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प्री-टीन्स पेरेंटिंग के लिए कुछ खास टिप्स

प्री-टीन्स पेरेंटिंग के लिए कुछ खास टिप्स

प्री टीन्स पेरेंटिंग हर माता-पिता के लिए एक चिंता का विषय बन हो सकता है। जब बच्चे ‘टीनेजर्स’ की दहलीज पर होते हैं, तो उनमें शारीरिक बदलाव के साथ-साथ मानसिक बदलाव भी तेजी से होना शुरू हो जाते हैं। एक तरह से देखा जाए, तो इस दौरान बच्चे जिस भी तरह के परिवेश में रहते हैं या जैसी उनकी परवरिश की जाती है, उसका ही प्रभाव उनके भी व्यवहार में पड़ सकता है। हालांकि, इस समय बहुत कुछ है जिससे आप प्री टीन्स पेरेंटिंग कर सकते हैं और अपने किशोर बच्चों को अच्छी सीख दे सकते हैं। साथ ही, उनके जिम्मेदार व्यवहार को प्रोत्साहित भी कर सकते हैं। हालांकि, टीनेजर्स को संभालना और सही तरीके से परवरिश करना चुनौतियों से भरा होता है। निपटने के लिए इन प्री टीन्स पेरेंटिंग टिप्स की बातों को ध्यान रख सकते हैं।

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जानिए प्री टीन्स पेरेंटिंग के सबसे बेस्ट टिप्स

प्री टीन्स पेरेंटिंग के नियम जानने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि, बच्चा किसी भी उम्र में सिर्फ आपकी ही सारी बातों को नहीं मान सकता है। हर किसी के विचार और व्यवहार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए, कभी भी अपनी किसी बात को मनवाने के लिए बच्चे पर दबाव न डालें। और न ही उसके साथ ही मार-पीट करें।

अपना प्यार दिखाएं

प्री टीन्स पेरेंटिंग के लिए पेरेंट्स का सकारात्मक होना बहुत जरूरी हो सकता है। इसलिए अपने बच्चे से हमेशा अपना प्यार जताएं। जब आप टीनेजर्स की परवरिश करते हैं तो उनकी बातों को भी सुनें। जब वह बात करते हैं, तो आपको उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। यदि आपका टीनेजर्स बच्चा परिवार या माता-पिता से बहुत गहरा संबंध बनाने में दिलचस्पी नहीं रखता है, तो भी आपको उससे हमेशा बात करने का प्रयास करते रहना चाहिए, ताकि बच्चा कभी भी खुद को अकेला महसूस न करें। अधिकतर बच्चे अपने माता-पिता से ज्यादा अपने हम उम्र दोस्तों से ज्यादा क्लोज होते हैं। अगर आपका बच्चा भी ऐसा है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। बस कोशिश करें कि अपने बच्चे के साथ नियमित रूप से एक साथ भोजन करें। दिन के खाली समय में बातें करें। उनकी पसंद-नपसंद को समझें।

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उचित अपेक्षाएं निर्धारित करें

प्री टीन्स पेरेंटिंग के दौरान याद रखें कि किशोर सफलता से ही आत्मविश्वास हासिल करते हैं। जो उन्हें अगली चुनौती के लिए तैयार करता है। आपका किशोर कठिन कार्यों को करता है। उसे यह निर्धारित करने के लिए उसका समर्थन करें कि वह क्या संभाल सकता है। प्री टीन्स पेरेंटिंग के लिए यदि आपका किशोर छोटा है, तो उसे प्रतिक्रिया दें। उससे उबरने के लिए प्रोत्साहित करें और फिर से प्रयास करें। अंतिम परिणाम की तुलना में अपने किशोर के प्रयास की प्रशंसा करना अधिक महत्वपूर्ण है।

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नियम और परिणाम निर्धारित करें

अनुशासन शिक्षण के बारे में है। अपने किशोर को बात-बात पर दंडित या नियंत्रित नहीं करना चाहिए। अपने प्री-टीन्स को अच्छी तरह से व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित करें। इस बात पर चर्चा करें कि घर, स्कूल और अन्य जगहों पर कौन सा व्यवहार स्वीकार्य और अस्वीकार्य है। आपका किशोर कैसे व्यवहार करता है, इसके लिए उचित तरीकों और उचित परिणाम के बारे में बात करें।

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प्री टीन्स पेरेंटिंग के दौरान अल्टीमेटम से बचें

आपका किशोर एक चुनौती के रूप में एक अल्टीमेटम की व्याख्या कर सकता है। इस मामले में स्पष्ट और ओपन रहें। अपने किशोरों को देर से बाहर न रहने के बजाए, एक खास टाइम निर्धारित करें। अपने नियम छोटे और टू-द-पॉइंट रखें। परिणामों को तत्काल और अपनी किशोरावस्था की पसंद या क्रियाओं से जोड़ा जाए।

उनके लिए अपने फैसले समझाएं

जब वह अपने उद्देश्य को समझते हैं, तो उनके नियम का पालन करने की अधिक संभावना हो सकती है। जब आपका किशोर जानता है कि उसकी या उसकी सुरक्षा के लिए सीमा तय की जा रही है, तो उसके खिलाफ बगावत करने के लिए कम सोचेगा। यह अच्छे प्री-टीन्स की सबसे अच्छी निशानी है।

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फ्लेक्सिबल बने रहें

जब आपका किशोर अधिक जिम्मेदारी को संभालने की कोशिश करता है, उसे थोड़ा फ्री स्पेस दें। यदि आपका प्री-टींस बच्चा खराब निर्णय लेता है, तो उस पर प्रतिबंध लगाएं या समझाएं। अपने किशोरों को उसकी कमियों और दूरगामी परिणामों के बारे में व्याख्यान देने से बचें, जो आपके किशोर को आपको गलत साबित करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। व्यंग्यात्मक, नीच या अपमानजनक लहजे का उपयोग न करें। अपने किशोर को शर्मिंदा करना शर्म की भावना पैदा कर सकता है, उसे या उसे एक रक्षात्मक स्थिति में डाल सकता है।

नियमों को प्राथमिकता दें

हालांकि अपने नियमों को लगातार लागू करना महत्वपूर्ण है। नियमों को प्राथमिकता देने से आपको और आपके किशोरों को बातचीत और समझौता करने का अभ्यास करने का मौका मिलेगा। हालांकि, प्री टीन्स पेरेंटिंग से पहले विचार करें कि आप किस हद तक लिबरल हो सकते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए लगाए गए प्रतिबंध, जैसे मादक द्रव्यों के सेवन, यौन गतिविधि और लापरवाह ड्राइविंग पर प्रतिबंध लगाने की बात न करें। आपका किशोर जानता है कि आप तम्बाकू, शराब या अन्य नशीली दवाओं के उपयोग को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

एक सकारात्मक उदाहरण सेट करें

किशोर अपने माता-पिता को देखकर व्यवहार करना सीखते हैं। आपके एक्शन आम तौर पर शब्दों की तुलना में अधिक बोलते हैं। किशोरावस्था बच्चे को सकारात्मक तरीके से तनाव का सामना करने का तरीका सिखाएं। प्री टीन्स पेरेंटिंग करने के लिए एक अच्छे रोल-मॉडल बनें और आपका किशोर आपकी लीड को फॉलो करेगा।

बच्चे का स्पोर्ट करने में झिझक न रखें

अक्सर बच्चों के चिल्ला कर बात करने पर पेरेंट्स तुरंत रिएक्शन देते हैं। प्री-टीन्स पेरेंटिंग की सबसे अच्छी निशानी है कि पेरेंट्स ऐसी स्थिति में डांटने या कोई नेगेटिव रिएक्शन देने के बजाए उनके ऐसे बर्ताव का कारण जानने की कोशिश करते हैं। आपको ये जानने की कोशिश करनी चाहिए कि बच्चों के व्यवहार में अचानक से बदलाव क्यों आया है? बच्चों से पूछें कि आखिर उन्हें क्या समस्या हो रही है? हो सकता है कि कई बार बच्चे बात न करना चाहें, तब उन पर दबाव न डालें।

इन क्विक टिप्स को भी आजमाएं

ज्यादातर ट्विन्स बड़े हो रहे होते हैं। वहीं उनके यौवन के विकास का समय होता है। कुछ बच्चों के लिए जहां यह कंफ्यूजिंग होता है तो कुछ के लिए एक्साइटिंग। पेरेंट्स की जिम्मेदारी है कि वो बच्चों से खुलकर उनके विकास, शारिरिक विकास के बारे में बात करें। सेक्शुअली व शारिरिक विकास जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करें। ऐसा कर वो ज्यादा अच्छे से चीजों को समझ पाते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

10 Tips for Parenting Your Pre-teen. https://www.webmd.com/parenting/features/10-tips-parenting-your-preteen#1. Accessed on 06 May, 2020.

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Connecting With Your Preteen. https://kidshealth.org/en/parents/preteen.html. Accessed on 06 May, 2020.

Why Parenting a Tween is Actually Pretty Great. https://www.parents.com/kids/development/parenting-a-tween-is-actually-pretty-great/. Accessed on 06 May, 2020.

Appendix 2. Estimated Calorie Needs per Day, by Age, Sex, and Physical Activity Level/https://health.gov/our-work/food-nutrition/2015-2020-dietary-guidelines/guidelines/appendix-2/ / Accessed on 1 Oct 2020

Warning Signs for Bullying/https://www.stopbullying.gov/bullying/warning-signs /Accessed on 1 Oct 2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Nikhil Kumar द्वारा लिखित
अपडेटेड 31/08/2019
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