home

What are your concerns?

close
Inaccurate
Hard to understand
Other

लिंक कॉपी करें

क्या आप जानते हैं गर्भावस्था के दौरान शहद का इस्तेमाल कितना लाभदायक है?

क्या आप जानते हैं गर्भावस्था के दौरान शहद का इस्तेमाल कितना लाभदायक है?

गर्भावस्था यानी वो समय जब महिला को अपने साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु का भी ध्यान रखना पड़ता है। इस समय महिला को क्या खाना है और क्या नहीं, इस बात का भी खास ख्याल रखा जाता है। गर्भवस्था में कुछ चीजों को खाने की सलाह दी जाती है, तो कुछ चीजों को खाने के लिए मना किया जाता है। आज हम बात करने वाले हैं शहद की, जिसे प्राकृतिक स्वीटनर की तरह प्रयोग में लाया जाता है। स्वास्थ्य के लिए भी यह बेहद सुरक्षित और लाभदायक है। गर्भावस्था के दौरान शहद का सेवन करना अच्छा माना जाता है और इसके कई फायदे भी हैं। जानिए गर्भावस्था के दौरान शहद के फायदे क्या हैं और इसका सेवन करते हुए आपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान शहद के फायदे

इम्युनिटी बढ़ाएं

गर्भावस्था के दौरान शहद के फायदे में सबसे पहला यह है कि इससे इम्युनिटी बढ़ती हैगर्भावस्था के समय महिला की इम्युनिटी कम होती है, जिसके कारण गर्भवती महिला किसी भी रोग का शिकार जल्दी हो जाती हैं। इससे शिशु को भी नुकसान हो सकता है। लेकिन, शहद के एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाते हैं। पेट के एसिड को यह कम करके घावों, खरोंच या सीने की जलन को कम करने में भी शहद लाभदायक है।

और पढ़ें: सेहत के लिए शुगर या शहद के फायदे?

मॉर्निंग सिकनेस से राहत

गर्भावस्था में मॉर्निंग सिकनेस होना बहुत ही सामान्य है। मॉर्निंग सिकनेस यानी सुबह जी मचलना, उलटी या चक्कर आना आदि। गर्भावस्था में शहद लेना मॉर्निंग सिकनेस से राहत दिलाने में सहायक है। इसके लिए आप नींबू पानी में एक चम्मच डाल कर पीएं। एप्पल साइडर विनेगर और शहद पानी में मिला कर भी आप इसे ले सकते हैं।

हार्टबर्न से छुटकारा

गर्भावस्था में हार्मोन में बदलाव होता है, जिससे हार्टबर्न यानी सीने में जलन की समस्या हो सकती है। जब पेट का एसिड शरीर में ऊपर की तरफ आता है, तब आपको जलन हो सकती है। इससे शरीर की पाचन क्रिया पर भी असर पड़ता है, इसलिए जल्दी से जल्दी इसका उपचार आवश्यक है। शहद इसमें आपकी मदद कर सकता है। एक गिलास दूध में एक चम्मच शहद लें और जब भी आपको हार्टबर्न की समस्या हो तो इसे पी लें। यह उपाय आपको कैल्शियम और दूध में पाए जाने वाले अन्य पोषक तत्व भी प्रदान करेगा। गर्भावस्था के दौरान शहद के फायदे यहीं खत्म नहीं होते, इसके फायदों की लिस्ट बहुत लंबी है।

[mc4wp_form id=”183492″]

गले में खराश

गर्भावस्था में महिला को सर्दी, खांसी या अन्य दवाईयां लेने के लिए मना किया जाता है क्योंकि यह दवाईयां गर्भ में पल रहे शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। ऐसे में अगर आपको गले में खराश जैसी समस्या हो, तो आप शहद का प्रयोग कर सकती हैं। इसे लेने के लिए आपको गुनगुने पानी में थोड़ा-सा शहद और पानी मिलाना है। इससे गरारे करने से आपको गले में खराश से होने वाली दर्द से छुटकारा मिलेगा।

सर्दी-जुकाम में आराम

गर्भावस्था के दौरान शहद के फायदे मे अगला है कि यह सर्दी-जुकाम की समस्याओं को दूर करने मे लाभदायक है। शहद के एंटीवायरल गुण शरीर में वायरल गतिविधि को रोकते हैं। शहद, खांसी को रोकने में प्रभावी है। अगर आपका नाक बंद है, तो गर्भावस्था में यह कष्ट देने वाला हो सकता है। लेकिन शहद इसमें भी आपको लाभ दे सकता है। एक गिलास गुनगुना पानी लें और उसमे शहद और नींबू का रस मिलाएं। अच्छे से मिक्स कर के इसे पीएं। इससे बंद नाक आसानी से खुल जाती है। सर्दी जुकाम में होने वाली खांसी से छुटकारा पाने के लिए आप लौंग में शहद मिला कर इसे एक जार में ड़ाल दें। कुछ देर इसे ऐसे ही रहने दें और उसके बाद इस मिश्रण का एक चम्मच रोजाना लें। इससे आपको जल्दी अच्छे परिणाम मिलेंगे।

अनिद्रा से राहत

गर्भावस्था में नींद न आना भी सामान्य है। इस दौरान इस समस्या को दूर करने के लिए आपको कोई दवाई न लेने की सलाह दी जाती है। ऐसी में भी आप अगर शहद का सेवन करते हैं तो अनिद्रा से राहत मिल सकती है। शहद में हायप्नॉटिक और तनाव दूर करने वाले गुण होते हैं। शहद में इसके लिए सोने से पहले गर्म दूध के गिलास में एक चम्मच शहद मिला कर पीएं।

और पढ़ें:अपनी सबसे बेहतर प्रजनन क्षमता के दिन जानिए इस ओव्युलेशन कैलक्युलेटर के

एलर्जी करे दूर

गर्भावस्था में इम्युनिटी कम होती है। शहद में पॉलेन (पराग) की उपस्थिति के कारण यह विभिन्न मौसमी एलर्जी के प्रतिरोध में सुधार ला सकता है। अगर आपको पॉलेन से एलर्जी है तो इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

अल्सर का उपचार करे

अध्ययन के अनुसार शहद में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया का विकास कम हो जाता है, जो अल्सर का कारण है। जो गर्भवती महिलाएं गैस या अल्सर का शिकार होती है, उन्हें शहद का सेवन करने से राहत मिलती है।

ऊर्जा का स्रोत

शहद ऊर्जा प्रदान करने का एक प्राकृतिक तरीका है। यह एक ऐसा प्राकृतिक स्वीटनर है, जिससे शरीर मे ऊर्जा बढ़ती है। इसके साथ ही शहद आयरन, विटामिन बी और विटामिन सी और कैल्शियम का अच्छा स्रोत भी है।

और पढ़ें: इम्युनिटी बढ़ाने के साथ शहद नींबू के साथ गर्म पानी पीने के 9 फायदे

कैसे करे शुद्ध शहद की पहचान

गर्भावस्था के दौरान शहद के फायदे जानने के साथ ही आपको शुद्ध शहद की पहचान करनी भी आनी चाहिए। इस दौरान शहद का सेवन करना एक बुरा उपाय नहीं है। लेकिन, शहद के चुनाव के समय कुछ बातों का खास ध्यान रखें क्योंकि शहद की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। जानिए कैसे करें शुद्ध शहद की पहचान।

  • एक पेपर लें और उस पर शहद रखें, यदि यह फैल जाता है तो यह शुद्ध शहद नहीं है। क्योंकि, इसमें पानी की मात्रा अधिक है।
  • शहद की कुछ बूंदे पानी में डालें। अगर यह शुद्ध है तो यह नीचे की तरफ जाएगा। अगर यह शुद्ध नहीं होगा तो यह पानी में घुल कर कीचड की तरह लगेगा।
  • अच्छे ब्रांड का शहद की खरीदें। अच्छे ब्रांड के शहद में हर क्वालिटी स्टैंडर्ड को दिमाग में रखा जाता है। इसके अलावा, ऑर्गेनिक शहद को प्रयोग करने की कोशिश करें। यह अधिक लाभ प्रदान करता है। विश्वसनीय उत्पादकों से केवल पास्चुरीकृत शहद का ही उपयोग करें। क्योंकि, कच्चे उत्पाद में बोटुलिज़्म(botulism) के बैक्टीरिया हो सकते हैं।

और पढ़ें: Manuka Honey: मनुका शहद क्या है?

शहद को लेते हुए बरतें कुछ सावधानियां

गर्भावस्था के दौरान शहद के फायदे जानने और इसकी पहचान करने के बाद सावधानियां बरतना भी जरूरी हैं जानिए कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए आपको

  • गर्म पानी में घोल कर शहद को लेने की सलाह नहीं दी जाती। क्योंकि, इससे शहद में मौजूद पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाएंगे। इसलिए, गुनगुने पानी में इसे मिलाएं।
  • जब विटामिन सी और डी से भरपूर खाद्य पदार्थों में शहद को डाला जाता है, तो शहद विटामिन और मिनरल्स को नष्ट कर देता है। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों को शहद के साथ लेने से बचें।
  • गर्भावस्था में शहद की अधिक मात्रा लेने से बचें। अगर आप अधिक मात्रा में शहद का सेवन करेंगे तो हो सकता है कि आपको उल्टी की समस्या या फिर जी मिचलाने की समस्या हो जाए।
  • साथ ही जिन महिलाओं को पॉलन एलर्जी होती है उन्हें शहद का सेवन करने से बचना चाहिए। हो सकता है कि ऐसी महिलाओं को शहद का सेवन करने के बाद किसी प्रकार की समस्या महसूस हो। आप इस बारे में डॉक्टर से जानकारी ले सकती हैं। अगर आपको ऐसी समस्या नहीं है तो आप बेफिक्र हो कर शहद का सेवन कर सकती हैं।
  • मधुमेह की समस्या से जूझ रही महिलाओं को किसी भी मीठे पदार्थ का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए।
  • आप अगर किसी भी फूड में घी का उपयोग कर रही हैं तो बेहतर होगा कि आप उसमे शहद न डालें। घी और शहद का साथ उपयोग करने से बचना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से राय जरूर लें।

हम आशा करते हैं कि आपको इस आर्टिकल के माध्यम से प्रेग्नेंसी या गर्भावस्था में शहद के सेवन के बारे में जरूरी जानकारी मिली होगी। डॉक्टर से जरूर राय लें कि प्रेग्नेंसी के दौरान खानपान के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

health-tool-icon

ड्यू डेट कैलक्युलेटर

अपनी नियत तारीख का पता लगाने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें। यह सिर्फ एक अनुमान है - इसकी गैरेंटी नहीं है! अधिकांश महिलाएं, लेकिन सभी नहीं, इस तिथि सीमा से पहले या बाद में एक सप्ताह के भीतर अपने शिशुओं को डिलीवर करेंगी।

सायकल लेंथ

28 दिन

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Honey https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3609166/ Accessed on 06-07-20

Honey and its 7 effects during pregnancy. http://giftedmom.org/blog/honey-and-its-7-effects-during-pregnancy/.Accessed on 06-07-20

Tips for Choosing Honey. https://www.newhealthadvisor.org/Honey-During-Pregnancy.html.Accessed on 06-07-20

Is Honey Safe During Pregnancy?. https://www.pregworld.org/is-honey-safe-during-pregnancy/.Accessed on 06-07-20

safety concerns of honey. https://medlineplus.gov/druginfo/natural/738.html.Accessed on 06-07-20

लेखक की तस्वीर badge
Anu sharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 02/12/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड