उंगलियों की हड्डियों को फालंजेस कहा जाता है। हर उंगली में तीन और अंगूठे में दो फालंजेस होती है। जब उंगली की दो या तीन हड्डियां टूट जाती है तो उन्हें फ्रैक्चर हुई या टूटी हुई उंगली कहा जाता है। उंगली का फ्रैक्चर हाथ में लगी किसी चोट के कारण होता है। फ्रैक्चर्स उंगली के पोर में भी हो सकता हैं, जो वह जोड़ होते है जहां उंगली की हड्डियां मिलती हैं। हालांकि हाथों की हड्डियां छोटी होती है लेकिन उंगली में फ्रैक्चर कोई छोटी चोट नहीं होती। उंगलियों के कारण हम कोई भी चीज़ को आसानी से पकड़ सकते हैं। जब उंगली की हड्डी फ्रैक्चर होती है, तो इसके कारण पूरे हाथ का एलाइनमेंट खराब हो जाता है। अगर इसका उपचार न कराया जाए तो, टूटी हुई उंगली कठोर हो जाती है और इसमें असहनीय दर्द होता है।

उंगली का फ्रैक्चर होने के बाद जो लक्षण आपको सबसे पहले महसूस होगा वो है दर्द। लेकिन, इसके अन्य लक्षण इस प्रकार है:
हालांकि उंगलियों में अगर कोई अन्य समस्या हो जैसे इंफेक्शन, डिस्लोकेशन आदि तो उनके लक्षण भी समान हो सकते है। इसलिए, अगर आपको कोई भी लक्षण नजर आये तो डॉक्टर से चेकअप कराना अनिवार्य है।
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1.बास्केटबॉल
2.बेसबॉल
3.वॉलीबॉल
4.फुटबॉल
5.हॉकी
6.रग्बी
7.बॉक्सिंग
8.स्कीइंग
9.रेसलिंग
10.स्नोबोर्डिंग
और पढ़ें : Trigger finger : ट्रिगर फिंगर क्या है ?
उंगली में फ्रैक्चर है या नहीं समस्या का निदान डॉक्टर शारीरिक जांच कर के करेंगे। रोगी से इस फ्रैक्चर का कारण भी पूछा जा सकता है। उंगली की हड्डी कई तरीकों से टूट सकती है जैसे सीधा हड्डी का टूटना, हड्डी का कई टुकड़ों में टूटना या पूरी तरह से चकनाचूर होना आदि।
उंगली का फ्रैक्चर के उपचार के फ्रैक्चर के प्रकार और इस हड्डी पर निर्भर करता है जो प्रभावित है। अगर फ्रैक्चर सामान्य है तो साधारण बडी टापिंग की मदद से इसका उपचार किया जा सकता है। इसमें चार हफ़्तों तक बडी टापिंग के प्रयोग के साथ दो हफ़्तों तक उंगली को अधिक न हिलाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा आपको x -ray कराने की सलाह भी दी जा सकती है ताकि टूटी हुई हड्डी के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सके।
डॉक्टर रोगी की टूटी हड्डी को वापस अपनी जगह पर बिना सर्जरी के जोड़ देंगे। इसके लिए उन्हें स्पलिंट या कास्ट दी जायेगी ताकि आपकी उंगली सीधी रहे और किसी अन्य चोट से वो बच सके। कई बार डॉक्टर प्रभावित उंगली के साथ वाली उंगली को भी स्पलिंट लगा देते हैं ताकि प्रभावित उंगली को अतिरिक्त सहारा मिले। फ्रैक्चर हुई उंगली पर तीन हफ़्तों तक स्पलिंट लगाने की सलाह दी जाती है। इस समय एक से अधिक एक्स-रे कराये जा सकते हैं ताकि डॉक्टर उंगली में कितना सुधार हुआ इस इस बारे में पता चल सके।
फ्रैक्चर के प्रकार और गंभीरता को देखते हुए हड्डी को एलाइनमेंट में रखने के लिए डॉक्टर सर्जरी भी कर सकते हैं। हड्डी को जोड़ने के लिए छोटा डिवाइस जैसे पिंस, स्क्रू, वायर आदि का प्रयोग किया जाता है। सर्जरी की हुई फिंगर फ्रैक्चर को संभालना मुश्किल हो सकता है क्योंकि सर्जरी के कारण उंगली कठोर हो जाती है। इसलिए, डॉक्टर अधिकतर नॉन सर्जिकल उपचार को ही प्राथमिकता देते हैं। लेकिन अगर हड्डी या उंगली का आकर ही विकृत हो गया हो उस स्थिति में सर्जरी की जाती है।
अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।