।
  • उपलब्ध सीमित शोध बताते हैं कि अश्वगंधा गंभीर अवसाद को कम करने में मदद कर सकता है।
  • टेस्टोस्टेरोन के लिए अश्वगंधा एक संजीवनी है। यह टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है और पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता और प्रजनन क्षमता को भी बढ़ाने में सहायक होता है।
  • यह जड़ी बूटी मांसपेशियों में वृद्धि, शरीर में वसा को कम करने और पुरुषों में ताकत बढ़ाने में मदद करती है।
  • यह प्राकृतिक रुप से कोशिकाओं को नष्ट करने की गतिविधि को बढ़ाता है साथ ही सूजन को कम करने में मदद करता है।
  • यह कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करके हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
  • यह सप्लिमेंट मस्तिष्क की क्रिया, स्मृति, प्रतिक्रिया समय और कार्यों को करने की क्षमता में सुधार करने में मदद करता है।

सावधानियां एवं चेतावनी (What should I know before using Ashwagandha In Hindi)

अश्वगंधा के सेवन से पहले मुझे इसके बारे में क्या-क्या जानकारी होनी चाहिए?

अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से परामर्श लें, यदि:

  • आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप गर्भवती होती हैं या बच्चे को स्तनपान करा रही होती हैं तो इस दौरान आपको डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवाओं का सेवन करना चाहिए।
  • आप कोई अन्य दवा ले रहे हों। इसमें आपके द्वारा ली जा रही कोई भी दवा शामिल हो सकती है जो आप डॉक्टर से पूछे बिना ही ले रहे हों।
  • आपको अश्वगंधा या अन्य दवाओं या अन्य जड़ी-बूटियों के किसी भी पदार्थ से एलर्जी है।
  • आपको कोई अन्य बीमारी, विकार या स्वास्थ्य समस्याएं हैं।
  • आपको पहले से ही कुछ चीजों से एलर्जी हो, जैसे कि खाद्य पदार्थ, डाई, प्रिजर्वेटिव या जानवर आदि से।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की ज़रुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना ज़रुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

अश्वगंधा का सेवन करना कितना सुरक्षित है?

यह ज्यादातर लोगों के लिए एक सुरक्षित सप्लीमेंट है।

गर्भावस्था और स्तनपान:

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान अश्वगंधा के उपयोग करना सही नहीं है। इस दौरान खुद को सुरक्षित रखें और इसके उपयोग से बचें।

अश्वगंधा के साइड इफ़ेक्ट (Ashwagandha Side effect In Hindi)

अश्वगंधा से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

अश्वगंधा की अधिक खुराक लेने से पेट खराब, दस्त और उल्टी हो सकती है।हालांकि हर किसी को ये साइड इफ़ेक्ट हों ऐसा ज़रुरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर इसके सेवन से आपको इनमें से कोई भी साइड इफ़ेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

अश्वगंधा का प्रभाव (Ashwagandha effects in Hindi)

अश्वगंधा के सेवन से नीचे बताई गई बीमारियों पर प्रभाव पड़ सकता है :

  • रुमेटॉयड अर्थराइटिस
  • लूपस
  • हाशिमोटो थायरॉयडिटिस (Hashimoto’s thyroiditis)
  • टाइप-1 डायबिटीज

इन दवाइयों के असर को भी प्रभावित कर सकता है अश्वगंधा

  • इसका सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के लिए किया जाता है। अश्वगंधा को दवाओं के साथ लेने से प्रतिरक्षा प्रणाली में कमी से इन दवाओं की प्रभावशीलता कम हो सकती है। इन दवाओं में अजैथिओप्रिन (इमुरान), बेसिलिक्सीमाब (सिम्यूलेक्ट), साइक्लोस्पोरिन (न्यूरॉल, सैंडिम्यून), डेक्लिज़ुमैब (जेनपैक्स), म्यूरोमोनैब-सीडी 3 (ओकेटी 3, ऑर्थोक्लोन ओकेटी 3), माइकोफेनोलेट (सेलसेप्ट), टैक्रोलिमस (एफके 506 प्रोग्राफ), सिलोलिमस (रैपैम्यून), प्रेन्डिसोन (डेल्टासोन, ओरासोन), कॉर्टिकोस्टीरॉयड (ग्लूकोकॉर्टिकॉयड) एवं अन्य शामिल हैं।
  • दर्दनाशक दवाओं (बेंजोडायजेपाइन): इसके सेवन से नींद और सुस्ती आ सकती है। इन दर्दनाशक दवाओं में क्लोनाजेपैम (क्लोनोपिन), डायजेपाम (वेलियम), लॉराजेपम (एटिवन) और अन्य शामिल हैं।
  • दर्दनाशक दवाओं (सीएनएस डिप्रेसेंट्स): इसे लेने से नींद और सुस्ती आ सकती है। इन शामक दवाओं में क्लोनाजेपैम (क्लोनोपिन), लॉराजेपैम (एटिवन), फेनोबार्बिटल (डोनाटल), जोलपिडेम (एंबियन) और अन्य शामिल हैं।
  • थायराइड की दवाएं
  • ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की दवाएं।

अश्वगंधा की खुराक (Ashwagandha Doses In Hindi)

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें।

आमतौर पर कितनी मात्रा में अश्वगंधा खाना चाहिए?

हालांकि अश्वगंधा ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है, लेकिन कुछ व्यक्तियों को इसका उपयोग तब तक नहीं करना चाहिए जब तक कि डॉक्टर ऐसा करने के लिए न करें।

प्रतिदिन दिन में एक या दो बार 450 से 500 मिलीग्राम इसका सेवन किया जा सकता है।

अश्वगंधा किन रूपों में उपलब्ध है?

यह हर्बल सप्लीमेंट निम्न रुपों में उपलब्ध है-

  • कैप्सूल

सूत्र

रिव्यू की तारीख जुलाई 24, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया जुलाई 24, 2019

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