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क्या प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल से पानी पीना शिशु के लिए है खतरनाक?


Pawan Upadhyaya द्वारा लिखित · अपडेटेड 30/09/2021

क्या प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल से पानी पीना शिशु के लिए है खतरनाक?

प्रेग्नेंसी के दौरान प्लास्टिक की बॉटल से पानी पीना एक छोटी सी गलती है जिसे अनजाने में कई महिलाएं करती हैं। वाशिंगटन डीसी स्थित द एंडोक्राइन सोसाइटी द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन के अनुसार, प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीने वाली गर्भवती महिलाओं को मोटे बच्चे होने की संभावना बढ़ जाती है। शोधकर्ताओं ने यह पाया कि रसायन बिस्फेनॉल-ए (BPA), एक हार्मोन अवरोधक है, जो गर्भ में पल रहे शिशु के मोटापे के जोखिम को बढ़ाता है। ऐसा कई अध्ययनों में पाया गया है कि जब कोई शिशु BPA के संपर्क में आता है, तो उसका शरीर, भूख को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार हार्मोन के प्रति कम संवेदनशील हो जाता है।

इस बात से तो सभी लोग भलीभांति परिचित हैं कि आज के समय में हम जो कुछ भी खाते हैं और पीते हैं वह रसायन से भरा हुआ है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। क्या वास्तव में प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल से पानी पीना शिशु के लिए हानिकारक है? प्लास्टिक बॉटल से जुड़े सभी वैज्ञानिक तथ्य हम इस आर्टिकल में बता रहे हैं।

प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल का यूज क्यों हानिकारक है?

प्लास्टिक तो वैसे ही सेहत के लिए हानिकारक होती है। लेकिन, बात जब गर्भावस्था की करें तो प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल के इस्तेमाल को लेकर ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि यह गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत को भी नुकसान पहुंचाती है।

बीपीए केमिकल क्‍या है? (What is BPA)

बीपीए एक ऐसा केमिकल है जिसका इस्तेमाल कई कमर्शियल प्रोडक्ट्स (commercial products) को बनाने में किया जाता है, जिसमें पानी की बोतलें, कैनलाइनर और फ़ूड स्टोरेज कंटेनर्स भी शामिल हैं। इसे एंडोक्राइन डिसराप्टिंग (endocrine-disrupting) केमिकल के रूप में भी जाना जाता है। ये केमिकल बॉडी के हार्मोन को प्रभावित करते हैं। इसलिए, प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल का इस्तेमाल करने के लिए मना किया जाता है। इसकी वजह से बच्चे के मानसिक विकास प्रभावित होती है।

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गर्भावस्था में प्लास्टिक का उपयोग:  कैसे करें BPA के प्रयोग में कमी?

एफडीए जारी शोध का समर्थन करने सहित BPA की अपनी समीक्षा जारी रखे हुए है। इस बीच, यदि आप BPA के बारे में चिंतित हैं, तो आप अपना जोखिम कम करने के लिए ये कदम उठा सकते हैं।

गर्भावस्था में प्लास्टिक का उपयोग:  BPA मुक्त उत्पादों का उपयोग करें

धीरे-धीरे बढ़ती जागरूकता के कारण अब बाजार में ऐसे कई उत्पाद उपलब्ध हैं जो BPA फ्री होते हैं। आप जब भी कोई खाद्य पदार्थ खरीदें तो पहले यह जांच लें की वह BPA फ्री है या नहीं। वो सभी प्लास्टिक प्रॉडक्ट जिनका रिसाईकल कोड 3 या 7 होता है वो मुख्य रूप से BPA से बनाए जाते हैं। तो ऐसे प्लास्टिक प्रॉडक्ट से बचें।

गर्भावस्था में प्लास्टिक का उपयोग:  डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल कम करें :

विभिन्न अध्ययनों से यह पता चला है कि अधिकतर डिब्बे BPA युक्त रेजिन से बने होते हैं। तो ऐसे में अगर आप गर्भावस्था में डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ का सेवन करती हैं तो यह आपके और आपके शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है।

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गर्मी से बचें :

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरनमेंट हेल्थ साइंसेज, ऐसा सुझाव देते हैं कि पॉलीकार्बोनेट प्लास्टिक को माइक्रोवेव या डिशवॉशर में ना डालें, क्योंकि पॉलीकार्बोनेट प्लास्टिक समय के साथ टूटता है और BPA को खाद्य पदार्थों में मिला देता है।

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प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल का इस्तेमाल : क्या कहते हैं शोध?

एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल (खासकर खराब क्वालिटी) में पानी पीना या बीपीए युक्त प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीना गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत के लिए काफी खतरनाक है। प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से गर्भ में पल रहे शिशु को आगे के जीवन में पेट से संबंधित कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

आपको बता दें कि प्लास्टिक में पाए जाने वाले बीपीए रसायन पेट में मौजूद अच्छे और बुरे जिवाणुओं का संतुलन बिगाड़ देते हैं। इससे लिवर को भी काफी नुकसान होता है। यहां तक कि एक्सपर्ट्स का कहना है कि बच्चों को ब्रेस्ट मिल्क भी प्लास्टिक की बोतल में नहीं देना चाहिए। खतरनाक रसायनों का प्रवाह मां के दूध से भी हो सकता है। अधय्यनकर्ताओं के मुताबिक जन्म लेने के ठीक बाद मां के दूध से रसायनों के संपर्क में आए बच्चों को आगे की लाइफ में पेट से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं।

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यूनिवर्सिटी ऑफ ओटावा के रिसर्चर (डॉ. अलफोंसो अबिजैद) कहते हैं कि प्लास्टिक बोतल में पाया जाने वाला बिसफेनॉल प्रेग्नेंट महिलाओं में शरीर की ऊर्जा और हार्मोन्स के संतुलन को प्रभावित करता है। जिसके कारण प्रेग्नेंट महिलाओं में अनावश्यक बदलाव होने लगते हैं और ये प्रभाव महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए बिलकुल भी अच्छे नहीं होते हैं। इसकी वजह से बच्चों में भविष्य में मोटापे की समस्या पैदा हो जाती है।

कनाडा के कैलगरी यूनिवर्सिटी के द्वारा हुए एक शोध के अनुसार, “एक हजार से ज्यादा जानवरों और 100 मानव महामारियों पर किए अध्ययन में बीपीए के संपर्क और स्वास्थ्य पर असर के बीच संबंध पाया गया है।” दरअसल, कई मानव रिसर्च ने बीपीए के संपर्क और व्यवहारिक समस्याओं को संबंधित पाया है। इसलिए, सुझाव देते हैं कि बीपीए दिमाग के विकास को स्थायी रूप से बदल देता है जो कि तंत्रिका के कार्य को स्थायी रूप से प्रभावित करता है।

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प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल की जगह अन्य विकल्पों का उपयोग करें:

गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल की जगह दूसरे मटेरियल से बनी बोतलों का इस्तेमाल कर सकती है। गर्म खाद्य पदार्थों और तरल पदार्थों के लिए आप प्लास्टिक कंटेनर के बजाय ग्लास, चीनी मिट्टी के बर्तन या स्टेनलेस स्टील के कंटेनर का उपयोग करें। प्लास्टिक कंटेनर के कम इस्तेमाल से आप BPA के खतरे को कम कर सकते हैं।

महिला की लिए प्रेग्नेंसी यादगार अनुभव होता है। इस अनुभव को और बेहतर करने के लिए प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल का इस्तेमाल कम करें। हम आशा करते हैं आपको यह लेख पसंद आया होगा। इस आर्टिकल में प्रेग्नेंसी में प्लास्टिक बॉटल के उपयोग से जुड़ी ज्यादातर जानकारियां देने की कोशिश की है, जो आपके काफी काम आ सकती हैं। यदि आप अन्य जानकारी चाहते हैं तो आप हमसे कमेंट कर पूछ सकते हैं। किसी भी समस्या या शंका के समाधान के लिए अपने नियमित डॉक्टर से परामर्श लें।

डिस्क्लेमर

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Pawan Upadhyaya द्वारा लिखित · अपडेटेड 30/09/2021

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