शकरकंद को पकाते वक्त क्या आप भी करते हैं ये 5 गलतियां?

By Medically reviewed by Dr. Shruthi Shridhar

शकरकंद को पकाना बेहद ही आसान होता है। शकरकंद को भारतीय समाज में फूड के तौर पर काफी पसंद किया जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे विभिन्न तरीकों से पकाया जाता है। पुराने जमाने में इसे चूल्हे में पकाया जाता था। वहीं, आज के दौर में इसे पकाने के तरीके बदल चुके हैं। लेकिन, इसे पकाते वक्त आप कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जो इसकी क्वॉलिटी को प्रभावित करती है। आज हम इस आर्टिकल में कुछ ऐसी ही गलतियों के बारे में बताएंगे।

शकरकंद को माइक्रोवेव में पकाना

शकरकंद को पकाने के लिए अक्सर आप माइक्रोवेव का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, माइक्रोव से किसी भी खाने की वस्तु को पकाना बेहद ही आसान है। पुराने तरीकों में शकरकंद को पकाने में काफी समय लगता है। कई बार माइक्रोवेव से शकरकंद पूरी तरह से पकती नहीं है और यह कच्ची रह जाती है। इसकी वजह से शकरकंद में आपको कई जगह पर गांठ दिखती हैं। खाने में यह उतनी लजीज भी नहीं लगती है।

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फ्रिज में स्टोर करना

फ्रिज में किसी भी फूड प्रोडक्ट को रखने से उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है। साथ ही उसमें बैक्टीरिया भी नहीं पहुंचता है। दूसरी तरफ शकरकंद को फ्रिज में रखने से इसके सेल स्ट्रक्चर में बदलाव आ जाता है। इसकी वजह से यह बीच के हिस्से से कड़ी हो जाती है। इसका स्वाद भी अजीब सा लगता है। इससे बचने का उपाय है कि आप इसे बेहतर जगह पर स्टोर करें। इसके लिए आप शकरकंद को ठंडे, डार्क और ऐसी जगह रख सकते हैं जहां पर हवा का आवगमन हो।

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ठंडे पानी में स्टोर ना करना

साबुत शकरकंद को कभी भी फ्रिज में स्टोर नहीं करना चाहिए। कटी हुई शकरकंद को फ्रिज में स्टोर किया जा सकता है। लेकिन, इसे आपको ठंडे पानी में रखना होगा। बिना ठंडे पानी के कटी हुई शकरकंद को स्टोर ना करें। ऐसा करने से यह अगले इस्तेमाल तक सूख जाएगी और आपके किसी भी काम की नहीं रहेगी।

शकरकंद को अधिक देर तक पकाना

आमतौर पर शकरकंद को पकने में 45 मिनट का समय लगता है। हालांकि, हर मामले में यह समय आदर्श नहीं हो सकता है। शकरकंद को पकाने का समय उसके साइज और मोटाई पर निर्भर करता है। इसलिए आपको 45 मिनट के समय पर निर्भर नहीं रहना है। अपनी सहुलियत के अनुसार आप इसे किसी स्टिक से चेक कर सकते हैं। यदि यह सख्त होती है तो यह पूरी तरह से पकी नहीं है। यदि स्टिक शकरकंद के भीतर आसानी से चली जाती है तो यह पक चुकी है।

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शकरकंद में बिना छेद किए पकाना

शकरकंद में फोर्क से बिना छेद किए उबालना एक बड़ी गलती है। शकरकंद को उबालते वक्त इसके भीतर भारी दबाव बनता है, जिसकी वजह से अक्सर यह उबालते वक्त फट जाती है। इस स्थिति से बचने के लिए आपको हमेशा शकरकंद को पकाने से पहले इसमें फोर्क से छेद करने हैं। दबाव बनने पर वह इन छिद्रों के माध्यम से बाहर निकल जाएगा।

अंत में हम यही कहेंगे कि अगली बार शकरकंद को पकाते वक्त आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इससे ना सिर्फ शकरकंद का टेस्ट बढ़ेगा बल्कि उसकी क्वॉलिटी भी अच्छी रहेगी।

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रिव्यू की तारीख अक्टूबर 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 10, 2019

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