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कम उम्र में पीरियड्स होने पर ऐसे करें बेटी की मदद

कम उम्र में पीरियड्स होने पर ऐसे करें बेटी की मदद

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार 10 और 13 साल की उम्र के बीच में लड़कियों को उनके पीरियड्स प्राकृतिक रूप से आने शुरू हो जाता है। हालांकि, कुछ लड़कियों को कम उम्र में पीरियड्स तो कुछ लड़कियों को 15-17 साल की उम्र के बाद ही पीरियड्स का अनुभव होता है। वहीं, डॉक्टर्स का कहना है कि पिछले 10 सालों में ऐसे मामलों में लगभग 15 से 20 फीसदी की वृद्धि हुई है, जिन्हें कम उम्र में पीरियड्स आने शुरू हो जाते हैं। मेडिकल भाषा में पहले पीरियड्स को मेनार्चे कहा जाता है। जो लड़कियों के यौवन का संकेत होता है। हालांकि, ऐसी भी लड़कियां होती हैं जो यौवन का अनुभव तो कर रही हैं, लेकिन उन्हें उनका पहला पीरियड 15 साल के बाद अनुभव हो सकता है। जिसे चिकित्सा की भाषा में अमेनोरिया (Amenorrhea) कहा जाता है। पीरियड्स से जुड़ी सभी स्थितियां आमतौर पर हार्मोनल असामान्यतों के कारण ही हो सकते हैं।

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कम उम्र में पीरियड्स आना किस बात पर निर्भर कर सकता है?

आमतौर पर देखा जाए, तो किसी लड़की को पीरियड्स आने किस उम्र में शुरू होंगे ये उसकी अनुवांशिकता पर निर्भर कर सकता है। अगर मां को कम उम्र में पीरियड्स शुरू हुए थे, तो इसकी संभावना भी बढ़ जाती है कि बेटी को भी कम उम्र में पीरियड्स शुरू हो सकते हैं। लेकिन, कई बार पर्यावरणीय कारणों और लड़की के शारीरिक वजन के कारण भी कम उम्र में पीरियड्स या लेट पीरियड्स आने की समस्या हो सकती है।

10 से 13 की उम्र में ही क्यों शुरू होने चाहिए पीरियड्स?

10 से 13 साल की उम्र के बीच लड़कियों में प्यूबर्टी के विकास का दौर शुरू होता है। इस दौरान उनके शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के लिए शरीर में कई तरह के हार्मोन्स अपनी-अपनी प्रतिक्रिया करते हैं। जिनके विकास की दर लड़की के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से भी प्रभावित हो सकती है। लड़कियों का पहला पीरियड आने के लिए उनके शरीर का सही वजन और शरीर में सही मात्रा में वसा होना जरूरी होता है, जो पीरियड्स को बढ़ावा देने वाले हार्मोन पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण होते है। इसकी वजह से अधिकतर लड़कियों में पहला पीरियड्स आने से पहले ही उनका वजह भी थोड़ा बढ़ जाता है।

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कम उम्र में पीरियड्स आना क्या खतरे की घंटी हो सकती है?

आज के समय में अधिकतर लड़कियों को उनका पहला पीरियड 8 या 9 की उम्र में आने शरू हो जाते हैं। ऐसे में कम उम्र में पीरियड्स आना लड़कियों के साथ-साथ उनके पेरेंट्स के लिए भी एक भावनात्मक समस्या हो सकती है। जो भविष्य में कई शारीरिक समस्याओं का कारण भी बन सकती है।

जानिए कम उम्र में पीरियड्स आने के कारण

अगर किसी लड़की को कम उम्र में पीरियड्स आने शुरू होते हैं, तो यह आमतौर पर इसलिए हो सकता है क्योंकि उसके शरीर में यौवन के लिए जिम्मेदार हार्मोन का उत्पादन पहले से ही शुरू हो गया होगा। ज्यादातर मामलों में, इस बात का कोई पुष्टि नहीं की गई है कि लड़कियों में ऐसा किस वजह से हो सकता है। हालांकि, शरीर ने इन हार्मोनों का उत्पादन जल्दी शुरू होने के पीछे लड़की के शरीर का वजन, आनुवंशिकता और उसकी लाइफस्टाइल भी काफी हद तक जिम्मेदार हो सकती है। अगर किसी लड़की में 8 साल की उम्र से पहले या 9 साल की उम्र से पहले ब्रेस्ट का विकास होना शुरू हो जाता है, तो यह उसके कम उम्र में पीरियड्स आने के पहले लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थितियों में डॉक्टर से परामर्श कराना जरूरी होता है।

इसके अलावा, ऐसी स्थितियों के ज्यादातर मामलों में पाया गया है कि लड़की की पिट्यूटरी ग्रंथि जल्दी सक्रिय हो जाती है, जिसके कारण उसके शरीर में हार्मोनल असंतुलन और खराब शारीरिक गतिविधियों के कारण पीयर प्रेशर अधिक बढ़ता है, जो कम उम्र में पीरियड्स होने के प्रमुख कारण हो सकते हैं।

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कम उम्र में पीरियड्स आने के कारण होने वाली समस्याएं क्या हो सकती हैं?

कम उम्र में पीरियड्स आने के कारण एक लड़की को कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएं हो सकती है, जिसका प्रभाव उसके परिवार के साथ-साथ उसके भविष्य पर भी पड़ सकता है।

दोस्तों के सामने शर्मिंदा महसूस करना

सामान्य तौर पर देखा जाए तो एक क्लास में लगभग एक ही उम्र या उसी उम्र के आस-पास के बच्चे हो सकते हैं। ज्यादातर स्कूल बोर्ड्स बच्चों को 8वीं के बाद से बॉयलोजी के सब्जेक्ट पढ़ाने शुरू करते हैं। इसके अलावा भारतीय परिवारों की बात करें, तो ऐसे बहुत ही कम माता-पिता है जो अपने बच्चों से पीरियड्स जैसे विषय के बारे में आमने-सामने से चर्चा करते होंगे। ऐसे में अगर लड़की को छोटी उम्र में ही पीरियड्स आने शुरू हो जाते हैं, तो यह उसके लिए एक बड़ी मानसिक स्थिति हो सकती है। जिसके बारे में न ही वो अपने दोस्तों से खुलकर चर्चा कर सकती है और न ही अपने परिवार में। क्योंकि उसे इस तरह की स्थिति शर्मिंदगी भरी महसूस हो सकती है।

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टाइप-2 डायबिटीज का खतरा

मुंबई के जेबी नगर में स्त्री विशेषज्ञ क्लीनिक की डॉक्टर और स्त्री विशेषज्ञ डॉक्टर मोनिका अग्रवाल के मुताबिक, “बहुत छोटे उम्र में ही पीरियड्स आने के कारण लड़कियों को टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी हो सकता है।” चीन में 15,000 से ज्यादा महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं के पीरियड्स कम उम्र में शुरू हो गए थे, उनमें से अधिकतर महिलाएं टाइप-2 डायबिटीज की समस्या से परेशान हैं। हालांकि बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) इससे बचा सकता है। मेनोपॉज जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, पीरियड्स आने में हो रही हर साल की देरी, टाइप-2 डायबीटीज के जोखिम को लगभग छह फीसदी तक कम कर देता है। नार्थ अमेरिकन मेनोपॉज सोसायटी (एनएएमएस) के मेडिकल डॉयरेक्टर स्टेफनी फ्यूबियन का कहना है कि, अगर किसी लड़की के पीरियड्स कम उम्र में शुरू हो तो हैं, तो भविष्या में उसे टाइप-2 डायबीटीज होने का खतरा अधिक हो सकता है।

बता दें कि, साल 2015 में टाइप-2 डायबिटीज की बीमारी से वैश्विक रूप से 20 से 79 की उम्र के 8.8 फीसदी लोग प्रभावित थे और आने वाले सालों 2040 तक इसके मरीजों की संख्या लगभग 10.4 फीसदी तक हो सकती है। इसके अलावा उन लड़कियों में मोटापा और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है।

इसके अलावा जिन लड़कियों में लेट पीरियड्स की समस्या होती है, उनमें दिल की बीमारी, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा अन्य लड़कियों के मुकाबले अधिक हो सकता है।

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अगर कम उम्र में आए पीरियड्स तो मुझे क्या करना चाहिए?

  • अगर किसी लड़की को छोटी उम्र में ही पीरियड्स आते हैं, तो उसे इसके बारे में सबसे पहले अपने घर पर किसी भी बड़े सदस्या जैसे, मां, दादी, दीदी, भाभी या बुआ से इस बारे में बात करना चाहिए।
  • अगर घर में किसी से इस बारे में बात करने में हिचक महसूस हो, तो आप इसके बारे में अपने स्कूल की किसी लेडी टीचर से भी बात कर सकते हैं। उनसे पूछ सकते हैं कि ऐसे समय में आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
  • मेंट्रूएशन साईकल को समझाने के लिए ऑनलाइन आपको कई तरह की किताबे और कॉमिक्स भी मिल सकती हैं। आप अपने पीरियड्स के साइकल को अच्छी तरह से समझने के लिए इनकी भी मदद ले सकती हैं।

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अगर कम उम्र में आए पीरियड्स तो माता-पिता को क्या करना चाहिए?

  • सबसे पहले अगर आपको अपनी बेटी में किसी भी तरह के शारीरिक बदलाव के साथ-साथ उसके मानसिक में भी बदलाव दिखाई दे, तो उससे इस बारे में बात करें और उसके व्यवहार को नोटिस करें।
  • अगर आप इस बारे में अपनी बेटी से खुलकर बात नहीं कर सकते हैं, तो अपनी बहन, भाभी या घर के किसी भी बड़ी उम्र के महिला सदस्य की मदद ले सकते हैं जो आपकी बेटी से इस बारे में बात कर सके।
  • हो सकता है कि बेटी को जल्दी पीरियड्स आने के कारण आपकी बेटी आत्मविश्वास में कमी महसूस करे। इस स्थिति से उसे बाहर निकालने के लिए आप उसे समझाएं की यह एक प्राकृतिक प्रकिया है, जो एक उम्र के बाद हर महिला के जीवन में शुरू होता है। ऐसा होने के पीछे की वजह और फायदे भी बताएं।
  • लेकिन, अगर आपकी बेटी को 8 साल की उम्र या इससे पहले ही पीरियड्स शुरू हो गए हो, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना जरूरी हो सकता है।

अगर पहले मासिक धर्म की उम्र या इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

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सूत्र

When Your Daughter’s Period Comes Early. https://www.unitypoint.org/livewell/article.aspx?id=4ad8055c-e6c4-4e81-a432-2eecba788430. Accessed on 14 April, 2020.

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MY PERIOD CAME EARLY – AM I NORMAL?. https://healthcare.utah.edu/the-scope/shows.php?shows=0_30iv8ewh. Accessed on 14 April, 2020.

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Early periods and late childbearing increase risk of breast cancer, study confirms. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1172033/. Accessed on 14 April, 2020.

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Ankita mishra द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 01/04/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड