कहीं आपका बच्चा तो नहीं हो रहा चाइल्ड एब्यूज का शिकार? ऐसे करें पेरेंटिंग

By Medically reviewed by Dr. Abhishek Kanade

मौजूदा दौर में बच्चों के शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के मामले आम हो चुके हैं। न जाने कितने निर्दोष एवं लाचार बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित होते हैं और किसी को ये बात बता भी नहीं पाते। इसके चलते कई बच्चे डिप्रेशन को शिकार हो जाते हैं। तो वहीं कुछ परेशान होकर सुसाइड अटेम्पट कर लेते हैं। चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट मनोज शर्मा के अनुसार अगर किसी बच्चे के साथ कोई मारपीट या मानसिक रूप से परेशान करता है या फिर यौन उत्पीड़न करता है तो उसे चाइल्ड एब्यूज की क्षेणी में रखा जाता है।

स्टार प्ल्स पर प्रसारित होने वाला प्रोग्राम ‘सत्यमेव जयते’ में आमिर खान ने चाइल्ड एब्यूज पर एक एपिसोड किया था। इसमें उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की 2007 की एक रिसर्च का हवाला देते हुए बताया था कि देशभर में 53 पर्सेंट बच्चे चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज का शिकार हो चुके हैं। इसका सीधा मतलब है कि हर दो में से एक बच्चा बाल यौन शोषण का शिकार हुआ। ये हाल सिर्फ बड़े शहरों का ही नहीं बल्कि छोटे शहर और गांव भी इसमें सभी शामिल हैं।

अपने बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए माता-पिता को बेहद सतर्क रहने की जरुरत है। इसके लिए उन्हें खुद ही अपने बच्चों को तैयार करना होगा। आइए जानते है चाइल्ड एब्यूज से बच्चों को बचाने हेतु माता-पिता के लिए टिप्स:

रिश्ते को मजबूत बनाना

बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें। उनसे हर विषय पर बात करें। उन्हें अपने साथ ऐसा महौल दें कि वो हर बात आपसे बेझिझक शेयर करे।  उसे ये भरोसा दिलाए कि आप हर हाल में उसके साथ रहेंगे। बच्चों को गुड और बैड टच में अंतर समझाएं। बच्चे को मालूम होना चाहिए कि उसके शरीर के साथ होने वाली गलत गतिविधि‍यों पर क्या प्रतिक्रिया दी जाए। उसे इतना मालूम हो कि उसे बिना डरे इसका विरोध करना है। बच्चों को बताएं अगर उसे कहीं भी सहज महसूस नहीं होता तो वो शोर मचाएं।

यह भी पढ़ें: यह 5 स्टेप्स अपनाकर पाएं स्मोकिंग की लत से छुटकारा

बच्चों को दें सेक्स एज्युकेशन 

बच्चों से किसी तरह की झिझक न रखें। उनकी सेक्स एज्युकेशन अनिवार्य तौर पर हो। उन्हें इस बारे में पूरी समझ होनी चाहिए कि उनके साथ होने वाली गतिविधी सही है या नहीं। इसके साथ ही बच्चों को टीचर, बस ड्राइवर, ट्यूशन टीचर व बाहर मिलने वाले सभी लोगों से सतर्क रहने की कहें। इसके लिए आप अपने बच्चे को कुछ डॉक्यूमेंट्री मूवीज भी दिखा सकते हैं जिसके जरिए बच्चों को एजुकेट किया जा सकता है। उन्हें इसे लेकर अवेयर करना बहुत जरूरी है। घर के दूसरे सदस्यों को भी बच्चों से समय-समय पर इस पर बात करते रहना चाहिए।

पेरेंट्स को बच्चों के बिहेवियर पर नजर रखनी चाहिए 

अगर बच्चे के बिहेवियर में अचानक बदलाव आ रहा है जैसे अगर बच्‍चा एक्टिव था और अचानक गुमसुम रहने लग जाए या फिर बच्चे के स्कूल में नंबर कम आने लग जाए तो इसका कारण जानने की कोशिश करें। क्योंकि ज्यादातर बच्चे जो चाइल्ड एब्यूज का शिकार होते हैं वह कभी खुद से कुछ नहीं बताते। आपको खुद उन पर ध्यान देना होगा। हमेशा बच्चों में इतना विश्वास जगाएं कि वह बिना डरे हर बात आपसे आकर शेयर करें। अगर स्कूल में उसकी बहुत ज्यादा पिटाई हो रही है तो इसके खिलाफ एक्शन लें। बच्चे के बदलते बिहेवियर को वक्त रहते काउंसलिंग कराके ठीक किया जा सकता है।

बच्चे के यौन शोषण होने के बारे में मालूम होने पर कैसे करें पेरेंट्स रिएक्ट

सबसे पहले आप अपने आप को इतना स्ट्रांग बनाएं कि आप आराम से बच्चे की पूरी बात सुन सकें। अपने बच्चे पर पूरा भरोसा रखें कि वह आपसे झूठ नहीं बोलेगा। उसे यकीन दिलाएं कि उसने आपसे ये बात शेयर करके बहुत अच्छा किया। बच्चे से पूरी बात जानें और इसके बाद अपने बच्चे से इसे लेकर माफी मांगे कि उसके साथ ऐसा हुआ। इसके बाद कोई ठोस कदम उठाएं।

यह भी पढ़ें: ड्रग एब्यूज डिसऑर्डर जानें इसके कारण, लक्षण और उपचार

बच्चों को इस बात से वाकिफ करें कि जरूरी नहीं कि कोई आपसे बड़ा है तो उसको रिसपेक्ट करो। अगर किसी का व्यवहार आपके साथ ठीक नहीं है तो उसका आदर ना करें। फिर चाहे उनकी उम्र कितनी भी क्यों न हो। ऐसे लोगों की रिसपेक्ट की बजाय शिकायत करनी चाहिए।

Share now :

रिव्यू की तारीख अक्टूबर 5, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया दिसम्बर 12, 2019

सूत्र