जन्म के बाद पहला साल नवजात शिशु के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान बच्चे का टीकाकरण कराना भी बेहद आवश्यक है। नए माता-पिता के लिए यह चीज बहुत परेशान करने वाली होती है कि टीकाकरण के बाद दर्द से रोते हुए बच्चे को शांत कैसे कराएं और उसका ख्याल कैसे रखें। जन्म के बाद पहले साल में नवजात शिशु को कई इंजेक्शन लगते हैं। ऐसे में टीकाकरण के बाद दर्द और सूजन होना भी सामान्य है। यह स्थिति माता-पिता और शिशु दोनों के लिए कष्टदायक हो सकती है। लेकिन इस दौरान अगर बच्चे को अच्छे से शांत कराया जाए और उसका ध्यान रखा जाए, तो दर्द कुछ हद तक कम हो सकता है। जानिए टीकाकरण के बाद दर्द और सूजन को कम करने के लिए क्या किया जाए।
बच्चे को कौन-कौन से टीके लगाना आवश्यक है?
जन्म के बाद शिशु को कई टीके लगते हैं, जिसकी पूरी जानकारी शिशु के जन्म के बाद आपको मिल जाती हैं। शिशु के टीकाकरण के बाद दर्द और सूजन से बचाने के लिए सबसे पहले यह जानना आवश्यक है कि शिशु को कौन से टीके लगाएं। यह टीके बच्चों को कई गंभीर या घातक बीमारियों से बचाते हैं, इन जरूरी टीकों में से कुछ इस प्रकार हैं:
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- चिकनपॉक्स
- डिफ्थीरिया
- हीमोफिलिया इन्फ्लुएंजा टाइप b (Hib)
- हेपेटाइटिस A
- हेपेटाइटिस B
- ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV)
- खसरा
- मेनिंगोकोकल
- न्यूमोकोकल कोंजूगेट
- पोलियो
- रोटावायरस
- रूबेला
- मौसमी इन्फ्लूएंजा (फ्लू)
- चेचक
- टिटनेस
- ट्यूबरक्लोसिस
- व्हूपिंग खांसी (काली खांसी)
इन टीकों में निष्क्रिय एजेंट या कमजोर जीवित जीव होते हैं और यह शिशुओं की खास संक्रमणों से सुरक्षा के लिए एंटीबॉडी विकसित करने में मदद करते हैं। इन टीकों को कम उम्र में लगाया जाता है क्योंकि इस उम्र में गंभीर बीमारियों के होने की संभावना अधिक होती है। खसरा और चिकनपॉक्स छोटे बच्चों के लिए जानलेवा भी हो सकते हैं। ऐसे में यह टीके बच्चों को लगाना आवश्यक हैं। आइए अब जानते हैं कि टीकाकरण के बाद दर्द और सूजन को कैसे कम करें।
क्या हैं टीकाकरण के बाद दर्द और सूजन को दूर करने के उपाय?
बच्चे को अपने पास ही रखें
ऐसा माना जाता है कि अगर माता या पिता बच्चे को टीकाकरण के दौरान या बाद में अपने पास रखते हैं, तो इससे बच्चे का ध्यान भटकाने में आसानी होती है। जिससे इंजेक्शन के दौरान बच्चा शांत रहता है। इस बात का ध्यान रखें कि इंजेक्शन के दौरान बच्चे को इस तरह से पकड़ें कि जिस जगह पर इंजेक्शन लगना है वो इस तरह से हो कि डॉक्टर आसानी से इंजेक्शन लगा सके। आपका उसके पास रहना शिशु के आधे दर्द को दूर कर सकता है।
टीकाकरण के बाद दर्द की वजह से रोने के कारण शिशु बहुत अधिक चिड़चिड़ा और थका हुआ हो सकता है। ऐसे में बच्चे को शांत और आरामदायक जगह पर ले जाएं। उसे ढीले और आरामदायक कपड़ें पहनाएं, ताकि वो ठीक से सो सके और अच्छा महसूस करे।
ऐसा माना जाता है कि मां अगर शिशु को अपना दूध पिलाए, तो इससे उसे टीकाकरण के बाद दर्द से राहत मिल सकती है। ऐसा करने से उनका ध्यान भी भटकेगा। हालांकि डॉक्टर इंजेक्शन लगने के कुछ समय तक उसे कुछ न खिलाने या पिलाने की सलाह देते हैं। ऐसे में डॉक्टर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार निश्चित समय के बाद आप बच्चे को दूध पिला सकती हैं।
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टीकाकरण के बाद दर्द को दूर करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है, बच्चे का ध्यान भटकाना। शिशु के ध्यान भटकाने से वो इस दर्द के बारे में भूल जाएगा। इसके लिए उसे कोई खिलौना दें, कार्टून दिखाएं, कोई गाना सुनाएं। इससे वो खुश भी होगा और कुछ पल के लिए ही सही, लेकिन अपने दर्द को भूल जाएगा।
कुछ अध्ययन में यह बात भी सबित हुई है कि कुछ मीठा जैसे चीनी या चीनी का घोल टीकाकरण के बाद दर्द को कम करने में प्रभावी है। टीकाकरण से पहले अपने बच्चे को थोड़ा सा चीनी का घोल देने की कोशिश करें। मीठे घोल में पेसिफायर को डाल कर आप उसे चूसने को दे सकते हैं। इससे भी बच्चे को अच्छा लगेगा।
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टीकाकरण के बाद सूजन के लिए बर्फ लगाएं
बच्चे को टीकाकरण के बाद दर्द और सूजन से छुटकारा मिल सके, इसके लिए टीका जिस जगह पर लगा है, वहां बर्फ या कूल पैक लगाएं। इससे त्वचा सुन्न हो जाएगी और बच्चे को इंजेक्शन की जगह होने वाले दर्द से राहत मिलेगी। इसके साथ ही सूजन भी कम होगी। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि सर्दी के मौसम में बच्चे की त्वचा पर बर्फ न लगाएं। ऐसा करने पर बच्चे सर्दी का शिकार हो सकते हैं। इसलिए ऐसा करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें।
बच्चे को टीकाकरण से पहले और बाद में अपना दूध अवश्य पिलाएं। अगर आपका शिशु अभी बहुत छोटा है और आप केवल अपना दूध ही दे रही हैं तो यह बेहद आवश्यक है। अगर आपने उसे ठोस आहार खिलाना भी शुरू कर दिया है, तो शुरू के कुछ घंटे बच्चा कुछ भी नहीं खाना चाहेगा। लेकिन आप उसे प्यूरी, सूप या अन्य तरल पदार्थ दे सकते हैं।
आप शिशु के प्रभावित स्थान पर ऐसी दवाईयां भी लगा सकते हैं, जो दर्द और सूजन को कम करने में मदद करती हैं। यह दवाईयां जेल और स्प्रे के रूप में बाजार में उपलब्ध हैं। लेकिन, इन्हें देने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना अनिवार्य है। इसके साथ ही डॉक्टर भी बच्चे के बुखार और दर्द को कम करने के लिए कुछ दवाईयों जैसे आइबूप्रोफेन देने के लिए कह सकते हैं। यह दवाई बच्चे की उम्र, वजन और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के अनुसार दी जाती हैं। इन्हें भी डॉक्टर के कहने पर ही बच्चे को दें।
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टीकाकरण के बाद सूजन से बचने के लिए बच्चे की त्वचा की मालिश करें
टीकाकरण के बाद दर्द और सूजन को कम करने के लिए आप आराम से इंजेक्शन के स्थान के पास शिशु की त्वचा को मलें। हल्की मालिश से आपके शिशु को दर्द कम महसूस होगा। ऐसा माना जाता है कि अगर इंजेक्शन के बाद उस जगह पर दस सैकेंड्स तक मालिश की जाए, तो दर्द कम हो जाता है।
शिशु को टीकाकरण के बाद दर्द या सूजन दो दिन या इससे अधिक समय तक भी रह सकता है। ऐसे में शिशु को आपके प्यार और आराम दोनों की बहुत आवश्यकता होती है। इस दौरान आप खुद को भी शांत रखें और हमेशा शिशु के साथ रहने की कोशिश करें। ऐसा माना जाता है कि 6 महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए स्किन टू स्किन कोंटेक्ट भी लाभदायक होता है और बच्चे को आराम पहुंचा सकता है। इन सब उपायों को अपनाने से आपका शिशु अच्छा महसूस करेंगा और जल्दी ही स्वस्थ हो जाएगा।