बच्चों के मुंह के अंदर हो रहे दाने हो सकते हैं ‘हैंड फुट माउथ डिजीज’ के लक्षण

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Update Date मई 25, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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बच्चों में हैंड फुट माउथ डिजीज एक वायरल बुखार जितनी ही सामान्य है। इस समस्या में बच्चें के मुंह में छाले और हाथों और पैरों में रैश हो जाते हैं। हैंड फुट माउथ डिजीज आमतौर पर कॉक्ससैकि वायरस (Coxsackieviruses) के कारण होती है। हैंड फुट माउथ डिजीज के लिए कोई खास उपचार नहीं है। बार-बार हाथ धोना और हैंड फुट माउथ डिजीज से संक्रमित लोगों के कॉन्टेक्ट से बचना आपके बच्चे को संक्रमण होने के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।

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हैंड फुट माउथ डिजीज के लक्षण

हैंड फुट माउथ डिजीज के लक्षण इस तरह से हैंः

शुरुआती इंफेक्शन के बाद लक्षण तीन से छह दिन में दिखने लगते हैं। बुखार अक्सर हैंड-फुट-माउथ बीमारी का पहला संकेत है, जिसके बाद गले में खराश और कभी-कभी भूख न लगना और अस्वस्थ महसूस होता है।

बुखार होने के एक या दो दिन बाद  मुंह या गले पर दाने हो सकते हैं। उसके बाद आने वाले एक या दो दिन में हाथ, पैर और बच्चे के हिप्स पर भी ये दाने दिखने लगते हैं।

मुंह और गले के पीछे होने वाले दानों और रैशेज से पता चलता है कि आपके बच्चों को यह वायरल  इंफेक्शन हो गया है, जिसे हर्पंगिना (Herpangina) कहा जाता है। हर्पंगिना की वजह से अचानक तेज बुखार होता है। हाथ, पैर या शरीर के दूसरे हिस्सों में होने वाले घाव कम ही बच्चों को होते हैं। इसका ज्यादा असर बच्चे के चेहरे और मुंह पर पड़ता है। इन दानों की वजह से बच्चे को खाने में परेशानी होती है।

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हैंड फुट माउथ डिजीज के लिए डॉक्टर को कब दिखाएं

हैंड-फुट-माउथ डिसीज आमतौर पर एक मामूली बीमारी है, जिसके कारण बुखार और कुछ अन्य लक्षण दिखाई देते हैं। अगर मुंह में छाले या गले में खराश की वजह से आपके बच्चे को लिक्विड पीने में परेशानी होती है, तो आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा अगर बच्चे के दाने और रैश बढ़ जाते हैं, तब भी आप अपने डॉक्टर को दिखा सकते हैं।

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हैंड फुट माउथ डिजीज के कारण

हैंड-फुट-माउथ डिसीज का कॉक्ससैकी वायरस A16 (Coxsackie virus A16) से इंफेक्शन सबसे आम कारण है। यह कॉक्ससैकी वायरस के एक ग्रुप से संबंधित है, जिसे नॉनपोलियो एंटरोवायरस (Non‐Polio Enterovirus) कहा जाता है। दूसरी तरह के एंटरोवायरस कभी-कभी हैंड फुट माउथ डिसीज का कारण बनते हैं।

ओरल इंजेशन (Oral ingestion) कॉक्ससैकी वायरस इंफेक्शन और हैंड फुट माउथ डिजीज का मुख्य कारण है। व्यक्ति के किसी संक्रमित शख्स के संपर्क में आने से यह बीमारी फैलती है और इसके निम्न कारण हो सकते हैं:

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हैंड फुट माउथ डिजीज के लिए उपचार

हैंड फुट माउथ डिजीज का उपचार लक्षणों पर निर्भर करता है। आमतौर पर इसके परीक्षण के लिए किसी तरह के लैब टेस्ट की जरूरत नहीं होती है। घरेलू इलाज के रूप में घर में बच्चे को ठंडे पेय पदार्थ, आइसक्रीम, दही और योगर्ट खिलाए। बीमारी के दौरान परहेज के रूप में मसालेदार और खट्टे पदार्थों का सेवन की मनाही होती है। डॉक्टर बुखार के उपचार के लिए पैरासिटामोल जैसी दवाएं लिख सकते हैं। वहीं त्वचा पर पड़े निशानों और छालों को दूर करने के लिए कैलेमाइन लोशन की सहायता ली जा सकती है।

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हैंड फुट माउथ डिजीज से खतरा

हैंड फुट माउथ डिजीज मुख्य रूप से दस साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करती है। जिन बच्चों को यह परेशानी होती है, वे अक्सर पांच साल से कम उम्र के होते हैं। जो बच्चे चाइल्ड केयर में रहते हैं, उनमें हैंड-फुट-माउथ डिसीज होने का ज्यादा खतरा होता है। यह बीमारी कम्यूनिकेबल है इसलिए एक से दूसरे को बहुत आसानी से हो सकती है।

बच्चे की इम्यूनिटी आमतौर पर हैंड फुट माउथ डिजीज के लिए स्ट्रॉन्ग हो जाती है क्योंकि वे एक बार वायरस के संपर्क में आने के बाद इसके लिए एंटीबॉडी बना लेते हैं। हालांकि, टीन्स और अडल्ट को यह बीमारी होना संभव है।

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इस बीमारी से बच्चों को क्या परेशानी हो सकती है

  • हैंड-फुट-माउथ डिसीज में सबसे सामान्य खतरा डिहाइड्रेशन है। यह बीमारी मुंह और गले में घावों का कारण बन सकती है, जिससे बच्चे को निगलने में परेशानी हो सकती है।
  • बीमारी के दौरान बच्चे को लिक्विड देते रहें। अगर बच्चे को डिहाइड्रेशन होता है, तो उन्हे इंट्रावेनस लिक्विड देने की जरूरत पड़ सकती है।
  • हैंड-फुट-माउथ डिसीज आमतौर पर एक मामूली बीमारी है, जिसके कारण बुखार और अन्य लक्षण दिखाई देते हैं। कॉक्ससैकी वायरस कभी-कभी गंभीर रूप से दिमाग को टार्गेट कर सकता है, जो गंभीर परेशानियां खड़ी कर सकता है।

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हैंड फुट माउथ डिजीज से बचाव

हैंड-फुट-माउथ डिसीज से इंफेक्शन के खतरे को कम करने में कुछ सावधानियां आपकी मदद कर सकती हैं:

  • हाथ ठीक से धोएंः अपने हाथों को बार-बार और अच्छी तरह से धोएं। खासकर टॉयलेट के बाद या डायपर बदलने और खाना खाने से पहले।
  • कॉमन एरिया को कीटाणु रहित करेंः साबुन और पानी से अपने घर को साफ करने की आदत डालें।
  • अच्छी आदत डालेंः अपने बच्चों को सिखाएं कि उन्हें अपने आस-पास सफाई रखनी है।
  • संक्रामक लोगों को अलग करेंः हैंड फुट माउथ डिजीज में इंफेक्शन के चांसेज होते हैं। बीमार लोगों से बच्चों को तब तक ना मिलने दें, जब तक इसके लक्षण कम ना हो जाएं।

हैंड फुट माउथ डिजीज का वायरस एक से दूसरे में बहुत जल्दी फैलता है। इसलिए पेरेंट्स को इस बीमारी के लक्षणों से अवेयर होना चाहिए ताकि माता-पिता बीमारी की पहचान जल्द से जल्द कर सकें। इससे बीमारी का इलाज उतना ही प्रभावी होगा। उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा। इस बीमारी से संबंधित सभी जरूरी जानकारी आप तक पहुंचाने के लिए हमने पूरी कोशिश की है। फिर भी आपका इस बीमारी से संबंधित कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में आप हमसे पूछ सकते हैं।

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