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TCV Vaccine: किस बीमारी से बचाने का काम करती है टीसीवी वैक्सीन?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Sayali Chaudhari · फार्मेकोलॉजी · Hello Swasthya


Bhawana Awasthi द्वारा लिखित · अपडेटेड 03/01/2022

TCV Vaccine: किस बीमारी से बचाने का काम करती है टीसीवी वैक्सीन?

शरीर को विभिन्न प्रकार के माइक्रोऑर्गेनिज्म से सुरक्षित रखने के लिए वैक्सिनेशन यानी कि टीकाकरण सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि दुनिया भर में दिन प्रतिदिन कोरोना वायरस अपने पैर पसार रहा है। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए सिर्फ एक उपाय जो कि प्रभावी माना जा रहा है, वो है कोरोना की वैक्सीन। वैक्सीन वायरस या बैक्टीरिया से लड़ने के लिए शरीर को एंटीबॉडी बनाने में करती है। टीसीवी वैक्सीन (TCV Vaccine) भी ऐसी ही एक वैक्सीन है, जो बैक्टीरिया के खतरे को कम करने का काम करती है।

जब शरीर किसी वायरस या माइक्रोऑर्गेनिज्म (Microorganism) के खिलाफ एंटीबॉडी बना लेता है, तो वायरस या बैक्टीरिया (Bacteria) के शरीर में प्रवेश करने पर भा शरीर में लड़ने की क्षमता पैदा हो जाती है। इस तरह से वैक्सिनेशन (Vaccination) कराने पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और बीमारी का असर बहुत कम या ना के बराबर होता है। वैक्सिनेशन एक या दो बीमारियों से नहीं बल्कि कई बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको उस वैक्सीन के बारे में जानकारी देंगे, जो टाइफाइड से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने का काम करती है। आइए जानते हैं टीसीवी वैक्सीन (TCV Vaccine) से पहले टाइफाइड की बीमारी के बारे में।

टायफॉइड फीवर (Typhoid fever) क्या है?

हम सभी यह बात जानते हैं कि दूषित खान पान से एक नहीं बल्कि कई प्रकार की बीमारियां फैलती हैं। दूषित खान पान से टाइफाइड नामक बीमारी हो जाती है, जिसके कारण तेज बुखार आता है। टाइफाइड की बीमारी साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण फैलने वाला इंफेक्शन है। आपको सुनने में हो सकता है कि अजीब लगे कि दूषित खान पान फीवर को जन्म दे सकता है लेकिन यह सच है। टाइफाइड की बीमारी एक बैक्टीरिया के कारण होती है। दूषित पानी पीने से या प्रदूषित पानी का इस्तेमाल खाना पकाने में किया जाए, तो टाइफाइड फीवर हो सकता है। एंटीबायोटिक ट्रीटमेंट शुरू होने के बाद ये बीमारी धीरे-धीरे ठीक होना शुरू हो जाती है। अगर टाइफाइड वैक्सीन को लिया जाए, तो बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सकता है। इस बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण तेज बुखार के साथ ही पेट दर्द, सिर दर्द (Headache), आदि समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। इंफेक्टेड पर्सन से भी ये बीमारी फैलती है और स्वस्थ्य व्यक्ति को बीमारी कर सकती है।

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टायफॉइड फीवर (Typhoid fever) के लक्षण 

टायफॉइड फीवर (Typhoid fever) एक प्रकार का बैक्टीरियल इंफेक्शन है इंफेक्शन होने के एक से दो हफ्ते बाद इस बीमारी के लक्षण दिखने लगते हैं। समय पर ट्रीटमेंट बीमारी से बचाने का काम करता है। अगर आपको भी बीमारी के लक्षण नजर आते हैं, तो आपको डॉक्टर से संपर्क कर बीमारी का इलाज कराना चाहिए। जानिए टायफॉइड फीवर (Typhoid fever) के कारण कौन-से लक्षण नजर आ सकते हैं।

अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में आपको टायफॉइड फीवर (Typhoid fever) का सामना न करना पड़े, तो आपको टीसीवी वैक्सीन (TCV Vaccine) के बारे में डॉक्टर से जानकारी जरूर लेनी चाहिए और पूछना चाहिए कि इसे कब और कितनी डोज लगवाना चाहिए।

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टीसीवी वैक्सीन (TCV Vaccine)

टीसीवी वैक्सीन

टीसीवी वैक्सीन एक एक्टिव इम्यूनाइजेशन है। यह वैक्सिनेशन बैक्टीरिया के कारण होने वाले टाइफाइड बुखार को रोकने के लिए दिया जाता है। यह आमतौर पर बैक्टीरिया के संभावित जोखिम से कम से कम 2 सप्ताह पहले दिया जाता है। टीसीवी वैक्सीन एक डॉक्टर या एक नर्स द्वारा दिया जाने वाला वैक्सीन है। आपको इस वैक्सीन को अपने आप नहीं लेना चाहिए। इस वैक्सीन को लगवाने के बाद करीब 3 वर्षों तक बीमारी से सुरक्षा प्रदान होती है।अगर आप चाहते हैं कि आपको इस बैक्टीरिया से छुटकारा मिल जाए, तो आपको हर तीन साल में बूस्टर इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। अगर आप तीन साल बाद इंजेक्शन दोबारा नहीं लगवाते हैं, तो बैक्टीरिया के इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है।

बच्चों में टीसीवी वैक्सीन (TCV Vaccine) को कब लगावाना चाहिए या फिर वैक्सीन से पहले या फिर बाद में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आपको इस बारे में डॉक्टर से जानकारी लेनी चाहिए। बच्चों को खराब या दूषित खान पान से बीमारी का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में बच्चों को डायरिया के साथ ही शरीर में पानी की कमी हो सकती है। आपको डॉक्टर से इस बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

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टीसीवी वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स (TCV Vaccine side effects)

अन्य वैक्सीन की तरह टीसीवी वैक्सीन (TCV Vaccine)  को लगवाने पर भी कुछ साइड इफेक्ट दिखाई पड़ सकते हैं। टीसीवी वैक्सीन (TCV Vaccine) दिए जाने वाले स्थान यानी कि इंजेक्शन लगने पर उस स्थान पर लालिमा या सूजन आ सकती है। कुछ लोगों में सिर दर्द की समस्या, चक्कर आना आदि समस्या हो सकती है। यह सभी साइड इफेक्ट्स कुछ समय तक रहते हैं और फिर अपने आप चले जाते हैं। अगर आपको लग रहा है कि इंजेक्शन लगवाने के कई दिनों बाद तक आपको परेशानी या समस्या हो रही है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपको समस्या के समाधान के तौर पर कुछ मेडिसिंस देने की सलाह दे सकते हैं। वैक्सीन के दुष्प्रभाव आमतौर पर गंभीर नहीं होते हैं।

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किन लोगों को दी जाती है टीसीवी वैक्सीन?

टीसीवी वैक्सीन शरीर को बैक्टीरिया के खिलाफ अपनी सुरक्षा (एंटीबॉडी) बनाने का काम करती है। यह टीका आमतौर पर उन व्यक्तियों के लिए या बच्चों को लेने की सलाह दी जाती है, जो बाहर देशों की यात्रा करने जा रहे हैं और जहां दूषित जल आदि का खतरा अधिक रहता है। इंजेक्शन या वैक्सीन यात्रा करने के करीब 2 सप्ताह पहले दी जाती है ताकि बैक्टीरिया इन्फेक्शन शरीर पर हावी ना हो सके।

टीसीवी वैक्सीन लेते समय इन बातों का रखें ध्यान!

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि टीसीवी वैक्सीन (TCV Vaccine) लेने से पहले आपको डॉक्टर से जानकारी जरूर लेनी चाहिए। अगर आपको डॉक्टर ने टीसीवी वैक्सीन (TCV Vaccine) लेने की सलाह दी है तो आपको वैक्सीन लगवाने के बाद यह जरूर जानकारी लेनी चाहिए कि अब कब बूस्टर डोज लेनी है। अगर आप प्रेग्नेंट है या फिर बच्चे को दूध पिला रहे हैं, तो ऐसी अवस्था में आपको डॉक्टर से जानकारी लिए बिना वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए। अगर आपको अचानक से कोई बीमारी हो जाती हैं, तो इस बारे में भी डॉक्टर को जानकारी जरूर दें। अगर आपको वैक्सीन लगवाने के बाद किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या होती है, तो भी आपको डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए।

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इस आर्टिकल में हमने आपको टीसीवी वैक्सीन (TCV Vaccine) के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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