ये 5 स्मार्टफोन नियम हर माता-पिता को बच्चों के लिए निर्धारित करना चाहिए

By Medically reviewed by Dr. Shruthi Shridhar

एक पिता के रूप में मुझे कई बार लगा है कि काश मेरे बचपन में भी स्मार्टफोन का ट्रेंड आया होता। समय के बीतने के साथ अब सोचता हूं कि, काश मुझे पहले से ही ज्यादा तैयार होना चाहिए था। ऐसा अब भी सोचता हूं कि जिस दिन मैंने अपने बच्चों को उनका पहला सेलफोन दिया। उनके सेल फोन को किसी तरह के पेरेंट-चाइल्ड सेल फोन कॉन्ट्रैक्ट के साथ आना चाहिए था। शायद चाइल्ड-टू-पेरेंट पेमेंट प्लान की तरह, या कम-से-कम बच्चों के लिए सेल फोन के नियमों की एक सूची तो निश्चित तौर पर होना चाहिए। – दीपक बजाज (व्यवसायी)

2014 में JAMA Pediatrics (बाल रोग) में छपी एक रिपोर्ट में पाया गया कि आपके बच्चे के स्मार्टफोन उपयोग करने की निगरानी उन्हें स्कूल में सफलता के साथ-साथ उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचा सकती है।

आज का दौर डिजिटल (Digital World) है। बच्चों के पास स्मार्टफोन होना बहुत कॉमन बात हो गई है। इस डिजिटल एनवायरनमेंट में बच्चों के पास स्मार्टफोन का होना ठीक भी है, क्योंकि उनके स्टडी के लिए भी इंटरनेट एक जरूरी अंग बन चुका है। बच्चे ही देश-समाज का भविष्य होते हैं। जहां की युवा पीढ़ी स्वस्थ हो वहां का विकास होना निश्चित है।

यह भी पढ़ें : जानें प्री-टीन्स में होने वाले मूड स्विंग्स को कैसे हैंडल करें

बच्चों में है सोशल मीडिया का क्रेज

बच्चों में सोशल नेटवर्किंग और स्मार्टफोन को लेकर भले ही दीवानापन दिख रहा हो, लेकिन बच्चों को इंटरनेट की लगती लत उनके बचपन को दूर करती जा रही है। धीरे-धीरे बच्चों का स्मार्टफोन पर निर्भर रहना एक समस्या बनकर उभरने लगी है। जिसे हैंडल करना पेरेंट्स के लिए मुश्किल होता जा रहा है।

हैलो स्वास्थ्य के इस आर्टिकल में पेरेंट्स के पॉइंट ऑफ व्यू से बच्चों के लिए कुछ आवश्यक स्मार्टफोन नियम बताए गए हैं, जिसे आप अपने बच्चों पर लागू कर सकते हैं। जिससे निश्चित ही बच्चों को स्मार्टफोन की आदत छुड़वाने में सफलता मिलेगी।

यह भी पढ़ें : जिद्दी बच्चों को संभालने के 3 कुशल तरीके

बच्चों के लिए जरूरी स्मार्टफोन नियम (Smart Phone Rule)

उपयोग करने का समय शेड्यूल रखें

बच्चे दिन में कई बार स्मार्टफोन के साथ व्यस्त रह सकते हैं। संभव है कि वह पढ़ते समय भी मोबाइल में कुछ देख रहा हो। कुछ सोशल साइट्स पर लगा रहे। स्मार्टफोन के उपयोग को अचानक प्रतिबंधित करना भी बच्चों पर बुरा असर डालता है। उनको खाने-पीने की कोई परवाह नहीं होती है। जिसके लिए बच्चों को समय फिक्स कर देना चाहिए कि कितने मिनट टीवी देखे या मोबाइल इस्तेमाल करना है। इसलिए एक सख्त नियम की आवश्यकता है। बच्चों को स्मार्टफोन की लत से बचाना हो तो स्मार्टफोन नियम के अंतर्गत टाइम लिमिट तय करें। कड़ाई से इस पर अमल करें।

स्मार्टफोन नियम, गोपनीयता

विशेष रूप से सोशल मीडिया ऐप्स का उपयोग करके गोपनीयता के स्तर को बनाए रखना आवश्यक होता है। कुछ हद तक माता-पिता द्वारा ऐप्स में ‘ऐप ब्लॉकर्स’ का उपयोग करके इसे लागू किया जा सकता है।

साथ ही बच्चों को यह भी बताना चाहिए कि इंटरनेट मटेरियल इस्तेमाल करते समय कैसे गोपनीयता का ख्याल रखें। उन्हें यह बताना चाहिए कि सोशल साइट्स पर किसी अंजान-अजनबी से बात नहीं करना चाहिए और अपने बारे में सूचनाएं पब्लिक नहीं करना चाहिए।

यह भी पढ़ें : बच्चों को जीवन में सफलता के 5 जरूरी लाइफ-स्किल्स सिखाएं

लोगों से बात करने के लिए (To talk to people)

स्मार्टफोन नियम में अब यह जानना बहुत जरूरी है कि अजनबियों से बात करना या चैट करना उनके द्वारा नुकसान पहुंचा सकते हैं। पेरेंट्स को उन बच्चों पर नजर रखने की जरूरत है, जो उनके बच्चों से संपर्क कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: ये 8 आदतें हर पेरेंट्स को अपने बच्चों को सिखानी चाहिए

फैमिली डेज पर कोई सेल फोन नहीं

स्मार्टफोन नियम यह भी है कि आपको बच्चों के सेल फोन के उपयोग के लिए अपने टॉलरेंस के स्तर को सुनिश्चित करना होगा। अब इस परिस्थति में आपका रवैया कैसा होगा यह बच्चे की उम्र पर निर्भर करता है। छोटे बच्चों के लिए, आपको यह आवश्यक हो सकता है कि फोन घर पर छोड़ दिया जाए।

बड़े बच्चों के लिए, आप यह कर सकते हैं कि कार की सवारी के दौरान सेल फोन के उपयोग की अनुमति है, लेकिन पारिवारिक गतिविधि के मोबाइल से दूर रहना है।

यह भी पढ़ें: बच्चे की उम्र के अनुसार क्या आप उसे आवश्यक पोषण दे रहे हैं?

एडल्ट बच्चों के मोबाइल पर निगरानी करना

यह भी पढ़ें : पालन-पोषण के दौरान पेरेंट्स से होने वाली 4 सामान्य गलतियां

ज्यादातर घरों में बड़े-बूढ़े धार्मिक धारावाहिक देखते हैं। उनका सीरियल एक के बाद एक आता रहता है और दिन से शाम तक अपना समय टीवी शो देख कर व्यतीत करते हैं। ऐसे में किशोर बच्चों को टीवी शो जो उनके पसंद का नहीं देखने को मिल पाता हैं। क्योंकि जब हमारे बड़े लोग टीवी देख रहे होते हैं तो हम उनके टीवी शो टाइम पर अपने पसंद का शो नहीं देख पाते हैं। जिसके लिए पेरेंट्स बच्चे को उनको एक छोटी टीवी दिला सकते है उनके कमरे में जो वो आराम से देख सकें।

स्मार्टफोन नियम लागू करने में आपको थोड़ी सी परेशानी उठानी पड़ेगी कि बच्चा छोटा हो या बड़ा स्मार्टफोन पर कितना समय बिता रहा है और क्या कर रहा है? ऐसा तो नहीं पढ़ने के समय  मोबाइल देख रहा पढाई नहीं कर रहा। पेरेंट्स बच्चे के मोबाइल समय निर्धारित जरूर करें ताकि आपका बच्चा थोड़ा इंटरटेनमेंट करके और पूरा ध्यान अपना पढाई पर दें।

अभी शेयर करें

रिव्यू की तारीख अक्टूबर 11, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 9, 2019

शायद आपको यह भी अच्छा लगे