बच्चों के काटने की आदत से हैं परेशान, ऐसे में डांटें या समझाएं?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जनवरी 2, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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बच्चों में काटने की आदत तब शुरू होती है, जब उनको टिथिंग यानी जब उनके दांत आना शुरू होते हैं। बच्चों में काटने की आदत नॉर्मल है और लगभग हर बच्चे को ऐसा करते हुए देखा जा सकता है। टॉडलर्स में जहां ये आम बात है, वहीं अगर बड़े बच्चों में काटने की आदत हो, तो उसका कारण गुस्सा, चिड़चिड़ापन और स्ट्रेस हो सकता है। बच्चों में काटने की आदत इसलिए भी होती है क्योंकि ये आदत उन्हें खुद को शक्तिशाली होने का अनुभव कराती है। जब बच्चे काटते हैं उसके रिएक्शन में उन्हें घरवालों अटेंशन मिलता है, जिससे वह खुद को पॉवरफुल समझते हैं।

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बच्चों को काटने की आदत क्यों होती है?

बच्चों में काटने की आदत बहुत सामान्य होती है। बच्चे और टॉडलर्स अलग-अलग वजह से काटते हैं जैसे कि टिथिंग या दांत से नई चीजों को एक्सप्लाोर करना। जैसे-जैसे वह काटने की वजह और उसके असर को समझने लगते हैं। कई बार वे जान-बूझकर काटते हैं ताकि इसपर उन्हें रिएक्शन मिलें।

अपने माता-पिता का ध्यान अपने ऊपर आकर्षित करने या ये बताने के लिए कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं बच्चे कई बार बाइटिंग का इस्तेमाल करते हैं। निराशा, गुस्सा और डर कुछ ऐसी  भावनाएं हैं, जिनको बताने के लिए बच्चों के पास भाषा की कमी होती है और वे यह नहीं बता पाते कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं। इसलिए कई बार अगर वे उन शब्दों को नहीं खोज सकते हैं, जिनकी उन्हें जरूरत है या यह नहीं कह सकते कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं, तो वे इसे कहने के लिए काटने का विकल्प चुनते हैं।

बच्चों के काटने की आदत ज्यादातर लड़कों में देखी जाती है। लगभग दो साल तक बच्चों के काटने की आदत सामान्य है और एक बार जब बच्चों के दांत आ जाते हैं, तो यह आदत छूट जाती है। इसके अलावा जब बच्चा बोलने लग जाता है और अपनी भावनाएं व्यक्त करने लगता है तब बाइटिंग की आदत छूट जाती है।

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बच्चों के काटने की आदत की वजह क्या है?

एक्सपेरिमेंट के लिए बच्चों के काटने की आदत

बच्चों के लिए किसी भी चीज को एक्सप्लोर करने का सबसे पहला रास्ता होता है उसका मुंह। लगभग हर चीज सबसे पहले बच्चे के मुंह में ही जाती है। उसके बाद कुछ ही समय में वह अपने मसूड़ों या अपने दांतों से काटकर एक्सपेरिमेंट करना शुरू करते हैं। कई बार यह स्तनपान के दौरान ही शुरू हो जाता है, जो मां को थोड़ा झटका देता है।

गुस्से के कारण बच्चों के काटने की आदत

कुछ बच्चे तब काटते हैं, जब वे निराश और परेशान हो जाते हैं और वे यह समझने में सक्षम नहीं होते कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं। जिन बच्चों को अपनी भावनाएं शेयर करने में परेशानी होती है, वह दूसरों बच्चों से कुछ लेने या कहने के लिए दूसरे बच्चों को काटने का सहारा लेते हैं। छोटे बच्चे कभी-कभी काटते हैं, जब वे बड़े बच्चों के साथ खेल रहे होते हैं क्योंकि उनके पास अथॉरिटी होती है।

तनाव के कारण बच्चों के काटने की आदत

बच्चों के शुरुआती सालों के दौरान उनके लिए सबसे बड़े संघर्षों में से एक है उसे अपनी भावनाओं को मैनेज करना सीखना। कुछ बच्चों को इस तनाव को मैनेज करने के लिए काटने की आदत हो जाती है। जब भी वह परेशान होते हैं और अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाते हैं, तो वह काटने पर अच्छा महसूस करते हैं। वे साफ शब्दों में बताने में असमर्थ होते हैं कि वे परेशान या गुस्सा महसूस हैं। अपना गुस्सा निकालने के बजाए वो अपने आसपास मौजूद माता-पिता या भाई-बहन में किसी का भी हाथ या गाल काट लेते हैं।

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बच्चों के काटने की आदत सुधारने के लिए उठाएं ये कदम

बच्चों में काटने के तुरंत बाद जो रिएक्शन आता है उससे निपटना जरूरी है। अगली बार जब आपका बच्चा काटता है, तो इन चीजों को आजमाएंः

शांत और दृढ़ रहेंः

अपने बच्चे को दृढ़ शब्दों में कहें कि काटना गलत है या काटने से दर्द होता है। एक बच्चे को समझाने के लिए इसे सरल और आसान रखें। उसे यह समझाएं कि काटना गलत है, लेकिन इसकी वजह के बारें में उसको तब बताएं जब वह समझने लायक हो जाए। जितना संभव हो उतना शांत रहने से स्थिति को संभाला जा सकता है।

विक्टिम को कंफर्ट देंः

उस व्यक्ति पर ध्यान दें, जिसे काटा गया है खासकर अगर यह एक बच्चा है। अगर काटने की वजह से कोई चोट लगी है, तो साबुन और पानी से उस एरिया को साफ करें। अगर गहरा कटा है और उसकी वजह से ब्लीडिंग हो रही हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें। अक्सर, टॉडलर्स को एहसास नहीं होता है कि काटने से दर्द होता है। एक ऐसे बच्चे को कंफर्ट देना ठीक है, जो किसी को चोट पहुंचाने के बाद बुरा महसूस करता है, लेकिन अगर बच्चा जानबूझ कर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए ऐसा करता है, तो उसे समझाना बेहतर उपाय है।

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बच्चों के काटने की आदत की जगह दूसरे विकल्प दें

जब चीजें शांत हो जाती हैं, तो काटने का विकल्प सुझाएं, जैसे “नहीं,” “मत करो,” और “वह मेरा है” जैसे शब्दों के साथ दूसरों से बात करना। जिन चीजों को पाने या करने के लिए वह काटने का इस्तेमाल करता है उसकी जगह बोलने के लिए बच्चे को शब्द बताएं।

हालांकि, शिशुओं और बच्चों में काटना आम है, लेकिन इसे लगभग तीन या चार साल की उम्र में रोक देना चाहिए। बच्चे के काटने की आदत, जो कम होने के बजाए और खराब होने लगती है, तो इसका मतलब हो सकता है कि आपको अधिक मदद की जरूरत है।

अगर आप अपने बच्चे के व्यवहार के बारे में चिंतित हैं, तो अपने  बच्चे के डॉक्टर से इसके कारणों के साथ-साथ इससे निपटने के तरीकों के बारे में बात करें। उम्मीद है आप बच्चों के काटने की आदत के पीछे के कारणों को जान गए होंगे और बच्चों के काटने की आदत को छुड़ाने के तरीके भी समझ गए होंगे।

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