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पीलिया के घरेलू उपाय कौन से हैं? पीलिया होने पर क्या करें, क्या न करें

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील · फार्मेसी · Hello Swasthya


Anu sharma द्वारा लिखित · अपडेटेड 13/08/2020

पीलिया के घरेलू उपाय कौन से हैं? पीलिया होने पर क्या करें, क्या न करें

पीलिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें रोगी की त्वचा, श्वेतपटल (आंखों का सफेद भाग) और श्लेष्म झिल्ली(mucous membranes) पीले हो जाते हैं। यह पीला रंग बिलीरुबिन के स्तर के बढ़ जाने के कारण होता है। बिलीरुबिन पीले-नारंगी पित्त वर्णक(bile pigment) होता है। पित्त(bile) एक ऐसा तरल पदार्थ है जो लिवर के द्वारा स्रावित होता है। बिलीरुबिन लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने से बनता है। पीलिया होने से कई अन्य समस्याएं भी हो सकती है। नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में पीलिया सामान्य है। पीलिया का सही समय पर सही उपचार कराना आवश्यक है। लेकिन, कुछ घरेलू उपाय भी हैं जिन्हें अपना कर आप पीलिया की समस्या में राहत महसूस कर सकते हैं। जानिए पीलिया के घरेलू उपाय कौन-कौन से हैं:

पीलिया के लक्षण

पीलिया के घरेलू उपाय से पहले इसके लक्षणों के बारे में जानना आवश्यक है। अगर आप सही समय पर इसके लक्षणों को पहचान पाएंगे। तो आपका इलाज जल्दी हो सकता है। क्योंकि, गंभीर स्थितियों में इस रोग के परिणाम घातक भी हो सकते हैं। क्या हैं पीलिया के लक्षण:

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कई बार रोगी को पीलिया के कोई लक्षण महसूस नहीं होते और यह स्थितियां अचानक से दिखाई देने लगती है। इस रोग के लक्षणों की गंभीरता इसके कारणों और रोग कितनी जल्दी या धीरे-धीरे विकसित होता है, इस बात पर निर्भर करती है। अगर आपको इंफेक्शन के कारण पीलिया हुआ है तो आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

  • बुखार 
  • ठंड लगना
  • पेट में दर्द 
  • फ्लू के समान लक्षण
  • त्वचा का रंग बदलना 
  • मूत्र का रंग गहरा होना या क्ले के रंग का मल होना 

अगर आपको इंफेक्शन के कारण पीलिया है, तो आपको वजन कम होना या त्वचा में खारिश जैसी समस्याएं भी हो सकती है। यदि पीलिया अग्नाशय या पित्त पथ(biliary tract) के कैंसर के कारण होता है, तो इसका सबसे आम लक्षण पेट दर्द है। कभी-कभी, आपके पास लिवर रोग के साथ भी पीलिया हो सकता है, जैसे:

  • गंभीर हेपेटाइटिस या लिवर में सूजन 
  • पायोडर्मा गैंग्रीनोसम(त्वचा का एक तरह का रोग)
  • हेपेटाइटिस A, B या C.
  • जोड़ों में सूजन (Polyarthralgias)

पीलिया के घरेलू उपाय

पीलिया के घरेलू उपाय में सबसे पहला यह है कि इस रोग में रोगी को अपने खाने-पीने का खास ख्याल रखना चाहिए। कुछ घरेलू उपाय इस रोग में राहत पहुंचाने में प्रभावी हैं, जैसे:

नींबू पानी

अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण नींबू का रस पित्त नलिकाओं(bile ducts) को अनब्लॉक करने में मदद करता है। साथ ही, यह इम्युनिटी को बढ़ाता है और लिवर को अधिक नुकसान होने से बचाता है। आप इसमें थोड़ा सा शहद भी मिला सकते हैं ताकि स्वाद बढ़ सके। इसके प्रभाव को अधिक बढ़ाने के लिए दिन में बार-बार नींबू के रस का सेवन करें।

गन्ने का रस 

गन्ने का रस लिवर को मजबूत करने और लिवर को सही से काम करने में मदद करता है। पीलिया के घरेलू उपाय में यह सबसे बेहतरीन है। अगर आप पीलिया से जल्दी स्वस्थ होना चाहते हैं तो रोजाना इसका सेवन करें। रोजाना गन्ने के रस को नींबू और अदरक के साथ पीने से आपको लाभ होगा

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टमाटर 

टमाटर में लाइकोपीन नामक कंपाउंड होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है। यह लिवर से खतरनाक तत्वों को बाहर निकालने और पीलिया के इलाज में मदद करता है। उबले हुए टमाटरों का जूस बनाएं और रोज एक गिलास पीलिया के रोगी को पीने को दें।

गाजर के पत्ते

गाजर के पत्तों का जूस बना कर पीने से भी लाभ होगा। इस जूस को रोगी को सुबह के समय लेना चाहिए। यह पीलिया के लिए गुणकारी औषधि मानी जाती है। इस उपाय से कुछ ही दिनों में रोगी को फर्क महसूस होगा। इलाज के दौरान हल्दी और दूध पीने से भी लाभ होता है।

पपीता 

पपीते का प्रयोग भी सदियों से पीलिया के उपचार के लिए किया जाता रहा है। इसकी पत्तियां एंजाइम का अच्छा स्रोत हैं, जैसे कि पपैन और च्योपोपैन। ये एंजाइम पाचन क्रिया को सही बनाए रखते हैं और पीलिया जैसी लिवर की समस्याओं में लाभदायक हैं। रोगी को रोजाना पपीता का सेवन करना चाहिए। यह भी पीलिया के घरेलू उपाय में प्रभावी है। 

लौकी की पत्तियां 

लौकी की पत्तियां भी पीलिया का इलाज करने में असरदार हैं। इन पत्तियों का रस निकालें और थोड़ा शहद मिला कर रोगी को पीने को दें। 

जौ का पानी

जौ में मूत्रवर्धक और एंटीऑक्सीडेंट गुण हैं। ये गुण मूत्र के माध्यम से विषाक्त पदार्थों के साथ-साथ बिलीरुबिन को बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। इसलिए, जौ का पानी पीलिया के इलाज के लिए सबसे अच्छे और आसान उपायों में से एक हो सकता है।

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छाछ 

पीलिये के उपचार में छाछ भी लाभदायक हो सकती है। छाछ से शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती। पीलिया होने पर एक या दो बार दिन में छाछ का सेवन करें। स्वाद के लिए इसके काली मिर्च और अदरक का रस भी मिलाया जा सकता है

तुलसी 

तुलसी लिवर के लिए एकदम सही है क्योंकि इसमें हेपेटोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं। यह इम्युनिटी में सुधार करती है और संक्रमण से लड़ने में मददगार है। तुलसी के पत्तों को पानी में उबालें और इसका रोजाना सेवन करें। इस पीलिया के घरेलू उपाय को आप शहद के साथ मिला कर भी पी सकते हैं।

नीम 

नीम के पत्तों के रस को भी पीलिया के दौरान रोगी को दिया जा सकता है। पीलिया के उपचार में यह उपाय भी बहुत लाभदायक है। नीम का रस पीने में बेहद कड़वा होता है इसलिए इसमें शहद मिला कर रोगी को पीने को दें।

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अदरक-लहसुन

अदरक और लहसुन दोनों में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। अदरक हाइपोलिपिडेमिक भी है, जो लिवर के लिए मददगार है। आप अदरक के रस को किसी भी जूस या रस में मिला कर या ऐसे ही शहद के साथ ले सकते हैं। लहसुन लिवर को शुद्ध करके पीलिया के इलाज में योगदान देता है। इसलिए पीलिया के उपचार में दोनों का सेवन करने से रोगी को लाभ होता है।

पानी 

पीलिया की स्थिति में जल्दी ठीक होने के लिए हाइड्रेटेड रहें। इससे आपकी पाचन क्रिया सही रहेगी और लिवर व किडनी से हानिकारक तत्व भी बाहर निकल जाएंगे।

पीलिया में क्या न खाएं

  • पीलिया के रोगियों को तला-भुना, मसालेदार या जंक फूड नहीं खाना चाहिए। इस रोग में हल्का और सादा भोजन खाने की सलाह दी जाती है।
  • चीनी या अधिक नमक युक्त आहार भी पीलिया में खाने से बचे।
  • इस दौरान मांस खाने की सलाह भी नहीं दी जाती।
  • डेरी उत्पादों जैसे दूध या दूध से बनी चीजें भी इस दौरान न खाएं
  • पीलिया होने पर अल्कोहल और कैफीन युक्त चीजों को भी न लें।

इन सब चीजों को पचाने में मुश्किल होती है, जिससे पीलिया के लक्षण बदतर हो सकते हैं। इसलिए, पीलिया में जल्दी ठीक होने के लिए जितना हो सके सादा और हल्का आहार ही लें।

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अन्य उपाय

  • पीलिया के घरेलू उपाय में सूरज की रोशनी भी एक है। आमतौर पर जब नवजात शिशुओं को पीलिया होता है तो उनका उपचार फोटोथेरपी द्वारा किया जाता है।  एक डाटा के अनुसार पीलिया का इलाज करते समय सूर्य के प्रकाश का संपर्क, फोटोथेरेपी की तुलना में 6.5 गुना अधिक प्रभावी है। इसलिए, पीलिया के रोगियों को कुछ देर सूरज की रोशनी में बैठने से लाभ होगा।
  • अगर आपको पीलिया से बचना है, तो हेपेटाइटिस से बचे। क्योंकि, हेपेटाइटिस इंफेक्शन होने पर पीलिया होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है
  • अपने वजन और अपने शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी संतुलित बनाए रखें
  • व्यायाम और योग करने से भी आपको पीलिया जल्दी ठीक होने में मदद मिलेगी।

पीलिया रोग से छुटकारा पाने के लिए सही उपचार कराना बेहद आवश्यक है अगर आपको पीलिया का कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं पीलिया के इन घरेलू उपाय को डॉक्टर की सलाह के बाद ही लें

डिस्क्लेमर

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