जर्नल ऑफ क्लिनिकल साइकियाट्री (Journal of Clinical Psychiatry) में प्रकाशित शोध के अनुसार मारिजुआना (Marijuana) वयस्कों में क्रॉनिक कॉग्नेटिव प्रॉब्लम्स (chronic cognitive problems) में का कारण बनता है। ये सच है नशा स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का काम करता है फिर चाहे आप उसे कम मात्रा में करें या फिर अधिक मात्रा में।वैसे तो मारिजुआना जड़ी बूटी है, जो कई बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल की जाती है, लेकिन टीनएजर्स में कैनाबिस का उपयोग (Teenagers and Cannabis Use) नशे के लिए करते हैं। भांग या कैनाबिस शरीर को नुकसान पहुंचाता हैं और मेमोरी को घटाने का काम भी करता है। टीनएजर्स को कैनाबिस आसानी से उपलब्ध हो जाती है। हमारे देश में भांग या कैनाबिस को होली के फेस्टिवल में लोग अधिक लेते हैं। भांग का ब्रेन में सीधा असर होता है। भांग शरीर में जाकर डोपामाइन रिलीज करते हैं, इस कारण से व्यक्ति को खुशी का अहसास होता है। टीनएजर्स में कैनाबिस का उपयोग फायदेमंद होता है या नुकसान दायक, इस संबंध में स्टडी की गई। जानिए इस स्टडी में क्या बातें सामने आई हैं और कैसे कैनाबिस शरीर को प्रभावित करती है।
टीनएजर्स में कैनाबिस का उपयोग करने से क्या होता है असर?
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में सहायक प्रोफेसर रान्डी शूस्टर कहते हैं कि टीनएजर्स में कैनाबिस का उपयोग (Teenagers and Cannabis Use) अगर अचानक से बंद कर दिया जाए, तो उनके अंदर चीजों को सीखने की और नई जानकारी जुटाने की एबिलिटी में इंप्रूवमेंट होता है। ऐसा अंतर टीनएजर्स में कैनाबिस का उपयोग बंद करने के एक सप्ताह बाद में ही नजर आने लगता है। जबकि जो टीनएजर्स कैनाबिस का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनमें ये एबिलिटी देखने को नहीं मिलती है।
ये एक प्रकार का एक्सपेरिमेंटल प्रोस्पेक्टिव मॉडल है, जिसमें मारिजुआना (Marijuana) का इस्तेमाल करने वाले वयस्कों को शामिल किया गया था। स्टडी के दौरान कुछ वयस्कों को 30 दिन के लिए मारिजुआना का इस्तेमाल बंद करने के लिए कहा गया और शरीर में होने वाले परिवर्तनों को देखा गया। जिन वयस्कों को मारिजुआना का इस्तेमाल बंद करने के लिए कहा गया था, उनकी वास्तविकता को जांचने के लिए उनका समय-समय पर यूरिन टेस्ट भी किया गया। यूरिन टेस्ट के माध्यम से इस बात की जानकारी मिल जाती है कि व्यक्ति ने मारिजुआना लिया है या फिर नहीं। कॉहोर्ट ( cohort) स्टडी के दौरान 16 से 25 वर्ष की आयु के कुल 88 वयस्कों को शामिल किया गया। इन्हें दो ग्रुप में बांटा गया। फोकस और मेमोरी को टेस्ट करने के लिए इन्हें कुछ टास्क दिए गए। शोधकर्ताओं ने पाया कि मारिजुआना का सेवन बंद करने वाले ग्रुप ने मेमोरी में इंप्रूवमेंट किया है लेकिन ध्यान और संयम में सुधार देखने को नहीं मिला। पेनसिल्वेनिया स्कूल ऑफ मेडिसिन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जे. कॉब स्कॉट के अनुसार, ‘मारिजुआना का सेवन बंद करने के एक हफ्ते के अंदर ही कॉग्नेटिव बिहेवियर में अंतर महसूस होता है।
ऐसे कई तरीके हैं, जिनसे लोग मारिजुआना का उपयोग कर सकते हैं।
- सिगरेट की सहायता से मारिजुआना का सेवन करना।
- इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में मारिजुआना के लिक्विड का इस्तेमाल करना।
- मारिजुआना से बने प्रोडक्ट जैसे कि कैंडीज या फिर आइक्रीम आदि का सेवन करना।
- मारिजुआना से बने पेय पदार्थों को पीना।
- ऑयल और टिंचर (oils and tinctures) को स्किन में इस्तेमाल करना।
टीनएजर्स में कैनाबिस का उपयोग: मारिजुआना (marijuana) का कैसा पड़ता है प्रभाव?
मारिजुआना का उपयोग लॉन्ग टर्म कॉग्नेटिव इम्पेयरमेंट का कारण नहीं बनता है। मारिजुआना का सेवन भले ही दिमाग में असर डालता हो लेकिन ये दिमाग में किसी भी तरह का स्थायी प्रभाव नहीं डालता है। चूंकि मारिजुआना का इस्तेमाल करने से कॉग्नेटिव बिहेवियर में बदलाव आता है इसलिए इसका सेवन बंद करने पर स्थिति पहले जैसी हो जाती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (The American Academy of Pediatrics) भी टीनएजर्स मारिजुआना के इस्तेमाल को लेकर चिंतित है। आसानी से उपलब्धता के कारण ये टीनएर्ज की पहुंच में आसानी से आ जाती है। टीनएजर्स इसका इस्तेमाल नशे के लिए करते हैं। ये भावनात्मक और साइकोलॉजिकल डेवलपमेंट में प्रभाव डालती है। अभी इस संबंध में अधिक डेटा उपलब्ध नहीं है और अधिक स्टडी की जरूरत है। मारिजुआना टीनएजर्स की सोचने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। मारिजुआना से परहेज करने पर ब्रेन में सकारात्मक असर दिखाई पड़ता है।
टीनएजर्स में कैनाबिस का उपयोग: कैनाबिस दिमाग कर कैसे करता है असर (marijuana affect)?
ब्रेन के पार्ट प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (Prefrontal cortex) और हिप्पोकैम्पस (Hippocampus) कॉग्नेटिव फंक्शन के लिए जिम्मेदार होते हैं। ये टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल (tetrahydrocannabinol) से टार्गेट होते हैं। किशोरावस्था में दिमाग के ये भाग कम विकसित हो पाते हैं, जिसके कारण इनमें अधिक नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। भांग का कम मात्रा में सेवन कुछ बीमारियों में लाभ पहुंचाने का काम करता है लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर को नुकसान भी पहुंचते हैं। मारिजुआना का सेवन बच्चों के ब्रेन डेवलपमेंट में रूकावट पैदा करने का काम कर सकता है। कैनाबिस का असर बच्चों के दिमाग के कुछ हिस्से पर पड़ सकता है जिसकी वजह से बच्चों में में कमजोर होना, किसी काम में मन न लगना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कैनाबिस सेंट्रल नर्वस सिस्टम (Central Nervous System) पर भी बुरा प्रभाव दिखाता है। इसके सेवन से सांस लेने में समस्या, कफ और बलगम की समस्या आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जो लोग कैनाबिस का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, उन्हें हार्ट अटैक की समस्या भी हो सकती है। मारिजुआना का इस्तेमाल करने से कुछ लोगों में मेन्टल प्रॉब्लम भी हो सकती है। टीनएजर्स को कैनाबिस का अत्यधिक इस्तेमाल आत्महत्या के लिए उकसा सकता है। मारिजुआना का इस्तेमाल दवाओं के रूप में भी किया जाता है लेकिन बिना सलाह के इसे लेना शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
टीनएजर्स में कैनाबिस का उपयोग (Teenagers and Cannabis Use) कैसा असर करता है, आपको इस आर्टिकल के माध्यम से जानकारी मिल गई होगी। वैसे तो किसी भी प्रकार नशा अच्छा नहीं होता है। अगर आप वीड का इस्तेमाल दवा के रूप में कर रहे हैं, तो आपको अधिक सावधानियों की आवश्यकता है। उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको किसी स्वास्थ्य संबंधि समस्या के लिए वीड का उपयोग करना है तो पहले विशेषज्ञ से राय जरूर लें। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।