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नाबोथियन सिस्ट (Nabothian cysts) किसे कहते हैं, यह प्रेग्नेंसी से कैसे संबंधित है?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar


Bhawana Awasthi द्वारा लिखित · अपडेटेड 14/10/2020

नाबोथियन सिस्ट (Nabothian cysts) किसे कहते हैं, यह प्रेग्नेंसी से कैसे संबंधित है?

नाबोथियन सिस्ट या ओवरी में होने वाली सिस्‍ट एक गांठ के गोले की तरह होती है। ये सर्विक्स में होती है। सिस्ट में साफ, पीले रंग का म्यूकस भरा होता है। महिलाओं के सर्विक्स में एक से ज्यादा नाबोथियन सिस्ट हो सकती हैं। सर्विक्स में नाबोथियन सिस्ट का डेवलपमेंट बच्चे को जन्म देने के बाद या फिर मोनोपॉज के बाद हो सकता है। आमतौर पर सिस्ट को खतरनाक नहीं माना जाता है। सिस्ट से सर्वाइकल कैंसर का खतरा नहीं रहता है। डॉक्टर नाबोथियन सिस्ट को नाबोथियन फॉलिकल्स, एपिथेलियल इंक्लूजन सिस्ट (epithelial inclusion cysts) या म्यूकिनस रिटेंशन सिस्ट ( mucinous retention cysts) भी कहते हैं।

किस कारण से होती है नाबोथियन सिस्ट?

जब सर्विक्स में उपस्थित म्यूकस ग्लैंड स्किन सेल्स की परत से कवर हो जाती हैं तो ग्लैंड्स के बंद हो जाने से म्यूकस एक जगह पर इकट्ठा होने लगता है। इस कारण से सर्विक्स में गोल गांठ या सिस्ट का निर्माण हो जाता है। कुछ महिलाओं में चाइल्ड बर्थ के दौरान सर्विक्स में नाबोथियन सिस्ट का निर्माण हो जाता है। सर्विक्स में उपस्थित म्यूकस ग्लैंड्स के पास अतिरिक्त स्किन सेल्स का निर्माण हो जाने से म्यूकस ग्लैंड्स बंद हो जाती हैं। फिर म्यूकस एक जगह इकट्ठा होकर सिस्ट का निर्माण कर लेता है।

फिजिकल ट्रॉमा की वजह से उत्पन्न हुई सिस्ट के कारण गर्भाशय के ऊतक में सूजन आ सकती है। महिलाओं को अक्सर इस बात की जानकारी नहीं हो पाती है कि उनकी शरीर में किसी भी प्रकार की सिस्ट का निर्माण हो रहा है।

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नाबोथियन सिस्ट और प्रेग्नेंसी

महिलाओं की ओवरी में होने वाली सिस्ट का निर्माण फर्टाइल इयर में भी हो सकता है। बच्चे के जन्म के बाद और मोनोपॉज के बाद आमतौर पर ये स्थिति पैदा हो जाती है। बच्चे को जन्म देने के बाद सर्विक्स में नए टिशू या ऊतक बनने लगते हैं। इस कारण से नाबोथियन ग्लैंड्स ब्लॉक होना शुरू हो जाती है। इस कारण ही नाबोथियन सिस्ट का निर्माण होने लगता है।

स्टडी के मुताबिक सिस्ट का लार्ज साइज लेबर पैसेज को ब्लॉक करने का काम कर सकता है। डॉक्टर इस स्थिति से निपटने के लिए सिस्ट को हटा देते हैं। अगर किसी महिला के गर्भाशय ग्रीवा या सर्विक्स में नाबोथियन सिस्ट है तो इसे कुछ लक्षण भी नजर आ सकते हैं। डॉक्टर कई बार नाबोथियन सिस्ट को इग्नोर भी कर सकते हैं। नाबोथियन सिस्ट किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाती है।

नाबोथियन सिस्ट के लक्षण

अगर सर्विक्स में स्माल साइज की सिस्ट है जो महिला को कोई खास लक्षण नजर नहीं आएंगे। सिस्ट का लार्ज साइज कुछ लक्षण पैदा कर सकता है।

इसके अलावा भी महिला को कुछ लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे में थकावट का एहसास भी हो सकता है। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।

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कैसा मिलती है सिस्ट की जानकारी?

सिस्ट के लक्षण आमतौर पर नहीं दिखाई देते हैं। महिला को किसी भी तरह की परेशानी न होने पर सिस्ट के बारे में जानकारी मिलना आसान नहीं होता है। डॉक्टर जब रूटीन पेल्विक या प्रेग्नेंसी चेकअप करता है तो सिस्ट की जानकारी मिलती है। साथ ही डॉक्टर वजायनल अल्ट्रासाउंड, एमआरआई स्कैन के लिए भी कह सकता है। डॉक्टर चेकअप के साथ ही सिस्ट का सैंपल भी ले सकता है। सैंपल की हेल्प से किसी अन्य प्रकार की गांठ के लिए जांच की जाती है। सिस्ट कभी-कभी एडेनोमा मैलिग्नम (adenoma malignum) की तरह दिख सकती है, ये रेयर टाइप सर्वाइकल कैंसर है।

नाबोथियन सिस्ट की जांच करने के लिए डॉक्टर कोल्पोस्कोपी नामक एक प्रक्रिया कर सकता है, जिसमे गर्भाशय ग्रीवा की सतह की बारीकी से जांच की जाती है। इसके लिए मैग्नीफाइंग इंस्ट्रूमेंट का यूज किया जाता है। साथ ही डॉक्टर कैंसर की जांच के लिए बायोप्सी भी कर सकता है। गर्भाशय ग्रीवा के ऊतक का छोटा सा हिस्सा निकाल कर बायोप्सी की जाती है। ये सब काम प्रयोगशाला में किया जाता है।

एडेनोमा मैलिग्नम (Adenoma malignum) के लक्षण

अगर डॉक्टर को ऐसा लगता है कि सर्विक्स में उपस्थित गांठ सामान्य है तो उसे हटा दिया जाएगा। सर्जरी के माध्यम से ऐसा किया जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान या बाद में ये बहुत जरूरी है कि रूटीन सर्वाइकल एक्जामिनेशन करवाया जाए। आप डॉक्टर से इस बारे में परामर्श कर सकते हैं।

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नाबोथियन सिस्ट या ओवरी में होने वाली सिस्‍ट का ट्रीटमेंट क्या है ?

सर्विक्स में पाए जाने वाले छोटे नाबोथियन सिस्ट को उपचार की जरूरत नहीं होती है। ये शरीर में मौजूद रहकर कुछ भी नुकसान नहीं करते हैं। एक सिस्ट की रेंज 2-10 मिलीमीटर (मिमी) तक हो सकती है। नबोथियन सिस्ट आमतौर पर उपचार के बिना गायब हो जाती हैं। वहीं बड़ी नबोथियन सिस्ट 4 सेंटीमीटर (सेमी) माप की हो सकती हैं। 2011 में एक स्टडी के मुताबिक जिन महिलाओं में 1 सेंटीमीटर व्यास से बड़ी सिस्ट हो, उन महिलाओं को स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। अगर सिस्ट का आकार ज्यादा बड़ा है तो सर्जिकल प्रॉसीजर की जरूरत पड़ सकती है।

नाबोथियन सिस्ट की जांच के लिए लंबा समय लग सकता है। समय के साथ-साथ अल्सर बड़े भी हो सकते हैं। वैसे तो नाबोथियन सिस्ट को सामान्य माना जाता है। कुछ मामलों में विशेषज्ञ नाबोथियन सिस्ट को हटवाने की सलाह दे सकता है। इलेक्ट्रोकॉटरी का यूज नाबोथियन सिस्ट को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है। वहीं क्रायोथेरेपी के जरिए विशेषज्ञ नाबोथियन सिस्ट को जमाने का काम कर सकता है। इसमें नाइट्रोजन की हेल्प से नाबोथियन सिस्ट को फ्रीज करने का काम किया जाता है।

  • इलेक्ट्रोकॉटरी(electrocautery) में सिस्ट को जलाने के लिए इलेक्ट्रिक करंट के साथ एक जांच भी की जाती है।
  • क्रायोथेरेपी (cryotherapy) के जरिए सिस्ट को बंद करने के लिए तरल नाइट्रोजन का उपयोग किया जाता है।
  • महिला को डॉक्टर किस प्रकार का ट्रीटमेंट देगा, इस बात की जानकारी चेकअप करने के बाद ही मिलती है। बेहतर रहेगा कि किसी भी प्रकार के प्रश्न के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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    अगर आपको भी प्रेग्नेंसी या फिर मोनोपॉज के दौरान शरीर में कुछ लक्षण नजर आ रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से संपर्क कर जांच जरूर कराएं। शरीर में होने वाले परिवर्तन को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सावधानी से बड़ी बीमारी के खतरे को टाला जा सकता है। शरीर में किसी प्रकार के लक्षण नजर आना नाबोथियन सिस्ट की पहचान के रूप में देखा जाता है।

    प्रेग्नेंसी और डिलिवरी के बाद महिलाओं के शरीर में बहुत से परिवर्तन देखने को मिलते हैं। बेहतर रहेगा कि डिलिवरी के पहले और बाद में समय-समय पर जांच अवश्य कराती रहे। साथ ही किसी भी प्रकार की शंका होने पर डॉक्टर से सलाह लें। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

    डिस्क्लेमर

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